फ्लाई ऐश डम्पर की टक्कर से 4 गोवंश की मौत, आक्रोशित नागरिकों ने किया चक्का जाम गोवंश सुरक्षा, वाहन चालकों की जांच और डम्पर चालकों के भुगतान की व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग साईखेड़ा/गाडरवारा। साईखेड़ा तहसील क्षेत्र के सेठान तिराहे के पास NTPC फ्लाई ऐश परिवहन में लगे एक डम्पर की टक्कर से छह गोवंश दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हादसे में चार गायों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो गोवंश गंभीर एवं मरणासन्न स्थिति में पाए गए। घटना के बाद क्षेत्र के नागरिकों, गोभक्तों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। आक्रोशित नागरिकों ने मौके पर शांतिपूर्ण चक्का जाम कर प्रशासन के समक्ष गोवंश की सुरक्षा तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग रखी। उपस्थित नागरिकों ने बताया कि दुर्घटना में घायल दो गोवंश की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। उनका तत्काल उपचार कराया गया तथा उन्हें निकटतम गौशाला में भेजने की व्यवस्था की गई। जिले की 81 गौशालाओं में गोवंश के लिए तत्काल व्यवस्था की मांग नागरिकों एवं गोभक्तों ने मांग की कि सड़क पर बेसहारा घूम रहे गोवंश को तत्काल सुरक्षित एवं सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराया जाए तथा जिले में संचालित 81 गौशालाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि गोवंश को सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर न होना पड़े और दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके। वाहन चालकों की 24×7 नशामुक्ति जांच की मांग क्षेत्रवासियों ने फ्लाई ऐश एवं अन्य भारी वाहनों के चालकों की 24×7 नशे की जांच व्यवस्था लागू करने की मांग की। नागरिकों का कहना है कि भारी वाहनों के चालकों की नियमित जांच होने से नशे की हालत में वाहन चलाने तथा उससे होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। डम्पर चालकों को प्रति ट्रिप भुगतान के बजाय दैनिक वेतन देने की मांग नागरिकों ने फ्लाई ऐश परिवहन में लगे डम्पर चालकों के भुगतान की व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने शासन से मांग की कि वाहन मालिकों को निर्देशित किया जाए कि चालकों को प्रति ट्रिप के आधार पर भुगतान करने के बजाय दैनिक वेतन/निश्चित पारिश्रमिक की व्यवस्था की जाए। उपस्थित लोगों का कहना है कि यदि चालक को अधिक ट्रिप लगाने पर अधिक भुगतान मिलता है, तो अधिक ट्रिप पूरी करने की होड़ में कई बार वाहन तेज गति से चलाए जाने की आशंका रहती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ट्रिप आधारित भुगतान व्यवस्था की समीक्षा कर सुरक्षित एवं निश्चित वेतन व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। साईखेड़ा थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर लिया संज्ञान घटना की जानकारी मिलते ही साईखेड़ा थाना प्रभारी तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरे मामले का संज्ञान लिया। थाना प्रभारी द्वारा घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा गोवंश से संबंधित समस्याओं के तत्काल निराकरण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक, गोभक्त एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने स्पष्ट कहा कि गोवंश की सुरक्षा केवल भावनात्मक विषय नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रमुख मांगें - दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। - घायल गोवंश का समुचित उपचार एवं सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। - जिले की 81 गौशालाओं में गोवंश के लिए तत्काल पर्याप्त एवं सम्मानजनक व्यवस्था की जाए। - भारी वाहन चालकों की 24×7 नशे की जांच की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। - फ्लाई ऐश परिवहन करने वाले डम्पर चालकों के लिए प्रति ट्रिप भुगतान के स्थान पर दैनिक वेतन/निश्चित पारिश्रमिक की व्यवस्था लागू करने हेतु वाहन मालिकों को शासन स्तर से दिशा-निर्देश दिए जाएं। - तेज रफ्तार एवं लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए भारी वाहनों की निगरानी और गति नियंत्रण की व्यवस्था की जाए। - सड़क पर विचरण करने वाले गोवंश के लिए स्थायी एवं सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नागरिकों ने और गौभक्तो के द्वारा प्रशासन मांग की है कि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर गोवंश एवं आम नागरिकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रेस विज्ञप्ति फ्लाई ऐश डम्पर की टक्कर से 4 गोवंश की मौत, आक्रोशित नागरिकों ने किया चक्का जाम गोवंश सुरक्षा, वाहन चालकों की जांच और डम्पर चालकों के भुगतान की व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग साईखेड़ा/गाडरवारा। साईखेड़ा तहसील क्षेत्र के सेठान तिराहे के पास NTPC फ्लाई ऐश परिवहन में लगे एक डम्पर की टक्कर से छह गोवंश दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हादसे में चार गायों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो गोवंश गंभीर एवं मरणासन्न स्थिति में पाए गए। घटना के बाद क्षेत्र के नागरिकों, गोभक्तों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। आक्रोशित नागरिकों ने मौके पर शांतिपूर्ण चक्का जाम कर प्रशासन के समक्ष गोवंश की सुरक्षा तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग रखी। उपस्थित नागरिकों ने बताया कि दुर्घटना में घायल दो गोवंश की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। उनका तत्काल उपचार कराया गया तथा उन्हें निकटतम गौशाला में भेजने की व्यवस्था की गई। जिले की 81 गौशालाओं में गोवंश के लिए तत्काल व्यवस्था की मांग नागरिकों एवं गोभक्तों ने मांग की कि सड़क पर बेसहारा घूम रहे गोवंश को तत्काल सुरक्षित एवं सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराया जाए तथा जिले में संचालित 81 गौशालाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि गोवंश को सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर न होना पड़े और दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके। वाहन चालकों की 24×7 नशामुक्ति जांच की मांग क्षेत्रवासियों ने फ्लाई ऐश एवं अन्य भारी वाहनों के चालकों की 24×7 नशे की जांच व्यवस्था लागू करने की मांग की। नागरिकों का कहना है कि भारी वाहनों के चालकों की नियमित जांच होने से नशे की हालत में वाहन चलाने तथा उससे होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। डम्पर चालकों को प्रति ट्रिप भुगतान के बजाय दैनिक वेतन देने की मांग नागरिकों ने फ्लाई ऐश परिवहन में लगे डम्पर चालकों के भुगतान की व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने शासन से मांग की कि वाहन मालिकों को निर्देशित किया जाए कि चालकों को प्रति ट्रिप के आधार पर भुगतान करने के बजाय दैनिक वेतन/निश्चित पारिश्रमिक की व्यवस्था की जाए। उपस्थित लोगों का कहना है कि यदि चालक को अधिक ट्रिप लगाने पर अधिक भुगतान मिलता है, तो अधिक ट्रिप पूरी करने की होड़ में कई बार वाहन तेज गति से चलाए जाने की आशंका रहती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ट्रिप आधारित भुगतान व्यवस्था की समीक्षा कर सुरक्षित एवं निश्चित वेतन व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। साईखेड़ा थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर लिया संज्ञान घटना की जानकारी मिलते ही साईखेड़ा थाना प्रभारी तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरे मामले का संज्ञान लिया। थाना प्रभारी द्वारा घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा गोवंश से संबंधित समस्याओं के तत्काल निराकरण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक, गोभक्त एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने स्पष्ट कहा कि गोवंश की सुरक्षा केवल भावनात्मक विषय नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रमुख मांगें - दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। - घायल गोवंश का समुचित उपचार एवं सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। - जिले की 81 गौशालाओं में गोवंश के लिए तत्काल पर्याप्त एवं सम्मानजनक व्यवस्था की जाए। - भारी वाहन चालकों की 24×7 नशे की जांच की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। - फ्लाई ऐश परिवहन करने वाले डम्पर चालकों के लिए प्रति ट्रिप भुगतान के स्थान पर दैनिक वेतन/निश्चित पारिश्रमिक की व्यवस्था लागू करने हेतु वाहन मालिकों को शासन स्तर से दिशा-निर्देश दिए जाएं। - तेज रफ्तार एवं लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए भारी वाहनों की निगरानी और गति नियंत्रण की व्यवस्था की जाए। - सड़क पर विचरण करने वाले गोवंश के लिए स्थायी एवं सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नागरिकों ने और गौभक्तो के द्वारा प्रशासन मांग की है कि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर गोवंश एवं आम नागरिकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फ्लाई ऐश डम्पर की टक्कर से 4 गोवंश की मौत, आक्रोशित नागरिकों ने किया चक्का जाम गोवंश सुरक्षा, वाहन चालकों की जांच और डम्पर चालकों के भुगतान की व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग साईखेड़ा/गाडरवारा। साईखेड़ा तहसील क्षेत्र के सेठान तिराहे के पास NTPC फ्लाई ऐश परिवहन में लगे एक डम्पर की टक्कर से छह गोवंश दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हादसे में चार गायों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो गोवंश गंभीर एवं मरणासन्न स्थिति में पाए गए। घटना के बाद क्षेत्र के नागरिकों, गोभक्तों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। आक्रोशित नागरिकों ने मौके पर शांतिपूर्ण चक्का जाम कर प्रशासन के समक्ष गोवंश की सुरक्षा तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग रखी। उपस्थित नागरिकों ने बताया कि दुर्घटना में घायल दो गोवंश की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। उनका तत्काल उपचार कराया गया तथा उन्हें निकटतम गौशाला में भेजने की व्यवस्था की गई। जिले की 81 गौशालाओं में गोवंश के लिए तत्काल व्यवस्था की मांग नागरिकों एवं गोभक्तों ने मांग की कि सड़क पर बेसहारा घूम रहे गोवंश को तत्काल सुरक्षित एवं सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराया जाए तथा जिले में संचालित 81 गौशालाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि गोवंश को सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर न होना पड़े और दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके। वाहन चालकों की 24×7 नशामुक्ति जांच की
मांग क्षेत्रवासियों ने फ्लाई ऐश एवं अन्य भारी वाहनों के चालकों की 24×7 नशे की जांच व्यवस्था लागू करने की मांग की। नागरिकों का कहना है कि भारी वाहनों के चालकों की नियमित जांच होने से नशे की हालत में वाहन चलाने तथा उससे होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। डम्पर चालकों को प्रति ट्रिप भुगतान के बजाय दैनिक वेतन देने की मांग नागरिकों ने फ्लाई ऐश परिवहन में लगे डम्पर चालकों के भुगतान की व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने शासन से मांग की कि वाहन मालिकों को निर्देशित किया जाए कि चालकों को प्रति ट्रिप के आधार पर भुगतान करने के बजाय दैनिक वेतन/निश्चित पारिश्रमिक की व्यवस्था की जाए। उपस्थित लोगों का कहना है कि यदि चालक को अधिक ट्रिप लगाने पर अधिक भुगतान मिलता है, तो अधिक ट्रिप पूरी करने की होड़ में कई बार वाहन तेज गति से चलाए जाने की आशंका रहती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ट्रिप आधारित भुगतान व्यवस्था की समीक्षा कर सुरक्षित एवं निश्चित वेतन व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। साईखेड़ा थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर लिया संज्ञान घटना की जानकारी मिलते ही साईखेड़ा थाना प्रभारी तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरे मामले का संज्ञान लिया। थाना प्रभारी द्वारा घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा गोवंश
से संबंधित समस्याओं के तत्काल निराकरण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक, गोभक्त एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने स्पष्ट कहा कि गोवंश की सुरक्षा केवल भावनात्मक विषय नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रमुख मांगें - दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। - घायल गोवंश का समुचित उपचार एवं सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। - जिले की 81 गौशालाओं में गोवंश के लिए तत्काल पर्याप्त एवं सम्मानजनक व्यवस्था की जाए। - भारी वाहन चालकों की 24×7 नशे की जांच की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। - फ्लाई ऐश परिवहन करने वाले डम्पर चालकों के लिए प्रति ट्रिप भुगतान के स्थान पर दैनिक वेतन/निश्चित पारिश्रमिक की व्यवस्था लागू करने हेतु वाहन मालिकों को शासन स्तर से दिशा-निर्देश दिए जाएं। - तेज रफ्तार एवं लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए भारी वाहनों की निगरानी और गति नियंत्रण की व्यवस्था की जाए। - सड़क पर विचरण करने वाले गोवंश के लिए स्थायी एवं सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नागरिकों ने और गौभक्तो के द्वारा प्रशासन मांग की है कि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर गोवंश एवं आम नागरिकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रेस विज्ञप्ति फ्लाई ऐश
डम्पर की टक्कर से 4 गोवंश की मौत, आक्रोशित नागरिकों ने किया चक्का जाम गोवंश सुरक्षा, वाहन चालकों की जांच और डम्पर चालकों के भुगतान की व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग साईखेड़ा/गाडरवारा। साईखेड़ा तहसील क्षेत्र के सेठान तिराहे के पास NTPC फ्लाई ऐश परिवहन में लगे एक डम्पर की टक्कर से छह गोवंश दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हादसे में चार गायों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो गोवंश गंभीर एवं मरणासन्न स्थिति में पाए गए। घटना के बाद क्षेत्र के नागरिकों, गोभक्तों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। आक्रोशित नागरिकों ने मौके पर शांतिपूर्ण चक्का जाम कर प्रशासन के समक्ष गोवंश की सुरक्षा तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग रखी। उपस्थित नागरिकों ने बताया कि दुर्घटना में घायल दो गोवंश की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। उनका तत्काल उपचार कराया गया तथा उन्हें निकटतम गौशाला में भेजने की व्यवस्था की गई। जिले की 81 गौशालाओं में गोवंश के लिए तत्काल व्यवस्था की मांग नागरिकों एवं गोभक्तों ने मांग की कि सड़क पर बेसहारा घूम रहे गोवंश को तत्काल सुरक्षित एवं सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराया जाए तथा जिले में संचालित 81 गौशालाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि गोवंश को सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर न होना पड़े और दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके। वाहन चालकों की 24×7 नशामुक्ति जांच की मांग क्षेत्रवासियों ने
फ्लाई ऐश एवं अन्य भारी वाहनों के चालकों की 24×7 नशे की जांच व्यवस्था लागू करने की मांग की। नागरिकों का कहना है कि भारी वाहनों के चालकों की नियमित जांच होने से नशे की हालत में वाहन चलाने तथा उससे होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। डम्पर चालकों को प्रति ट्रिप भुगतान के बजाय दैनिक वेतन देने की मांग नागरिकों ने फ्लाई ऐश परिवहन में लगे डम्पर चालकों के भुगतान की व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने शासन से मांग की कि वाहन मालिकों को निर्देशित किया जाए कि चालकों को प्रति ट्रिप के आधार पर भुगतान करने के बजाय दैनिक वेतन/निश्चित पारिश्रमिक की व्यवस्था की जाए। उपस्थित लोगों का कहना है कि यदि चालक को अधिक ट्रिप लगाने पर अधिक भुगतान मिलता है, तो अधिक ट्रिप पूरी करने की होड़ में कई बार वाहन तेज गति से चलाए जाने की आशंका रहती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ट्रिप आधारित भुगतान व्यवस्था की समीक्षा कर सुरक्षित एवं निश्चित वेतन व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। साईखेड़ा थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर लिया संज्ञान घटना की जानकारी मिलते ही साईखेड़ा थाना प्रभारी तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरे मामले का संज्ञान लिया। थाना प्रभारी द्वारा घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा गोवंश से संबंधित
समस्याओं के तत्काल निराकरण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक, गोभक्त एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने स्पष्ट कहा कि गोवंश की सुरक्षा केवल भावनात्मक विषय नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रमुख मांगें - दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। - घायल गोवंश का समुचित उपचार एवं सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। - जिले की 81 गौशालाओं में गोवंश के लिए तत्काल पर्याप्त एवं सम्मानजनक व्यवस्था की जाए। - भारी वाहन चालकों की 24×7 नशे की जांच की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। - फ्लाई ऐश परिवहन करने वाले डम्पर चालकों के लिए प्रति ट्रिप भुगतान के स्थान पर दैनिक वेतन/निश्चित पारिश्रमिक की व्यवस्था लागू करने हेतु वाहन मालिकों को शासन स्तर से दिशा-निर्देश दिए जाएं। - तेज रफ्तार एवं लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए भारी वाहनों की निगरानी और गति नियंत्रण की व्यवस्था की जाए। - सड़क पर विचरण करने वाले गोवंश के लिए स्थायी एवं सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नागरिकों ने और गौभक्तो के द्वारा प्रशासन मांग की है कि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर गोवंश एवं आम नागरिकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
- पखांजुर- उजियारा अभियान के तहत बांदे पुलिस की बड़ी कार्यवाही1
- पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर ईद-मिलादुन्नबी का पर्व बुधवार को करेली क्षेत्र में पूरे हर्षोल्लास, अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर पूरे शहर में मुस्लिम समाज द्वारा विशेष तैयारियां की गई थीं। त्योहार के मद्देनजर क्षेत्र की मस्जिदों और प्रमुख मार्गों को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया गया था। मस्जिदों को मस्जिद-ए-नबवी की तर्ज पर हरे झंडों और आकर्षक रोशनी (लाइटिंग) से सजाया गया, जो देखते ही बन रहा था। *_करेली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ईद-मिलादुन्नबी का पर्व, गूंजा अमन और भाईचारे का पैगाम_* 🎥 करेली (नरसिंहपुर): पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर ईद-मिलादुन्नबी का पर्व बुधवार को करेली क्षेत्र में पूरे हर्षोल्लास, अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर पूरे शहर में मुस्लिम समाज द्वारा विशेष तैयारियां की गई थीं। त्योहार के मद्देनजर क्षेत्र की मस्जिदों और प्रमुख मार्गों को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया गया था। मस्जिदों को मस्जिद-ए-नबवी की तर्ज पर हरे झंडों और आकर्षक रोशनी (लाइटिंग) से सजाया गया, जो देखते ही बन रहा था। *_एक्सप्रेस MP CG न्यूज़ _* *_मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ का सबसे उभरता और विश्वसनीय न्यूज़ नेटवर्क_* 🎥 *_हमारी पहचान: सच्ची ख़बरें, सटीक अंदाज़!_* ✍️ *_जिला संवाददाता: एन.पी. आशीष कुमार दुबे (नरसिंहपुर)_* *_ख़बरें और विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें:_* *_📲 9131583667 | 📲 7000336113_*4
- सड़क और पुल के अभाव में जान जोखिम में डालने को मजबूर खैरी के ग्रामीण, पानाझीर नदी पार करने को लेकर बनी रहती है अनहोनी की आशंका नरसिंहपुर / चांवरपाठा: जिले के चांवरपाठा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टेकापार के छोटे से गांव खैरी के ग्रामीणों को आज के इस आधुनिक युग में भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लगभग 150 की आबादी वाले इस गांव के लोगों को आवागमन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं गुजरना पड़ता। सड़क और पुल न होने के कारण ग्रामीण हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को विवश हैं। पक्की सड़क और पुल का है अभाव ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम खैरी से काचरकोना जाने के लिए लगभग 3 किलोमीटर का कच्चा रास्ता है, जो बारिश के दिनों में पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। वहीं दूसरी ओर, खैरी और इमलिया के बीच पानाझीर नदी पड़ती है। आवागमन के लिए कोई पक्का मार्ग या पुल न होने के कारण ग्रामीणों के सामने गंभीर संकट खड़ा रहता है। बारिश में और विकराल हो जाती है समस्या बरसात के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले लेती है। नदी में जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों के पास आवागमन का कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। मजबूरी में लोगों को उफनती नदी को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ता है। इस विकट स्थिति का सबसे बुरा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है, जो स्कूल तक नहीं पहुंच पाते। स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी पड़ रही प्रशासनिक लापरवाही सड़क और पुल के अभाव में सबसे बड़ी विडंबना स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है। आपातकालीन स्थिति में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना लोहे के चने चबाने जैसा साबित होता है। समय पर इलाज न मिलने से कई बार गंभीर परिस्थितियां बन जाती हैं। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय अस्पताल ले जाना परिजनों के लिए किसी बड़ी चिंता और बड़े जोखिम से कम नहीं होता। जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद भी सिफर रहा नतीजा ग्राम खैरी के रहवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय ग्राम पंचायत सरपंच से लेकर क्षेत्र के विधायक और सांसद तक कई बार गुहार लगाई है, लेकिन विडंबना यह है कि आश्वासन के सिवाय ग्रामीणों को अब तक कुछ नहीं मिला। समस्या का कोई स्थायी समाधान न होने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी और निराशा व्याप्त है। ग्रामीणों की प्रमुख मांगें पक्की सड़क का निर्माण: ग्राम खैरी से काचरकोना तक लगभग 3 किलोमीटर तक के मार्ग को पक्का बनाया जाए। पुल का निर्माण: खैरी और इमलिया के बीच स्थित पानाझीर नदी पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कराया जाए। तत्काल सुरक्षा प्रबंध: बरसात के मौसम में विद्यार्थियों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक व तात्कालिक व्यवस्था की जाए। स्थायी समाधान: संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और समस्या का त्वरित व स्थायी समाधान निकालें। यह केवल एक सड़क या पुल की मांग नहीं है, बल्कि यह ग्राम खैरी के नागरिकों के जीवन की सुरक्षा, नौनिहालों की शिक्षा और मरीजों व गर्भवती महिलाओं को समय पर जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का गंभीर सवाल है। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद शासन-प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि इस ओर कब तक सुध लेते हैं।2
- नरसिंहपुर - नगर में सजा राखियों का बाजार, स्टोन, ज़री और बच्चों के पसंदीदा कार्टून वाली राखियों की भारी डिमांड भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्तको मनाया जा रहा हैं।त्यौहार को लेकर नरसिंहपुर के बाजारों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और चारों तरफ रौनक छाई हुई है। इस वर्ष बाजार में पसंद के अनुसार राखियों का विशाल संग्रह उपलब्ध है।राखी दुकानदार ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राहकों के लिए स्टोन वाली राखियां, ज़री वाली राखियां, और पारंपरिक भैया-भाभी राखियां भारी मात्रा में उपलब्ध हैं। माताएं और बहनें इस बार विशेष रूप से स्टोन वर्क वाली राखियां और भैया-भाभी (जोड़ी) राखियां सबसे ज्यादा पसंद कर रही हैं। छोटे बच्चों के लिए स्पाइडरमैन, पोकेमॉन, और मोटू-पतलू जैसे कार्टून किरदारों वाली फैंसी राखियां बच्चों को बेहद आकर्षित कर रही हैं।1
- नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्ट स्काई इंडिया टीवी चैनल। सर्जन सेंटर में जो है स्पाइन मैनेजमेंट किया जाता है यह कंपनी 70 देश में चल रही है 22 सालों से चल रही है और हमारे इंडिया की बात करें तो इंडिया में सेरेजम के 530 सेंटर है ऐसे ही एक सेंटर हमारे शहर नरसिंहपुर में ओपन हुआ है जिसका एड्रेस है नगर पालिका चौराहा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी विजय कंपलेक्स रोटी पार्क के साइड में यहां पर स्पिन मैनेजमेंट किया जाता है और स्पिन मैनेजमेंट से हमारे जो सारे ऑर्गन्स एक्टिव होते हैं वह सारे ऑर्गन्स को एक्टिव करके ब्लड सर्कुलेशन को सही करता है जिससे काफी सारे मेंबर्स को यहां पर आराम मिला है और हम आप सभी से यह अपील करते हैं कि हमारा जो सेंटर है कि डेमो सेंटर सर्विस सेंटर है और इस डेमो का कोई पैसा नहीं लगता है तो यहां पर आप जरूर जरूर लिए धन्यवाद1
- प्रदीप शर्मा करेली न्यूज 24 Ind करेली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ईद-मिलादुन्नबी का पर्व, गूंजा अमन और भाईचारे का पैगाम 1
- करेली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ईद-मिलादुन्नबी, निकला भव्य जुलूस, गूंजा अमन-भाईचारे का पैगाम1
- सेठान चौराहे पर दर्दनाक हादसा: डंपर की चपेट में आईं 8 गौमाताएं, 6 की मौके पर मौत सेठान चौराहे पर दर्दनाक हादसा: डंपर की चपेट में आईं 8 गौमाताएं, 6 की मौके पर मौत साईंखेड़ा। बुधवार रात करीब 1 बजे सेठान चौराहे पर एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार डंपर ने सड़क पर मौजूद 8 गौमाताओं को कुचल दिया, जिसमें 6 गौमाताओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ हालत में सड़क पर तड़पती मिलीं। घटना के बाद मौके पर पहुंचे गौभक्तों और स्वयंसेवकों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने डंपरों को रोकना शुरू कर दिया। देखते ही देखते सेठान चौराहे पर करीब 50–60 डंपर खड़े हो गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने क्षेत्र के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लगातार आवागमन के कारण इस मार्ग पर पशुओं के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा भी खतरे में है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषी वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भारी वाहनों की गति व आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए। समाचार लिखे जाने तक घटना की आधिकारिक पुष्टि एवं पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई थी।1