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भाजपा ने घोषित की राष्ट्रीय कार्यकारिणी, प्रेदेशों को मिला प्रतिनिधित्व

5 hrs ago
user_SUNEEL SINGH
SUNEEL SINGH
Journalist राहतगढ़, सागर, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

भाजपा ने घोषित की राष्ट्रीय कार्यकारिणी, प्रेदेशों को मिला प्रतिनिधित्व

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • भाजपा ने घोषित की राष्ट्रीय कार्यकारिणी, प्रेदेशों को मिला प्रतिनिधित्व
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    भाजपा ने घोषित की राष्ट्रीय कार्यकारिणी, प्रेदेशों को मिला प्रतिनिधित्व
    user_SUNEEL SINGH
    SUNEEL SINGH
    Journalist राहतगढ़, सागर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मालथोन से लेकर खिमलासा तक की जो सड़क है, वो इस प्रकार से क्षतिग्रस्त हो गई है कि हर एक सेंटीमीटर पर एक खड्डा है। अब इससे कई एक्सीडेंट भी होते हैं और कई दुर्घटनाएं भी होती हैं। और वैसे भी मुझे ना किसी प्रकार की नॉलेज है, ना ही किसी प्रकार का ज्ञान है कि मैं किसी को ज्ञान दूं, लेकिन मुझे बस इतना पता है कि ये जो सड़क है ना, ये जनता के पैसों की है जो किसी ना किसी तरीके से टोल के उसमें या फिर टेस्टिंग ऊपर हम इसे वसूलते हैं। और बात यहां के टोल की तो उसकी भी हालत कुछ अच्छी नहीं है। उसी प्रकार, यहां से 10 किलोमीटर आगे और 10 किलोमीटर पीछे तक की सड़क पूरी खराब है। अगर मेरी ये वीडियो किसी सही इंसान तक या सही जगह तक पहुंचती है तो मेरा बस इतना कहना है, इस पर कुछ विचार किया जाए। धन्यवाद। मालथोन से लेकर खिमलासा तक की जो सड़क है, वो इस प्रकार से क्षतिग्रस्त हो गई है कि हर एक सेंटीमीटर पर एक खड्डा है। अब इससे कई एक्सीडेंट भी होते हैं और कई दुर्घटनाएं भी होती हैं। और वैसे भी मुझे ना किसी प्रकार की नॉलेज है, ना ही किसी प्रकार का ज्ञान है कि मैं किसी को ज्ञान दूं, लेकिन मुझे बस इतना पता है कि ये जो सड़क है ना, ये जनता के पैसों की है जो किसी ना किसी तरीके से टोल के उसमें या फिर टेस्टिंग ऊपर हम इसे वसूलते हैं। और बात यहां के टोल की तो उसकी भी हालत कुछ अच्छी नहीं है। उसी प्रकार, यहां से 10 किलोमीटर आगे और 10 किलोमीटर पीछे तक की सड़क पूरी खराब है। अगर मेरी ये वीडियो किसी सही इंसान तक या सही जगह तक पहुंचती है तो मेरा बस इतना कहना है, इस पर कुछ विचार किया जाए। धन्यवाद।
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    मालथोन से लेकर खिमलासा तक की जो सड़क है, वो इस प्रकार से क्षतिग्रस्त हो गई है कि हर एक सेंटीमीटर पर एक खड्डा है। अब इससे कई एक्सीडेंट भी होते हैं और कई दुर्घटनाएं भी होती हैं। और वैसे भी मुझे ना किसी प्रकार की नॉलेज है, ना ही किसी प्रकार का ज्ञान है कि मैं किसी को ज्ञान दूं, लेकिन मुझे बस इतना पता है कि ये जो सड़क है ना, ये जनता के पैसों की है जो किसी ना किसी तरीके से टोल के उसमें या फिर टेस्टिंग ऊपर हम इसे वसूलते हैं। और बात यहां के टोल की तो उसकी भी हालत कुछ अच्छी नहीं है। उसी प्रकार, यहां से 10 किलोमीटर आगे और 10 किलोमीटर पीछे तक की सड़क पूरी खराब है। अगर मेरी ये वीडियो किसी सही इंसान तक या सही जगह तक पहुंचती है तो मेरा बस इतना कहना है, इस पर कुछ विचार किया जाए। धन्यवाद।
मालथोन से लेकर खिमलासा तक की जो सड़क है, वो इस प्रकार से क्षतिग्रस्त हो गई है कि हर एक सेंटीमीटर पर एक खड्डा है। अब इससे कई एक्सीडेंट भी होते हैं और कई दुर्घटनाएं भी होती हैं। और वैसे भी मुझे ना किसी प्रकार की नॉलेज है, ना ही किसी प्रकार का ज्ञान है कि मैं किसी को ज्ञान दूं, लेकिन मुझे बस इतना पता है कि ये जो सड़क है ना, ये जनता के पैसों की है जो किसी ना किसी तरीके से टोल के उसमें या फिर टेस्टिंग ऊपर हम इसे वसूलते हैं। और बात यहां के टोल की तो उसकी भी हालत कुछ अच्छी नहीं है। उसी प्रकार, यहां से 10 किलोमीटर आगे और 10 किलोमीटर पीछे तक की सड़क पूरी खराब है। अगर मेरी ये वीडियो किसी सही इंसान तक या सही जगह तक पहुंचती है तो मेरा बस इतना कहना है, इस पर कुछ विचार किया जाए। धन्यवाद।
    user_Rajkapur
    Rajkapur
    Local News Reporter Khurai, Sagar•
    2 hrs ago
  • सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं
    1
    सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं
    user_शिवराज सिंह प्रजापति
    शिवराज सिंह प्रजापति
    Association or organisation Begamganj, Raisen•
    14 hrs ago
  • एमपी मध्य प्रदेश जिला सागर नरयावली विधानसभा क्षेत्र मूल राजौरी खेड़ा ग्राम पंचायत वार्ड क्रमांकित
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    एमपी मध्य प्रदेश जिला सागर नरयावली विधानसभा क्षेत्र मूल राजौरी खेड़ा ग्राम पंचायत वार्ड क्रमांकित
    user_Sitaram   kushwaha mudra।
    Sitaram kushwaha mudra।
    Farmer सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  •   सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन अगस्त 17, 2026 Editor: Niraj vaidraj 7582888100 Home » Cash Recovery , Crime News , Gopalganj Police , Madhya Pradesh News , Sagar Crime , Sagar News100mpcg, Sagar Police » सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन अगस्त 17, 2026 सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली करीब 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन • सोशल मीडिया पर हथियारो के साथ फोटो ने पकड़ाया 3 करोड़ MP15NEWSmpcg: 16 अगस्त, 2026   सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन अगस्त 17, 2026 Editor: Niraj vaidraj 7582888100 Home » Cash Recovery , Crime News , Gopalganj Police , Madhya Pradesh News , Sagar Crime , Sagar News100mpcg, Sagar Police » सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन अगस्त 17, 2026 सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली करीब 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन • सोशल मीडिया पर हथियारो के साथ फोटो ने पकड़ाया 3 करोड़ MP15NEWSmpcg: 16 अगस्त, 2026 सागर। संभागीय मुख्यालय सागर में हथियार की सूचना पर एक मकान में दबिश देने पहुंची पुलिस को करीब 3 करोड़ रुपये की नकदी मिलने से हड़कंप मच गया। मामला गोपालगंज थाना क्षेत्र के तिली तिगड्डा इलाके का है। पुलिस को मकान से हथियार तो नहीं मिला, लेकिन एक अलमारी में बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई। रकम इतनी अधिक थी कि नोटों की गिनती के लिए मौके पर मशीन मंगानी पड़ी। आरोपियों के फोटो सोशल मीडिया पर हथियारो के साथ वायरल थे। जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर बंदूक के साथ एक फोटो वायरल होने और अवैध हथियार रखे होने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद गोपालगंज थाना पुलिस ने सौरभ अहिरवार, पिता स्वर्गीय जगदीश अहिरवार के मकान पर दबिश दी।  पुलिस टीम ने मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान हथियार नहीं मिला, लेकिन एक अलमारी में बड़ी मात्रा में नकदी रखी मिली। पुलिस ने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी।प्रारंभिक अनुमान में नकदी करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है।  रिश्तेदार का बताया जा रहा है पैसा पुलिस की पूछताछ में परिवार के लोगों ने दावा किया कि बरामद रकम उनके एक रिश्तेदार की है। बताया गया है कि यह रिश्तेदार भोपाल में पीडब्ल्यूडी में इंजीनियर हैं। परिवार के मुताबिक रकम करीब आठ महीने पहले मकान में लाई गई थी। हालांकि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी घर में रखे जाने को लेकर पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रकम वास्तव में किसकी है, इसका स्रोत क्या है और इसे घर में रखने की वजह क्या थी। राजस्व और आयकर विभाग को दी सूचना मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने राजस्व विभाग और आयकर विभाग को भी सूचना दी। संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर नकदी और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रकम के स्वामित्व, स्रोत और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। एसपी अनुराग सुजानिया समेत अधिकारी पहुंचे मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी अनुराग सुजानिया भी मौके पर पहुंचे। वे कई घंटे तक मकान के अंदर रहे और परिवार के सदस्यों से पूछताछ तथा जांच की कार्रवाई की निगरानी की। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व और आयकर विभाग की टीमें भी मौजूद रहीं।  एसपी अनुराग सुजानिया  ने बताया कि सोशल मीडिया पर हथियार आदि प्रदर्शित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के तहत पुलिस सौरभ के घर पहुंची थी। तलाशी के दौरान एक अलमारी से करीब 3 करोड़ रुपये की राशि मिली है। परिवार की ओर से इसे रिश्तेदार की रकम बताया जा रहा है। कोई भोपाल के रमेश कुमार है । रकम करीब आठ महीने पहले घर में लाए जाने की बात भी सामने आई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। दोनों भाई चलाते हैं किराए की टैक्सी बताया गया है कि सौरभ अहिरवार अपने भाई अंकित और मां के साथ रहता है। दोनों भाई किराए की टैक्सी चलाते हैं। उनके पिता जगदीश अहिरवार का निधन हो चुका है। दोनों भाइयों के खर्चो की क्षेत्र में चर्चाए बनी रहती थी इतनी बड़ी नकदी एक ऐसे मकान से मिलने के बाद पुलिस अब परिवार के बताए दावे की भी जांच कर रही है। रकम से जुड़े दस्तावेज, उसके वास्तविक मालिक और आय के स्रोत का सत्यापन किया जा रहा है। एडिशनल एसपी बोले—जांच के बाद होगी कार्रवाई एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि गोपालगंज पुलिस को हथियार संबंधी सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर मकान में दबिश दी गई थी। तलाशी के दौरान नकदी बरामद हुई है। पैसा किसका है और कहां से आया, इसकी जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस, राजस्व और आयकर विभाग की जांच जारी है। नोटों की गिनती, दस्तावेजों के सत्यापन और रकम के स्रोत की जांच पूरी होने के बाद ही करीब 3 करोड़ रुपये की इस नकदी को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी 👉 खबरों के लिए संपर्क करें  MP15NEWSmpcg नीरज वैद्यराज पत्रकार  07582888100 07879797484
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सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन

अगस्त 17, 2026

Editor: Niraj vaidraj 7582888100

Home » Cash Recovery , Crime News , Gopalganj Police , Madhya Pradesh News , Sagar Crime , Sagar News100mpcg, Sagar Police » सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन

सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन

अगस्त 17, 2026

सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली करीब 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन

• सोशल मीडिया पर हथियारो के साथ फोटो ने पकड़ाया 3 करोड़




MP15NEWSmpcg: 16 अगस्त, 2026





सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन
अगस्त 17, 2026
Editor: Niraj vaidraj 7582888100
Home » Cash Recovery , Crime News , Gopalganj Police , Madhya Pradesh News , Sagar Crime , Sagar News100mpcg, Sagar Police » सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन
सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन
अगस्त 17, 2026
सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली करीब 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन
• सोशल मीडिया पर हथियारो के साथ फोटो ने पकड़ाया 3 करोड़
MP15NEWSmpcg: 16 अगस्त, 2026
सागर। संभागीय मुख्यालय सागर में हथियार की सूचना पर एक मकान में दबिश देने पहुंची पुलिस को करीब 3 करोड़ रुपये की नकदी मिलने से हड़कंप मच गया। मामला गोपालगंज थाना क्षेत्र के तिली तिगड्डा इलाके का है। पुलिस को मकान से हथियार तो नहीं मिला, लेकिन एक अलमारी में बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई। रकम इतनी अधिक थी कि नोटों की गिनती के लिए मौके पर मशीन मंगानी पड़ी। आरोपियों के फोटो सोशल मीडिया पर हथियारो के साथ वायरल थे।
जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर बंदूक के साथ एक फोटो वायरल होने और अवैध हथियार रखे होने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद गोपालगंज थाना पुलिस ने सौरभ अहिरवार, पिता स्वर्गीय जगदीश अहिरवार के मकान पर दबिश दी।

पुलिस टीम ने मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान हथियार नहीं मिला, लेकिन एक अलमारी में बड़ी मात्रा में नकदी रखी मिली। पुलिस ने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी।प्रारंभिक अनुमान में नकदी करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है। 
रिश्तेदार का बताया जा रहा है पैसा
पुलिस की पूछताछ में परिवार के लोगों ने दावा किया कि बरामद रकम उनके एक रिश्तेदार की है। बताया गया है कि यह रिश्तेदार भोपाल में पीडब्ल्यूडी में इंजीनियर हैं। परिवार के मुताबिक रकम करीब आठ महीने पहले मकान में लाई गई थी।
हालांकि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी घर में रखे जाने को लेकर पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रकम वास्तव में किसकी है, इसका स्रोत क्या है और इसे घर में रखने की वजह क्या थी।
राजस्व और आयकर विभाग को दी सूचना
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने राजस्व विभाग और आयकर विभाग को भी सूचना दी। संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर नकदी और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रकम के स्वामित्व, स्रोत और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
एसपी अनुराग सुजानिया समेत अधिकारी पहुंचे
मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी अनुराग सुजानिया भी मौके पर पहुंचे। वे कई घंटे तक मकान के अंदर रहे और परिवार के सदस्यों से पूछताछ तथा जांच की कार्रवाई की निगरानी की। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व और आयकर विभाग की टीमें भी मौजूद रहीं।

एसपी अनुराग सुजानिया  ने बताया कि सोशल मीडिया पर हथियार आदि प्रदर्शित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के तहत पुलिस सौरभ के घर पहुंची थी। तलाशी के दौरान एक अलमारी से करीब 3 करोड़ रुपये की राशि मिली है। परिवार की ओर से इसे रिश्तेदार की रकम बताया जा रहा है। कोई भोपाल के रमेश कुमार है । रकम करीब आठ महीने पहले घर में लाए जाने की बात भी सामने आई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
दोनों भाई चलाते हैं किराए की टैक्सी
बताया गया है कि सौरभ अहिरवार अपने भाई अंकित और मां के साथ रहता है। दोनों भाई किराए की टैक्सी चलाते हैं। उनके पिता जगदीश अहिरवार का निधन हो चुका है। दोनों भाइयों के खर्चो की क्षेत्र में चर्चाए बनी रहती थी
इतनी बड़ी नकदी एक ऐसे मकान से मिलने के बाद पुलिस अब परिवार के बताए दावे की भी जांच कर रही है। रकम से जुड़े दस्तावेज, उसके वास्तविक मालिक और आय के स्रोत का सत्यापन किया जा रहा है।
एडिशनल एसपी बोले—जांच के बाद होगी कार्रवाई
एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि गोपालगंज पुलिस को हथियार संबंधी सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर मकान में दबिश दी गई थी। तलाशी के दौरान नकदी बरामद हुई है। पैसा किसका है और कहां से आया, इसकी जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस, राजस्व और आयकर विभाग की जांच जारी है। नोटों की गिनती, दस्तावेजों के सत्यापन और रकम के स्रोत की जांच पूरी होने के बाद ही करीब 3 करोड़ रुपये की इस नकदी को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी
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नीरज वैद्यराज पत्रकार 
07582888100
07879797484
    user_नीरज वैद्यराज पत्रकार
    नीरज वैद्यराज पत्रकार
    सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • भगवान श्री चित्रगुप्त जी के मंदिर पर कायस्थ समाज की बहनों के द्वारा भजन संध्या का आयोजन दीपा लोधी गंजबासौदा भगवान श्री चित्रगुप्त जी के मंदिर पर कायस्थ समाज की बहनों के द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया गया जिसमें कायस्थ समाज की अध्यक्ष श्रीमती आरती श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती रेनू श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष श्रीमती स्नेहलता श्रीवास्तव, महामंत्री श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव, मंत्री श्रीमती बबीता खरे जी
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    भगवान श्री चित्रगुप्त जी के मंदिर पर कायस्थ समाज की बहनों के द्वारा भजन संध्या का आयोजन 
दीपा लोधी गंजबासौदा 
भगवान श्री चित्रगुप्त जी के मंदिर पर कायस्थ समाज की बहनों के द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया गया
जिसमें कायस्थ समाज की अध्यक्ष श्रीमती आरती श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती रेनू श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष श्रीमती स्नेहलता श्रीवास्तव, महामंत्री श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव, मंत्री श्रीमती बबीता खरे जी
    user_दीपा लोधी पत्रकार
    दीपा लोधी पत्रकार
    बासोदा, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत चार डॉक्टरों के भरोसे सिविल अस्पताल, 24 घंटे में करीब 400 मरीजों का दबाव विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी पर उठे सवाल, बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने माना—31 तारीख के बाद समस्या के समाधान की उम्मीद । बीना के सिविल अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के बीच मरीजों का दबाव लगातार बना हुआ है। अस्पताल में 24 घंटे के दौरान करीब 400 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि अस्पताल की व्यवस्था सीमित डॉक्टरों के भरोसे चल रही है। बच्चों, मेडिसिन, एनेस्थीसिया और सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर डॉक्टर दीपक तिवारी ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा—“एमबीबीएस होना पाप हो गया है।” डॉक्टरों पर लगातार बढ़ते मरीजों के दबाव और सीमित चिकित्सकीय संसाधनों को लेकर यह बयान स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति को सामने रखता है। बीएमओ ने माना, 31 तारीख के बाद हो सकता है समाधान वहीं बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने भी सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी की समस्या को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि 31 तारीख के बाद डॉक्टरों की कमी की समस्या का समाधान होने की संभावना है। तब तक मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। फील्ड से कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की ओपीडी में व्यवस्था बीएमओ के अनुसार, डॉक्टरों की कमी के बीच फील्ड में कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) को वैकल्पिक तौर पर ओपीडी में लगाया गया है, ताकि सामान्य रोगियों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें। हालांकि गंभीर और विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता अभी भी बड़ा सवाल बनी हुई है। ऐसे में 31 तारीख के बाद अस्पताल में चिकित्सकों की व्यवस्था कितनी बेहतर होती है, इस पर मरीजों और उनके परिजनों की नजर रहेगी। एमपी न्यूज़ 24 लाइव का सवाल—करीब 400 मरीजों के दबाव वाले अस्पताल में स्थायी और पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था कब तक सुनिश्चित होगी? लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत चार डॉक्टरों के भरोसे सिविल अस्पताल, 24 घंटे में करीब 400 मरीजों का दबाव विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी पर उठे सवाल, बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने माना—31 तारीख के बाद समस्या के समाधान की उम्मीद । बीना के सिविल अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के बीच मरीजों का दबाव लगातार बना हुआ है। अस्पताल में 24 घंटे के दौरान करीब 400 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि अस्पताल की व्यवस्था सीमित डॉक्टरों के भरोसे चल रही है। बच्चों, मेडिसिन, एनेस्थीसिया और सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर डॉक्टर दीपक तिवारी ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा—“एमबीबीएस होना पाप हो गया है।” डॉक्टरों पर लगातार बढ़ते मरीजों के दबाव और सीमित चिकित्सकीय संसाधनों को लेकर यह बयान स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति को सामने रखता है। बीएमओ ने माना, 31 तारीख के बाद हो सकता है समाधान वहीं बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने भी सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी की समस्या को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि 31 तारीख के बाद डॉक्टरों की कमी की समस्या का समाधान होने की संभावना है। तब तक मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। फील्ड से कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की ओपीडी में व्यवस्था बीएमओ के अनुसार, डॉक्टरों की कमी के बीच फील्ड में कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) को वैकल्पिक तौर पर ओपीडी में लगाया गया है, ताकि सामान्य रोगियों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें। हालांकि गंभीर और विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता अभी भी बड़ा सवाल बनी हुई है। ऐसे में 31 तारीख के बाद अस्पताल में चिकित्सकों की व्यवस्था कितनी बेहतर होती है, इस पर मरीजों और उनके परिजनों की नजर रहेगी। एमपी न्यूज़ 24 लाइव का सवाल—करीब 400 मरीजों के दबाव वाले अस्पताल में स्थायी और पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था कब तक सुनिश्चित होगी?
    1
    लोकेशन बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 

चार डॉक्टरों के भरोसे सिविल अस्पताल, 24 घंटे में करीब 400 मरीजों का दबाव

विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी पर उठे सवाल, बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने माना—31 तारीख के बाद समस्या के समाधान की उम्मीद

। बीना के सिविल अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के बीच मरीजों का दबाव लगातार बना हुआ है। अस्पताल में 24 घंटे के दौरान करीब 400 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि अस्पताल की व्यवस्था सीमित डॉक्टरों के भरोसे चल रही है। बच्चों, मेडिसिन, एनेस्थीसिया और सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस स्थिति को लेकर डॉक्टर दीपक तिवारी ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा—“एमबीबीएस होना पाप हो गया है।” डॉक्टरों पर लगातार बढ़ते मरीजों के दबाव और सीमित चिकित्सकीय संसाधनों को लेकर यह बयान स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति को सामने रखता है।

बीएमओ ने माना, 31 तारीख के बाद हो सकता है समाधान

वहीं बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने भी सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी की समस्या को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि 31 तारीख के बाद डॉक्टरों की कमी की समस्या का समाधान होने की संभावना है। तब तक मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।

फील्ड से कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की ओपीडी में व्यवस्था

बीएमओ के अनुसार, डॉक्टरों की कमी के बीच फील्ड में कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) को वैकल्पिक तौर पर ओपीडी में लगाया गया है, ताकि सामान्य रोगियों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।

हालांकि गंभीर और विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता अभी भी बड़ा सवाल बनी हुई है। ऐसे में 31 तारीख के बाद अस्पताल में चिकित्सकों की व्यवस्था कितनी बेहतर होती है, इस पर मरीजों और उनके परिजनों की नजर रहेगी।

एमपी न्यूज़ 24 लाइव का सवाल—करीब 400 मरीजों के दबाव वाले अस्पताल में स्थायी और पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था कब तक सुनिश्चित होगी?
लोकेशन बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 
चार डॉक्टरों के भरोसे सिविल अस्पताल, 24 घंटे में करीब 400 मरीजों का दबाव
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी पर उठे सवाल, बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने माना—31 तारीख के बाद समस्या के समाधान की उम्मीद
। बीना के सिविल अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के बीच मरीजों का दबाव लगातार बना हुआ है। अस्पताल में 24 घंटे के दौरान करीब 400 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि अस्पताल की व्यवस्था सीमित डॉक्टरों के भरोसे चल रही है। बच्चों, मेडिसिन, एनेस्थीसिया और सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस स्थिति को लेकर डॉक्टर दीपक तिवारी ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा—“एमबीबीएस होना पाप हो गया है।” डॉक्टरों पर लगातार बढ़ते मरीजों के दबाव और सीमित चिकित्सकीय संसाधनों को लेकर यह बयान स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति को सामने रखता है।
बीएमओ ने माना, 31 तारीख के बाद हो सकता है समाधान
वहीं बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने भी सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी की समस्या को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि 31 तारीख के बाद डॉक्टरों की कमी की समस्या का समाधान होने की संभावना है। तब तक मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
फील्ड से कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की ओपीडी में व्यवस्था
बीएमओ के अनुसार, डॉक्टरों की कमी के बीच फील्ड में कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) को वैकल्पिक तौर पर ओपीडी में लगाया गया है, ताकि सामान्य रोगियों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।
हालांकि गंभीर और विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता अभी भी बड़ा सवाल बनी हुई है। ऐसे में 31 तारीख के बाद अस्पताल में चिकित्सकों की व्यवस्था कितनी बेहतर होती है, इस पर मरीजों और उनके परिजनों की नजर रहेगी।
एमपी न्यूज़ 24 लाइव का सवाल—करीब 400 मरीजों के दबाव वाले अस्पताल में स्थायी और पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था कब तक सुनिश्चित होगी?
    user_Laxman singh rajput
    Laxman singh rajput
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • भिलांय के शिव भक्तों निकाल कावड़ यात्रा डीजे के साथ उदयपुर नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर भिलांय के शिव भक्तों निकाल कावड़ यात्रा डीजे के साथ उदयपुर नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर
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    भिलांय के शिव भक्तों निकाल कावड़ यात्रा डीजे के साथ उदयपुर नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर
भिलांय के शिव भक्तों निकाल कावड़ यात्रा डीजे के साथ उदयपुर नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर
    user_Rajkapur
    Rajkapur
    Local News Reporter Tyonda, Vidisha•
    10 hrs ago
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