बिहार के गया जिले की रहने वाली 24 वर्षीय एलएलबी छात्रा दिव्या कुमारी की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। 1 जुलाई की कोर्ट सुनवाई से ठीक पहले लापता हुई दिव्या का शव चार दिन बाद झारखंड की एक खदान से बरामद किया गया है। परिजनों ने दिव्या के प्रेमी राहुल यादव और उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत की गई हत्या है। परिजनों के अनुसार, दिव्या का प्रेम-संबंध साल 2023 से कुबड़ी गांव के रहने वाले राहुल यादव के साथ था, जिसने शादी का झांसा देकर दिव्या के साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब दिव्या ने शादी की बात उठाई, तो राहुल टाल-मटोल करने लगा और उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां देने लगा। इसी प्रताड़ना से तंग आकर दिव्या ने 28 मई 2025 को शेरघाटी थाना में राहुल के खिलाफ (कांड संख्या 256/25) मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद राहुल लगातार दिव्या पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा था और धमकियां दे रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि शेरघाटी पुलिस की कथित मिलीभगत से परिवार पर दबाव बनाने के लिए दिव्या के पिता चमारी पासवान पर चोरी का एक झूठा केस भी दर्ज करवा दिया गया था। परिवार का सीधा आरोप है कि 1 जुलाई की सुनवाई को रोकने के मकसद से राहुल और उसके साथियों ने दिव्या को अगवा कर उसकी हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र स्थित जजलो के एक बंद पड़े और पानी से भरे माइंस के गड्ढे में फेंक दिया। मृतिका की बहन पूनम कुमारी के मुताबिक, दिव्या 24 जून को कौलेश्वरी पहाड़ जाने के लिए घर से निकली थी और उसने फोन पर बताया था कि राहुल भी उसके साथ है। दोपहर में घर लौटने के बाद वह लगभग दो बजे दोबारा यह कहकर घर से निकली कि राहुल ने उसे मिलने के लिए बुलाया है। जब वह शाम तक वापस नहीं लौटी तो परिवार ने फोन किया, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। परिजनों ने अगले दिन शेरघाटी थाना में बेटी की गुमशुदगी की अर्जी देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से भगा दिया। इस पूरी घटना में शेरघाटी पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि आरोपी राहुल को अक्सर थाने में आते-जाते देखा जाता था। इस बीच, शेरघाटी-01 के डीएसपी संदीप कुमार ने बताया कि इस मामले को लेकर शुक्रवार को नया केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
बिहार के गया जिले की रहने वाली 24 वर्षीय एलएलबी छात्रा दिव्या कुमारी की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। 1 जुलाई की कोर्ट सुनवाई से ठीक पहले लापता हुई दिव्या का शव चार दिन बाद झारखंड की एक खदान से बरामद किया गया है। परिजनों ने दिव्या के प्रेमी राहुल यादव और उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत की गई हत्या है। परिजनों के अनुसार, दिव्या का प्रेम-संबंध साल 2023 से कुबड़ी गांव के रहने वाले राहुल यादव के साथ था, जिसने शादी का झांसा देकर दिव्या के साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब दिव्या ने शादी की बात उठाई, तो राहुल टाल-मटोल करने लगा और उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां देने लगा। इसी प्रताड़ना से तंग आकर दिव्या ने 28 मई 2025 को शेरघाटी थाना में राहुल के खिलाफ (कांड संख्या 256/25) मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद राहुल लगातार दिव्या पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा था और धमकियां दे रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि शेरघाटी पुलिस की कथित मिलीभगत से परिवार पर दबाव बनाने के लिए दिव्या के पिता चमारी पासवान पर चोरी का एक झूठा केस भी दर्ज करवा दिया गया था। परिवार का सीधा आरोप है कि 1 जुलाई की सुनवाई को रोकने के मकसद से राहुल और उसके साथियों ने दिव्या को अगवा कर उसकी हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र स्थित जजलो के एक बंद पड़े और पानी से भरे माइंस के गड्ढे में फेंक दिया। मृतिका की बहन पूनम कुमारी के मुताबिक, दिव्या 24 जून को कौलेश्वरी पहाड़ जाने के लिए घर से निकली थी और उसने फोन पर बताया था कि राहुल भी उसके साथ है। दोपहर में घर लौटने के बाद वह लगभग दो बजे दोबारा यह कहकर घर से निकली कि राहुल ने उसे मिलने के लिए बुलाया है। जब वह शाम तक वापस नहीं लौटी तो परिवार ने फोन किया, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। परिजनों ने अगले दिन शेरघाटी थाना में बेटी की गुमशुदगी की अर्जी देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से भगा दिया। इस पूरी घटना में शेरघाटी पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि आरोपी राहुल को अक्सर थाने में आते-जाते देखा जाता था। इस बीच, शेरघाटी-01 के डीएसपी संदीप कुमार ने बताया कि इस मामले को लेकर शुक्रवार को नया केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
- भागलपुर जिले के सुलतानगंज अंचल अंतर्गत करहरिया पंचायत के बड़हरा गांव में सरकारी रास्ते पर कथित अतिक्रमण का मामला फिर से सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि खेसरा संख्या 364 की सार्वजनिक सड़क पर बार-बार अतिक्रमण हटाया जाता है, लेकिन दबंग तत्व कुछ ही घंटों में उस पर दोबारा कब्जा कर लेते हैं, जिससे ग्रामीणों, खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आवेदिकाओं के मुताबिक, बीते 19 मई 2026 को अंचलाधिकारी ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया था। हालांकि, आरोप है कि उसी शाम रास्ते पर फिर से घेराबंदी कर दी गई। इसका विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिवार यह भी बताता है कि कई बार सरकारी अमीन द्वारा नापी किए जाने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है, और नापी के दौरान उनसे रुपयों की मांग की जाती है, जबकि कार्रवाई केवल एक औपचारिकता बनकर रह जाती है। पीड़ितों का कहना है कि बरसात के मौसम में रास्ता बंद होने से उनका घर लगभग चारों ओर से घिर जाता है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में एक बड़ी घटना की आशंका बनी रहती है। परिवार ने बिहार सरकार के सहयोग शिविर पोर्टल पर कई बार शिकायत दर्ज कराने का भी आरोप लगाया है, जिसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इससे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सरकारी भूमि को स्थायी रूप से अतिक्रमण मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र में एक बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।1
- भागलपुर जिले के सुलतानगंज प्रखंड अंतर्गत गनगनिया पंचायत की रंग मंच कार्यशाला में जिला प्रशासन के निर्देश पर बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा माह के अंत में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुखिया रजनी देवी ने की और इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री की 'मन की बात' का जिक्र करते हुए ग्राम सभा के आयोजन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में मंच पर मुखिया रजनी देवी के साथ वार्ड प्रतिनिधि रविश यादव, पंचायत सेवक अनिल कुमार सिंह, पूर्व पंचायत समिति सदस्य रामनेपाल मंडल, सरपंच विजय कुमार दास, उपमुखिया मो शिबरत, भाजपा नेता कुमार मंगलम, कार्यपालक सहायक अमरदीप कुमार, वार्ड सदस्य धन्नजय कुमार, समाजसेवी रबिश यादव और नोडल पदाधिकारी सुजित सिन्हा उपस्थित थे। कार्यक्रम में जीविका दीदी, जीविका कर्मी, वार्ड सदस्य और गनगनिया पंचायत के ग्रामवासी भी मौजूद रहे। मुखिया प्रतिनिधि रामजी मंडल, हरिचन्द्र मंडल, ओमप्रकाश पासवान, सरिता देवी, प्रियंका देवी, माधुरी देवी और सीमा देवी सहित दर्जनों जीविका दीदी, कर्मी और ग्रामवासी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। पंचायत विकास दिवस के अवसर पर बिहार सरकार और भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान एसटीजी (STG) के तहत समाज की महिलाओं के उत्थान पर विशेष जोर दिया गया, ताकि महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से आगे बढ़ सकें। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धा पेंशन, विकलांग पेंशन, शिक्षा, पर्यावरण और स्वास्थ्य सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया गया।4
- टेटियाबंबर प्रखंड के बनहारा पंचायत के मिल्की गांव में बजरंगबली के एक भव्य मूर्ति-मंदिर की पुनर्स्थापना की जा रही है। इस धार्मिक आयोजन को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।1
- रविवार को तारापुर प्रखंड की बिहमा पंचायत के देवगांव स्थित पंचायत भवन में पंचायत विकास दिवस के अवसर पर एक ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इस सभा की अध्यक्षता मुखिया वंदना कुमारी ने की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और पंचायत कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ग्राम सभा में प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, नल-जल योजना, सड़क निर्माण, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे, जिन पर उन्हें जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम में वार्ड सदस्य और विभिन्न विभागों के कर्मी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पंचायत सचिव बिकास कुमार ने ग्राम सभा को लोकतंत्र की मजबूत नींव बताते हुए इस बात पर जोर दिया कि योजनाओं की सफलता जनभागीदारी पर ही निर्भर करती है। मुखिया वंदना कुमारी ने पंचायत के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से पंचायत के विकास कार्यों में सक्रिय सहयोग देने की भावुक अपील भी की।1
- खगड़िया जिले के गोगरी में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता सुबोध कुमार गुप्ता ने एक विशेष साक्षात्कार में अपनी ही पार्टी के नेताओं के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। पत्रकार अनुराधा कुमारी और मायाराम मंडल द्वारा प्रस्तुत इस खास रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि आखिर वह अपनी पार्टी के नेताओं से क्यों नाराज़ हैं। उनकी यह प्रतिक्रिया बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन, एनडीए के भीतर जदयू के आंतरिक समीकरणों पर भी ध्यान खींचती है।1
- बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद अब नशीले इंजेक्शनों के अवैध कारोबार ने सिर उठाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में, सुपौल सदर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए शहर के विद्यापुरी वार्ड-2 से भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 2,115 वायल नशीले इंजेक्शन जब्त किए, जिनकी कुल मात्रा 4,230 मिलीलीटर है।1
- बिहार के गया जिले की रहने वाली 24 वर्षीय एलएलबी छात्रा दिव्या कुमारी की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। 1 जुलाई की कोर्ट सुनवाई से ठीक पहले लापता हुई दिव्या का शव चार दिन बाद झारखंड की एक खदान से बरामद किया गया है। परिजनों ने दिव्या के प्रेमी राहुल यादव और उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत की गई हत्या है। परिजनों के अनुसार, दिव्या का प्रेम-संबंध साल 2023 से कुबड़ी गांव के रहने वाले राहुल यादव के साथ था, जिसने शादी का झांसा देकर दिव्या के साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब दिव्या ने शादी की बात उठाई, तो राहुल टाल-मटोल करने लगा और उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां देने लगा। इसी प्रताड़ना से तंग आकर दिव्या ने 28 मई 2025 को शेरघाटी थाना में राहुल के खिलाफ (कांड संख्या 256/25) मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद राहुल लगातार दिव्या पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा था और धमकियां दे रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि शेरघाटी पुलिस की कथित मिलीभगत से परिवार पर दबाव बनाने के लिए दिव्या के पिता चमारी पासवान पर चोरी का एक झूठा केस भी दर्ज करवा दिया गया था। परिवार का सीधा आरोप है कि 1 जुलाई की सुनवाई को रोकने के मकसद से राहुल और उसके साथियों ने दिव्या को अगवा कर उसकी हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र स्थित जजलो के एक बंद पड़े और पानी से भरे माइंस के गड्ढे में फेंक दिया। मृतिका की बहन पूनम कुमारी के मुताबिक, दिव्या 24 जून को कौलेश्वरी पहाड़ जाने के लिए घर से निकली थी और उसने फोन पर बताया था कि राहुल भी उसके साथ है। दोपहर में घर लौटने के बाद वह लगभग दो बजे दोबारा यह कहकर घर से निकली कि राहुल ने उसे मिलने के लिए बुलाया है। जब वह शाम तक वापस नहीं लौटी तो परिवार ने फोन किया, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। परिजनों ने अगले दिन शेरघाटी थाना में बेटी की गुमशुदगी की अर्जी देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से भगा दिया। इस पूरी घटना में शेरघाटी पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि आरोपी राहुल को अक्सर थाने में आते-जाते देखा जाता था। इस बीच, शेरघाटी-01 के डीएसपी संदीप कुमार ने बताया कि इस मामले को लेकर शुक्रवार को नया केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।1
- गोगरी अनुमंडल क्षेत्र में बीती रात एक ऑटो और तेज रफ्तार बाइक के बीच हुई आमने-सामने की जोरदार टक्कर में महदीपुर निवासी महेश निराला नामक एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महेश निराला जमालपुर बाजार से घरेलू सामान खरीदकर ऑटो से अपने घर महदीपुर लौट रहे थे। इसी दौरान, गोगरी प्रखंड अंतर्गत मुश्कीपुर गैस ग्राम स्थित डीपीएस स्कूल के समीप सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो के आगे बैठे महेश निराला को गंभीर चोटें आईं। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई, जिन्होंने तत्परता दिखाते हुए घायल को ऑटो से निकालकर गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल पहुँचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद बाइक चालक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। सोमवार की सुबह नौ बजे घायल महेश निराला को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।1