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सुप्रीम कोर्ट में उस समय एक अप्रत्याशित और नाटकीय स्थिति पैदा हो गई, जब लखनऊ निवासी प्रबल प्रताप नामक एक व्यक्ति ने अदालत में जज के सामने खुद को आदेश देने वाली स्थिति में रखा। इस दौरान आरोपी ने 'न्यायिक सेवक महोदय' को संबोधित करते हुए लखनऊ के एसीपी विकास नगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। जब जज ने इस पर स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा कि क्या वह अदालत को आदेश देगा, तो प्रबल प्रताप ने अपनी बात पर जोर देते हुए 'जी हां ऑर्डर' कहा। स्थिति तब और बिगड़ गई जब उसने अपने हाथ में रखे सभी दस्तावेज हवा में उछालकर कोर्ट रूम के भीतर फेंक दिए। इस घटना के अंत में आरोपी ने सीजेआई के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अभद्र टिप्पणी भी की।
Ahmed Siraj Farooqi
सुप्रीम कोर्ट में उस समय एक अप्रत्याशित और नाटकीय स्थिति पैदा हो गई, जब लखनऊ निवासी प्रबल प्रताप नामक एक व्यक्ति ने अदालत में जज के सामने खुद को आदेश देने वाली स्थिति में रखा। इस दौरान आरोपी ने 'न्यायिक सेवक महोदय' को संबोधित करते हुए लखनऊ के एसीपी विकास नगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। जब जज ने इस पर स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा कि क्या वह अदालत को आदेश देगा, तो प्रबल प्रताप ने अपनी बात पर जोर देते हुए 'जी हां ऑर्डर' कहा। स्थिति तब और बिगड़ गई जब उसने अपने हाथ में रखे सभी दस्तावेज हवा में उछालकर कोर्ट रूम के भीतर फेंक दिए। इस घटना के अंत में आरोपी ने सीजेआई के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अभद्र टिप्पणी भी की।
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- सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान एक हाई-प्रोफाइल हंगामा देखने को मिला, जिसमें एक वकील ने सीजेआई के प्रति अपशब्दों का प्रयोग किया। जिस समय यह घटना घटी, सीजेआई कोर्ट रूम में मौजूद नहीं थे। यह वाकया जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के समक्ष हुआ। हंगामे के तुरंत बाद, कोर्ट के आदेश पर सुरक्षा कर्मियों ने उस वकील को बाहर निकाल दिया। इसके बाद दिल्ली पुलिस उसे पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है। इस घटना के संदर्भ में यह टिप्पणी की गई है कि जब संवैधानिक संस्थाएं आमजन के बजाय सरकार की पैरोकार बन जाती हैं, तब न्यायपालिका ही एकमात्र उम्मीद शेष रहती है। हालांकि, न्यायपालिका के भी समझौता करने की स्थिति में इस तरह की घटनाएं स्वाभाविक हैं। अफसोस जताया गया है कि वर्तमान सरकार ने हर संस्था की साख को अपने जैसा बना लिया है।1
- कोटा के पीडब्ल्यूडी (PWD) कोटा जोन कैंपस में साफ-सफाई और मरम्मत कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कैंपस में फैली गंदगी का आलम यह है कि यहां चारों तरफ कचरे का अंबार लगा हुआ है और टॉयलेट तक की सफाई नहीं की जाती है। इन व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सिटी डिवीजन के अधीन है, जिसके बावजूद परिसर की स्थिति दयनीय बनी हुई है। आरोप है कि साफ-सफाई और मरम्मत के नाम पर विभाग को लाखों रुपये का बजट मिलता है, लेकिन यह राशि कहाँ खर्च हो रही है, इसका कोई अता-पता नहीं है। सुरक्षा को लेकर भी भारी लापरवाही बरती जा रही है; कैंपस में शराब की खाली बोतलें मिली हैं, जो यह दर्शाती हैं कि परिसर का उपयोग शराब पीने के लिए भी किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि रात के समय यहां चौकीदार भी तैनात रहता है, फिर भी ऐसी गतिविधियां बेरोकटोक जारी हैं।3
- कोटा के सोगरिया स्थित गिर्राज धाम कॉलोनी में शुक्रवार को श्री शिव महापुराण दिव्य कथा का भव्य कलश यात्रा के साथ आगाज हुआ। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया, जहाँ भगवान शिव के जयकारों से पूरा नगर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। कथा के पहले दिन पंडित पवन तिवारी ने देवराज, बिन्दुक और चंचूला की कथा का वर्णन किया। उन्होंने उपस्थित भक्तों को शिव महापुराण सुनने के धार्मिक महत्व और इसके नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने सभी से श्रद्धा और पूर्ण अनुशासन के साथ कथा में शामिल होने का आग्रह किया। आयोजक रेखा जी और आशा जी ने बताया कि यह कथा प्रतिदिन दोपहर 1:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। आयोजकों ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।1
- कोटा के 80 फीट रोड स्थित अहलूवालिया मॉल के समीप बन रहे भाजपा के नवीन जिला कार्यालय भवन का गुरुवार को शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और कार्य की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह भवन आने वाले समय में भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल राठौर ने इस कार्यालय भवन का शिलान्यास किया था, जिसके बाद से ही निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है।1
- बूंदी जिले के एक पूर्व सरपंच ने अपने घर का खर्च चलाने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार, आर्थिक तंगी से जूझ रहे पूर्व सरपंच ने गुजर-बसर के लिए यह कदम उठाया।1
- राजस्थान के बूंदी जिले के केशोरायपाटन क्षेत्र में बारिश के चलते बुआई का कार्य शुरू हो गया है। स्थानीय किसानों की ओर से सांवरिया सेठ जी से प्रार्थना की जा रही है कि वे अपनी कृपा बनाए रखें और बारिश का क्रम जारी रखते हुए किसानों का ख्याल रखें।1
- फलोदी बस हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कोटा में निजी स्लीपर बसों के खिलाफ दूसरे दिन भी सघन अभियान चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने हाईवे पर उतरकर बसों की सघन जांच की। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान बाबू ट्रेवल्स और जाखड़ ट्रेवल्स की बसों को सीज कर दिया गया, जबकि अन्य कई बसों के चालान भी काटे गए। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और नियमों के अनुपालन के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।1
- राजस्थान के कोटा और बूंदी जिलों के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। बूंदी और के. पाटन क्षेत्र के किसानों को अब गांधी सागर बांध से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर यह पहला मौका है जब मध्य प्रदेश सरकार सीधे कोटा-बूंदी के किसानों के लिए सिंचाई हेतु पानी छोड़ेगी। इस समाधान तक पहुंचने की प्रक्रिया तब शुरू हुई जब बड़ी संख्या में बूंदी और के. पाटन के किसानों ने कल ओम बिरला से मुलाकात की थी। किसानों ने नहरी पानी की कमी के कारण अपनी फसलों को हो रहे नुकसान की जानकारी दी थी। उनकी इस चिंता को गंभीरता से लेते हुए ओम बिरला ने जल संसाधन मंत्री और मध्य प्रदेश सरकार से वार्ता की, जिसके बाद यह रास्ता साफ हो सका। आज शाम से ही किसानों को गांधी सागर का पानी मिलना शुरू हो जाएगा, जिसे किसानों के हित में ओम बिरला की एक संवेदनशील पहल के रूप में देखा जा रहा है।1
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बूंदी जिले के लबान इंटरचेंज के पास एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जहाँ टायर फटने के कारण एक तेज रफ्तार ट्रोला अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और बड़ा हादसा टल गया। उल्लेखनीय है कि इस घटना स्थल से महज दो दिन पहले ही केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दरा टनल तक के मार्ग का निरीक्षण किया था। दुर्घटना के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल रहा, हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।1