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कही बरसात तो कही ओला पटेरा, कुंडलपुर कुम्हारी, मौसम ने अचानक करवट बदली और तेज हवाओं की साथ बादल गरजे वर्षा तेज होने लगी, कही कही ओलावृष्टि से भी फसलों में नुकसान अधिक हुआ कही बरसात तो कही ओला पटेरा, कुंडलपुर कुम्हारी, मौसम ने अचानक करवट बदली और तेज हवाओं की साथ बादल गरजे वर्षा तेज होने लगी, कही कही ओलावृष्टि से भी फसलों में नुकसान अधिक हुआ है रबि की फसल के लिए बारिश बहुत ही नुकसानदायक साबित हो रही गेहूं की फसल जो की पककर तैयार है उसमें पानी गिरने से नुकसान की संभावना अधिक है चना मसूर इन फसलों में भी पानी से नुकसान होगा किसानों के अनुसार बताया गया पानी की अब आवश्यकता नहीं फासले तैयार हैं मगर बिन मौसम वर्षा ने किसानों की उम्मीद पर चिंता की लकीरें नज़र आने लगी |
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कही बरसात तो कही ओला पटेरा, कुंडलपुर कुम्हारी, मौसम ने अचानक करवट बदली और तेज हवाओं की साथ बादल गरजे वर्षा तेज होने लगी, कही कही ओलावृष्टि से भी फसलों में नुकसान अधिक हुआ कही बरसात तो कही ओला पटेरा, कुंडलपुर कुम्हारी, मौसम ने अचानक करवट बदली और तेज हवाओं की साथ बादल गरजे वर्षा तेज होने लगी, कही कही ओलावृष्टि से भी फसलों में नुकसान अधिक हुआ है रबि की फसल के लिए बारिश बहुत ही नुकसानदायक साबित हो रही गेहूं की फसल जो की पककर तैयार है उसमें पानी गिरने से नुकसान की संभावना अधिक है चना मसूर इन फसलों में भी पानी से नुकसान होगा किसानों के अनुसार बताया गया पानी की अब आवश्यकता नहीं फासले तैयार हैं मगर बिन मौसम वर्षा ने किसानों की उम्मीद पर चिंता की लकीरें नज़र आने लगी |
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- नरसिंहगढ़ क्षेत्र में ओलावृष्टि का कहर, गेहूं की फसल चौपट हटा/नरसिंहगढ़। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में मौसम ने अचानक कहर बरपाया। नरसिंहगढ़ के चंपत पिपरिया, कोपरा, हल्द्वानी, ढिक्सर और मडला गांवों में तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। बताया जा रहा है कि दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में ओले गिरने लगे, जिसने खेतों में खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया। किसानों के अनुसार, रबी सीजन अपने अंतिम चरण में था और अधिकांश खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार थी। कई किसानों ने कटाई भी शुरू कर दी थी, लेकिन ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में खड़ी फसल जहां जमीन पर बिछ गई, वहीं खलिहानों में रखी फसल भी भीगकर खराब हो गई। #damoh1
- *सैल्यूट है ऐसे पुलिस वालों को:* दरोगा सतेंद्र सिंह ने आज मथुरा में करीब 30 बच्चों की जान उस समय बचाई जब बस में आग लग गई थी और बस के नीचे से आग के गोले गिर रहे थे। एसआई सतेंद्र सिंह ने तेजी से जा रही बस को अपनी गाड़ी से ओवरटेक कर रोक लिया और सभी बच्चों को सुरक्षित उतार लिया। बच्चों के उतरते ही आग ने तेजी पकड़ ली और पूरी बस जलकर खाक हो गयी।1
- Post by Lokendra Lokendra1
- खस्ताहाल स्टेट हाईवे बना हादसों का कारण, गड्ढों से भरी सड़क पर जान जोखिम में डालकर गुजर रहे लोग सिंग्रामपुर / दमोह। दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे की जर्जर हालत अब राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। महज 2 किलोमीटर का सड़क मार्ग वर्षों से मरम्मत की बाट जोह रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के चलते स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। बताया जा रहा है कि सतघटिया, धबालेन से लेकर ग्राम गुबरा होते हुए जमुनिया तक सड़क पूरी तरह से खस्ताहाल हो चुकी है। खासतौर पर धबालेन-सतघटिया के बीच का मार्ग अब “एक्सीडेंटल पॉइंट” के रूप में कुख्यात होता जा रहा है। यहां सड़क पर बने गहरे और चौड़े गड्ढे दुर्घटनाओं को लगातार बढ़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर इतने बड़े गड्ढे हो गए हैं कि कई बार वाहन चालकों को यह समझ ही नहीं आता कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां। खासकर रात के समय जब सामने से आने वाले वाहनों की तेज लाइट पड़ती है, तब स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। वाहन चालक गड्ढों का अनुमान नहीं लगा पाते और अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। कई मामलों में वाहन सड़क से उतरकर जंगल की ओर चले जाते हैं और पेड़ों से टकरा जाते हैं। इसी तरह ग्राम गुबरा से जमुनिया के बीच लगभग एक किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। यहां गड्ढों की गहराई इतनी ज्यादा है कि भारी वाहनों के पहिए तक उनमें समा जाते हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। आए दिन बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़क सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। सिंग्रामपुर निवासी सुनील, रवि, विशाल और निकिल ने बताया कि जबेरा-सिंग्रामपुर के जंगल क्षेत्र में धबालेन के पास सड़क की हालत लंबे समय से खराब है। रोजाना छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक अमला पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है। सबसे हैरानी की बात यह है कि इस मार्ग से क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, विधायक और मंत्री भी गुजरते हैं, इसके बावजूद सड़क की स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। इससे आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द इस सड़क का मरम्मत और पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि आए दिन हो रहे हादसों पर रोक लग सके और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। निष्कर्ष: महज 2 किलोमीटर की सड़क का निर्माण या मरम्मत न हो पाना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। यदि जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह मार्ग और अधिक खतरनाक साबित हो सकता है तथा बड़ी दुर्घटनाओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।1
- Post by भगवत सिंह लोधी पत्रकार1
- ग्रामपंचायत बलगहा मझिगवां। शेख मे करीब 3 माह से ज्यादा हो गया है लेकिन यह काम नहीं कर राहे है माता का दरबार है माता रानी की चेत नोवरतरी चल रही है ऐसे मे लोगो को बाडी समेस्या का सामना करना पड़ता है1
- shasakiy prathmik Shala jamunia me bachcho ko mennuw ke anusar khana nhi diya jata aur aye din tichar avsent rehete hai1
- Post by भगवत सिंह लोधी पत्रकार1
- खबर का असर: एक करोड़ के खेल मैदान में गड़बड़ी पर प्रशासन सख्त, एसडीएम ने ठेकेदार को दी अंतिम चेतावनी सिंंग्रामपुर/// अखवारों में प्रकाशित खबरों का “एक करोड़ के खेल मैदान में तलैया खबर का असर अब प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में सामने आया है। खबर सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और सिंग्रामपुर में आरईएस विभाग द्वारा करीब एक करोड़ की लागत से निर्माणाधीन रानी दुर्गावती खेल मैदान का निरीक्षण किया गया। इस दौरान एसडीएम तेंदूखेड़ा छोटी गिरी गोस्वामी स्वयं मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मैदान में मानकों के विपरीत पीली मिट्टी और पत्थर डाले गए थे, वहीं कई हिस्सों में कार्य अधूरा और लापरवाहीपूर्ण पाया गया। हालात को देखते हुए एसडीएम ने मौके से ही ठेकेदार को फोन लगाकर कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, अन्यथा भुगतान रोककर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मौके पर पंचनामा तैयार कर आवश्यक कार्रवाई की गई और संबंधित अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसडीओ शिवाजी सिंह को विशेष रूप से निगरानी बढ़ाने और कार्य को मानक अनुसार कराने की हिदायत दी गई। ग्रामीणों द्वारा पहले ही आरोप लगाए गए थे कि मैदान में तलैया की अमानक मिट्टी डाली गई है और जांच से पहले ही रातों-रात मिट्टी फैलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। इस पूरे मामले को लेकर गांव में आक्रोश का माहौल बना हुआ है। निरीक्षण के दौरान कमजोर गेट निर्माण, मैदान में फैले पत्थर और अधूरे कार्य ने भविष्य में संभावित हादसों की आशंका भी बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने हायर सेकेंडरी स्कूल के टूटे टैंक की समस्या भी अधिकारियों के सामने रखी, जिस पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। एसडीएम छोटे गिरी गोस्वामी ने बताया कि अखबारों में प्रकाशित खबरों के माध्यम से मामला संज्ञान में आया था। मौके पर निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं पाई गई हैं और निर्माण एजेंसी को गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो भुगतान रोकने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाएगा। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि जब तक निर्माण एजेंसी तय मानकों के अनुसार कार्य पूर्ण नहीं करती, तब तक ग्राम पंचायत खेल मैदान को हैंडओवर नहीं लेगी। गौरतलब है कि जबेरा क्षेत्र के अन्य निर्माण कार्यों में भी पूर्व में इसी ठेकेदार पर गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ चुके हैं, जहां बाउंड्री वॉल में दरारें और शौचालय की दीवारें झुकने जैसी शिकायतें सामने आई थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि सुधार कार्य कराने के बजाय रंग-रोगन कर खामियों को छिपाने की कोशिश की गई। निरीक्षण के दौरान एसडीएम छोटे गिरी गोस्वामी, एसडीओ शिवाजी सिंह, सरपंच प्रतिनिधि अजय सोनकर, सचिव राकेश सिंह सहित गोलू साहू, अजय राय और अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। प्रशासन की सख्ती के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि खेल मैदान का निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा1