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यह पोस्ट अकेलेपन और दोस्ती पर एक गहरा विचार प्रस्तुत करती है। इसमें कहा गया है कि व्यक्ति उन्हीं को अपना साथी बनाता है, जिनको और कोई साथी नहीं बनाता। इस अनोखी दोस्ती की वजह यह बताई गई है कि एक बार रिश्ता जुड़ जाने के बाद वह कायम रहता है।
Arbind Kumar
यह पोस्ट अकेलेपन और दोस्ती पर एक गहरा विचार प्रस्तुत करती है। इसमें कहा गया है कि व्यक्ति उन्हीं को अपना साथी बनाता है, जिनको और कोई साथी नहीं बनाता। इस अनोखी दोस्ती की वजह यह बताई गई है कि एक बार रिश्ता जुड़ जाने के बाद वह कायम रहता है।
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- बाराबंकी के रामनगर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की नगर इकाई का पुनर्गठन समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। संगठन के चुनाव अधिकारी डॉ. आजाद प्रताप सिंह की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में असिस्टेंट प्रोफेसर गरिमा श्रीवास्तव को नगर अध्यक्ष और निखिल पांडे को नगर मंत्री चुना गया। पुनर्गठन के दौरान आलोक राय एवं शिवम अवस्थी को नगर उपाध्यक्ष बनाया गया, जबकि नैंसी मिश्रा, चमन मिश्रा, शिवम सोनी, अर्जुन मिश्रा सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी विभिन्न दायित्व सौंपे गए। अनन्या मौर्या को राष्ट्रीय कला मंच संयोजक, संस्कार गुप्ता को खेलो भारत संयोजक, आलोक मिश्रा को नगर एसएफडी संयोजक, अमन यादव को नगर मीडिया संयोजक, आदित्य राजपूत को नगर सोशल मीडिया संयोजक, संत कुमार शर्मा को नगर आंदोलन संयोजक और सुयश सिंह को नगर कार्यकारिणी सदस्य चुना गया। अंश पांडे, वैभव सिंह और अनुभव सिंह को भी संगठनात्मक जिम्मेदारियां मिलीं। इस अवसर पर विभाग संगठन मंत्री आकाश शुक्ला, जिला संयोजक योगेश सिंह, पूर्व अध्यक्ष विश्वेश मिश्र और पूर्व नगर मंत्री विकास सिंह विभु सहित बड़ी संख्या में परिषद के कार्यकर्ता, महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम के दौरान, रामनगर विधानसभा क्षेत्र 267 से भारतीय जनता पार्टी के संभावित प्रत्याशी एवं समाजसेवी शिव प्रकाश अवस्थी उर्फ राहुल ने नवनियुक्त नगर मंत्री निखिल पांडे सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने नवगठित नगर इकाई को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समारोह के बाद, सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल लोधेश्वर महादेवा धाम पहुंचे, जहां उन्होंने दर्शन-पूजन कर संगठन की उन्नति और समाज कल्याण की कामना की। आयोजन के सफल संपन्न होने पर कार्यकर्ताओं ने नवगठित टीम के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।1
- समाजवादी पार्टी के गढ़ कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश के सैफई में शनिवार को ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य आगमन हुआ। उनके पहुंचने पर सैफई का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया और यह राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र भी बन गया। इस दौरान समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव के साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने स्वयं शंकराचार्य की अगवानी की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकी आरती उतारी गई और पुष्प वर्षा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने प्रवास के दौरान, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की अपनी पुरजोर मांग दोहराई। उन्होंने इस विषय को केवल एक धार्मिक मुद्दा न बताते हुए, इसे सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का विषय बताया। इसी संदर्भ में, उन्होंने सरकार से गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए कड़े कानून लागू करने का आग्रह किया। शंकराचार्य के इस दौरे ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इसे एक धार्मिक यात्रा के रूप में देखे जाने के बावजूद, सपा नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी ने इसे विशेष महत्व दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से शंकराचार्य के आगमन पर एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने सनातन संस्कृति और भविष्य के संकेतों को लेकर अपनी बात रखी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस आयोजन के जरिए समाजवादी पार्टी ने सनातन परंपराओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है, जिससे आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विमर्श पैदा हो सकता है।2
- यह पोस्ट अकेलेपन और दोस्ती पर एक गहरा विचार प्रस्तुत करती है। इसमें कहा गया है कि व्यक्ति उन्हीं को अपना साथी बनाता है, जिनको और कोई साथी नहीं बनाता। इस अनोखी दोस्ती की वजह यह बताई गई है कि एक बार रिश्ता जुड़ जाने के बाद वह कायम रहता है।1
- Post by Ankit Verma1
- जनपद बाराबंकी की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की माँग करते हुए भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रंजन गौतम को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं, तो सीएमओ कार्यालय पर बड़ा धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाएँ लगातार सवालों के घेरे में रही हैं, जहाँ कभी जिला अस्पताल में बाहर की दवाएँ और इंजेक्शन लिखे जाने के आरोप लगते हैं, तो कभी विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी चर्चा का विषय बनती है। करोड़ों रुपये की लागत से बना ट्रॉमा सेंटर भी अब तक पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पाया है, जिसके कारण गंभीर मरीजों को अक्सर लखनऊ रेफर करना पड़ता है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया है, और जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राही ने भी सुधार के निर्देश दिए थे, इसके बावजूद लोगों की शिकायतें अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। युवा मंडल अध्यक्ष अयोध्या (सोनू) शर्मा की अध्यक्षता में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि लगभग 32 लाख की आबादी वाले बाराबंकी जिले में आज तक कोई सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित नहीं हो सका है। भाकियू (भानु) ने सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना, हृदय रोग एवं न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों की नियुक्ति, ट्रॉमा सेंटर को पूर्ण रूप से संचालित करने, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती, निजी अस्पतालों की जाँच तथा जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की प्रमुख माँगें रखी हैं। राष्ट्रीय महासचिव आशु चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से न केवल बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर भी पैदा होंगे। सीएमओ ने संगठन को आश्वासन दिया है कि उनकी माँगों को शासन स्तर पर भेजा जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। भाकियू (भानु) ने स्पष्ट किया है कि यदि वर्षों से लंबित इन जनहित की माँगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान प्रदेश महासचिव रणवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री खालिद खान, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान उपस्थित रहे।4
- बहराइच की 50 बड़ी खबर खान सर नहीं कर पाएंगे सिलेंडर बहराइच1
- बाराबंकी जनपद की रामनगर तहसील अंतर्गत लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाघरा नदी के ऊपर स्थित संजय सेतु का मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद, सोमवार सुबह करीब 10 बजे इसे छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर सुजीत ने फीता काटकर छोटे वाहनों के आवागमन का शुभारंभ किया। लगभग 1200 मीटर लंबे इस महत्वपूर्ण सेतु का मरम्मत कार्य करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है, जिसे निर्धारित समय पर पूरा किया गया है। मरम्मत के दौरान पुल पर यातायात पूरी तरह बंद रखा गया था, जिसके कारण लखनऊ, बाराबंकी और बहराइच सहित आसपास के जनपदों के लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा था। दो जनपदों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण सेतु के फिर से चालू होने से अब आवागमन पहले की तरह सुगम हो सकेगा, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों ने राहत की सांस ली है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर सुजीत ने पुष्टि की है कि सभी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कार्य निर्धारित समय पर पूरे हो चुके हैं। अधिकारी अनंत मौर्य और इंजीनियर सद्दाम ने भी बताया कि छोटे वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया है और यातायात व्यवस्था सामान्य बनाने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, भारी वाहनों के संचालन को लेकर अभी कुछ आवश्यक परीक्षण और औपचारिकताएं शेष हैं, जिसके चलते बड़े वाहनों का आवागमन 15 जून तक प्रतिबंधित रहेगा। उम्मीद है कि 15 जून से भारी वाहनों को भी सेतु से गुजरने की अनुमति दे दी जाएगी। पुल के शुभारंभ के अवसर पर सुपरवाइजर ऋषभ सिंह, साइट इंचार्ज लेखपाल सहित दर्जनों कर्मचारी भी मौजूद रहे।1
- बाराबंकी जिले के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के टेंरा दौलतपुर गांव में एक युवक की तालाब में डूबने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, टेंरा दौलतपुर निवासी लगभग 30 वर्षीय राजन पुत्र दिनेश सोमवार सुबह करीब 10 बजे दवा लेने के लिए घर से निकले थे। परिजन के मुताबिक, राजन काफी समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज जारी था। जब राजन काफी देर तक घर नहीं लौटे, तो परिवार के सदस्यों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान गांव के तालाब किनारे उनकी साइकिल खड़ी मिली और बाद में उनका शव तालाब में मुंह के बल पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। शव मिलने की सूचना गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए, और परिवार में कोहराम मच गया। बताया जाता है कि राजन की शादी लगभग छह साल पहले निशु से हुई थी, और उनके परिवार में पत्नी तथा दो छोटी बेटियां हैं। युवक की असमय मृत्यु से उनकी पत्नी, मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, तथा उनका कहना है कि मौत के स्पष्ट कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।1