पलेरा प्रशासन ने गोचर भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉलेज के पास वार्ड क्रमांक 12 के डोलिया क्षेत्र में स्थित गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस कार्रवाई के चलते अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया। तहसीलदार कुलदीप सिंह ने बताया कि गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कुल 7.230 हेक्टेयर गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान तहसीलदार, नायब तहसीलदार, श्रीपत अहिरवार, थाना प्रभारी प्रीति भार्गव, भारी पुलिस बल, नगर परिषद के कर्मचारी और राजस्व अमला मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन की निगरानी में यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि सरकारी और गोचर भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में आगे भी अभियान जारी रखते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पलेरा प्रशासन ने गोचर भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉलेज के पास वार्ड क्रमांक 12 के डोलिया क्षेत्र में स्थित गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस कार्रवाई के चलते अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया। तहसीलदार कुलदीप सिंह ने बताया कि गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कुल 7.230 हेक्टेयर गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान तहसीलदार, नायब तहसीलदार, श्रीपत अहिरवार, थाना प्रभारी प्रीति भार्गव, भारी पुलिस बल, नगर परिषद के कर्मचारी और राजस्व अमला मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन की निगरानी में यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि सरकारी और गोचर भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में आगे भी अभियान जारी रखते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- पलेरा प्रशासन ने गोचर भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉलेज के पास वार्ड क्रमांक 12 के डोलिया क्षेत्र में स्थित गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस कार्रवाई के चलते अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया। तहसीलदार कुलदीप सिंह ने बताया कि गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कुल 7.230 हेक्टेयर गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान तहसीलदार, नायब तहसीलदार, श्रीपत अहिरवार, थाना प्रभारी प्रीति भार्गव, भारी पुलिस बल, नगर परिषद के कर्मचारी और राजस्व अमला मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन की निगरानी में यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि सरकारी और गोचर भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में आगे भी अभियान जारी रखते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- पलेरा में प्रशासन ने गोचर भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है, जहाँ कॉलेज के पास वार्ड क्रमांक 12 स्थित डोलिया की 7.230 हेक्टेयर गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस दौरान प्रशासन ने बुलडोजर का इस्तेमाल किया, जिससे अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया। तहसीलदार कुलदीप सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए चलाए जा रहे निरंतर अभियान का हिस्सा थी और इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान तहसीलदार कुलदीप सिंह, नायब तहसीलदार, श्रीपत अहिरवार, थाना प्रभारी प्रीति भार्गव सहित भारी पुलिस बल, नगर परिषद के कर्मचारी और राजस्व अमला मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और गोचर भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों पर अभियान जारी रखते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा विकास खंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत टीला नरैनी में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, जिम्मेदार अधिकारियों की कथित चुप्पी और निष्क्रियता पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए पूछा जा रहा है कि आखिर प्रशासन किस अनहोनी का इंतजार कर रहा है और क्यों इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए है। यह खास रिपोर्ट राम सिंह यादव जी के साथ प्रस्तुत की गई है।1
- कंचनपुरा हत्याकांड मामले में ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए मामले को नया मोड़ देने की मांग की है। ग्रामीणों का दावा है कि इस हत्याकांड में निर्दोष व्यक्तियों को फंसाया जा रहा है, जबकि असली दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इस संबंध में, ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है। उनकी मुख्य मांग है कि मामले की गहनता से जांच की जाए, ताकि असली अपराधियों की पहचान हो सके और उन पर उचित कार्रवाई की जाए, साथ ही निर्दोष लोगों को न्याय मिल सके।4
- टीकमगढ़ जिले के खरगापुर में प्रशासन ने गोचर भूमि पर हुए अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई की है। प्रशासन द्वारा 7 हेक्टेयर जमीन पर बुलडोजर चलाकर इस कब्जे को हटाया गया।1
- रविवार को खरगापुर के प्रेट्रोल पंप के पास एक सीमेंट टैंक में एक हिरन गिर गया। स्थानीय लोगों को जैसे ही इसकी सूचना मिली, वे तुरंत मौके पर पहुँचे और उन्होंने वन विभाग को इस घटना से अवगत कराया। लोगों ने बताया कि हिरन बहुत गंभीर रूप से घायल था, क्योंकि कुत्तों ने उसे कई जगहों पर निशाना बनाया था। वन विभाग की टीम घायल हिरन को अपने साथ ले गई, लेकिन उसे लगी अत्यधिक चोटों के कारण बचाया नहीं जा सका और अंततः उसकी मौत हो गई।1
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा विकास खंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टीला नरैनी की नदी में पानी आ गया है। इस नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। यह खास रिपोर्ट राम सिंह यादव जी के साथ प्रस्तुत की गई है।1
- बल्देवगढ़ के खेरा पंचायत में प्रशासनिक दावों के विपरीत 'स्वच्छ भारत' अभियान केवल कागजों तक ही सीमित दिख रहा है, जबकि जमीन पर ग्रामीणों को 'नरक' जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। यहां के कछयात मोहल्ले का मुख्य मार्ग महीनों से घुटनों तक कीचड़ और जलजमाव के कारण पूरी तरह से ठप पड़ा है, जिससे लोगों को प्रतिदिन बदबूदार कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है। प्रशासनिक अमला इस गंभीर जनसमस्या के प्रति उदासीन बना हुआ है। इस बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों में पंचायत प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी है, और वे अब आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था करने और सड़क को सुदृढ़ करने की मांग की है। यह रिपोर्ट अधिकारियों के बड़े-बड़े दावों को कटघरे में खड़ा करती है, और स्थानीय जनता यह सवाल पूछ रही है कि उनकी इस समस्या का समाधान आखिर कब होगा।1