जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रीवा में कलेक्टर की औचक एंट्री से मचा हड़कंप, कई रिकॉर्ड जब्त रीवा। जिले के शिक्षा महकमे में उस समय हड़कंप मच गया जब कलेक्टर ने अचानक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रीवा में औचक निरीक्षण किया। लंबे समय से शिक्षकों द्वारा यह शिकायत की जा रही थी कि उनके वेतन, एरियर, जीपीएफ, पदोन्नति, स्थापना और अन्य सेवा संबंधी क्लेम्स के निराकरण में अनावश्यक देरी की जा रही है। कई बार कैंप आयोजित होने के बावजूद फाइलें लंबित बनी हुई थीं, जिससे शिक्षकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। कलेक्टर ने कार्यालय पहुंचते ही स्थापना शाखा, वेतन शाखा, पेंशन शाखा सहित सभी प्रमुख शाखाओं का गहन निरीक्षण किया। सेवा पुस्तिकाओं का संधारण, संकुल प्राचार्यों और अन्य शिक्षकों की स्थापना संबंधी फाइलों की प्रगति, लंबित प्रकरणों की सूची तथा निराकरण की समय-सीमा का परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई फाइलों में अनावश्यक विलंब, अधूरी टिप्पणियां और प्रक्रिया में ढिलाई सामने आई। प्राथमिक जांच के आधार पर संदिग्ध फाइलों और कुछ महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को जब्त कर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, कुछ मामलों में महीनों से फाइलें लंबित पाई गईं, जबकि संबंधित दस्तावेज पूर्ण थे। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षकों को अनावश्यक रूप से परेशान करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि सभी सेवा संबंधी दावे समयबद्ध तरीके से निपटाए जाएं, और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सभी शाखा प्रभारियों को लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। अंतिम जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रीवा में कलेक्टर की औचक एंट्री से मचा हड़कंप, कई रिकॉर्ड जब्त रीवा। जिले के शिक्षा महकमे में उस समय हड़कंप मच गया जब कलेक्टर ने अचानक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रीवा में औचक निरीक्षण किया। लंबे समय से शिक्षकों द्वारा यह शिकायत की जा रही थी कि उनके वेतन, एरियर, जीपीएफ, पदोन्नति, स्थापना और अन्य सेवा संबंधी क्लेम्स के निराकरण में अनावश्यक देरी की जा रही है। कई बार कैंप आयोजित होने के बावजूद फाइलें लंबित बनी हुई थीं, जिससे शिक्षकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। कलेक्टर ने कार्यालय पहुंचते ही स्थापना शाखा, वेतन शाखा, पेंशन शाखा सहित सभी प्रमुख शाखाओं का गहन निरीक्षण किया। सेवा पुस्तिकाओं का संधारण, संकुल प्राचार्यों और अन्य शिक्षकों की स्थापना संबंधी फाइलों की प्रगति, लंबित प्रकरणों की सूची तथा निराकरण की समय-सीमा का परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई फाइलों में अनावश्यक विलंब, अधूरी टिप्पणियां और प्रक्रिया में ढिलाई सामने आई। प्राथमिक जांच के आधार पर संदिग्ध फाइलों और कुछ महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को जब्त कर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, कुछ मामलों में महीनों से फाइलें लंबित पाई गईं, जबकि संबंधित दस्तावेज पूर्ण थे। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षकों को अनावश्यक रूप से परेशान करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि सभी सेवा संबंधी दावे समयबद्ध तरीके से निपटाए जाएं, और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सभी शाखा प्रभारियों को लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। अंतिम जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
- रीवा। जिले के शिक्षा महकमे में उस समय हड़कंप मच गया जब कलेक्टर ने अचानक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रीवा में औचक निरीक्षण किया। लंबे समय से शिक्षकों द्वारा यह शिकायत की जा रही थी कि उनके वेतन, एरियर, जीपीएफ, पदोन्नति, स्थापना और अन्य सेवा संबंधी क्लेम्स के निराकरण में अनावश्यक देरी की जा रही है। कई बार कैंप आयोजित होने के बावजूद फाइलें लंबित बनी हुई थीं, जिससे शिक्षकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। कलेक्टर ने कार्यालय पहुंचते ही स्थापना शाखा, वेतन शाखा, पेंशन शाखा सहित सभी प्रमुख शाखाओं का गहन निरीक्षण किया। सेवा पुस्तिकाओं का संधारण, संकुल प्राचार्यों और अन्य शिक्षकों की स्थापना संबंधी फाइलों की प्रगति, लंबित प्रकरणों की सूची तथा निराकरण की समय-सीमा का परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई फाइलों में अनावश्यक विलंब, अधूरी टिप्पणियां और प्रक्रिया में ढिलाई सामने आई। प्राथमिक जांच के आधार पर संदिग्ध फाइलों और कुछ महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को जब्त कर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, कुछ मामलों में महीनों से फाइलें लंबित पाई गईं, जबकि संबंधित दस्तावेज पूर्ण थे। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षकों को अनावश्यक रूप से परेशान करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि सभी सेवा संबंधी दावे समयबद्ध तरीके से निपटाए जाएं, और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सभी शाखा प्रभारियों को लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। अंतिम जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।1
- ने पकड़ा रीवा का बड़ा डॉक्टर लोडिया बाज1
- रीवा के डीईओ कार्यालय में कलेक्टर की एंट्री से मचा हड़कंप निरीक्षण में कई रिकॉर्ड किए गए जप्त कार्यालय के सभी शाखाओ मे खगाले गए रिकॉर्ड शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति।2
- मध्य प्रदेश,रीवा। विंध्य क्षेत्र के सबसे प्रतिष्ठित और बड़े नर्सिंग होम के संचालक एक नामी चिकित्सक (हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist)डा. के.डी सिंह के लिए आज का दिन 'ब्लैक वेडनेसडे' साबित हुआ। शहर की व्यस्त सड़क पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब डॉक्टर की पत्नी ने उन्हें उनकी एक महिला मित्र के साथ कार के अंदर रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद जो हुआ, उसे देखकर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई और करीब एक घंटे तक सड़क पर हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। शादी के बाद दहेज की मांग पूरी न होने पर पति शिवम साहू ने अपनी पत्नी का निजी वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया और रिश्तेदारों को भेज दिया। पीड़िता ने शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला पोर्न की लत और घरेलू उत्पीड़न की गंभीरता को उजागर करता है।1
- हाई-प्रोफाइल ड्रामा: रीवा के नामी डॉक्टर को पत्नी ने 'महिला मित्र' संग पकड़ा, सड़क पर चले लात-घूंसे* विंध्य क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित नर्सिंग होम संचालक और हृदय रोग विशेषज्ञ के लिए बुधवार 'ब्लैक वेडनेसडे' बन गया। लंबे समय से शक कर रही पत्नी ने पीछा कर डॉक्टर की लग्जरी कार को बीच सड़क रुकवाया। कार में पति को महिला मित्र के साथ देख पत्नी का गुस्सा फूट पड़ा।आक्रोशित पत्नी ने महिला मित्र को कार से खींचकर बाहर निकाला और जमकर धुनाई कर दी। करीब एक घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे को देखने के लिए राहगीरों की भारी भीड़ जुट गई। बीच-बचाव की कोशिश में जुटे डॉक्टर की भी एक न चली। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से शहर के संभ्रांत और चिकित्सा जगत में चर्चाओं का बाजार गर्म है। #reels #reelsinstagram #vairal #वायरल #vairalvideo1
- रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय आज की ताज़ा खबर शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय हिरौल की ताज़ा खबर 15 दिन पहले मुरूम गिरवाने के दौरान स्कूल की गेट और बाउंड्री छज्जा हुआ क्षतिग्रस्त हेड मास्टर और शिक्षक बैठे हैं किसी बच्चे के घटना होने के इंतजार में जी हाँ हम बात कर रहे हैं शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय हिरौल की जहां 15 दिन पूर्व स्कूल में गिराया जा रहा था मुरूम उसी दौरान स्कूल की गेट और बाउंड्री और स्कूल की छज्जा ट्रक के ठोकर से हुआ क्षतिग्रस्त और हेड मास्टर मैडम श्यामा सिंह शिक्षक अवध लाल पटेल जोकि इस स्कूल और माध्यन भोजन के करता धरता है हाल ही मे 3महीना पूर्ब इनकी वीडियो बायरल हुई थीं जो पत्रकारों को बोल रहे थे तुम लोगो जैसे पत्रकार हमलोगो के आगे पीछे घूमते है जो अबध लाल जी कहते है बही होता है जैसे की स्कूल में जो फंड आया उसकी देखरेख जो मध्यान्ह भोजन चल रहा है क्या बनेगा क्या नहीं बनेगा कितना बनेगा इसका सबका श्री यही अवध लाल जी हैं और भी शिक्षकों द्वारा कोई आवाज नहीं उठाई जा रही है सब लोग देखते हुए बैठे रहते हैं कर रहे हैं घटना का इंतजार कि किसी बच्चे या बच्चीओ के साथ हो जाए घटना हाल ही में आप लोग देखे होंगे की दूआरी स्कूल में 8 साल के बच्चे के साथ ऐसी घटना हुई है वही उस बच्चे की घटनास्थल में ही हो गई है मौत आए दिन स्कूलों में इसी तरह हो रही है घटनाएं कभी छत गिर रही है तो कभी बौडंरी गिर रही है कभी एक्सीडेंट बच्चों का हो रहा है और आज कल के शिक्षक बना रहे हैं रेल देख रहे हैं मोबाइल बच्चे क्या कर रहे हैं कहां जा रहे हैं यह कोई शिक्षकों से मतलब नहीं है शान भरपूर पैसा दे रहा है शिक्षकों को क्या दिक्कत है मरे चाहे जिए अपने न्यूज़ के माध्यम से शासन प्रशासन को अवगत करा रहा हूं की यैसे स्कूलों की जांच की जाय ताकी जैसे दूआरी स्कूल में 8 साल के बच्चे के साथ घटना हुई है ऐसे किसी स्कूल में किसी बच्चे के साथ घटना ना हो और शिक्षकों में लापरवाही पाई जाए तो तुरंत उनके ऊपर कारवाई की जाए1
- रीवा। शहर में इन दिनों एक कथित वायरल वीडियो को लेकर व्यापक चर्चा का माहौल बना हुआ है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो में शहर के एक प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. के.डी. सिंह को एक महिला के साथ कार में बैठे हुए दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में आगे पारिवारिक विवाद जैसी स्थिति उत्पन्न होते हुए दिखाई दे रही है, जिसके बाद यह मामला जनचर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि कथित घटना शहर के एक सार्वजनिक मार्ग पर हुई, जहां अचानक डॉक्टर की पत्नी के पहुंचने के बाद विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर कुछ समय के लिए हंगामा जैसा माहौल बन गया और राहगीरों की भीड़ एकत्रित हो गई। वायरल हो रहे वीडियो में हाथापाई जैसी स्थिति भी दिखाई दे रही है, हालांकि इसकी स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। जानकारी के अनुसार, डॉ. के.डी. सिंह शहर के पी.टी.एस. रोड स्थित आयुष्मान नर्सिंग होम के संचालक बताए जाते हैं और हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में उनकी पहचान रही है। चिकित्सा क्षेत्र में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम से जुड़ा यह कथित विवाद सामने आने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। यह उल्लेख करना आवश्यक है कि इस वायरल वीडियो की किसी अधिकृत एजेंसी अथवा प्रशासनिक विभाग द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। बिना सत्यापन के किसी भी वीडियो या सामग्री को अंतिम सत्य मान लेना उचित नहीं है। सोशल मीडिया के दौर में अपुष्ट जानकारी तेजी से फैलती है, जिससे व्यक्तियों की सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। फिर भी, यदि वीडियो में दर्शाई जा रही परिस्थितियां सत्य सिद्ध होती हैं, तो यह केवल एक निजी विवाद का विषय नहीं रहेगा, बल्कि समाज के उस भरोसे से भी जुड़ जाएगा जो लोग अपने चिकित्सकों पर रखते हैं। डॉक्टर को समाज में सेवा, नैतिकता और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में उनसे जुड़े किसी भी सार्वजनिक विवाद का प्रभाव व्यापक स्तर पर पड़ता है। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर कोई आधिकारिक बयान या शिकायत की पुष्टि सामने नहीं आई है। स्थिति स्पष्ट होने के लिए संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और संभावित जांच का इंतजार किया जा रहा है। विंध्य वसुंधरा समाचार इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता, बल्कि पाठकों से अपील करता है कि किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से पूर्व उसके सत्यापन पर ध्यान दें। समाज में संतुलन, संयम और तथ्य आधारित चर्चा ही स्वस्थ जनमत का आधार हो सकती है।1