बारिश में टपकती छत, टूटा घर... फिर भी नहीं मिला PM आवास योजना का लाभ | गरीब परिवार की दर्दभरी कहानी देश में हर गरीब को पक्का घर देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना चलाई जा रही है। लेकिन आज भी कई ऐसे परिवार हैं, जिनके लिए यह योजना सिर्फ कागजों तक सीमित है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का एक ऐसा ही गरीब परिवार आज भी टूटे-फूटे कच्चे घर में रहने को मजबूर है। बारिश होते ही घर की छत टपकने लगती है और पूरा परिवार डर के साए में रात गुजारता है। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले की यह तस्वीरें किसी बीते दौर की नहीं, बल्कि आज की हकीकत हैं। यह परिवार वर्षों से एक जर्जर मकान में रहने को मजबूर है। घर की दीवारें कमजोर हो चुकी हैं, छत कभी भी गिर सकती है, लेकिन मजबूरी ऐसी है कि इसी घर में रहना पड़ रहा है। बारिश शुरू होते ही हालात और भी बदतर हो जाते हैं। छत से पानी टपकता है, घर के अंदर हर तरफ पानी भर जाता है। खाना बनाना मुश्किल हो जाता है, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और पूरी रात परिवार को जागकर गुजारनी पड़ती है। हर पल यही डर बना रहता है कि कहीं मकान ढह न जाए। परिवार का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए कई बार आवेदन किया और अधिकारियों के चक्कर भी लगाए, लेकिन आज तक उन्हें पक्का घर नहीं मिल सका। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि उन्हें भी सम्मान के साथ सुरक्षित छत मिल जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य हर जरूरतमंद को पक्का घर उपलब्ध कराना है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर इस परिवार तक योजना का लाभ क्यों नहीं पहुंच पाया? यदि परिवार पात्र है, तो अब तक उसे आवास क्यों नहीं मिला? अब देखना होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं। क्या इस परिवार की वर्षों पुरानी उम्मीद पूरी होगी, या फिर एक और बारिश इसी टूटे हुए घर में गुजारनी पड़ेगी? अगर आपके गांव या आसपास भी कोई ऐसा जरूरतमंद परिवार है, जिसे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, तो हमें जरूर बताइए। आपकी एक जानकारी किसी जरूरतमंद की जिंदगी बदल सकती है।
बारिश में टपकती छत, टूटा घर... फिर भी नहीं मिला PM आवास योजना का लाभ | गरीब परिवार की दर्दभरी कहानी देश में हर गरीब को पक्का घर देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना चलाई जा रही है। लेकिन आज भी कई ऐसे परिवार हैं, जिनके लिए यह योजना सिर्फ कागजों तक सीमित है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का एक ऐसा ही गरीब परिवार आज भी टूटे-फूटे कच्चे घर में रहने को मजबूर है। बारिश होते ही घर की छत टपकने लगती है और पूरा परिवार डर के साए में रात गुजारता है। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले की यह तस्वीरें किसी बीते दौर की नहीं, बल्कि आज की हकीकत हैं। यह परिवार वर्षों से एक जर्जर मकान में रहने को मजबूर है। घर की दीवारें कमजोर हो चुकी हैं, छत कभी भी गिर सकती है, लेकिन मजबूरी ऐसी है कि इसी घर में रहना पड़ रहा है। बारिश शुरू होते ही हालात और भी बदतर हो जाते हैं। छत से पानी टपकता है, घर के अंदर हर तरफ पानी भर जाता है। खाना बनाना मुश्किल हो जाता है, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और पूरी रात परिवार को जागकर गुजारनी पड़ती है। हर पल यही डर बना रहता है कि कहीं मकान ढह न जाए। परिवार का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए कई बार आवेदन किया और अधिकारियों के चक्कर भी लगाए, लेकिन आज तक उन्हें पक्का घर नहीं मिल सका। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि उन्हें भी सम्मान के साथ सुरक्षित छत मिल जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य हर जरूरतमंद को पक्का घर उपलब्ध कराना है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर इस परिवार तक योजना का लाभ क्यों नहीं पहुंच पाया? यदि परिवार पात्र है, तो अब तक उसे आवास क्यों नहीं मिला? अब देखना होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं। क्या इस परिवार की वर्षों पुरानी उम्मीद पूरी होगी, या फिर एक और बारिश इसी टूटे हुए घर में गुजारनी पड़ेगी? अगर आपके गांव या आसपास भी कोई ऐसा जरूरतमंद परिवार है, जिसे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, तो हमें जरूर बताइए। आपकी एक जानकारी किसी जरूरतमंद की जिंदगी बदल सकती है।
- किसान मजदूर बचाओ अभियान: जरूरतमंद किसानों को निःशुल्क खाद, बीज और दवा की सेवा किसान मजदूर बचाओ अभियान, संत रामपाल जी महाराज, किसान सेवा, निःशुल्क खाद, निःशुल्क बीज, कृषि दवा, किसान सहायता, मजदूर सहायता, महासमुंद किसान समाचार, छत्तीसगढ़ किसान समाचार, गांव की खबर, स्थानीय समाचार आपके क्षेत्र सारंगढ़ बिलाईगढ़ में यह सेवा पहुँची है क्या? कमेंट में बताइए1
- रायगढ़ जिले में 2 प्रतिशत डीआर एरियर का भुगतान करने की मांग,राज्य पेंशनर्स महासंघ ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन।1
- जांजगीर-चांपा: 48 घंटे में मंदिर चोरी का महाखुलासा; 3 गिरफ्तार, ₹16.60 लाख का माल बरामद, कर्ज चुकाने के लिए मन्दिर मे चोरी: 100 CCTV कैमरों की मदद से 3 शातिर चोर और 1 नाबालिग गिरफ्तार1
- किसान मजदूर बचाओ अभियान: जरूरतमंद किसानों को निःशुल्क खाद, बीज और दवा की सेवा किसान मजदूर बचाओ अभियान, संत रामपाल जी महाराज, किसान सेवा, निःशुल्क खाद, निःशुल्क बीज, कृषि दवा, किसान सहायता, मजदूर सहायता, महासमुंद किसान समाचार, छत्तीसगढ़ किसान समाचार, गांव की खबर, स्थानीय समाचार आपके क्षेत्र सारंगढ़ बिलाईगढ़ में यह सेवा पहुँची है क्या? कमेंट में बताइए1
- रायगढ़ जिले में 'वीबी जी राम जी' प्रशिक्षण शुरू,पंचायतों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर।1
- सक्ती में फिर जानलेवा बना वॉटरफॉल: नगरदा झरने से फिसलकर 19 वर्षीय युवक की मौत, हादसे का वीडियो वायरल सक्ती में फिर जानलेवा बना वॉटरफॉल: नगरदा झरने से फिसलकर 19 वर्षीय युवक की मौत, हादसे का वीडियो वायरल बारिश के मौसम में सक्ती जिले के वॉटरफॉल एक बार फिर जानलेवा साबित हुए हैं। नगरदा झरने में फिसलकर 19 वर्षीय युवक राहुल पटेल की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक के झरने के ऊपर से फिसलकर नीचे पत्थरों पर गिरने की घटना दिखाई दे रही है। यह दृश्य संवेदनशील दर्शकों को विचलित कर सकता है। नगरदा थाना प्रभारी कमल महतो ने बताया कि देवरमाल गांव निवासी राहुल पटेल अपने दोस्तों के साथ झरना घूमने गया था। लगातार बारिश के कारण पत्थरों पर काई जम गई थी, जिससे पैर फिसलने पर वह गहरी खाई की ओर गिर गया। हादसे में उसके सिर पर गंभीर चोट लगी। दोस्त तत्काल उसे अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले 28 जून को दमाऊधारा झरने में भी एक युवक की गिरने से मौत हुई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि बारिश के दौरान वॉटरफॉल और फिसलन भरे पत्थरों पर जरा-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। बारिश के मौसम में झरनों और नदी-नालों के आसपास अत्यधिक सावधानी बरतें। फिसलन वाले पत्थरों पर जाने से बचें और अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।1