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देश के लोकतंत्र के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ करने जा रही है भारतीय जनता पार्टी। हम सब देश के लोग सेंसस चाहते थे, महिला आरक्षण के हम सब पक्ष में हैं लेकिन यह जल्दबाजी क्यों? अखिलेश यादव। देश के लोकतंत्र के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ करने जा रही है भारतीय जनता पार्टी। हम सब देश के लोग सेंसस चाहते थे, महिला आरक्षण के हम सब पक्ष में हैं लेकिन यह जल्दबाजी क्यों? अखिलेश यादव।
Rohit Sharma
देश के लोकतंत्र के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ करने जा रही है भारतीय जनता पार्टी। हम सब देश के लोग सेंसस चाहते थे, महिला आरक्षण के हम सब पक्ष में हैं लेकिन यह जल्दबाजी क्यों? अखिलेश यादव। देश के लोकतंत्र के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ करने जा रही है भारतीय जनता पार्टी। हम सब देश के लोग सेंसस चाहते थे, महिला आरक्षण के हम सब पक्ष में हैं लेकिन यह जल्दबाजी क्यों? अखिलेश यादव।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा1
- 14 अप्रैल बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती मेजा क्षेत्र स्थित ग्राम सभा अकोढा शिवपुरा बारी में बड़े धूमधाम के मनाया जा रहा है आयोजन शिक्षक बजरंगी डॉक्टर करमबली डॉक्टर सादाबरी राजू जैसल कमलेश जैसल और ग्रामवासियों के सहयोग से किया जा रहा है3
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- Post by चंद्र दीप सिंह1
- Post by Amarjeet Yadav1
- Post by Priya sinha1
- लखनऊ में सजेगा सिनेमा का महाकुंभ... 15-16 अप्रैल को होगा प्रथम 'लखनऊ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल' का आयोजन लखनऊः उत्तर प्रदेश की राजधानी और कला-संस्कृति के केंद्र लखनऊ में पहली बार भव्य स्तर पर 'लखनऊ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल' ( LIFF ) का आयोजन होने जा रहा है। यह दो दिवसीय महोत्सव 15 और 16 अप्रैल को सहारागंज मॉल स्थित आईनॉक्स पी वी आर सिनेमा में आयोजित किया जाएगा। फेस्टिवल के संस्थापक और आयोजक, प्रसिद्ध लेखक, निर्माता एवं निर्देशक अयूब खान जो मुंबई में प्रतिष्ठित 'सिनेड्रीम्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल' का भी संचालन करते हैं) ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की प्रतिभाओं और सिनेमाई विरासत को एक वैश्विक मंच प्रदान करना है।पहले दिन 15 अप्रैल को सुबह 9:00 बजे से रात 10:00 बजे तक ज्यूरी द्वारा चयनित देश-विदेश की बेहतरीन फिल्मों की स्क्रीनिंग की जाएगी। जबकि 16 अप्रैल को सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक फिल्म स्क्रीनिंग जारी रहेगी। इसके पश्चात, शाम 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक एक भव्य अवार्ड शो का आयोजन होगा, जिसमें सिनेमा जगत की चुनिंदा हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण बॉलीवुड की उन महान विभूतियों को याद करना है जिनका संबंध उत्तर प्रदेश से रहा है। इन दिवंगत हस्तियों के नाम पर विशेष सम्मान उनके परिवारजनों की उपस्थिति में प्रदान किए जाएंगे। इस वर्ष सम्मानित होने वाले अधिकांश कलाकार भी उत्तर प्रदेश की मिट्टी से जुड़े हैं।उन्होंने बताया कि महोत्सव के 'बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स' में जरीना वहाब, पहलाज निहलानी, अनूप जलोटा और सतलुज धीर जैसे नाम शामिल हैं। वहीं, फिल्मों का चयन मेहुल कुमार, एन. चंद्रा, सोहम शाह, मनोज जोशी, राकेश बेदी और कमलेश पांडे जैसे अनुभवी ज्यूरी सदस्यों द्वारा किया गया है। सम्मानित होने वाली हस्तियां समारोह में राहुल रवैल, विशाल भारद्वाज, पूनम ढिल्लों, रवि किशन, राजपाल यादव, जूही चतुर्वेदी और मनोज मुंतशिर जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। अयूब खान ने कहा, "यह लखनऊ के लिए गौरव का क्षण है। हम इस फिल्म फेस्टिवल को अब हर वर्ष आयोजित करेंगे ताकि स्थानीय कलाकारों और फिल्म प्रेमियों को एक सशक्त मंच मिल सके।"1
- संविधान के शिल्पकार को नमन: जदयू कार्यालय में गरिमा, संकल्प और सामाजिक न्याय का महासंगम बाँदा आज जनता दल यूनाइटेड (जदयू) जिला इकाई के तत्वाधान में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती बड़े ही हर्षोल्लास, गरिमा और सामाजिक समरसता के भाव के साथ मनाई गई, जहां कार्यक्रम ने केवल श्रद्धांजलि का रूप ही नहीं लिया बल्कि समानता, अधिकार और न्याय के संकल्प का सशक्त मंच बनकर उभरा, कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जदयू की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने अपने जोशीले और ओजस्वी संबोधन में कहा कि “बाबा साहेब केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचारधारा हैं, एक क्रांति हैं, जिन्होंने सदियों से दबे-कुचले समाज को जीने का हक और सम्मान दिलाया, आज जरूरत है कि हम उनके संविधान को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखें बल्कि उसे अपने व्यवहार और व्यवस्था में उतारें, जब तक अंतिम व्यक्ति को न्याय नहीं मिलेगा तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी,” उनके इस दमदार संबोधन ने पूरे माहौल में ऊर्जा भर दी और कार्यकर्ताओं में नया जोश पैदा कर दिया, विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रविंद्र नाथ गुप्ता ने बाबा साहेब के संघर्षों को प्रेरणा का स्रोत बताया, वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जदयू जिला अध्यक्ष उमाकांत सविता ने संगठन की प्रतिबद्धता को दोहराया, मंच संचालन शिक्षा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष हरिराम सिंह द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया, कार्यक्रम में बाबूलाल चौधरी, सद्दाम हुसैन, संतोष अकेला, आयोजक बिहारीलाल अनुरागी (जिला अध्यक्ष दिव्यांग प्रकोष्ठ), सुरेश कुशवाहा (जिला अध्यक्ष छात्र प्रकोष्ठ), अटल बिहारी पटेल, चित्रकूट महिला जिला अध्यक्ष गीता सोनी सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे और बाबा साहेब के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया, इस अवसर पर अखिलेश यादव जिला उपाध्यक्ष जेडीयू बांदा, कुलदीप रैकवार, दिलीप नंदकिशोर, बुंदेलखंडी रामशरण सिंह, राजाराम आचार्य, कुलदीप वर्मा, गुलाब पटेल, धर्मेंद्र कुमार, काशी प्रसाद याज्ञिक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे, पूरे कार्यक्रम में सामाजिक न्याय, शिक्षा और समान अवसर के मूल मंत्र गूंजते रहे और यह आयोजन एक प्रेरणादायक संदेश देकर संपन्न हुआ कि बाबा साहेब का सपना ही सशक्त भारत की असली नींव है।1
- महिला सशक्तिकरण पर गंगा पार जिला अध्यक्ष निर्मला पासवान से विशेष बातचीत महिला सशक्तिकरण को लेकर गंगा पार की जिला अध्यक्ष निर्मला पासवान ने विशेष बातचीत में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं का आत्मनिर्भर, शिक्षित और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं, जो समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत है। निर्मला पासवान ने बताया कि उनकी प्राथमिकता महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें महिलाओं को सरकारी योजनाओं और उनके अधिकारों की जानकारी दी जाती है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर सकें। जिला अध्यक्ष ने समाज से अपील करते हुए कहा कि महिलाओं को सम्मान और समान अवसर देना हम सभी की जिम्मेदारी है। सामूहिक प्रयासों से ही महिला सशक्तिकरण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के विषय पर उन्होंने आशा जताई कि केंद्र सरकार द्वारा पारित प्रावधानों को जल्द लागू किया जाएगा, जिससे महिलाओं की भागीदारी संसद और विधानसभाओं में और अधिक बढ़ेगी।1