संतकबीरनगर के मगहर स्थित संत कबीर अकादमी ऑडिटोरियम में निषाद पार्टी का बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर मजबूत होने और सत्ता में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद ई. प्रवीण निषाद और मेंहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी भी मंच पर मौजूद रहे। अपने संबोधन में संजय निषाद ने कहा कि हमारे वंशज इस देश के राजा थे और उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के खिलाफ अहम भूमिका निभाते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि देश के कुछ लोग अंग्रेजों के साथ खड़े रहे, जिसके परिणाम स्वरूप आजादी के बाद उन्हें समस्त अधिकार प्राप्त हो गए, जबकि विरोध करने के कारण हमारे समाज को गरीबी का दंश झेलना पड़ा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूर्ण संवैधानिक अधिकार प्राप्त करने के लिए समाज को और अधिक संगठित होने की जरूरत है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हर बूथ को मजबूत करने से ही प्रदेश की सत्ता में निषाद पार्टी की मजबूत हिस्सेदारी तय होगी। सम्मेलन के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व सांसद प्रवीण निषाद ने समाज के अधिकारों की लड़ाई में शहीद हुए अखिलेश निषाद के बलिदान को याद किया और कार्यकर्ताओं से आगामी चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के लिए कमर कसने की अपील की। मेंहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि देश और प्रदेश की अन्य राजनीतिक पार्टियों ने हमेशा निषाद समाज का शोषण किया और मतों के बदले उन्हें धोखा दिया। इसके साथ ही महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मालती निषाद ने भी अन्य दलों पर राजनीतिक छल करने का आरोप लगाते हुए संगठित पहचान बनाकर सत्ता हासिल करने की बात कही। इस अवसर पर राष्ट्रीय सचिव रविंद्र मणि, प्रदेश प्रभारी बाबूराम सहित कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संतकबीरनगर के मगहर स्थित संत कबीर अकादमी ऑडिटोरियम में निषाद पार्टी का बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर मजबूत होने और सत्ता में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद ई. प्रवीण निषाद और मेंहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी भी मंच पर मौजूद रहे। अपने संबोधन में संजय निषाद ने कहा कि हमारे वंशज इस देश के राजा थे और उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के खिलाफ अहम भूमिका निभाते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि देश के कुछ लोग अंग्रेजों के साथ खड़े रहे, जिसके परिणाम स्वरूप आजादी के बाद उन्हें समस्त अधिकार प्राप्त हो गए, जबकि विरोध करने के कारण हमारे समाज को गरीबी का दंश झेलना पड़ा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूर्ण संवैधानिक अधिकार प्राप्त करने के लिए समाज को और अधिक संगठित होने की जरूरत है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हर बूथ को मजबूत करने से ही प्रदेश की सत्ता में निषाद पार्टी की मजबूत हिस्सेदारी तय होगी। सम्मेलन के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व सांसद प्रवीण निषाद ने समाज के अधिकारों की लड़ाई में शहीद हुए अखिलेश निषाद के बलिदान को याद किया और कार्यकर्ताओं से आगामी चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के लिए कमर कसने की अपील की। मेंहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि देश और प्रदेश की अन्य राजनीतिक पार्टियों ने हमेशा निषाद समाज का शोषण किया और मतों के बदले उन्हें धोखा दिया। इसके साथ ही महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मालती निषाद ने भी अन्य दलों पर राजनीतिक छल करने का आरोप लगाते हुए संगठित पहचान बनाकर सत्ता हासिल करने की बात कही। इस अवसर पर राष्ट्रीय सचिव रविंद्र मणि, प्रदेश प्रभारी बाबूराम सहित कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- कुशीनगर में सीएम योगी ने विपक्ष को घेरा है। इस दौरान योगी ने पूछा कि आखिर कौन रविकिशन की फिल्मों में काम करेगा।1
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- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अयोध्या में हुई चंदा चोरी को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता द्वारा लगाए गए पोस्टर की खबर बनाने के दौरान पुलिस द्वारा पत्रकार के साथ अभद्रता करने का मामला सामने आया है। खबर की कवरेज करने के दौरान पुलिस ने पत्रकार के साथ न केवल अमर्यादित व्यवहार किया, बल्कि उसका फोन छीनकर उसमें रिकॉर्ड किया गया वीडियो भी डिलीट कर दिया। पुलिस द्वारा पत्रकार पर वीडियो डिलीट करने के लिए लगातार दबाव भी बनाया गया। व्यवस्था का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले और अपनी जान पर खेलकर खबरें लिखने व दिखाने वाले पत्रकार के साथ पुलिस का यह अमर्यादित व्यवहार बेहद गंभीर है। इस घटना के बाद यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि जब पुलिस पत्रकारों के साथ ऐसा बर्ताव कर सकती है, तो आम लोगों के साथ उनका व्यवहार कैसा होता होगा।1
- राम मंदिर चंदा हेराफेरी विवाद के बीच भाजपा नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने एक बड़ी अपील की है। वर्तमान में इस पूरे मामले की जांच एसआईटी (SIT) द्वारा की जा रही है। साध्वी निरंजन ज्योति ने जांच प्रक्रिया के दौरान अपनी बात रखते हुए यह कदम उठाया है।1
- गोरखपुर में पत्रकार अमित भारती ने प्रशासन पर मीडिया कवरेज में बाधा डालने का गंभीर आरोप लगाया है। भारती के अनुसार, प्रशासन द्वारा न केवल उनके काम को रोका गया, बल्कि कवरेज के दौरान उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया और सवाल उठ रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश में राम मंदिर चोरी के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस पूरी घटना को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। विधायक रविदास मेहरोत्रा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से न्यायिक जांच कराए जाने की मांग उठाई है। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है और घटना की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।1
- गोरखपुर में समाजवादी पार्टी द्वारा लगवाए गए एक पोस्टर ने विवाद खड़ा कर दिया है। इस पोस्टर पर 'राम नाम जपना, चढ़ाया दान अपना' जैसी विवादास्पद पंक्तियाँ लिखी गई थीं, जिसके बाद देर रात इलाके में जमकर हंगामा हुआ। पोस्टर की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे तुरंत हटवा दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।1
- लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार स्थित केंद्रीय विहार सेक्टर-6 में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ स्ट्रीट लाइट के पोल में करंट उतरने के कारण एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बारिश के कारण पोल के पास खुले बिजली के तार करंट की चपेट में आ गए थे, जिससे यह हादसा हुआ। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने नगर निगम और विद्युत विभाग पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे क्षेत्र के स्ट्रीट लाइट पोलों का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराया जाए और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।1