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कोटा के पीडब्ल्यूडी (PWD) कोटा जोन कैंपस में साफ-सफाई और मरम्मत कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कैंपस में फैली गंदगी का आलम यह है कि यहां चारों तरफ कचरे का अंबार लगा हुआ है और टॉयलेट तक की सफाई नहीं की जाती है। इन व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सिटी डिवीजन के अधीन है, जिसके बावजूद परिसर की स्थिति दयनीय बनी हुई है। आरोप है कि साफ-सफाई और मरम्मत के नाम पर विभाग को लाखों रुपये का बजट मिलता है, लेकिन यह राशि कहाँ खर्च हो रही है, इसका कोई अता-पता नहीं है। सुरक्षा को लेकर भी भारी लापरवाही बरती जा रही है; कैंपस में शराब की खाली बोतलें मिली हैं, जो यह दर्शाती हैं कि परिसर का उपयोग शराब पीने के लिए भी किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि रात के समय यहां चौकीदार भी तैनात रहता है, फिर भी ऐसी गतिविधियां बेरोकटोक जारी हैं।
Journalist Harish Yadav
कोटा के पीडब्ल्यूडी (PWD) कोटा जोन कैंपस में साफ-सफाई और मरम्मत कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कैंपस में फैली गंदगी का आलम यह है कि यहां चारों तरफ कचरे का अंबार लगा हुआ है और टॉयलेट तक की सफाई नहीं की जाती है। इन व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सिटी डिवीजन के अधीन है, जिसके बावजूद परिसर की स्थिति दयनीय बनी हुई है। आरोप है कि साफ-सफाई और मरम्मत के नाम पर विभाग को लाखों रुपये का बजट मिलता है, लेकिन यह राशि कहाँ खर्च हो रही है, इसका कोई अता-पता नहीं है। सुरक्षा को लेकर भी भारी लापरवाही बरती जा रही है; कैंपस में शराब की खाली बोतलें मिली हैं, जो यह दर्शाती हैं कि परिसर का उपयोग शराब पीने के लिए भी किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि रात के समय यहां चौकीदार भी तैनात रहता है, फिर भी ऐसी गतिविधियां बेरोकटोक जारी हैं।
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- कोटा-उदयपुर हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसे में 26 वर्षीय महिला भगवती की मौत हो गई। महिला अपने पति के साथ बाइक पर सवार होकर सांवलियाजी के दर्शन करने के लिए जा रही थी, तभी रास्ते में उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई। बाइक के अनियंत्रित होने से महिला सड़क पर सीधे सिर के बल जा गिरी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे इलाज के लिए कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतका कोटा के रोजड़ी की निवासी थी और उसकी शादी को महज दो महीने ही हुए थे।1
- कोटा में आयोजित ट्रिपल आईआईटी के 5वें दीक्षांत समारोह के दौरान लोकसभा स्पीकर और कोटा-बूंदी के सांसद ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में उन्होंने 203 से अधिक छात्रों को उनकी डिग्रियां प्रदान कीं। समारोह को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कोटा को 25 हजार छात्रों का कैंपस बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि अब उनके लिए देश सेवा का समय है।1
- कोटा के जंगली शाह बाबा स्थित महफिल खाना में मखदूम अलाउल हक फाउंडेशन ऑफ राजस्थान की ओर से सूफी संत हजरत सैयद मखदूम अशरफ जहाँगीर सिम्नानी का 66वाँ उर्स शरीफ और रूहानी तरबियती कैम्प पूरी अकीदत के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन के साथ हुई, जिसके बाद उलेमा-ए-किराम ने सूफी संत की तालीमात के माध्यम से इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारे के संदेश पर प्रकाश डाला। इस आयोजन के मुख्य वक्ता शहजादा-ए-शेख-ए-तरीकत हजरत सैयद मोहम्मद जिलानी अशरफ पीर सैयद हुसैनी मियां साहब किछौछावी रहे, जिन्होंने समाज को नशा, जुआ और अन्य बुराइयों से दूर रहने का आह्वान किया। नात-ए-पाक और मनक़बत के दौर से पूरी महफिल रूहानियत से सराबोर रही। कार्यक्रम के समापन पर मौलाना मोहम्मद अलाउद्दीन अशरफी ने सभी का आभार व्यक्त किया और मुल्क में अमन, भाईचारे व खुशहाली की दुआ के साथ लंगर का आयोजन किया गया।1
- कोटा स्थित श्री कर्णेश्वर महादेव स्मृति वन में स्वर्गीय श्रवण लाल मीणा हनुवत खेड़ा की पुण्यतिथि के अवसर पर एक सघन पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में चिकित्सकों, पर्यावरण प्रेमियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मेडिकल कॉलेज कोटा के अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. आर.पी. मीणा ने जानकारी दी कि ईएसआई हॉस्पिटल की प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. अर्चना मीणा ने अपने पूरे परिवार के साथ इस अभियान में हिस्सा लिया। उनके साथ वरिष्ठ जन कल्याण समिति, गायत्री परिवार और स्काउट्स के सदस्य भी शामिल रहे। इस अवसर पर सभी ने न केवल पौधे लगाए, बल्कि उनके वृक्ष बनने तक नियमित देखभाल और सुरक्षा करने का संकल्प लिया। साथ ही, कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के नारे भी लगाए गए। कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी यज्ञदत्त हाड़ा और पर्यावरणविद ब्रजेश विजयवर्गीय ने किया, जिन्होंने उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। समापन पर डॉ. आर.पी. मीणा के सुपुत्र सार्थक मीणा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में शंकर आस्कंदानी, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. जागृति, प्रदीप कुमार, डॉ. संजय डाकड़, मूलचंद और केसरीलाल सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और पौधारोपण किया।1
- बूंदी जिले के एक पूर्व सरपंच ने अपने घर का खर्च चलाने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार, आर्थिक तंगी से जूझ रहे पूर्व सरपंच ने गुजर-बसर के लिए यह कदम उठाया।1
- फलोदी बस हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कोटा में निजी स्लीपर बसों के खिलाफ दूसरे दिन भी सघन अभियान चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने हाईवे पर उतरकर बसों की सघन जांच की। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान बाबू ट्रेवल्स और जाखड़ ट्रेवल्स की बसों को सीज कर दिया गया, जबकि अन्य कई बसों के चालान भी काटे गए। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और नियमों के अनुपालन के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।1
- सुप्रीम कोर्ट में उस समय एक अप्रत्याशित और नाटकीय स्थिति पैदा हो गई, जब लखनऊ निवासी प्रबल प्रताप नामक एक व्यक्ति ने अदालत में जज के सामने खुद को आदेश देने वाली स्थिति में रखा। इस दौरान आरोपी ने 'न्यायिक सेवक महोदय' को संबोधित करते हुए लखनऊ के एसीपी विकास नगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। जब जज ने इस पर स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा कि क्या वह अदालत को आदेश देगा, तो प्रबल प्रताप ने अपनी बात पर जोर देते हुए 'जी हां ऑर्डर' कहा। स्थिति तब और बिगड़ गई जब उसने अपने हाथ में रखे सभी दस्तावेज हवा में उछालकर कोर्ट रूम के भीतर फेंक दिए। इस घटना के अंत में आरोपी ने सीजेआई के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अभद्र टिप्पणी भी की।1