प्रमुख क्षेत्रीय नेताओं की वर्तमान स्थिति: • के. चंद्रशेखर राव (BRS): केसीआर ने कभी देश में भाजपा को रोकने के लिए 'थर्ड फ्रंट' की पहल की थी। तेलंगाना विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद, वह वर्तमान में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका निभा रहे हैं। • नीतीश कुमार (JDU): नीतीश कुमार 'इंडिया गठबंधन' के सूत्रधारों में से एक थे, जिनका उद्देश्य देश भर में मोदी के विजय रथ को रोकना था। उन्हें गठबंधन के संयोजक और प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में देखा जा रहा था। हालांकि, बाद में उन्होंने गठबंधन का साथ छोड़ दिया। वर्तमान में वह बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं और राज्यसभा सांसद हैं। • अरविंद केजरीवाल (AAP): दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की हार के साथ केजरीवाल स्वयं भी चुनाव हार गए। वह भी 'इंडिया गठबंधन' की ओर से प्रधानमंत्री पद की आकांक्षा रखते थे, किंतु दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर उनकी असहमति रही। वर्तमान में उनकी पार्टी संगठनात्मक रूप से कमजोर हुई है और उनके 7 राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल हो चुके हैं। • ममता बनर्जी (TMC): अप्रैल 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने टीएमसी की तीन दशक पुरानी सरकार के विरुद्ध प्रचंड जीत हासिल की, जिससे ममता बनर्जी की सत्ता चली गई। वह भी प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में थीं, लेकिन बंगाल में कांग्रेस से गठबंधन न करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा। • एम.के. स्टालिन (DMK): तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएमके को अभिनेता विजय की नई पार्टी 'टीवीके' (TVK) से हार का सामना करना पड़ा। स्टालिन भी एस आई आर पर डटकर मुकाबला नहीं किया किंतु तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा टी वी के के साथ गठबंधन करने के बाद डी एम के को देश स्तर पर बीजेपी को हराने के लिए साथ रहना चाहिए था लेकिन डीएमके ने 'इंडिया गठबंधन' से दूरी बना ली। • मायावती (BSP): उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को कभी देश के प्रधानमंत्री के विकल्प के रूप में देखा जाता था। उत्तर प्रदेश में लगातार दो विधानसभा चुनाव हारने और अकेले चुनाव लड़ने की नीति के कारण, बसपा जैसी कैडर-आधारित पार्टी अब हाशिए पर है। मायावती फिलहाल केवल पार्टी अध्यक्ष हैं और किसी भी सदन की सदस्य नहीं हैं। राजनीति की यह विडंबना ही है कि जिन नेताओं ने प्रधानमंत्री बनने का सपना देखा था, आज उनमें से कोई भी मुख्यमंत्री पद पर नहीं है। जो नेता अपने राज्यों में अपना जनाधार नहीं बचा पाए, उनके लिए दिल्ली की सत्ता पाना दुष्कर सिद्ध हुआ। इन नेताओं को 'इंडिया गठबंधन' से प्रधानमंत्री पद की अपेक्षा तो थी, लेकिन कांग्रेस के साथ तालमेल बिठाना इन्हें स्वीकार्य नहीं था। वर्तमान में राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस ही एकमात्र विपक्षी दल के रूप में उभर कर आई है जिसका नेतृत्व विपक्ष के नेता राहुल गांधी कर रहे हैं। राहुल गांधी ने गठबंधन के सभी साथियों को सम्मान के साथ एकजुट करने का प्रयास किया, लेकिन महात्वाकांक्षा के कारण क्षेत्रीय दलों को भारी राजनीतिक क्षति उठानी पड़ी। ' कांग्रेस मुक्त भारत' की बात करने वाले कई दल आज स्वयं अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। अब भी क्षेत्रीय दलों के पास अवसर है कि वे राहुल गांधी और कांग्रेस के साथ मिलकर चलें, भाजपा की कुटिल रणनीतियों के समक्ष अपना अस्तित्व स्वयं को समझें । जय हिन्द।। पराग प्रसाद रावत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच
प्रमुख क्षेत्रीय नेताओं की वर्तमान स्थिति: • के. चंद्रशेखर राव (BRS): केसीआर ने कभी देश में भाजपा को रोकने के लिए 'थर्ड फ्रंट' की पहल की थी। तेलंगाना विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद, वह वर्तमान में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका निभा रहे हैं। • नीतीश कुमार (JDU): नीतीश कुमार 'इंडिया गठबंधन' के सूत्रधारों में से एक थे, जिनका उद्देश्य देश भर में मोदी के विजय रथ को रोकना था। उन्हें गठबंधन के संयोजक और प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में देखा जा रहा था। हालांकि, बाद में उन्होंने गठबंधन का साथ छोड़ दिया। वर्तमान में वह बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं और राज्यसभा सांसद हैं। • अरविंद केजरीवाल (AAP): दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की हार के साथ केजरीवाल स्वयं भी चुनाव हार गए। वह भी 'इंडिया गठबंधन' की ओर से प्रधानमंत्री पद की आकांक्षा रखते थे, किंतु दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर उनकी असहमति रही। वर्तमान में उनकी पार्टी संगठनात्मक रूप से कमजोर हुई है और उनके 7 राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल हो चुके हैं। • ममता बनर्जी (TMC): अप्रैल 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने टीएमसी की तीन दशक पुरानी सरकार के विरुद्ध प्रचंड जीत हासिल की, जिससे ममता बनर्जी की सत्ता चली गई। वह भी प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में थीं, लेकिन बंगाल में कांग्रेस से गठबंधन न करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा। • एम.के. स्टालिन (DMK): तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएमके को अभिनेता विजय की नई पार्टी 'टीवीके' (TVK) से हार का सामना करना पड़ा। स्टालिन भी एस आई आर पर डटकर मुकाबला नहीं किया किंतु तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा टी वी के के साथ गठबंधन करने के बाद डी एम के को देश स्तर पर बीजेपी को हराने के लिए साथ रहना चाहिए था लेकिन डीएमके ने 'इंडिया गठबंधन' से दूरी बना ली। • मायावती (BSP): उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को कभी देश के प्रधानमंत्री के विकल्प के रूप में देखा जाता था। उत्तर प्रदेश में लगातार दो विधानसभा चुनाव हारने और अकेले चुनाव लड़ने की नीति के कारण, बसपा जैसी कैडर-आधारित पार्टी अब हाशिए पर है। मायावती फिलहाल केवल पार्टी अध्यक्ष हैं और किसी भी सदन की सदस्य नहीं हैं। राजनीति की यह विडंबना ही है कि जिन नेताओं ने प्रधानमंत्री बनने का सपना देखा था, आज उनमें से कोई भी मुख्यमंत्री पद पर नहीं है। जो नेता अपने राज्यों में अपना जनाधार नहीं बचा पाए, उनके लिए दिल्ली की सत्ता पाना दुष्कर सिद्ध हुआ। इन नेताओं को 'इंडिया गठबंधन' से प्रधानमंत्री पद की अपेक्षा तो थी, लेकिन कांग्रेस के साथ तालमेल बिठाना इन्हें स्वीकार्य नहीं था। वर्तमान में राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस ही एकमात्र विपक्षी दल के रूप में उभर कर आई है जिसका नेतृत्व विपक्ष के नेता राहुल गांधी कर रहे हैं। राहुल गांधी ने गठबंधन के सभी साथियों को सम्मान के साथ एकजुट करने का प्रयास किया, लेकिन महात्वाकांक्षा के कारण क्षेत्रीय दलों को भारी राजनीतिक क्षति उठानी पड़ी। ' कांग्रेस मुक्त भारत' की बात करने वाले कई दल आज स्वयं अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। अब भी क्षेत्रीय दलों के पास अवसर है कि वे राहुल गांधी और कांग्रेस के साथ मिलकर चलें, भाजपा की कुटिल रणनीतियों के समक्ष अपना अस्तित्व स्वयं को समझें । जय हिन्द।। पराग प्रसाद रावत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच
- हरिद्वार रेलवे स्टेशन के बगल में औद्योगिक एरिया में गुरु कृपा औषधि केंद्र कैंसर व विभिन्न प्रकार की बीमारियों का आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां द्वारा दवा दी जाती है1
- ऊंचाहार: डॉ. मनोज पाण्डेय के कैबिनेट मंत्री बनने पर भाजपाइयों का भव्य जुलूस, नारों से गूंजा नगर ऊंचाहार: डॉ. मनोज पाण्डेय के कैबिनेट मंत्री बनने पर भाजपाइयों का भव्य जुलूस, नारों से गूंजा नगर ऊंचाहार, रायबरेली: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 2.0 के मंत्रिमंडल विस्तार में ऊंचाहार विधायक डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल है। सोमवार को स्थानीय भाजपा नेताओं और समर्थकों ने इस ऐतिहासिक अवसर पर बिजली घर से एक विशाल विजय जुलूस निकाला। जय श्री राम के नारों के साथ निकला जुलूस ढोल-नगाड़ों की थाप और जबरदस्त आतिशबाजी के बीच निकले इस जुलूस में कार्यकर्ताओं का जोश चरम पर था। पूरा मार्ग "मनोज पाण्डेय जिंदाबाद" और "जय श्री राम" के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा। जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ मुख्य चौराहे पर पहुँचा, जहाँ समर्थकों ने हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का समापन किया। मिठाई बांटकर मनाया जश्न इस मौके पर भाजपाइयों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया और खुशी साझा की। जश्न में मुख्य रूप से भाजपा नेता जितेन्द्र बहादुर सिंह, अभिलाषा चन्द कौशल, आशीष तिवारी, पवन सिंह, अमरेश तिवारी, श्यामू अवस्थी, अभिषेक पांडेय,सुनील पाण्डेय,राजेन्द्र कुमार (बाबा), मोनू तिवारी, लालचंद, लालजी तिवारी, विनीत कौशल और ब्रजेश यादव सहित सैकड़ों की संख्या में समर्थक उपस्थित रहे। समर्थकों का मानना है कि डॉ. पाण्डेय के कैबिनेट मंत्री बनने से क्षेत्र के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।1
- मिर्ज़ापुर -मां विंध्यवासिनी मंदिर विंध्याचल में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं के बीच विवाद होने से हड़कंप मच गया। जयपुरिया गली स्थित नंबर दो प्रवेश द्वार पर कतार में लगे दो पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और श्रद्धालुओं में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। #voicebharat24 #reelsfb #reelsvideoシ #reelsviralシ #viralreelsシ #मिर्ज़ापुर #विंध्याचल #विंध्यवासिनी1
- कड़ाके की धूप पीड़ित महिलाओं बुजुर्गों का प्रदर्शन, जिलाधिकारी कार्यालय के सामने रायबरेली: कड़ाके की धूप पीड़ित महिलाओं बुजुर्गों का प्रदर्शन, जिलाधिकारी कार्यालय के सामने दो दर्जन से अधिक ऑल इंडिया उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश अध्यक्ष जीसी सिह चौहान के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन, अलग-अलग थानों के मामलों में पुलिस पर भी लगे गंभीर आरोप रिपोर्टर राजन श्रीवास्तव1
- मैं गांव का कॉमेडी वीडियो बनाता हूं आप लोगों को ऐसे हंसता हूं मनोरंजन करवाताहूं1
- रायबरेली जिला अस्पताल की बदहाली: व्हीलचेयर न मिली तो बेटे ने पीठ पर लादा पिता, वीडियो वायरल रायबरेली (उत्तर प्रदेश): सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की लगातार लचर स्थिति एक बार फिर हो गई है। रायबरेली जिला अस्पताल में व्हीलचेयर न मिलने पर एक बेटे को अपने बीमार पिता को पीठ पर लादकर पूरे अस्पताल में भटकना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है l महाराजगंज थाना क्षेत्र के सोथी गांव निवासी एक युवक अपने गंभीर रूप से बीमार पिता को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। अस्पताल पहुंचते ही परेशानी शुरू हो गई। स्टाफ से व्हीलचेयर मांगी गई तो बार-बार यही जवाब मिला कि "व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं है"। पिता की हालत बिगड़ती देख बेटा मजबूरन उन्हें अपनी पीठ पर लादकर डॉक्टर के चैंबर और विभिन्न वार्डों तक ले गया। यह दर्दनाक मंजर अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने मोबाइल पर कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। लोग इसे ‘कलयुग का श्रवण कुमार’ कह रहे हैं l मात्र तीन दिन पहले भी फर्श पर लेटे मरीज का वीडियो वायरल बताते चलें कि महज तीन दिन पहले भी रायबरेली जिला अस्पताल का एक और वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक पीड़ित परिवार को इलाज के अभाव में फर्श पर लेटे हुए दिखाया गया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं जिला अस्पताल की बदहाली को उजागर कर रही हैं। अस्पताल अधीक्षक या जिला स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह घटना न केवल एक परिवार की मजबूरी की कहानी है, बल्कि उत्तर प्रदेश के जिला अस्पतालों में व्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली और संवेदनहीनता का जीता-जागता प्रमाण है।2
- पीएम मोदी के नेतृत्व में देश अपनी संस्कृति और आस्था केंद्रों को पुनरुद्धार कर रहा है - अभिलाष कौशल सलोन , रायबरेली । सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत सोमवार को क्षेत्र के गौरी शंकरन शिवालय हमीदपुर बड़ागांव में भव्य आयोजन किया गया । जिसमें भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री अभिलाष कौशल ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित कर रहा है । इसी प्रकार ऊंचाहार के गौरी शंकरन मंदिर का पुनरुद्धार ऊंचाहार विधायक डॉ मनोज पांडेय ने करवाकर स्थानीय धार्मिक विरासत को विकसित करने का काम किया है। इससे मंदिर में हवन पूजन किया गया । यहां बड़ा आयोजन हुआ , जिसमें सैकड़ों लोग उत्सव का हिस्सा बने । कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता आशीष तिवारी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजा जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे । भाजपा नेताओं ने कहा हमारे मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं हमारी पहचान हैं , ये हमारा आत्मविश्वास है । द्वादशज्योतिरलिंगों में प्रथम सोमनाथ मंदिर पर विदेशी आक्रांताओं ने अनगिनत हमले किए , लूटा गया , इसके बावजूद पूरे आत्मविश्वास के साथ धार्मिक आस्था बढ़ती गई। पीएम मोदी ने हमारी धार्मिक विरासत को पुनर्जीवित करके देश के आत्मविश्वास को पुनर्जागृत किया है । ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री ने कहा कि गौरी शंकरन भोलेनाथ की विशेष कृपा हमारे विधायक जी पर है और आज उन्हीं की कृपा से राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में आसीन हुए है।इस आयोजन में प्रमुख रूप मंडल अध्यक्ष पवन सिंह , बुदुन पांडेय , रीना पाल , विनीत कौशल , विनय शुक्ल , अमरेश यादव , राजेंद्र तिवारी बाबा , अनुभव सिंह , सूरज तिवारी सहित सैकड़ो लोग मौजूद थे। इसके अलावा खंड विकास अधिकारी सुनील कुमार सिंह , महेंद्र सिंह यादव ने भी पूजा अर्चना करके समारोह का हिस्सा बने ।1
- रायबरेली:पीएम मोदी के नेतृत्व में देश अपनी संस्कृति और आस्था केंद्रों को पुनरुद्धार कर रहा है - अभिलाष कौशल रायबरेली:पीएम मोदी के नेतृत्व में देश अपनी संस्कृति और आस्था केंद्रों को पुनरुद्धार कर रहा है - अभिलाष कौशल ऊंचाहार , रायबरेली । सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत सोमवार को क्षेत्र के गौरी शंकरन शिवालय हमीदपुर बड़ागांव में भव्य आयोजन किया गया । जिसमें भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री अभिलाष कौशल ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित कर रहा है । इसी प्रकार ऊंचाहार के गौरी शंकरन मंदिर का पुनरुद्धार ऊंचाहार विधायक डॉ मनोज पांडेय ने करवाकर स्थानीय धार्मिक विरासत को विकसित करने का काम किया है। इससे मंदिर में हवन पूजन किया गया । यहां बड़ा आयोजन हुआ , जिसमें सैकड़ों लोग उत्सव का हिस्सा बने । कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता आशीष तिवारी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजा जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे । भाजपा नेताओं ने कहा हमारे मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं हमारी पहचान हैं , ये हमारा आत्मविश्वास है । द्वादशज्योतिरलिंगों में प्रथम सोमनाथ मंदिर पर विदेशी आक्रांताओं ने अनगिनत हमले किए , लूटा गया , इसके बावजूद पूरे आत्मविश्वास के साथ धार्मिक आस्था बढ़ती गई। पीएम मोदी ने हमारी धार्मिक विरासत को पुनर्जीवित करके देश के आत्मविश्वास को पुनर्जागृत किया है । ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री ने कहा कि गौरी शंकरन भोलेनाथ की विशेष कृपा हमारे विधायक जी पर है और आज उन्हीं की कृपा से राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में आसीन हुए है।इस आयोजन में प्रमुख रूप मंडल अध्यक्ष पवन सिंह , बुदुन पांडेय , रीना पाल , विनीत कौशल , विनय शुक्ल , अमरेश यादव , राजेंद्र तिवारी बाबा , अनुभव सिंह , सूरज तिवारी सहित सैकड़ो लोग मौजूद थे। इसके अलावा खंड विकास अधिकारी सुनील कुमार सिंह , महेंद्र सिंह यादव ने भी पूजा अर्चना करके समारोह का हिस्सा बने ।1