राजस्थान के कोटा और बूंदी जिलों के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। बूंदी और के. पाटन क्षेत्र के किसानों को अब गांधी सागर बांध से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर यह पहला मौका है जब मध्य प्रदेश सरकार सीधे कोटा-बूंदी के किसानों के लिए सिंचाई हेतु पानी छोड़ेगी। इस समाधान तक पहुंचने की प्रक्रिया तब शुरू हुई जब बड़ी संख्या में बूंदी और के. पाटन के किसानों ने कल ओम बिरला से मुलाकात की थी। किसानों ने नहरी पानी की कमी के कारण अपनी फसलों को हो रहे नुकसान की जानकारी दी थी। उनकी इस चिंता को गंभीरता से लेते हुए ओम बिरला ने जल संसाधन मंत्री और मध्य प्रदेश सरकार से वार्ता की, जिसके बाद यह रास्ता साफ हो सका। आज शाम से ही किसानों को गांधी सागर का पानी मिलना शुरू हो जाएगा, जिसे किसानों के हित में ओम बिरला की एक संवेदनशील पहल के रूप में देखा जा रहा है।
राजस्थान के कोटा और बूंदी जिलों के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। बूंदी और के. पाटन क्षेत्र के किसानों को अब गांधी सागर बांध से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर यह पहला मौका है जब मध्य प्रदेश सरकार सीधे कोटा-बूंदी के किसानों के लिए सिंचाई हेतु पानी छोड़ेगी। इस समाधान तक पहुंचने की प्रक्रिया तब शुरू हुई जब बड़ी संख्या में बूंदी और के. पाटन के किसानों ने कल ओम बिरला से मुलाकात की थी। किसानों ने नहरी पानी की कमी के कारण अपनी फसलों को हो रहे नुकसान की जानकारी दी थी। उनकी इस चिंता को गंभीरता से लेते हुए ओम बिरला ने जल संसाधन मंत्री और मध्य प्रदेश सरकार से वार्ता की, जिसके बाद यह रास्ता साफ हो सका। आज शाम से ही किसानों को गांधी सागर का पानी मिलना शुरू हो जाएगा, जिसे किसानों के हित में ओम बिरला की एक संवेदनशील पहल के रूप में देखा जा रहा है।
- कोटा के पीडब्ल्यूडी (PWD) कोटा जोन कैंपस में साफ-सफाई और मरम्मत कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कैंपस में फैली गंदगी का आलम यह है कि यहां चारों तरफ कचरे का अंबार लगा हुआ है और टॉयलेट तक की सफाई नहीं की जाती है। इन व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सिटी डिवीजन के अधीन है, जिसके बावजूद परिसर की स्थिति दयनीय बनी हुई है। आरोप है कि साफ-सफाई और मरम्मत के नाम पर विभाग को लाखों रुपये का बजट मिलता है, लेकिन यह राशि कहाँ खर्च हो रही है, इसका कोई अता-पता नहीं है। सुरक्षा को लेकर भी भारी लापरवाही बरती जा रही है; कैंपस में शराब की खाली बोतलें मिली हैं, जो यह दर्शाती हैं कि परिसर का उपयोग शराब पीने के लिए भी किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि रात के समय यहां चौकीदार भी तैनात रहता है, फिर भी ऐसी गतिविधियां बेरोकटोक जारी हैं।3
- कोटा के सोगरिया स्थित गिर्राज धाम कॉलोनी में शुक्रवार को श्री शिव महापुराण दिव्य कथा का भव्य कलश यात्रा के साथ आगाज हुआ। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया, जहाँ भगवान शिव के जयकारों से पूरा नगर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। कथा के पहले दिन पंडित पवन तिवारी ने देवराज, बिन्दुक और चंचूला की कथा का वर्णन किया। उन्होंने उपस्थित भक्तों को शिव महापुराण सुनने के धार्मिक महत्व और इसके नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने सभी से श्रद्धा और पूर्ण अनुशासन के साथ कथा में शामिल होने का आग्रह किया। आयोजक रेखा जी और आशा जी ने बताया कि यह कथा प्रतिदिन दोपहर 1:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। आयोजकों ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।1
- कोटा के 80 फीट रोड स्थित अहलूवालिया मॉल के समीप बन रहे भाजपा के नवीन जिला कार्यालय भवन का गुरुवार को शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और कार्य की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह भवन आने वाले समय में भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल राठौर ने इस कार्यालय भवन का शिलान्यास किया था, जिसके बाद से ही निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है।1
- आकाश इंस्टीट्यूट को राजस्थान में NEET और JEE परीक्षाओं की तैयारी के लिए सबसे बेहतर संस्थान बताया गया है।2
- राजस्थान के बूंदी जिले के केशोरायपाटन क्षेत्र में बारिश के चलते बुआई का कार्य शुरू हो गया है। स्थानीय किसानों की ओर से सांवरिया सेठ जी से प्रार्थना की जा रही है कि वे अपनी कृपा बनाए रखें और बारिश का क्रम जारी रखते हुए किसानों का ख्याल रखें।1
- राजस्थान में राज्य पात्रता परीक्षा (SET) उत्तीर्ण करने वाले स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत भरी खबर सामने आई है। कोटा यूनिवर्सिटी ने अब नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (NET) की तर्ज पर SET पास उम्मीदवारों को सीधे पीएचडी में प्रवेश देने की मांग उठाई है। इस बदलाव के लिए परीक्षा आयोजक कोटा यूनिवर्सिटी ने राज्य सरकार और यूजीसी (UGC) को पत्र लिखकर इसकी पुरजोर वकालत की है। इस संबंध में कोटा यूनिवर्सिटी के कुलगुरु ने जानकारी दी है कि उन्होंने इस मांग को लेकर आधिकारिक पत्राचार किया है और उन्हें सरकार एवं यूजीसी से एक सकारात्मक निर्णय आने की पूरी उम्मीद है।1
- कोटा में अभी मानसून की बारिश का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। मानसून के सक्रिय होने के बाद हालांकि छिटपुट बारिश दर्ज की गई है, लेकिन इस मामूली बारिश ने ही जनजीवन को बेहाल कर दिया है। विशेष रूप से डकनिया-गोविंद नगर रेलवे अंडरपास में पानी भर गया है, जिसके कारण वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- राजस्थान के कोटा और बूंदी जिलों के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। बूंदी और के. पाटन क्षेत्र के किसानों को अब गांधी सागर बांध से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर यह पहला मौका है जब मध्य प्रदेश सरकार सीधे कोटा-बूंदी के किसानों के लिए सिंचाई हेतु पानी छोड़ेगी। इस समाधान तक पहुंचने की प्रक्रिया तब शुरू हुई जब बड़ी संख्या में बूंदी और के. पाटन के किसानों ने कल ओम बिरला से मुलाकात की थी। किसानों ने नहरी पानी की कमी के कारण अपनी फसलों को हो रहे नुकसान की जानकारी दी थी। उनकी इस चिंता को गंभीरता से लेते हुए ओम बिरला ने जल संसाधन मंत्री और मध्य प्रदेश सरकार से वार्ता की, जिसके बाद यह रास्ता साफ हो सका। आज शाम से ही किसानों को गांधी सागर का पानी मिलना शुरू हो जाएगा, जिसे किसानों के हित में ओम बिरला की एक संवेदनशील पहल के रूप में देखा जा रहा है।1
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बूंदी जिले के लबान इंटरचेंज के पास एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जहाँ टायर फटने के कारण एक तेज रफ्तार ट्रोला अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और बड़ा हादसा टल गया। उल्लेखनीय है कि इस घटना स्थल से महज दो दिन पहले ही केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दरा टनल तक के मार्ग का निरीक्षण किया था। दुर्घटना के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल रहा, हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।1