मानवता शर्मसार कोचिंग संचालक ने पाइप से बच्चों को बेरहमी से पीटा शरीर पर पड़े नीले निशान। अवैध रूप से चल रहे ज्ञानदीप कोचिंग संस्थान में अनुशासन के नाम पर क्रूरता शिक्षा विभाग मौन। चन्दवारा (कोडरमा): तिलैया डैम ओपी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ज्ञानदीप कोचिंग संस्थान में शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली घटना सामने आई है। संस्थान के प्रिंसिपल अजय कुमार पर तीन मासूम छात्रों को प्लास्टिक के पाइप से बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। पिटाई इतनी खौफनाक थी कि बच्चों के शरीर पर गहरे नीले निशान उभर आए हैं। गाड़ी साफ न करने और मॉर्निंग वॉक पर जाने की मिली सजा। पीड़ित छात्रों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनकी गलती सिर्फ इतनी थी कि वे सुबह मॉर्निंग वॉक पर गए थे। छात्रों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि शिक्षक अक्सर उनसे अपनी निजी गाड़ी साफ करवाते थे। मना करने या काम में देरी होने पर शिक्षक ने अपना आपा खो दिया और बच्चों को लहूलुहान कर दिया। नियमों की धज्जियां बिना U-DISE रजिस्ट्रेशन के चल रहा संस्थान इस घटना ने स्थानीय शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कोचिंग संस्थान बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन (U-DISE नंबर) के अवैध रूप से संचालित हो रहा है। सवाल यह उठता है कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की नाक के नीचे बिना मान्यता के चल रहे इन संस्थानों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? जब इस संबंध में शिक्षक से फोन पर बात की गई, तो उन्होंने बिना किसी पछतावे के अपनी संलिप्तता स्वीकार की। शिक्षक का कहना था बच्चे बिना अनुमति के मॉर्निंग वॉक पर क्यों गए थे बदमाशी करेंगे तो मार खाएंगे ही, मैंने मारा है इस बात को स्वीकार करता हूँ। क्या कहता है कानून? भारत के संविधान और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) की धारा 17 के तहत, बच्चों को शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना देना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अलावा, जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट के तहत बच्चों के साथ क्रूरता करने पर जेल और जुर्माने का सख्त प्रावधान है। किसी भी शिक्षक को बच्चे पर हाथ उठाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। प्रशासन से कार्रवाई की मांग स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी शिक्षक के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए और अवैध रूप से चल रहे इस कोचिंग संस्थान को सील किया जाए।
मानवता शर्मसार कोचिंग संचालक ने पाइप से बच्चों को बेरहमी से पीटा शरीर पर पड़े नीले निशान। अवैध रूप से चल रहे ज्ञानदीप कोचिंग संस्थान में अनुशासन के नाम पर क्रूरता शिक्षा विभाग मौन। चन्दवारा (कोडरमा): तिलैया डैम ओपी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ज्ञानदीप कोचिंग संस्थान में शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली घटना सामने आई है। संस्थान के प्रिंसिपल अजय कुमार पर तीन मासूम छात्रों को प्लास्टिक के पाइप से बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। पिटाई इतनी खौफनाक थी कि बच्चों के शरीर पर गहरे नीले निशान उभर आए हैं। गाड़ी साफ न करने और मॉर्निंग वॉक पर जाने की मिली सजा। पीड़ित छात्रों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनकी गलती सिर्फ इतनी थी कि वे सुबह मॉर्निंग वॉक पर गए थे। छात्रों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि शिक्षक अक्सर उनसे अपनी निजी गाड़ी साफ करवाते थे। मना करने या काम में देरी होने पर शिक्षक ने अपना आपा खो दिया और बच्चों को लहूलुहान कर दिया। नियमों की धज्जियां बिना U-DISE रजिस्ट्रेशन के चल रहा संस्थान इस घटना ने स्थानीय शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कोचिंग संस्थान बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन (U-DISE नंबर) के अवैध रूप से संचालित हो रहा है। सवाल यह उठता है कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की नाक के नीचे बिना मान्यता के चल रहे इन संस्थानों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? जब इस संबंध में शिक्षक से फोन पर बात की गई, तो उन्होंने बिना किसी पछतावे के अपनी संलिप्तता स्वीकार की। शिक्षक का कहना था बच्चे बिना अनुमति के मॉर्निंग वॉक पर क्यों गए थे बदमाशी करेंगे तो मार खाएंगे ही, मैंने मारा है इस बात को स्वीकार करता हूँ। क्या कहता है कानून? भारत के संविधान और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) की धारा 17 के तहत, बच्चों को शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना देना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अलावा, जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट के तहत बच्चों के साथ क्रूरता करने पर जेल और जुर्माने का सख्त प्रावधान है। किसी भी शिक्षक को बच्चे पर हाथ उठाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। प्रशासन से कार्रवाई की मांग स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी शिक्षक के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए और अवैध रूप से चल रहे इस कोचिंग संस्थान को सील किया जाए।
- चन्दवारा (कोडरमा): तिलैया डैम ओपी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ज्ञानदीप कोचिंग संस्थान में शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली घटना सामने आई है। संस्थान के प्रिंसिपल अजय कुमार पर तीन मासूम छात्रों को प्लास्टिक के पाइप से बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। पिटाई इतनी खौफनाक थी कि बच्चों के शरीर पर गहरे नीले निशान उभर आए हैं। गाड़ी साफ न करने और मॉर्निंग वॉक पर जाने की मिली सजा। पीड़ित छात्रों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनकी गलती सिर्फ इतनी थी कि वे सुबह मॉर्निंग वॉक पर गए थे। छात्रों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि शिक्षक अक्सर उनसे अपनी निजी गाड़ी साफ करवाते थे। मना करने या काम में देरी होने पर शिक्षक ने अपना आपा खो दिया और बच्चों को लहूलुहान कर दिया। नियमों की धज्जियां बिना U-DISE रजिस्ट्रेशन के चल रहा संस्थान इस घटना ने स्थानीय शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कोचिंग संस्थान बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन (U-DISE नंबर) के अवैध रूप से संचालित हो रहा है। सवाल यह उठता है कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की नाक के नीचे बिना मान्यता के चल रहे इन संस्थानों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? जब इस संबंध में शिक्षक से फोन पर बात की गई, तो उन्होंने बिना किसी पछतावे के अपनी संलिप्तता स्वीकार की। शिक्षक का कहना था बच्चे बिना अनुमति के मॉर्निंग वॉक पर क्यों गए थे बदमाशी करेंगे तो मार खाएंगे ही, मैंने मारा है इस बात को स्वीकार करता हूँ। क्या कहता है कानून? भारत के संविधान और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) की धारा 17 के तहत, बच्चों को शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना देना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अलावा, जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट के तहत बच्चों के साथ क्रूरता करने पर जेल और जुर्माने का सख्त प्रावधान है। किसी भी शिक्षक को बच्चे पर हाथ उठाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। प्रशासन से कार्रवाई की मांग स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी शिक्षक के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए और अवैध रूप से चल रहे इस कोचिंग संस्थान को सील किया जाए।1
- गया–रजौली मार्ग SH-70 पर मुरली बाजार के पास अभी-अभी एक सड़क हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, एक बलेनो कार बराती से लौट रही थी, तभी चालक संतुलन खो बैठा। अनियंत्रित कार पहले बिजली के खंभे से टकराई और फिर एक घर में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बिजली का खंभा टूटकर झूलने लगा और करकट से बना घर का छप्पर भी क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ी जनहानि की खबर नहीं है। स्थानीय लोगों में आक्रोश है क्योंकि घटना के करीब दो घंटे बीत जाने के बावजूद परनदाबर थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर नहीं पहुंची है। #News Of Nawada #Sirdala News #Parnadabar News1
- सीतामढ़ी थाना का एसपी-एसडीपीओ ने किया निरीक्षण मेसकौर (नवादा), मेसकौर प्रखंड के सीतामढ़ी थाना का मंगलवार को एसपी अविनौ धीमान व एसडीपीओ गुलशन कुमार ने निरीक्षण किया। इस दौरान लंबित मामलों की समीक्षा कर उनके शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने केस डायरी, रजिस्टर, मालखाना व साफ-सफाई की जांच की तथा थाना अध्यक्ष पप्पू शर्मा को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही गश्ती तेज करने, अपराध नियंत्रण और आम लोगों की शिकायतों के त्वरित निपटारे पर जोर दिया।3
- Post by BaरKaट्ठा Ki आwaज1
- गावां प्रखंड के आदर्श ग्राम चीहुटिया में श्री श्री 108 हनुमत प्राण प्रतिष्ठा सह 9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के तृतीय दिवस के प्रात कालीन बेला में इस कार्यक्रम में उपेन्द्र यादव, अशोक मिस्त्री,पप्पू चौधरी, किशोर यादव, रविन्द्र यादव, सुरेन्द्र चौधरी, बंगडु राय, श्रीकांत सिंह, विजय चौधरी, अनिल कुमार आदि का सहयोग सराहनीय रहा।। बताया गया कि 200 घरों में देव स्थापना हुए। 500 लोग गुरु देव के संदेश सुनकर उस पर चलने का विचार दुहराए। 10 मुंडन संस्कार, एक पुंसवन संस्कार हुए। 5200 के साहित्य एवं उससे संबंधित सामाग्री घर घर पहुंचे। बजरंग बली प्राण प्रतिष्ठा सह वांग्मय सेट स्थापना किए गए। प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित नरेन्द्र विद्यार्थी ने कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बजरंगबली को सिर्फ पूजने से नहीं बल्कि उनके जैसे राम काज किए बिना मोहि कहां विश्रामा के सिद्धांत को अपने जीवन में उतारने से भगवान का सच्चा आशीर्वाद प्राप्त होता है।1
- Post by Update news 241
- बुनियाद केंद्र में जरूरतमंदों के लिए निशुल्क नेत्र जांच व चश्मा वितरण जारी संजय वर्मा हिसुआ प्रखंड स्थित बुनियाद केंद्र में जरूरतमंद लोगों के लिए निशुल्क नेत्र जांच एवं चश्मा वितरण का कार्य लगातार जारी है। इस पहल से क्षेत्र के सैकड़ों लोगों को बड़ी राहत मिल रही है, खासकर उन लोगों को जो आर्थिक तंगी के कारण समय पर आंखों की जांच नहीं करा पाते थे। केंद्र पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर अपनी आंखों की जांच करवा रहे हैं और आवश्यकतानुसार चश्मा प्राप्त कर रहे हैं। नेत्र चिकित्सा विशेषज्ञ लालन कुमार एवं उनके सहयोगी आरियान कुमार द्वारा लोगों की आंखों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच के दौरान मरीजों की स्थिति के अनुसार उन्हें चश्मा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। चिकित्सकों ने बताया कि कई मरीजों के लिए विशेष लेंस तैयार कराए जा रहे हैं, जिन्हें तय समय पर फोन कर बुलाकर वितरित किया जाएगा। शिविर के दौरान शंभू पंडित द्वारा पर्ची पर लाभार्थियों का नाम एवं आधार नंबर दर्ज कर पूरी व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जा रहा है, जिससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। वहीं, स्थानीय निवासी चंदन कुमार और अरविंद सिंह ने भी अपनी आंखों की जांच करवाई और चश्मा प्राप्त किया। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं। इससे न केवल लोगों को समय पर इलाज मिल रहा है, बल्कि दृष्टि संबंधी समस्याओं का समाधान भी हो रहा है।4
- कोडरमा:तिलैया थाना क्षेत्र में एक 24 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है। मंगलवार सुबह 8 बजे मृतक के भाई ने बताया कि मेरा भाई अपनी पत्नी से विवाद के बाद युवक ने गुस्से में घर में रखा कीटनाशक पी लिया। इलाज के लिए हजारीबाग ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान वार्ड संख्या 4, तिलैया बस्ती निवासी रवि कुमार यादव (पिता मोहित यादव) के रूप में हुई है, जो कोडरमा स्टेशन पर कुली का काम करता था। जानकारी के अनुसार, सोमवार रात काम से लौटने के बाद रवि का अपनी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि उसने आवेश में आकर कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत सदर अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए हजारीबाग रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।4