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इंदौर में नशे के कारोबार पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चंदननगर पुलिस ने 2.164 किलो गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिसकी बाजार कीमत करीब ₹50 हजार आंकी गई है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि आरोपी दूसरे जिलों से गांजा लाकर शहर में छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे रिमांड पर लिया है, जहाँ उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से एक बड़े तस्करी नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इंदौर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशे के प्रति उनकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति है और तस्करों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
इंदौर में नशे के कारोबार पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चंदननगर पुलिस ने 2.164 किलो गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिसकी बाजार कीमत करीब ₹50 हजार आंकी गई है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि आरोपी दूसरे जिलों से गांजा लाकर शहर में छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे रिमांड पर लिया है, जहाँ उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से एक बड़े तस्करी नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इंदौर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशे के प्रति उनकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति है और तस्करों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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- इंदौर के हंसदास मठ में स्थित गौशाला में गौवंश के प्रति गंभीर लापरवाही का मुद्दा सामने आया है। बताया गया है कि वहाँ गौवंश परेशान स्थिति में है। इस गंभीर विषय पर बजरंग दल से संज्ञान लेने और आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की गई है।1
- इंदौर में नशे के कारोबार पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चंदननगर पुलिस ने 2.164 किलो गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिसकी बाजार कीमत करीब ₹50 हजार आंकी गई है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि आरोपी दूसरे जिलों से गांजा लाकर शहर में छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे रिमांड पर लिया है, जहाँ उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से एक बड़े तस्करी नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इंदौर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशे के प्रति उनकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति है और तस्करों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- नर्मदापुरम में अनुसूचित जाति पोस्ट मैट्रिक छात्रावास के ठीक पास प्रदूषित वातावरण और गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिसके कारण छात्रों का जीवन संकटमय बना हुआ है। इस क्षेत्र में आपराधिक तत्वों का भी जमावड़ा लगा रहता है, जिससे छात्रावास के आसपास की स्थिति नरकीय हो गई है। यह गंभीर समस्या नगरपालिका, कोतवाली और एसडीओपी कार्यालय से महज दो कदम की दूरी पर मौजूद है। अभिषेक चौधरी की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय प्रशासन को इस संबंध में छह बार आवेदन दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद नगरीय प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।1
- नगर निगम में भ्रष्टाचार का एक मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर एक साइकिल छुड़ाने के नाम पर ₹100 की राशि वसूली गई है। यह घटना नगर निगम के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करती है।1
- इंदौर के चंदन नगर स्थित धार रोड पर सड़क पर ऑयल फैल जाने से दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा काफी बढ़ गया था। इसकी सूचना मिलते ही पार्षद पति रफीक खान तुरंत मौके पर पहुंचे और संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दी। उन्होंने सड़क की तत्काल सफाई तथा रेत या मिट्टी डलवाने की व्यवस्था करवाई। कुछ ही देर में चंदन नगर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को सुरक्षित करने में सहयोग किया। इस समय पर हुई कार्रवाई से सड़क पर बढ़ रही फिसलन कम हुई, जिससे राहगीरों को राहत मिली और एक बड़ा हादसा टल गया।1
- भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने अपनी पत्नी के साथ रविवार को महेश्वर का भ्रमण किया। वे इंदौर से महेश्वर पहुंचे, जहाँ कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल और जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। भ्रमण के दौरान, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने महेश्वर के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने माँ नर्मदा के दर्शन किए और नर्मदा के मध्य प्रवाह में स्थित बाणेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने देवी अहिल्याबाई किले, अहिल्याबाई की गादी संग्रहालय और नर्मदा तट का भी दौरा किया। श्री ज्ञानेश कुमार ने महेश्वर स्थित रेवा सोसाइटी का भी भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने महेश्वरी साड़ियों के निर्माण की पारंपरिक प्रक्रिया को देखा और बुनकरों की हस्तकला एवं उत्कृष्ट कारीगरी की सराहना की। भ्रमण के उपरांत, उन्होंने कहा कि उन्हें महेश्वर में माँ नर्मदा और भगवान बाणेश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा लोकमाता को श्रद्धासुमन अर्पित करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने महेश्वर की ऐतिहासिक धरोहरों, अहिल्या किले की उत्कृष्ट नक्काशी और महेश्वरी साड़ियों के निर्माण में बुनकरों के कौशल की प्रशंसा करते हुए यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति और हस्तशिल्प की यह परंपरा देश की अमूल्य धरोहर है, और इन कारीगरों पर पूरे देश को गर्व है। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री आरपीएस जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सुरभि तिवारी, खरगोन की उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती हेमलता सोलंकी और एसडीएम पूर्वा मंडलोई सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।1
- इंदौर में समाज में शिक्षा के स्तर को सुधारने और युवाओं के बेहतर भविष्य के उद्देश्य से 'नूर एजुकेशन एंड हेल्थ फाउंडेशन' ने खजराना स्थित एचबीके गार्डन में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। फाउंडेशन के सदस्य और एलएंडटी इंडिया के लीड इंजीनियर शादाब अहमद ने बताया कि संस्था का मुख्य लक्ष्य बच्चों को सही मार्गदर्शन देना और उनके करियर को आगे बढ़ाना है। अपनी शुरुआत के मात्र चार महीने के भीतर, संस्था ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को साथ जोड़कर 75 बच्चों की परीक्षा ली थी, जिसमें से शीर्ष 10 प्रतिभावान बच्चों को इस कार्यक्रम के दौरान स्कॉलरशिप प्रदान की गई। शादाब अहमद ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान समय शिक्षा का है और उन्नति के लिए बच्चों का पढ़ाई से जुड़ा रहना अनिवार्य है। संस्था का कार्यक्षेत्र केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह स्वास्थ्य (हेल्थ) के क्षेत्र में भी काम करेगी और समाज के अन्य प्रतिभावान व्यक्तियों को आगे लाने में सहयोग करेगी। इस नेक कार्य में समाज के हर वर्ग, वक्फ बोर्ड और स्थानीय ओहदेदारों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। बच्चों के बेहतर मार्गदर्शन के लिए फाउंडेशन ने श्रीनगर एक्सटेंशन में 'टेक फ्रॉम टेकी' नाम से एक काउंसलिंग ऑफिस भी स्थापित किया है।1
- इंदौर के खजराना क्षेत्र में प्रस्तावित 100 बेड का सिविल अस्पताल पिछले लगभग छह वर्षों से सिर्फ कागज़ों पर ही चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि जहाँ एक ओर अस्पताल की बिल्डिंग का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है और न ही मरीजों के लिए कोई सुविधाएँ शुरू की गई हैं, वहीं दूसरी ओर इसके लिए 87 पदों को स्वीकृत कर उन पर भर्ती और पदस्थापन भी कर दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, नियुक्त किए गए अधिकांश कर्मचारियों को फिलहाल अन्य सरकारी अस्पतालों में तैनात किया गया है। यह स्थिति इसलिए बनी हुई है क्योंकि अस्पताल के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण और भवन निर्माण का कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। इस पूरे मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं और संबंधित अधिकारियों व व्यवस्थापक से जवाबदेही की मांग की जा रही है।1