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राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड सहित खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र के मोहकमपुरा में आज सुबह पौने आठ बजे अचानक आसमान में काले बादल छा गए, जिसके बाद भगवान इंद्र जमकर मेहरबान हुए और तेज बारिश शुरू हो गई। यह प्री-मानसून की मेहरबानी थी, जो मुख्य मानसून के धरती पुत्रों से आंख-मिचौली खेलने से पहले ही धरती पर उतर आई। आसमान से बरसा पानी इतना तेज था कि कस्बों और गांवों में जहां देखो वहां पानी ही पानी भर गया। इस जोरदार बारिश से एक ओर जहां गर्मी से लोगों को राहत मिली, वहीं दूसरी ओर धरती पुत्रों यानी किसानों के चेहरों पर खुशी और मुस्कान लौट आई।
Dharmendra Soni
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड सहित खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र के मोहकमपुरा में आज सुबह पौने आठ बजे अचानक आसमान में काले बादल छा गए, जिसके बाद भगवान इंद्र जमकर मेहरबान हुए और तेज बारिश शुरू हो गई। यह प्री-मानसून की मेहरबानी थी, जो मुख्य मानसून के धरती पुत्रों से आंख-मिचौली खेलने से पहले ही धरती पर उतर आई। आसमान से बरसा पानी इतना तेज था कि कस्बों और गांवों में जहां देखो वहां पानी ही पानी भर गया। इस जोरदार बारिश से एक ओर जहां गर्मी से लोगों को राहत मिली, वहीं दूसरी ओर धरती पुत्रों यानी किसानों के चेहरों पर खुशी और मुस्कान लौट आई।
- Pandit Repotarगनोड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थानhamare idhar bhi bhej do dharmendra ji43 min ago
More news from राजस्थान and nearby areas
- महाराणा प्रताप के आदर्श आज भी प्रासंगिक : महेंद्रजीत सिंह मालवीया | बांसवाड़ा समारोह 2026 बांसवाड़ा में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती समारोह में पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।1
- बांसवाड़ा के ट्राइबल केयर सेवा संस्थान ने राजकीय सेवा में कार्यरत और प्रकृति प्रेमी राजकुमार पारगी को उनके असाधारण सामाजिक और रचनात्मक कार्यों के लिए "आदिवासी गौरव प्रेरणा पुरस्कार" से सम्मानित किया है। इस अवसर पर पारगी ने इस सम्मान को केवल अपना नहीं, बल्कि पूरे वागड़ क्षेत्र और आदिवासी समाज का सम्मान बताया। पारगी अपने वीडियो और ड्रोन फोटोग्राफी के ज़रिए वागड़ की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता को देश और दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ट्राइबल केयर सेवा संस्थान, अपने परिवार, मित्रों, शुभचिंतकों और समाज के वरिष्ठजनों का इस उपलब्धि के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सभी के सहयोग और आशीर्वाद का ही परिणाम है।1
- Post by Bapulal Ahari1
- सीमलवाड़ा के चाडोली गांव में विद्युत निगम की कथित लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ जर्जर विद्युत पोल गिरने से बकरियां चरा रहा 10 वर्षीय मासूम बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। बालक को सिर में गंभीर चोट आई है और उसे करंट का झटका भी लगा, जिसके बाद उसे तुरंत सागवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी रोष व्याप्त है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। मिली जानकारी के अनुसार, चाडोली गांव में कुछ दिन पहले आए तेज तूफान के दौरान एक विद्युत पोल को सहारा देने वाला तार टूट गया था। इस तूफान से पोल नीचे से क्षतिग्रस्त हो गया था और उससे जुड़े बिजली के तार भी झूलने लगे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति लगातार दुर्घटना का कारण बन रही थी, लेकिन विभाग ने समय रहते इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्राम पंचायत प्रशासक रमेश भागोरा ने भी पुष्टि की है कि क्षतिग्रस्त पोल और झूलते तारों की जानकारी कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) रवींद्र कुमावत को कई बार दी गई थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग ने न तो पोल की मरम्मत करवाई और न ही उसे बदला। गुरुवार को चाडोली निवासी आर्यन पुत्र शिवराम भागोरा (10 वर्ष) गांव के समीप बकरियां चरा रहा था, तभी अचानक क्षतिग्रस्त विद्युत पोल भरभराकर नीचे गिर पड़ा। पोल से जुड़ा इंसुलेटर सीधे बालक के सिर पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गया। बालक को पोल गिरने के साथ करंट का झटका भी लगा, हालांकि उसी समय बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने से एक बड़ा हादसा टल गया और उसकी जान बच गई। चिकित्सकों के अनुसार बालक के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज जारी है। घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे विभागीय लापरवाही का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया है। उनकी मांग है कि बालक के उपचार का पूरा खर्च विभाग वहन करे और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगे सभी जर्जर विद्युत पोलों और झूलते बिजली तारों का सर्वे करवाकर तत्काल मरम्मत कराने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसे बड़े हादसों को टाला जा सके। घटना से पूरे क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।3
- भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का प्रतापगढ़ में स्वागत, राहुल गांधी पर साधा निशाना1
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव, जिसे देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, में भवानीपुर विधानसभा सीट ने सभी राजनीतिक दलों और विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इसी चुनौतीपूर्ण माहौल में, गुजरात के सूरत निवासी और मूल रूप से राजस्थान के डूंगरपुर जिले की माण्डली से जुड़े डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल (चौधरी) ने अपनी संगठनात्मक क्षमता और नेतृत्व का परिचय देते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया था, जिसके बाद उन्होंने लगभग साढ़े तीन माह तक पश्चिम बंगाल में रहकर चुनावी तैयारियों को मजबूत किया, संगठन को सुदृढ़ बनाया और कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया। उस दौरान प्रदेश में व्याप्त राजनीतिक तनाव और हिंसा के बावजूद, डॉ. पटेल ने मैदान में डटे रहकर संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन किया। उन्होंने बूथ स्तर तक पहुँचकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया तथा बूथ प्रबंधन, प्रशिक्षण शिविरों, जनसंपर्क अभियानों और चुनावी रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ, जिसका सकारात्मक प्रभाव चुनावी परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भवानीपुर में भाजपा की उल्लेखनीय सफलता के पीछे डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का योगदान प्रमुख रहा है। उनके समर्पण और संगठन कौशल ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक सक्षम रणनीतिकार के रूप में पहचान दिलाई है। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी उनके कार्यों की सराहना की है, और हाल ही में एक सम्मान समारोह में उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जहाँ उनके संगठन के प्रति समर्पण, कार्यक्षमता और चुनावी योगदान को सार्वजनिक रूप से सराहा गया। डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल की यह उपलब्धि डूंगरपुर जिले सहित पूरे वागड़ अंचल के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। उनकी कार्यशैली और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण युवा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।1
- अर्जुन सिंह बामनिया ने महाराणा प्रताप को किया नमन | युवाओं को दिया प्रेरणादायक संदेश | Banswara News बांसवाड़ा में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती समारोह में विधायक अर्जुन सिंह बामनिया ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।1
- भारत की आवाज़ चैनल के संस्थापक प्रवीण डोडियार को बांसवाड़ा स्थित ट्राइबल केयर सेवा संस्थान (TCS) द्वारा 'आदिवासी गौरव सम्मान' से सम्मानित किया गया है। प्रवीण डोडियार ने पिछले ढाई वर्षों से आदिवासी समाज की समस्याओं और मुद्दों को मजबूती से उठाया है। उन्होंने यह सम्मान पूरे आदिवासी समाज, अपने दर्शकों और शुभचिंतकों को समर्पित किया। इस अवसर पर, दर्शकों और शुभचिंतकों से प्रवीण डोडियार को बधाई देने के लिए कमेंट में "जय जोहार" लिखने का आग्रह किया गया। ऐसी ही खबरों के लिए आदिवासी मंच न्यूज चैनल को फॉलो करने और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की गई है।1
- देश की स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव भारतीय राजनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया, जिसे न केवल सत्ता परिवर्तन का विषय बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और हिंदू समाज की अपेक्षाओं से भी जुड़ा हुआ बताया गया। इस महत्वपूर्ण चुनाव में पूरे देश की विशेष निगाहें भवानीपुर विधानसभा सीट पर टिकी थीं, जिसकी जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान के डूंगरपुर जिले के मांडली और वर्तमान में गुजरात के सूरत निवासी डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल (चौधरी) को प्रभारी के रूप में सौंपी। डॉ. पटेल ने लगभग साढ़े तीन माह तक पश्चिम बंगाल में रहकर संगठन को मजबूत करने और चुनावी अभियान को गति देने का कार्य किया। उस समय पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा, भय और आतंक का वातावरण था, लेकिन इन कठिन परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने पूरी निष्ठा और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उन्होंने बूथ प्रबंधन से लेकर कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और चुनावी रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन तक हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने प्रत्येक बूथ तक पहुंचकर कार्यकर्ताओं में नया उत्साह, आत्मविश्वास और विजय का संकल्प जगाया। उनके नेतृत्व, संगठनात्मक क्षमता और अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप, भारतीय जनता पार्टी ने भवानीपुर सीट पर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। भवानीपुर की इस ऐतिहासिक विजय में डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का महत्वपूर्ण योगदान माना गया है, और उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता है। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता एवं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने भी विभिन्न मंचों से अनेक अवसरों पर डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल के कार्यों की सराहना की है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनके योगदान का उल्लेख करते हुए संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यक्षमता की प्रशंसा की। हाल ही में पश्चिम बंगाल में आयोजित एक सम्मान समारोह में भी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने मंच से डॉ. पटेल का अभिनंदन करते हुए उनके योगदान को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया। यह गुजरात और विशेष रूप से सूरत के लिए गर्व का विषय है कि वहाँ के एक समर्पित कार्यकर्ता ने राष्ट्रीय स्तर पर इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन कर अपनी संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया। डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का यह योगदान समर्पण, साहस, संगठन कौशल और राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने की एक प्रेरणादायी मिसाल है। उनका जीवन और कार्यशैली उन हजारों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो संगठन और राष्ट्रसेवा को अपना सर्वोच्च दायित्व मानते हैं।3