मां की बहादुरी ने गुलदार के खौफ को दी मात, मौत के मुंह से बेटी को बचाकर लाई मां कोटद्वार। नगर निगम के स्नेह क्षेत्र में गुलदार के हमले से एक बार फिर दहशत फैल गई। घर के आंगन में खेल रही आठ वर्षीय बच्ची पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया और उसे जबड़े में दबाकर जंगल की ओर ले जाने लगा। इसी बीच बच्ची की चीख सुनकर मां ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए गुलदार का पीछा किया और डंडे से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। मां की बहादुरी के आगे गुलदार को बच्ची को छोड़कर जंगल की ओर भागना पड़ा। इस तरह मां ने अपनी लाडली को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब बच्ची अपनी मां के साथ घर के आंगन में खेल रही थी। तभी अचानक घात लगाए बैठे गुलदार ने बच्ची पर हमला कर दिया। गुलदार उसे उठाकर जंगल की ओर ले जाने लगा। बच्ची की चीख-पुकार सुनते ही मां बिना अपनी जान की परवाह किए गुलदार के पीछे दौड़ पड़ी। हाथ में डंडा लेकर मां ने गुलदार पर लगातार प्रहार किए। मां के साहस और प्रतिरोध के चलते गुलदार बच्ची को छोड़कर जंगल में भाग गया। गुलदार के हमले में बच्ची घायल हो गई। घटना के बाद परिजन तत्काल उसे कोटद्वार स्थित बेस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार चल रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों में शासन-प्रशासन, वन विभाग और क्षेत्रीय विधायक ऋतु भूषण खंडूड़ी के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार गुलदार की सक्रियता बनी हुई है, लेकिन लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार के आतंक से तत्काल निजात दिलाने तथा आवश्यकता पड़ने पर आदमखोर गुलदार को मारने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। मां की ममता और अदम्य साहस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संतान पर संकट आए तो मां अपनी जान की परवाह किए बिना मौत से भी मुकाबला कर जाती है।
मां की बहादुरी ने गुलदार के खौफ को दी मात, मौत के मुंह से बेटी को बचाकर लाई मां कोटद्वार। नगर निगम के स्नेह क्षेत्र में गुलदार के हमले से एक बार फिर दहशत फैल गई। घर के आंगन में खेल रही आठ वर्षीय बच्ची पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया और उसे जबड़े में दबाकर जंगल की ओर ले जाने लगा। इसी बीच बच्ची की चीख सुनकर मां ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए गुलदार का पीछा किया और डंडे से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। मां की बहादुरी के आगे गुलदार को बच्ची को छोड़कर जंगल की ओर भागना पड़ा। इस तरह मां ने अपनी लाडली को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब बच्ची अपनी मां के साथ घर के आंगन में खेल रही थी। तभी अचानक घात लगाए बैठे गुलदार ने बच्ची पर हमला कर दिया। गुलदार उसे उठाकर जंगल की ओर ले जाने लगा। बच्ची की चीख-पुकार सुनते ही मां बिना अपनी जान की परवाह किए गुलदार के पीछे दौड़ पड़ी। हाथ में डंडा लेकर मां ने गुलदार पर लगातार प्रहार किए। मां के साहस और प्रतिरोध के चलते गुलदार बच्ची को छोड़कर जंगल में भाग गया। गुलदार के हमले में बच्ची घायल हो गई। घटना के बाद परिजन तत्काल उसे कोटद्वार स्थित बेस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार चल रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों में शासन-प्रशासन, वन विभाग और क्षेत्रीय विधायक ऋतु भूषण खंडूड़ी के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार गुलदार की सक्रियता बनी हुई है, लेकिन लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार के आतंक से तत्काल निजात दिलाने तथा आवश्यकता पड़ने पर आदमखोर गुलदार को मारने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। मां की ममता और अदम्य साहस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संतान पर संकट आए तो मां अपनी जान की परवाह किए बिना मौत से भी मुकाबला कर जाती है।
- मां की बहादुरी ने गुलदार के खौफ को दी मात, मौत के मुंह से बेटी को बचाकर लाई मां कोटद्वार। नगर निगम के स्नेह क्षेत्र में गुलदार के हमले से एक बार फिर दहशत फैल गई। घर के आंगन में खेल रही आठ वर्षीय बच्ची पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया और उसे जबड़े में दबाकर जंगल की ओर ले जाने लगा। इसी बीच बच्ची की चीख सुनकर मां ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए गुलदार का पीछा किया और डंडे से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। मां की बहादुरी के आगे गुलदार को बच्ची को छोड़कर जंगल की ओर भागना पड़ा। इस तरह मां ने अपनी लाडली को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब बच्ची अपनी मां के साथ घर के आंगन में खेल रही थी। तभी अचानक घात लगाए बैठे गुलदार ने बच्ची पर हमला कर दिया। गुलदार उसे उठाकर जंगल की ओर ले जाने लगा। बच्ची की चीख-पुकार सुनते ही मां बिना अपनी जान की परवाह किए गुलदार के पीछे दौड़ पड़ी। हाथ में डंडा लेकर मां ने गुलदार पर लगातार प्रहार किए। मां के साहस और प्रतिरोध के चलते गुलदार बच्ची को छोड़कर जंगल में भाग गया। गुलदार के हमले में बच्ची घायल हो गई। घटना के बाद परिजन तत्काल उसे कोटद्वार स्थित बेस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार चल रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों में शासन-प्रशासन, वन विभाग और क्षेत्रीय विधायक ऋतु भूषण खंडूड़ी के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार गुलदार की सक्रियता बनी हुई है, लेकिन लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार के आतंक से तत्काल निजात दिलाने तथा आवश्यकता पड़ने पर आदमखोर गुलदार को मारने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। मां की ममता और अदम्य साहस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संतान पर संकट आए तो मां अपनी जान की परवाह किए बिना मौत से भी मुकाबला कर जाती है।1
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- अलीगढ़ में खेरेश्वर मंदिर में मांस चढ़ाने वाला शिक्षक गिरफ्तारः पुलिस पूछताछ में बोला- 15 साल से कर रहा तंत्र-मंत्र, राष्ट्रपति पुतिन का नाम लिया1
- केदारताल ट्रेक पर बड़ा रेस्क्यू अभियान जारी, 8 लोग अब भी दुर्गम इलाके में फंसे; SDRF की टीमें जुटीं भारी बर्फबारी और हिमस्खलन ने रोका रास्ता, अब तक 5 लोगों को सुरक्षित खोजा गया उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के केदारताल ट्रेक पर लापता और फंसे ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF उत्तराखंड पुलिस का सर्च एवं रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बीच रेस्क्यू टीमें आठ लोगों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर को 7 ट्रेकर्स और 6 सपोर्टिंग स्टाफ सहित कुल 13 सदस्यीय दल गंगोत्री से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। इस दौरान मौसम खराब होने, भारी बर्फबारी और ग्लेशियर के चलते रास्ता अवरुद्ध हो गया, जिसके कारण दल निर्धारित समय पर वापस नहीं लौट सका। रेस्क्यू अभियान के दौरान कच्ची ढांग के आसपास पांच लोगों को सुरक्षित खोज लिया गया है, जबकि शेष आठ लोग भोजखड़क से आगे हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र में फंसे हुए हैं। सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के दिशा-निर्देशों में जवान बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभियान चला रहे हैं। अत्यधिक ठंड, खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद SDRF की टीमें फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हैं। रेस्क्यू अभियान में अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ भी समन्वय बनाया गया है। सभी आठ लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।1
- लक्सर हरिद्वार हाईवे पर फिर पहुंचे गजराज सड़कों पर आ जा रहे वाहनों को किसानों ने रुकवा कर बड़ी दुर्घटना होने से बचाई।1
- भारतीय नौसेना को बड़ी सफलता, हथियारबंद समुद्री लुटेरों के चंगुल से जहाज Azini को कराया मुक्त, 48 घंटे चला ऑपरेशन भारतीय नौसेना को बड़ी सफलता, हथियारबंद समुद्री लुटेरों के चंगुल से जहाज Azini को कराया मुक्त, 48 घंटे चला ऑपरेशन भारतीय नौसेना ने मछली पकड़ने वाले जहाज Azini को हथियारबंद समुद्री लुटेरों के चंगुल से सफलतापूर्वक मुक्त करा लिया है। 48 घंटे तक चले तेज और सुनियोजित ऑपरेशन के बाद नौसेना को यह सफलता मिली। ऑपरेशन के दौरान जहाज पर सवार चालक दल के सभी 20 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है। बताया गया है कि पिछले महीने सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास हथियारबंद समुद्री लुटेरों के एक समूह ने मछली पकड़ने वाले इस जहाज को अगवा कर लिया था। यह अपहरण समुद्री सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा था, क्योंकि इसका इस्तेमाल क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हमले के लिए 'मदर शिप' के रूप में किया जा सकता था। जहाज को मुक्त कराने के लिए भारतीय नौसेना ने अपने एक युद्धपोत को कार्रवाई के लिए तैनात किया, जिसे समुद्री निगरानी विमान का भी सहयोग मिला। इन सभी ने आपसी तालमेल के साथ लगातार निगरानी करते हुए पहले जहाज का पता लगाया, फिर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और बिना किसी हिंसक बल प्रयोग के सोची-समझी रणनीति अपनाते हुए जहाज की आवाजाही रोक दी, ताकि लुटेरे भाग न सकें। इसके बाद भारतीय वायु सेना (IAF) के C-17 विमान के जरिए समुद्री कमांडो को सटीक तरीके से मौके पर उतारा गया। एक तेज और सुनियोजित कार्रवाई के जरिए भारतीय नौसेना ने जहाज को अपने नियंत्रण में लिया और समुद्री लुटेरों के खतरे को खत्म करते हुए चालक दल के सभी 20 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया।1
- आबकारी निरीक्षक प्रेरणा बिष्ट के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई, दो दिन में करीब 5 पेटी शराब बरामद आबकारी आयुक्त महोदया देहरादून के आदेश के क्रम में दिनांक दिनांक 2 एवं 3 नवंबर 2026 को अवैध शराब की रोकथाम हेतु आबकारी विभाग ऋषिकेश टीम द्वारा आबकारी निरीक्षक श्रीमती प्रेरणा बिष्ट के नेतृत्व मे हरिपुर कलां , कृष्णा नगर कॉलोनी , छिदरवाला गुमानीवाला क्षेत्र में अवैध शराब के विरुद्ध सघन प्रवर्तन अभियान चलाया गया, प्रथम कार्यवाही दिनांक 02 नवंबर को रात्रि में हरिपुर कलां में दबिश के दौरान 01 महिला एवं 01 पुरुष को 02 पेटी हरियाणा ब्रांड की अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया पुनः आज दिनांक 3 नवंबर 2026 को 02 अभियुक्तों को अवैध शराब बिक्री करते हुए गिरफ्तार किया गया जिनके कब्जे से 40 बियर 60 पव्वे एवं 10 हाफ अंग्रेजी शराब बरामद की गई । संपूर्ण कार्यवाही में लगभग 05 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की गई गिरफ्तार किये अभियुक्तों का विवरण निम्न प्रकार है 01 सागर पुत्र हरीश निवासी हिसार हरियाणा 02 प्रीति पत्नी सुनील निवासी हरिपुर कलां ऋषिकेश (3) चंद्रप्रकाश कांता प्रसाद निवासी हरिपुर कलां देहरादून ( 4) ओमप्रकाश पुत्र दिलीप सिंह निवासी थानों रायवाला देहरादून दोनों अभियुकताओ के विरुद्ध धारा 60/63आबकारी अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया टीम में निम्न स्टाफ मौजूद रहे उप आबकारी निरीक्षक- आशीष प्रकाश, अर्जुन सिंह,प्रधान आबकारी सिपाही दीपा डोबरियाल,आबकारी सिपाही अंकित कुमार आशीष चौहान, सोनम पवार ,रेशमा चौहान सम्मिलित रहे।4
- पौड़ी में गुलदार का खूनी आतंक! 7 साल की मासूम की मौत से भड़के ग्रामीण, भाजपा विधायक राजकुमार पोरी को डेढ़ घंटे तक गाड़ी में बनाया बंधक पौड़ी। जनपद पौड़ी में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला मुख्यालय पौड़ी शहर से सटे खांडूसैंण क्षेत्र में गुलदार के हमले में सात वर्षीय बालिका की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद बालिका का शव बरामद कर लिया गया। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, घटना शाम करीब 6:30 बजे की बताई जा रही है। गुलदार के हमले में मासूम की जान जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए क्षेत्र में गुलदार के आतंक से निजात दिलाने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने स्थानीय भाजपा विधायक राजकुमार पोरी के वाहन को रोककर उनका घेराव किया। ग्रामीणों ने विधायक के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस दौरान विधायक का वाहन करीब डेढ़ घंटे तक ग्रामीणों के बीच घिरा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार गुलदार की दहशत बनी हुई है, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। मासूम की मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए, पिंजरे लगाए जाएं और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मासूम की मौत ने एक बार फिर पहाड़ों में मानव-वन्यजीव संघर्ष और ग्रामीणों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1