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लक्सर के न्यामतपुर गाँव में सार्वजनिक तालाब गंदगी और अवैध अतिक्रमण का शिकार हो गया है। इस स्थिति से ग्रामीणों में भारी रोष है, जो लगातार प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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लक्सर के न्यामतपुर गाँव में सार्वजनिक तालाब गंदगी और अवैध अतिक्रमण का शिकार हो गया है। इस स्थिति से ग्रामीणों में भारी रोष है, जो लगातार प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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- उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के खानपुर के एक सरकारी स्कूल में छोटे-छोटे बच्चों से कीचड़ और गंदगी साफ करवाई गई। इस दौरान एक शिक्षक हाथ में डंडा लेकर खड़े दिखाई दिए, जिससे शिक्षा व्यवस्था और बाल श्रम पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1
- लक्सर के न्यामतपुर गाँव में सार्वजनिक तालाब गंदगी और अवैध अतिक्रमण का शिकार हो गया है। इस स्थिति से ग्रामीणों में भारी रोष है, जो लगातार प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- हरिद्वार के माजरी गांव की सड़कें ओवरलोड खनन डंपरों के कारण दलदल में बदल गई हैं, जिससे लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। मिट्टी और कीचड़ फैलने से राहगीर, खासकर बच्चे और बुजुर्ग, आए दिन फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीण प्रशासन से जल्द मरम्मत और ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर वे आंदोलन करेंगे।1
- मंगलोर स्वास्थ्य विभाग की एक चिट्ठी ने काज़ी निज़ामुद्दीन के 'स्क्रिप्टेड स्टंट' का पर्दाफ़ाश कर दिया है। आज़ाद अली ने इस घटनाक्रम पर तंज कसते हुए इसे एक बनाई हुई कहानी बताया, जिससे सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।1
- हरिद्वार के कनखल में एक किरायेदार ने मकान मालिक की 16 वर्षीय नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ की। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी राजनाथ सिंह को गिरफ्तार कर पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।1
- बिजनौर जिले के जवाली लाला गाँव में जबरदस्त साइकिल स्टंट शो शुरू हो गया है। साइकिल चालक हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। इसे देखने के लिए भारी संख्या में लोग जमा हो रहे हैं।1
- मुजफ्फरनगर के कुलदीप कुमार मथुरा और वृंदावन घूमने गए थे। लेकिन वहां जैसा अनुभव सोचा था, वैसा न मिलने पर उनका मन दुखी हो गया और वे सीधे अपने गांव लौट आए।1
- हरिद्वार में मजदूरों की सैलरी बढ़ने की वायरल खबरें अफवाह निकलीं। उप श्रमायुक्त विपिन कुमार ने स्पष्ट किया कि वेतन बढ़ाने का कोई नया आदेश जारी नहीं हुआ है, और वर्तमान वेतन ही लागू है। श्रम विभाग ने श्रमिकों से अफवाहों से बचने और किसी भी शिकायत के लिए सीधे कार्यालय पहुंचने की अपील की है।1