तारापुर प्रखंड के मध्य विद्यालय देवगांव में कार्यरत शिक्षक देवेंद्र कुमार (निवासी एजी कॉलोनी, पटना) का शव सोमवार शाम रनगांव स्थित उनके किराये के कमरे से बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सोमवार को विद्यालय में अवकाश होने के कारण शिक्षक देवेंद्र कुमार पूरे दिन अपने कमरे से बाहर नहीं निकले थे। शाम में स्थानीय लोगों ने खिड़की से देखा तो वह अचेत अवस्था में जमीन पर पड़े हुए थे। सूचना मिलने पर अपर थानाध्यक्ष सुबंता कुमारी, दरोगा अनिल सिंह और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। प्रधानाध्यापक रामविलास की मौजूदगी में पुलिस ने छत के रास्ते दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया, जहां शिक्षक का शव जमीन पर पड़ा मिला। उनके एक हाथ में झाड़ू था और कमरे में कुछ दवाइयां भी बिखरी मिलीं। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर शिक्षक के परिजनों को सूचित कर दिया है। फिलहाल, पुलिस इस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है और मौत के कारणों का सही खुलासा पोस्टमार्टम और एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) जांच के बाद ही हो सकेगा।
तारापुर प्रखंड के मध्य विद्यालय देवगांव में कार्यरत शिक्षक देवेंद्र कुमार (निवासी एजी कॉलोनी, पटना) का शव सोमवार शाम रनगांव स्थित उनके किराये के कमरे से बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सोमवार को विद्यालय में अवकाश होने के कारण शिक्षक देवेंद्र कुमार पूरे दिन अपने कमरे से बाहर नहीं निकले थे। शाम में स्थानीय लोगों ने खिड़की से देखा तो वह अचेत अवस्था में जमीन पर पड़े हुए थे। सूचना मिलने पर अपर थानाध्यक्ष सुबंता कुमारी, दरोगा अनिल सिंह और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। प्रधानाध्यापक रामविलास की मौजूदगी में पुलिस ने छत के रास्ते दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया, जहां शिक्षक का शव जमीन पर पड़ा मिला। उनके एक हाथ में झाड़ू था और कमरे में कुछ दवाइयां भी बिखरी मिलीं। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर शिक्षक के परिजनों को सूचित कर दिया है। फिलहाल, पुलिस इस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है और मौत के कारणों का सही खुलासा पोस्टमार्टम और एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) जांच के बाद ही हो सकेगा।
- मुंगेर के दरियापुर पंचायत में भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने में ग्राम सभा की विफलता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि ग्राम सभा की बैठकें कब हुईं, इसकी किसी को जानकारी नहीं मिलती, जिससे पारदर्शिता की भारी कमी सामने आई है। इस स्थिति के चलते, स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा पिछले पाँच सालों में किए गए कार्यों पर प्रश्नचिह्न लग गया है, क्योंकि जनता उनके प्रदर्शन से अनभिज्ञ और असंतुष्ट प्रतीत होती है।1
- बिहार के गया जिले की रहने वाली 24 वर्षीय एलएलबी छात्रा दिव्या कुमारी की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। 1 जुलाई की कोर्ट सुनवाई से ठीक पहले लापता हुई दिव्या का शव चार दिन बाद झारखंड की एक खदान से बरामद किया गया है। परिजनों ने दिव्या के प्रेमी राहुल यादव और उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत की गई हत्या है। परिजनों के अनुसार, दिव्या का प्रेम-संबंध साल 2023 से कुबड़ी गांव के रहने वाले राहुल यादव के साथ था, जिसने शादी का झांसा देकर दिव्या के साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब दिव्या ने शादी की बात उठाई, तो राहुल टाल-मटोल करने लगा और उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां देने लगा। इसी प्रताड़ना से तंग आकर दिव्या ने 28 मई 2025 को शेरघाटी थाना में राहुल के खिलाफ (कांड संख्या 256/25) मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद राहुल लगातार दिव्या पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा था और धमकियां दे रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि शेरघाटी पुलिस की कथित मिलीभगत से परिवार पर दबाव बनाने के लिए दिव्या के पिता चमारी पासवान पर चोरी का एक झूठा केस भी दर्ज करवा दिया गया था। परिवार का सीधा आरोप है कि 1 जुलाई की सुनवाई को रोकने के मकसद से राहुल और उसके साथियों ने दिव्या को अगवा कर उसकी हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र स्थित जजलो के एक बंद पड़े और पानी से भरे माइंस के गड्ढे में फेंक दिया। मृतिका की बहन पूनम कुमारी के मुताबिक, दिव्या 24 जून को कौलेश्वरी पहाड़ जाने के लिए घर से निकली थी और उसने फोन पर बताया था कि राहुल भी उसके साथ है। दोपहर में घर लौटने के बाद वह लगभग दो बजे दोबारा यह कहकर घर से निकली कि राहुल ने उसे मिलने के लिए बुलाया है। जब वह शाम तक वापस नहीं लौटी तो परिवार ने फोन किया, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। परिजनों ने अगले दिन शेरघाटी थाना में बेटी की गुमशुदगी की अर्जी देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से भगा दिया। इस पूरी घटना में शेरघाटी पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि आरोपी राहुल को अक्सर थाने में आते-जाते देखा जाता था। इस बीच, शेरघाटी-01 के डीएसपी संदीप कुमार ने बताया कि इस मामले को लेकर शुक्रवार को नया केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।1
- झारखंड के भगवानपुर गांव में अच्छी बारिश हो रही है, जिसका जीव-जंतु अभी बहुत आनंद ले रहे हैं। पोस्ट के अनुसार, अगर ऐसी ही बारिश होती रही तो किसानों को परेशान नहीं होना पड़ेगा, क्योंकि पानी किसानों की मजबूरी है और पानी के बिना हर एक चीज़ अधूरी है।1
- छात्र हित के विभिन्न मुद्दों को लेकर एबीवीपी ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने प्राचार्य को एक ज्ञापन भी सौंपा। एबीवीपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द ही पूरा नहीं किया गया, तो वे विश्वविद्यालय का घेराव करेंगे।1
- मुंगेर शहर में 'नो एंट्री' प्रतिबंध लागू होने के बावजूद, भारी वाहन लगातार शहर के भीतर प्रवेश कर रहे हैं। इस अनियंत्रित प्रवेश के कारण, मुंगेर के सफियाबाद चौक पर प्रतिदिन भीषण यातायात जाम की स्थिति बन रही है, जिससे स्थानीय लोगों को रोज़ाना भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।1
- मुंगेर जिले के तारापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गाजीपुर पंचायत के इब्राहिमपुर गांव में एक व्यक्ति को शराब के नशे में हंगामा करते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रविवार को मिली सूचना के बाद थानाध्यक्ष राज कुमार के निर्देश पर एसआई कमलाकांत पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मो. एनामुल हक उर्फ मिंटू को पकड़ा। पुलिस ने ब्रेथ एनेलाइजर से आरोपी की जांच की, जिसके बाद उसे अनुमंडल अस्पताल तारापुर भेजा गया। वहाँ हुई चिकित्सीय जांच में मो. एनामुल हक उर्फ मिंटू द्वारा शराब सेवन की पुष्टि हुई, जिसके उपरांत उसे न्यायिक हिरासत में मुंगेर भेज दिया गया। थानाध्यक्ष राज कुमार ने बताया कि आरोपी लोगों के बीच शराब के नशे में हंगामा कर रहा था। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से ही चोरी के कई मामले दर्ज हैं और वह पूर्व में भी जेल जा चुका है। पुलिस ने इस मामले में बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने देवघरा में यादव जी से बातचीत कर सभी का दिल जीत लिया है। हालाँकि, इस बातचीत के बाद आगे क्या घटनाक्रम रहा, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।1
- भागलपुर के सदर अस्पताल में जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर डीएम ने स्वयं कई बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई और लोगों को इस महत्वपूर्ण अभियान के प्रति जागरूक किया। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे 5 वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं, क्योंकि बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखने के लिए यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण है और इसमें सभी की भागीदारी आवश्यक है। जिलाधिकारी ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान आज से शुरू होकर 2 जुलाई तक चलेगा। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी परिवार तक स्वास्थ्यकर्मी नहीं पहुंच पाते हैं, तो वे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं, जो 24 घंटे काम करेगा ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की दवा से वंचित न रहे। अभियान के दौरान सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार, सदर अस्पताल प्रभारी डॉ. राजू, अस्पताल प्रबंधक आशुतोष कुमार सहित कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें और अपने बच्चों को पोलियो की खुराक जरूर दिलाएं।1
- खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय, सुखदेव सुमन साह लेवा में मंगलवार को मध्याह्न भोजन में पिल्लू मिलने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पिल्लू वाला भोजन खाने के बाद विद्यालय के दो दर्जन से अधिक बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिससे विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बच्चों के परिजनों में कोहराम देखा गया। घटना की सूचना मिलते ही सभी बीमार बच्चों को तुरंत इलाज के लिए गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ चिकित्सकों की एक टीम उनका उपचार कर रही है। मंगलवार शाम करीब चार बजे तक बच्चों का इलाज जारी था। घटना की गंभीरता को देखते हुए गोगरी एसडीओ संजय कुमार, प्रभारी एसडीपीओ निशांत गौरव, बीडीओ रघुनन्दन आनंद, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश और एमडीएम बीआरपी कुंदन कुमार अस्पताल और विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। भोजन के नमूनों की जांच के लिए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद अभिभावकों में काफी नाराजगी देखी जा रही है।4