भाकपा-माले के नगर कमिटी सदस्य रणधीर राणा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घोषणा की है कि 04/07/26 को मॉब लिंचिंग, फर्जी मुठभेड़, बुलडोजर और पुलिस राज के खिलाफ राज्यव्यापी प्रतिरोध मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च आरा के श्री टोला स्थित पार्टी कार्यालय से दोपहर 2:00 बजे शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया जाएगा। इसी को लेकर, आज यानी 3 जुलाई को आरा नगर के विभिन्न चौकों पर माइक प्रचार किया गया और नुक्कड़ सभाएं आयोजित की गईं। रौशन कुशवाहा ने इन नुक्कड़ सभाओं का संचालन किया, जिसमें मुख्य रूप से राज्य कमिटी के सदस्य क्यामुदीन अंसारी, सुधीर सिंह, दिलराज प्रीतम और संगिता सिंह शामिल थे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले चार दशकों से बिहार को करीब से देखा जा रहा है, जिसमें पुलिस फायरिंग और सामंती-आपराधिक हिंसा के कारण अनगिनत जनसंहार और हत्याकांड हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के बाद के इस दौर में, जब पहली बार भाजपा का अपना मुख्यमंत्री बना है, बिहार एक पुलिस राज्य में बदलता दिख रहा है। वक्ताओं ने आगे कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई, तथाकथित एनकाउंटर हत्याएं और मॉब लिंचिंग अब रोज़मर्रा की बात हो गई है। पुलिस और यहाँ तक कि पुजारी भी निहत्थे लोगों, बूढ़ी औरतों तक को पीटकर एक क्रूर आनंद ले रहे हैं। भाकपा-माले के अनुसार, इससे यह साफ ज़ाहिर होता है कि नीतीश कुमार के दौर में अच्छे शासन का जो वादा किया गया था, उसकी जगह अब बुलडोजर से इंसाफ और एनकाउंटर हत्याओं का नया सिद्धांत ले चुका है। पार्टी 04/07/26 को मॉब लिंचिंग, फर्जी मुठभेड़, बुलडोजर और पुलिस राज के खिलाफ इस राज्यव्यापी विरोध दिवस को पूरी सक्रियता के साथ मनाएगी।
भाकपा-माले के नगर कमिटी सदस्य रणधीर राणा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घोषणा की है कि 04/07/26 को मॉब लिंचिंग, फर्जी मुठभेड़, बुलडोजर और पुलिस राज के खिलाफ राज्यव्यापी प्रतिरोध मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च आरा के श्री टोला स्थित पार्टी कार्यालय से दोपहर 2:00 बजे शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया जाएगा। इसी को लेकर, आज यानी 3 जुलाई को आरा नगर के विभिन्न चौकों पर माइक प्रचार किया गया और नुक्कड़ सभाएं आयोजित की गईं। रौशन कुशवाहा ने इन नुक्कड़ सभाओं का संचालन किया, जिसमें मुख्य रूप से राज्य कमिटी के सदस्य क्यामुदीन अंसारी, सुधीर सिंह, दिलराज प्रीतम और संगिता सिंह शामिल थे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले चार दशकों से बिहार को करीब से देखा जा रहा है, जिसमें पुलिस फायरिंग और सामंती-आपराधिक हिंसा के कारण अनगिनत जनसंहार और हत्याकांड हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के बाद के इस दौर में, जब पहली बार भाजपा का अपना मुख्यमंत्री बना है, बिहार एक पुलिस राज्य में बदलता दिख रहा है। वक्ताओं ने आगे कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई, तथाकथित एनकाउंटर हत्याएं और मॉब लिंचिंग अब रोज़मर्रा की बात हो गई है। पुलिस और यहाँ तक कि पुजारी भी निहत्थे लोगों, बूढ़ी औरतों तक को पीटकर एक क्रूर आनंद ले रहे हैं। भाकपा-माले के अनुसार, इससे यह साफ ज़ाहिर होता है कि नीतीश कुमार के दौर में अच्छे शासन का जो वादा किया गया था, उसकी जगह अब बुलडोजर से इंसाफ और एनकाउंटर हत्याओं का नया सिद्धांत ले चुका है। पार्टी 04/07/26 को मॉब लिंचिंग, फर्जी मुठभेड़, बुलडोजर और पुलिस राज के खिलाफ इस राज्यव्यापी विरोध दिवस को पूरी सक्रियता के साथ मनाएगी।
- भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य दुर्गा चरण ने भोजपुर जिले के बेलोटी गांव में भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने क्या कहा, इस संबंध में विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।1
- भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड स्थित बिलौटी गांव में कथित एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मिलने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस मामले में परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। चिराग पासवान की इस मुलाकात के बाद, भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला एक बार फिर से चर्चा में आ गया है।1
- चिराग पासवान ने भरत तिवारी के घर पहुँचकर एक महत्वपूर्ण और तीखा बयान दिया है। उन्होंने अपने बयान में सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि, 'जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो ऐसे में समाज कहाँ जाएगा?' यह टिप्पणी समाज में संरक्षकों की भूमिका पर गंभीर चिंता व्यक्त करती है।1
- यह रहा समाचार शैली में तैयार किया गया संस्करण: यदि यह खबर किसी विशेष घटना (जैसे भरत तिवारी हत्याकांड) से संबंधित है, तो मैं उसी संदर्भ में अधिक विस्तृत और तथ्यपरक रिपोर्ट भी तैयार कर सकता हूँ।1
- भोजपुर जिले के कोईलवर थाना क्षेत्र के धर्मपुर में बुधवार देर रात एक घटना सामने आई, जहाँ गवाही देकर लौट रहे चाचा-भतीजे पर अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की।1
- भरत तिवारी हत्याकांड को लेकर पुलिस की साख पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पोस्ट में दावा किया गया है कि इस घटना के बाद पुलिस की 'इज्जत शून्य' हो चुकी है। बताया गया है कि आए दिन पुलिसकर्मियों के साथ नोंकझोंक के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। उपयोगकर्ताओं से इन वायरल वीडियो को देखने और उन पर अपनी राय कमेंट में बताने के लिए भी कहा गया है।1
- भाकपा-माले के नगर कमिटी सदस्य रणधीर राणा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घोषणा की है कि 04/07/26 को मॉब लिंचिंग, फर्जी मुठभेड़, बुलडोजर और पुलिस राज के खिलाफ राज्यव्यापी प्रतिरोध मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च आरा के श्री टोला स्थित पार्टी कार्यालय से दोपहर 2:00 बजे शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया जाएगा। इसी को लेकर, आज यानी 3 जुलाई को आरा नगर के विभिन्न चौकों पर माइक प्रचार किया गया और नुक्कड़ सभाएं आयोजित की गईं। रौशन कुशवाहा ने इन नुक्कड़ सभाओं का संचालन किया, जिसमें मुख्य रूप से राज्य कमिटी के सदस्य क्यामुदीन अंसारी, सुधीर सिंह, दिलराज प्रीतम और संगिता सिंह शामिल थे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले चार दशकों से बिहार को करीब से देखा जा रहा है, जिसमें पुलिस फायरिंग और सामंती-आपराधिक हिंसा के कारण अनगिनत जनसंहार और हत्याकांड हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के बाद के इस दौर में, जब पहली बार भाजपा का अपना मुख्यमंत्री बना है, बिहार एक पुलिस राज्य में बदलता दिख रहा है। वक्ताओं ने आगे कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई, तथाकथित एनकाउंटर हत्याएं और मॉब लिंचिंग अब रोज़मर्रा की बात हो गई है। पुलिस और यहाँ तक कि पुजारी भी निहत्थे लोगों, बूढ़ी औरतों तक को पीटकर एक क्रूर आनंद ले रहे हैं। भाकपा-माले के अनुसार, इससे यह साफ ज़ाहिर होता है कि नीतीश कुमार के दौर में अच्छे शासन का जो वादा किया गया था, उसकी जगह अब बुलडोजर से इंसाफ और एनकाउंटर हत्याओं का नया सिद्धांत ले चुका है। पार्टी 04/07/26 को मॉब लिंचिंग, फर्जी मुठभेड़, बुलडोजर और पुलिस राज के खिलाफ इस राज्यव्यापी विरोध दिवस को पूरी सक्रियता के साथ मनाएगी।1
- वीर भरत तिवारी की माँ लगातार रो-रोकर यह सवाल कर रही हैं कि एसपी, डीएपी, सीओ और दरोगा पर आखिर कब कार्रवाई होगी। उनकी व्यथा इस बात में निहित है कि वे बार-बार यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि संबंधित अधिकारियों पर आवश्यक कदम कब उठाए जाएँगे।1