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बारिस से हुआ रास्ता इतना खराव इस ख़राब रास्ते की वजह से हमें बहुत परेशानियों का सामना करना पद रहा है

4 hrs ago
user_Manoj kumar
Manoj kumar
बाह, आगरा, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

बारिस से हुआ रास्ता इतना खराव इस ख़राब रास्ते की वजह से हमें बहुत परेशानियों का सामना करना पद रहा है

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • बारिस से हुआ रास्ता इतना खराव इस ख़राब रास्ते की वजह से हमें बहुत परेशानियों का सामना करना पद रहा है
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    बारिस से हुआ रास्ता इतना खराव 
इस ख़राब रास्ते की वजह से हमें बहुत परेशानियों का सामना करना पद रहा है
    user_Manoj kumar
    Manoj kumar
    बाह, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • आगरा- शाहगंज पुलिस व सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई!!! बंद मकान में चोरी करने वाले दो शातिर चोर अवदेश और रूपकिशोर पुलिस के हत्थे चढ़े आगरा- शाहगंज पुलिस व सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई!!! बंद मकान में चोरी करने वाले दो शातिर चोर अवदेश और रूपकिशोर पुलिस के हत्थे चढ़े करीब 33.50 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर बरामद रुपकिशोर पर पूर्व में गैंगस्टर का है मुकदमा दर्ज तमंचा, कारतूस, चाकू, बाइक और नकदी भी बरामद 17 जुलाई की चोरी का पुलिस ने किया खुलासा... थाना शाहगंज की पृथ्वीनाथ चौकी इंचार्ज कुशल पाल व टीम का बहुत बहुत धन्यवाद...... वाईट :-Ad. DCP अपराध हिमांशु गौरव...
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    आगरा- शाहगंज पुलिस व सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई!!!

बंद मकान में चोरी करने वाले दो शातिर चोर अवदेश और रूपकिशोर पुलिस के हत्थे चढ़े
आगरा- शाहगंज पुलिस व सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई!!!
बंद मकान में चोरी करने वाले दो शातिर चोर अवदेश और रूपकिशोर पुलिस के हत्थे चढ़े
करीब 33.50 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर बरामद
रुपकिशोर पर पूर्व में गैंगस्टर का है मुकदमा दर्ज 
तमंचा, कारतूस, चाकू, बाइक और नकदी भी बरामद
17 जुलाई की चोरी का पुलिस ने किया खुलासा...
थाना शाहगंज की पृथ्वीनाथ चौकी इंचार्ज कुशल पाल व टीम का बहुत बहुत धन्यवाद......
वाईट :-Ad. DCP अपराध हिमांशु गौरव...
    user_प्रभु दयाल वर्मा
    प्रभु दयाल वर्मा
    Court reporter बाह, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • *व्यापार संगठन व मानवाधिकार संगठन ने धरना प्रदर्शन को लेकर की बैठक* *पिनाहट ब्रेकिंग,,,,,,,,,* *व्यापार संगठन व मानवाधिकार संगठन ने धरना प्रदर्शन को लेकर की बैठक* *व्यापार संगठन व मानवाधिकार सहायता संघ ने बैठक कर आगामी धरना प्रदर्शन की बनाई रणनीति* *पिछले 8 दिन से अनुमति न होने का हवाला देकर वन विभाग ने बंद करा दिया है स्टीमर का संचालन* *स्टीमर संचालन न होने के चलते यात्रियों व कांवड़ियों को आवागमन में हो रही भारी परेशानी* *कल 29 जुलाई से होने वाले धरना प्रदर्शन को लेकर हुई बैठक, व्यापारियों ने बाजार बंद कर धरना प्रदर्शन की कही बात* *थाना पिनाहट क्षेत्र के अंतर्गत पिनाहट घाट चंबल नदी का मामला*
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    *व्यापार संगठन व मानवाधिकार संगठन ने धरना प्रदर्शन को लेकर की बैठक*
*पिनाहट ब्रेकिंग,,,,,,,,,*
*व्यापार संगठन व मानवाधिकार संगठन ने धरना प्रदर्शन को लेकर की बैठक*
*व्यापार संगठन व मानवाधिकार सहायता संघ ने बैठक कर आगामी धरना प्रदर्शन की बनाई रणनीति*
*पिछले 8 दिन से अनुमति न होने का हवाला देकर वन विभाग ने बंद करा दिया है स्टीमर का संचालन*
*स्टीमर संचालन न होने के चलते यात्रियों व कांवड़ियों को आवागमन में हो रही भारी परेशानी* 
*कल 29 जुलाई से होने वाले धरना प्रदर्शन को लेकर हुई बैठक, व्यापारियों ने बाजार बंद कर धरना प्रदर्शन की कही बात* 
*थाना पिनाहट क्षेत्र के अंतर्गत पिनाहट घाट चंबल नदी का मामला*
    user_विद्याराम वर्मा पत्रकार
    विद्याराम वर्मा पत्रकार
    Court reporter बाह, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण" विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर सुप्रयास का प्रेरक आयोजन "पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण" विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर सुप्रयास का प्रेरक आयोजन भिण्ड, 28 जुलाई 2026। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था सुप्रयास द्वारा न्यू ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, भिण्ड में "प्रकृति संरक्षण : हमारी संस्कृति, हमारी जिम्मेदारी" विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती क्षमा शर्मा ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली रहे। इस अवसर पर सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन, प्रतिभा भदौरिया एवं अमन राजावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई "छिति जल पावक गगन समीरा, पंच तत्व मिलि बना शरीरा" केवल आध्यात्मिक संदेश नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का शाश्वत वैज्ञानिक सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—ये पंचमहाभूत केवल मानव शरीर के ही नहीं, बल्कि अमीबा जैसे सूक्ष्म जीव से लेकर विशाल ब्लू व्हेल तक सम्पूर्ण जीव-जगत के अस्तित्व का आधार हैं। यदि इन पंचमहाभूतों का संतुलन बिगड़ा, तो मानव सभ्यता का भविष्य भी संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है। भवन निर्माण से पहले भूमि पूजन कर पृथ्वी का सम्मान किया जाता है। धार्मिक आयोजनों में कलश के माध्यम से जल का पूजन होता है। श्राद्ध और तर्पण में जल का विशेष महत्व है। हवन के माध्यम से अग्नि की आराधना की जाती है। भागवत कथा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों में नवग्रह पूजन के माध्यम से आकाश का स्मरण किया जाता है तथा कलियुग में वायुपुत्र भगवान हनुमान की आराधना वायु तत्व के महत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे धार्मिक संस्कार हमें प्रकृति का सम्मान करना सिखाते हैं, इसलिए प्रकृति का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। प्रोफेसर अली ने कहा कि पृथ्वी का अंधाधुंध दोहन, अवैध रेत खनन, नदियों का प्रदूषण तथा प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा करेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि पृथ्वी का अनावश्यक छेदन एवं भेदन रोका जाए तथा वर्षा जल संचयन को जन-आंदोलन बनाया जाए, ताकि प्रकृति से प्राप्त जल पुनः प्रकृति को लौटाया जा सके। उन्होंने कहा कि वन हमारी प्राणवायु के स्रोत हैं। वनों का संरक्षण, वन्यजीवों की रक्षा, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और ऊर्जा संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अनावश्यक बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा एवं सोलर कुकर जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को अपनाएँ तथा भोजन बनाने से पहले दाल और चावल को भिगोकर ऊर्जा की बचत करें। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में जितनी ऑक्सीजन का उपयोग करता है, उसका सबसे बड़ा स्रोत वृक्ष हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने शिक्षक दिवस, मातृ दिवस, पितृ दिवस, जन्मदिन तथा अन्य शुभ अवसरों पर पौधे उपहार में देने की परंपरा विकसित करने का सुझाव दिया। सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन ने कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर है। प्रकृति हमारी माता है, जो हमें शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, अन्न और जीवन प्रदान करती है। महात्मा गांधी का यह कथन आज भी उतना ही प्रासंगिक है कि "प्रकृति मनुष्य की हर आवश्यकता पूरी कर सकती है, लेकिन उसके लालच को नहीं।" उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, घटते वन, प्रदूषित नदियाँ और प्लास्टिक प्रदूषण पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। यदि हमने अभी से प्रकृति की रक्षा नहीं की, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका भारी मूल्य चुकाना पड़ेगा। डॉ. जैन ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी कदम उठाएँ—हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाएँ और उसकी देखभाल करें, जल की प्रत्येक बूंद बचाएँ, वर्षा जल संचयन अपनाएँ, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करें, आवश्यकता न होने पर बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाएँ तथा Reduce, Reuse और Recycle के सिद्धांत को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएँ। इस अवसर पर प्रतिभा भादौरिया एवं अमन राजावत ने भी प्रकृति संरक्षण के विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का संस्कार बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे पंचमहाभूतों की रक्षा करेंगे, जल बचाएँगे, अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे, ऊर्जा की बचत करेंगे, प्लास्टिक के उपयोग को कम करेंगे तथा प्रकृति के साथ संतुलित और जिम्मेदार जीवन जीने का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम का समापन सुप्रयास के इस संदेश के साथ हुआ— "पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण।" सुप्रयास ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रकृति संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी और जीवनशैली में परिवर्तन से ही संभव है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, हरित और संतुलित भारत का निर्माण किया जा सकता है।
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    पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण"

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर सुप्रयास का प्रेरक आयोजन
"पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण"
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर सुप्रयास का प्रेरक आयोजन
भिण्ड, 28 जुलाई 2026।
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था सुप्रयास द्वारा न्यू ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, भिण्ड में "प्रकृति संरक्षण : हमारी संस्कृति, हमारी जिम्मेदारी" विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती क्षमा शर्मा  ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली रहे। इस अवसर पर सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन, प्रतिभा भदौरिया एवं अमन राजावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई "छिति जल पावक गगन समीरा, पंच तत्व मिलि बना शरीरा" केवल आध्यात्मिक संदेश नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का शाश्वत वैज्ञानिक सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—ये पंचमहाभूत केवल मानव शरीर के ही नहीं, बल्कि अमीबा जैसे सूक्ष्म जीव से लेकर विशाल ब्लू व्हेल तक सम्पूर्ण जीव-जगत के अस्तित्व का आधार हैं। यदि इन पंचमहाभूतों का संतुलन बिगड़ा, तो मानव सभ्यता का भविष्य भी संकट में पड़ जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है। भवन निर्माण से पहले भूमि पूजन कर पृथ्वी का सम्मान किया जाता है। धार्मिक आयोजनों में कलश के माध्यम से जल का पूजन होता है। श्राद्ध और तर्पण में जल का विशेष महत्व है। हवन के माध्यम से अग्नि की आराधना की जाती है। भागवत कथा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों में नवग्रह पूजन के माध्यम से आकाश का स्मरण किया जाता है तथा कलियुग में वायुपुत्र भगवान हनुमान की आराधना वायु तत्व के महत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे धार्मिक संस्कार हमें प्रकृति का सम्मान करना सिखाते हैं, इसलिए प्रकृति का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है।
प्रोफेसर अली ने कहा कि पृथ्वी का अंधाधुंध दोहन, अवैध रेत खनन, नदियों का प्रदूषण तथा प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा करेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि पृथ्वी का अनावश्यक छेदन एवं भेदन रोका जाए तथा वर्षा जल संचयन को जन-आंदोलन बनाया जाए, ताकि प्रकृति से प्राप्त जल पुनः प्रकृति को लौटाया जा सके।
उन्होंने कहा कि वन हमारी प्राणवायु के स्रोत हैं। वनों का संरक्षण, वन्यजीवों की रक्षा, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और ऊर्जा संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अनावश्यक बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा एवं सोलर कुकर जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को अपनाएँ तथा भोजन बनाने से पहले दाल और चावल को भिगोकर ऊर्जा की बचत करें।
उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में जितनी ऑक्सीजन का उपयोग करता है, उसका सबसे बड़ा स्रोत वृक्ष हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने शिक्षक दिवस, मातृ दिवस, पितृ दिवस, जन्मदिन तथा अन्य शुभ अवसरों पर पौधे उपहार में देने की परंपरा विकसित करने का सुझाव दिया।
सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन ने कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर है। प्रकृति हमारी माता है, जो हमें शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, अन्न और जीवन प्रदान करती है। महात्मा गांधी का यह कथन आज भी उतना ही प्रासंगिक है कि "प्रकृति मनुष्य की हर आवश्यकता पूरी कर सकती है, लेकिन उसके लालच को नहीं।"
उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, घटते वन, प्रदूषित नदियाँ और प्लास्टिक प्रदूषण पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। यदि हमने अभी से प्रकृति की रक्षा नहीं की, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका भारी मूल्य चुकाना पड़ेगा।
डॉ. जैन ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी कदम उठाएँ—हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाएँ और उसकी देखभाल करें, जल की प्रत्येक बूंद बचाएँ, वर्षा जल संचयन अपनाएँ, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करें, आवश्यकता न होने पर बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाएँ तथा Reduce, Reuse और Recycle के सिद्धांत को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएँ।
इस अवसर पर प्रतिभा भादौरिया एवं अमन राजावत ने भी प्रकृति संरक्षण के विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का संस्कार बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे पंचमहाभूतों की रक्षा करेंगे, जल बचाएँगे, अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे, ऊर्जा की बचत करेंगे, प्लास्टिक के उपयोग को कम करेंगे तथा प्रकृति के साथ संतुलित और जिम्मेदार जीवन जीने का प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम का समापन सुप्रयास के इस संदेश के साथ हुआ—
"पांच महाभूतों का रोकें क्षरण,
तभी होगा प्रकृति संरक्षण।"
सुप्रयास ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रकृति संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी और जीवनशैली में परिवर्तन से ही संभव है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, हरित और संतुलित भारत का निर्माण किया जा सकता है।
    user_Dinesh soni
    Dinesh soni
    Television Channel भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • आगरा ब्रेकिंग!!! बंद घर में महिला का शव मिलने से सनसनी पति पर हत्या की आशंका, पुलिस जांच में जुटी ताला तोड़कर शव बाहर निकाला गया फोरेंसिक टीम ने मौके से जुटाए साक्ष्य शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया ताजगंज थाना क्षेत्र के नगला पैमा का आगरा ब्रेकिंग!!! बंद घर में महिला का शव मिलने से सनसनी पति पर हत्या की आशंका, पुलिस जांच में जुटी ताला तोड़कर शव बाहर निकाला गया फोरेंसिक टीम ने मौके से जुटाए साक्ष्य शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया ताजगंज थाना क्षेत्र के नगला पैमा का मामला बताया गया है..
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    आगरा ब्रेकिंग!!!

बंद घर में महिला का शव मिलने से सनसनी
पति पर हत्या की आशंका, पुलिस जांच में जुटी
ताला तोड़कर शव बाहर निकाला गया
फोरेंसिक टीम ने मौके से जुटाए साक्ष्य
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
ताजगंज थाना क्षेत्र के नगला पैमा का
आगरा ब्रेकिंग!!!
बंद घर में महिला का शव मिलने से सनसनी
पति पर हत्या की आशंका, पुलिस जांच में जुटी
ताला तोड़कर शव बाहर निकाला गया
फोरेंसिक टीम ने मौके से जुटाए साक्ष्य
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
ताजगंज थाना क्षेत्र के नगला पैमा का मामला बताया गया है..
    user_प्रभु दयाल वर्मा
    प्रभु दयाल वर्मा
    Court reporter बाह, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • *वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद श्री आदित्य लांग्हे के निर्देशन में थाना नारखी पुलिस टीम द्वारा बच्ची के साथ गलत काम करने वाले 01 अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार करने व मुठभेड में घायल अभियुक्त को उपचार हेतु अस्पताल भिजवाने के सम्बंध में क्षेत्राधिकारी टूण्डला द्वारा दी गयी बाइट ।* *वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद श्री आदित्य लांग्हे के निर्देशन में थाना नारखी पुलिस टीम द्वारा बच्ची के साथ गलत काम करने वाले 01 अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार करने व मुठभेड में घायल अभियुक्त को उपचार हेतु अस्पताल भिजवाने के सम्बंध में क्षेत्राधिकारी टूण्डला द्वारा दी गयी बाइट ।*
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    *वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद श्री आदित्य लांग्हे के निर्देशन में थाना नारखी पुलिस टीम द्वारा बच्ची के साथ गलत काम करने वाले 01 अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार करने व मुठभेड में घायल अभियुक्त को उपचार हेतु अस्पताल भिजवाने के सम्बंध में क्षेत्राधिकारी टूण्डला द्वारा दी गयी बाइट ।*
*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद श्री आदित्य लांग्हे के निर्देशन में थाना नारखी पुलिस टीम द्वारा बच्ची के साथ गलत काम करने वाले 01 अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार करने व मुठभेड में घायल अभियुक्त को उपचार हेतु अस्पताल भिजवाने के सम्बंध में क्षेत्राधिकारी टूण्डला द्वारा दी गयी बाइट ।*
    user_Gaurav Mishra patrakaar
    Gaurav Mishra patrakaar
    Advertising agency फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    33 min ago
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