बस्ती जनपद के कलवारी थाना क्षेत्र अंतर्गत गायघाट में कानून-व्यवस्था की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहाँ रामजानकी मंदिर से जुड़ी एक विवादित जमीन पर अदालती आदेश और लोक निर्माण विभाग (PWD) की रोक के बावजूद दबंगों द्वारा बेखौफ होकर अवैध निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस संवेदनशील मामले में स्थानीय गायघाट चौकी इंचार्ज की कार्यशैली और भूमिका गंभीर सवालों के घेरे में है, जिन पर दबंगों के साथ कथित मिलीभगत और उन्हें संरक्षण देने का आरोप लग रहा है। इस विवादित भूमि को लेकर सिविल जज (सी.डी.) बस्ती ने वाद संख्या 438/2026 में 10 जुलाई 2026 को स्पष्ट आदेश जारी कर दोनों पक्षों को मौके पर 'यथास्थिति' (Status Quo) बनाए रखने के निर्देश दिए थे। इसके अतिरिक्त, लोक निर्माण विभाग (PWD) ने भी अपनी फील्ड रिपोर्ट में इस निर्माण को नियमों के विपरीत पाया है। विभाग के अनुसार, 'उत्तर प्रदेश रोड साइड लैंड कंट्रोल रूल्स 1964' के नियम-7 का सरेआम उल्लंघन करते हुए सड़क के मध्य से 75 फीट के दायरे में अवैध रूप से नींव खोदी जा रही है। PWD के अधिशासी अभियंता ने स्पष्ट किया है कि जिलाधिकारी की अनुमति के बिना हो रहा यह निर्माण पूर्णतः अवैध है और इस संबंध में संबंधित मजिस्ट्रेट को कार्रवाई के लिए पत्र भी भेजा जा चुका है। इतने सख्त आदेशों के बावजूद, स्थानीय पुलिस की कथित उदासीनता और मूक सहमति के चलते निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गायघाट चौकी इंचार्ज की शह पर ही दबंग दिन-दहाड़े नियमों को ताक पर रख रहे हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। न्याय की उम्मीद में पीड़ित ने अब जिले के उच्चाधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि क्या बस्ती प्रशासन इस खुली मनमानी पर कोई सख्त कदम उठाएगा या न्यायालय और विभाग के आदेश इसी तरह ठेंगे पर रखे जाते रहेंगे।
बस्ती जनपद के कलवारी थाना क्षेत्र अंतर्गत गायघाट में कानून-व्यवस्था की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहाँ रामजानकी मंदिर से जुड़ी एक विवादित जमीन पर अदालती आदेश और लोक निर्माण विभाग (PWD) की रोक के बावजूद दबंगों द्वारा बेखौफ होकर अवैध निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस संवेदनशील मामले में स्थानीय गायघाट चौकी इंचार्ज की कार्यशैली और भूमिका गंभीर सवालों के घेरे में है, जिन पर दबंगों के साथ कथित मिलीभगत और उन्हें संरक्षण देने का आरोप लग रहा है। इस विवादित भूमि को लेकर सिविल जज (सी.डी.) बस्ती ने वाद संख्या 438/2026 में 10 जुलाई 2026 को स्पष्ट आदेश जारी कर दोनों पक्षों को मौके पर 'यथास्थिति' (Status Quo) बनाए रखने के निर्देश दिए थे। इसके अतिरिक्त, लोक निर्माण विभाग (PWD) ने भी अपनी फील्ड रिपोर्ट में इस निर्माण को नियमों के विपरीत पाया है। विभाग के अनुसार, 'उत्तर प्रदेश रोड साइड लैंड कंट्रोल रूल्स 1964' के नियम-7 का सरेआम उल्लंघन करते हुए सड़क के मध्य से 75 फीट के दायरे में अवैध रूप से नींव खोदी जा रही है। PWD के अधिशासी अभियंता ने स्पष्ट किया है कि जिलाधिकारी की अनुमति के बिना हो रहा यह निर्माण पूर्णतः अवैध है और इस संबंध में संबंधित मजिस्ट्रेट को कार्रवाई के लिए पत्र भी भेजा जा चुका है। इतने सख्त आदेशों के बावजूद, स्थानीय पुलिस की कथित उदासीनता और मूक सहमति के चलते निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गायघाट चौकी इंचार्ज की शह पर ही दबंग दिन-दहाड़े नियमों को ताक पर रख रहे हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। न्याय की उम्मीद में पीड़ित ने अब जिले के उच्चाधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि क्या बस्ती प्रशासन इस खुली मनमानी पर कोई सख्त कदम उठाएगा या न्यायालय और विभाग के आदेश इसी तरह ठेंगे पर रखे जाते रहेंगे।
- बस्ती के कप्तानगंज रेंज के अंतर्गत कचौलिया और रैकवार मार्ग पर वन विभाग की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। बीती 11 जुलाई की रात को आई तेज आंधी-पानी के कारण कचौलिया फार्म के समीप एक विशालकाय पेड़ गिर गया, जो आज भी आधी सड़क को घेरे हुए है। 12 जुलाई का दिन ढलने को आ गया है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की नींद अब तक नहीं टूटी है, जिससे यह मार्ग राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। इस व्यस्त मार्ग से हर पल लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन सड़क पर गिरी पेड़ की टहनियां और झाड़ियां अंधेरे में दिखाई नहीं देतीं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को इस संबंध में सूचना दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे विभाग के अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी या हादसे का इंतजार कर रहे हैं। वन विभाग की इस उदासीनता से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने तीखे शब्दों में मांग की है कि युद्धस्तर पर कार्रवाई करते हुए अविलंब इस पेड़ को सड़क से हटाकर यातायात को सुचारू किया जाए। इसके साथ ही, इतने घंटों तक सड़क को बाधित छोड़ने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कब जागता है या फिर जनता को खुद अपनी जान जोखिम में डालकर कोई कदम उठाना पड़ेगा।1
- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में पुलिस कार्यालय पर आज 12.07.2026 को अपर जिलाधिकारी जयप्रकाश और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती बोर्ड, लखनऊ द्वारा जारी निर्देशों के अनुक्रम में बुलाई गई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में आयोजित होने वाली होमगार्ड दस्तावेज सत्यापन (DV) और शारीरिक मानक परीक्षा (PST) को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है। इस महत्वपूर्ण ब्रीफिंग के दौरान DVPST दल के सभी सदस्य, संबंधित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधिगण तथा परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात समस्त पुलिस बल के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में उपस्थित अधिकारियों द्वारा सुरक्षा ड्यूटी में लगे पुलिस बल को पूरी सतर्कता बरतने, अभ्यर्थियों के साथ शालीन व्यवहार करने तथा भर्ती बोर्ड के नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों से भी तकनीकी व अन्य व्यवस्थाओं को समय से दुरुस्त रखने की अपेक्षा की गई है ताकि पूरी परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का व्यवधान न आए।2
- संतकबीरनगर के मेंहदावल में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में एसपी संदीप कुमार मीना द्वारा एएसपी सुशील कुमार सिंह की उपस्थिति में वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प दिलाया गया। इस अभियान के तहत जनपद के सभी थाना और चौकी परिसरों में भी प्रभारी निरीक्षकों, थानाध्यक्षों और चौकी प्रभारियों द्वारा फलदार, छायादार तथा औषधीय पौधे रोपे गए। जनपद पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के इस जनहितकारी अभियान को सफल बनाया। वृक्षारोपण के दौरान एसपी ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी की अमूल्य धरोहर हैं, जो न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं बल्कि शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान कर मानव जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ भी बनाते हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों से लगाए गए पौधों के नियमित संरक्षण की अपील की ताकि जनपद को अधिक हरित, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाया जा सके। इस कार्यक्रम के दौरान क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय, प्रतिसार निरीक्षक रामबली यादव और पीआरओ एसपी मनीष जायसवाल सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- संत कबीर नगर में सर्विलांस टीम की सक्रियता से पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 161 गुमशुदा एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग ₹60 लाख बताई जा रही है, जिनकी चोरी और गुमशुदगी की रिपोर्ट विभिन्न थानों के अंतर्गत दर्ज कराई गई थी। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में मिली इस बड़ी राहत से मोबाइल स्वामियों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है और उन्होंने पुलिस टीम का दिल से आभार व्यक्त किया है। पुलिस टीम के इस उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य से खुश होकर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना द्वारा पूरी टीम को प्रोत्साहन स्वरूप ₹25,000 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।1
- संतकबीरनगर पुलिस ने गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद करने के अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 161 एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 60 लाख रुपये बताई गई है। खोए हुए मोबाइल वापस मिलने के बाद उनके स्वामियों के चेहरों पर खुशी लौट आई और उन्होंने पुलिस टीम का आभार जताया है। इस उत्कृष्ट कार्य से खुश होकर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने मोबाइल बरामद करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। यह सफलता पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी सर्विलांस सेल अमित कुमार के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक सर्विलांस सेल अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने हासिल की है। पुलिस ने जनपद के सभी थानों में सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की। सीईआईआर पोर्टल एवं सीसीटीएनएस प्रणाली से मिली तकनीकी जानकारी, आईएमईआई नंबर तथा सिम विश्लेषण के आधार पर मोबाइल फोन ट्रेस कर उन्हें बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, ये मोबाइल केवल संतकबीरनगर ही नहीं बल्कि दिल्ली, लखनऊ, बेंगलुरु, मुंबई, तमिलनाडु, बिहार, गुजरात, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना सहित देश के विभिन्न राज्यों से बरामद किए गए हैं, जिन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने पर तत्काल CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि आईएमईआई नंबर को ब्लॉक कर उसे ट्रेस किया जा सके। इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल खरीद का बिल, गुमशुदगी या एफआईआर की प्रति, मोबाइल नंबर, आईएमईआई नंबर और मोबाइल मॉडल की जानकारी होना आवश्यक है। इस अभियान के तहत कोतवाली खलीलाबाद से 18, दुधारा से 20, महिला थाना से 8, धनघटा से 14, महुली से 41, मेंहदावल से 9, बखिरा से 13, बेलहरकला से 36 तथा धर्मसिंहवा थाना से 2 मोबाइल बरामद किए गए। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में सर्विलांस सेल के प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी विनोद कुमार सिंह, आरक्षी ज्ञान प्रकाश सिंह, अमरजीत मौर्य, नितीश कुमार और पीयूष कुमार गुप्ता सहित विभिन्न थानों के पुलिसकर्मियों ने मुख्य भूमिका निभाई।1
- संतकबीरनगर के मगहर स्थित संत कबीर अकादमी ऑडिटोरियम में निषाद पार्टी का बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर मजबूत होने और सत्ता में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद ई. प्रवीण निषाद और मेंहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी भी मंच पर मौजूद रहे। अपने संबोधन में संजय निषाद ने कहा कि हमारे वंशज इस देश के राजा थे और उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के खिलाफ अहम भूमिका निभाते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि देश के कुछ लोग अंग्रेजों के साथ खड़े रहे, जिसके परिणाम स्वरूप आजादी के बाद उन्हें समस्त अधिकार प्राप्त हो गए, जबकि विरोध करने के कारण हमारे समाज को गरीबी का दंश झेलना पड़ा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूर्ण संवैधानिक अधिकार प्राप्त करने के लिए समाज को और अधिक संगठित होने की जरूरत है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हर बूथ को मजबूत करने से ही प्रदेश की सत्ता में निषाद पार्टी की मजबूत हिस्सेदारी तय होगी। सम्मेलन के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व सांसद प्रवीण निषाद ने समाज के अधिकारों की लड़ाई में शहीद हुए अखिलेश निषाद के बलिदान को याद किया और कार्यकर्ताओं से आगामी चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के लिए कमर कसने की अपील की। मेंहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि देश और प्रदेश की अन्य राजनीतिक पार्टियों ने हमेशा निषाद समाज का शोषण किया और मतों के बदले उन्हें धोखा दिया। इसके साथ ही महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मालती निषाद ने भी अन्य दलों पर राजनीतिक छल करने का आरोप लगाते हुए संगठित पहचान बनाकर सत्ता हासिल करने की बात कही। इस अवसर पर राष्ट्रीय सचिव रविंद्र मणि, प्रदेश प्रभारी बाबूराम सहित कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- संतकबीरनगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 161 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹60 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस विभाग द्वारा इन सभी बरामद किए गए फोनों को उनके वास्तविक मोबाइल धारकों को वापस सुपुर्द कर दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई और बरामदगी के संबंध में संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक द्वारा आधिकारिक तौर पर बाइट देकर विस्तृत जानकारी साझा की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के बभनान में कवरेज के दौरान एक पत्रकार के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पत्रकार विनोद कुमार ने बभनान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रबल मालानी और उनके साथियों पर कवरेज करने के दौरान उनके साथ मारपीट करने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित पत्रकार ने इस घटना के संबंध में थाने में लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पुलिस शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1