महुआडांड़ स्थित सेंट जेवियर्स कॉलेज में हाल ही में महाविद्यालय के 15 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य क्रिस्टल जुबली ओपनिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस समारोह का मुख्य विषय "Illuminating Minds and Transforming Futures" रखा गया, जो ज्ञान के प्रकाश से मन को आलोकित कर एक उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संदेश देता है। कार्यक्रम की शुरुआत गरिमामय दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश, ट्रेजरर फादर लियो, डॉ. फादर राजीप तिर्की, सिस्टर चंद्रोदय, मोहम्मद ज़फ़र इकबाल और असिस्टेंट प्रोफेसर शालिनी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर ज्ञान, आशा और प्रगति के प्रतीक के रूप में इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर, अंग्रेजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष सिस्टर चंद्रोदय ने महाविद्यालय के स्थापना काल से लेकर वर्तमान तक के गौरवशाली इतिहास तथा 15 वर्षों की प्रेरणादायक और संघर्षमयी यात्रा पर प्रकाश डाला। वहीं, असिस्टेंट प्रोफेसर शालिनी ने विगत 15 वर्षों की उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धियों, विद्यार्थियों की सफलताओं और संस्थान की सतत प्रगति की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। इस विशेष मौके के लिए कॉलेज का क्रिस्टल जुबली लोगो और थीम असिस्टेंट प्रोफेसर एलेन कुजूर द्वारा तैयार किया गया था, जबकि शशि शेखर सर ने इसकी प्रस्तुति के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग प्रदान किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश ने अपने संबोधन में शिक्षा, अनुशासन, समर्पण और मूल्यपरक शिक्षण की अनिवार्यता पर जोर दिया, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को व्यक्तित्व निर्माण और समाज के समग्र विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सेंट जेवियर्स कॉलेज आने वाले वर्षों में भी उत्कृष्टता की नई ऊँचाइयों को छुएगा। उन्होंने महाविद्यालय की निरंतर प्रगति और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी को क्रिस्टल जुबली वर्ष की शुभकामनाएँ दीं। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सिस्टर चंद्रोदय और शालिनी मैम ने आयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, और रोज़ी सुष्मिता तिर्की ने पूरे समारोह का प्रभावशाली ढंग से मंच संचालन किया। यह क्रिस्टल जुबली ओपनिंग सेरेमनी केवल 15 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव नहीं बल्कि आने वाले वर्षों के लिए नई ऊर्जा, नए संकल्प और एक उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सशक्त शुरुआत साबित हुई।
महुआडांड़ स्थित सेंट जेवियर्स कॉलेज में हाल ही में महाविद्यालय के 15 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य क्रिस्टल जुबली ओपनिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस समारोह का मुख्य विषय "Illuminating Minds and Transforming Futures" रखा गया, जो ज्ञान के प्रकाश से मन को आलोकित कर एक उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संदेश देता है। कार्यक्रम की शुरुआत गरिमामय दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश, ट्रेजरर फादर लियो, डॉ. फादर राजीप तिर्की, सिस्टर चंद्रोदय, मोहम्मद ज़फ़र
इकबाल और असिस्टेंट प्रोफेसर शालिनी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर ज्ञान, आशा और प्रगति के प्रतीक के रूप में इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर, अंग्रेजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष सिस्टर चंद्रोदय ने महाविद्यालय के स्थापना काल से लेकर वर्तमान तक के गौरवशाली इतिहास तथा 15 वर्षों की प्रेरणादायक और संघर्षमयी यात्रा पर प्रकाश डाला। वहीं, असिस्टेंट प्रोफेसर शालिनी ने विगत 15 वर्षों की उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धियों, विद्यार्थियों की सफलताओं और संस्थान की सतत प्रगति की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। इस विशेष मौके के लिए
कॉलेज का क्रिस्टल जुबली लोगो और थीम असिस्टेंट प्रोफेसर एलेन कुजूर द्वारा तैयार किया गया था, जबकि शशि शेखर सर ने इसकी प्रस्तुति के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग प्रदान किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश ने अपने संबोधन में शिक्षा, अनुशासन, समर्पण और मूल्यपरक शिक्षण की अनिवार्यता पर जोर दिया, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को व्यक्तित्व निर्माण और समाज के समग्र विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सेंट जेवियर्स कॉलेज आने वाले वर्षों में भी उत्कृष्टता की नई ऊँचाइयों को छुएगा। उन्होंने महाविद्यालय की
निरंतर प्रगति और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी को क्रिस्टल जुबली वर्ष की शुभकामनाएँ दीं। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सिस्टर चंद्रोदय और शालिनी मैम ने आयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, और रोज़ी सुष्मिता तिर्की ने पूरे समारोह का प्रभावशाली ढंग से मंच संचालन किया। यह क्रिस्टल जुबली ओपनिंग सेरेमनी केवल 15 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव नहीं बल्कि आने वाले वर्षों के लिए नई ऊर्जा, नए संकल्प और एक उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सशक्त शुरुआत साबित हुई।
- महुआडांड़ स्थित सेंट जेवियर्स कॉलेज में हाल ही में महाविद्यालय के 15 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य क्रिस्टल जुबली ओपनिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस समारोह का मुख्य विषय "Illuminating Minds and Transforming Futures" रखा गया, जो ज्ञान के प्रकाश से मन को आलोकित कर एक उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संदेश देता है। कार्यक्रम की शुरुआत गरिमामय दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश, ट्रेजरर फादर लियो, डॉ. फादर राजीप तिर्की, सिस्टर चंद्रोदय, मोहम्मद ज़फ़र इकबाल और असिस्टेंट प्रोफेसर शालिनी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर ज्ञान, आशा और प्रगति के प्रतीक के रूप में इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर, अंग्रेजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष सिस्टर चंद्रोदय ने महाविद्यालय के स्थापना काल से लेकर वर्तमान तक के गौरवशाली इतिहास तथा 15 वर्षों की प्रेरणादायक और संघर्षमयी यात्रा पर प्रकाश डाला। वहीं, असिस्टेंट प्रोफेसर शालिनी ने विगत 15 वर्षों की उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धियों, विद्यार्थियों की सफलताओं और संस्थान की सतत प्रगति की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। इस विशेष मौके के लिए कॉलेज का क्रिस्टल जुबली लोगो और थीम असिस्टेंट प्रोफेसर एलेन कुजूर द्वारा तैयार किया गया था, जबकि शशि शेखर सर ने इसकी प्रस्तुति के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग प्रदान किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश ने अपने संबोधन में शिक्षा, अनुशासन, समर्पण और मूल्यपरक शिक्षण की अनिवार्यता पर जोर दिया, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को व्यक्तित्व निर्माण और समाज के समग्र विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सेंट जेवियर्स कॉलेज आने वाले वर्षों में भी उत्कृष्टता की नई ऊँचाइयों को छुएगा। उन्होंने महाविद्यालय की निरंतर प्रगति और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी को क्रिस्टल जुबली वर्ष की शुभकामनाएँ दीं। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सिस्टर चंद्रोदय और शालिनी मैम ने आयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, और रोज़ी सुष्मिता तिर्की ने पूरे समारोह का प्रभावशाली ढंग से मंच संचालन किया। यह क्रिस्टल जुबली ओपनिंग सेरेमनी केवल 15 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव नहीं बल्कि आने वाले वर्षों के लिए नई ऊर्जा, नए संकल्प और एक उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सशक्त शुरुआत साबित हुई।4
- जमीन से जुड़े एक विवाद के कारण हुए खूनी संघर्ष में एक महिला घायल हो गई है। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस अब मामले की जांच में जुट गई है।1
- गुमला के चैनपुर प्रखंड मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले आठ घंटे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। यह समस्या गुमला से चैनपुर आने वाली तैंतीस हजार केवी की हाई टेंशन लाइन में आई तकनीकी खराबी के कारण उत्पन्न हुई है। बिजली गुल रहने से भीषण गर्मी के बीच लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरों में लगे इनवर्टर, फ्रिज और वॉटर पंप जैसे सभी विद्युत उपकरण बेकार साबित हो रहे हैं, जिसके चलते पेयजल संकट भी गहरा गया है और कई इलाकों में लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। बिजली बाधित रहने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सूचना मिलते ही झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के कर्मचारी और लाइनमैन फॉल्ट की तलाश में लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। गुमला जेबीवीएनएल के एसडीओ हरि उरांव ने बताया कि गुमला से चैनपुर के बीच मुख्य लाइन में एक बड़ा फॉल्ट आया है। कर्मचारियों द्वारा लाइन की लगातार जांच की जा रही है, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण खराबी का सटीक स्थान खोजने में समय लग रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि फॉल्ट मिलते ही मरम्मत कार्य कर बिजली आपूर्ति जल्द बहाल कर दी जाएगी।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत झालजमीरा पंचायत के गगेया प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय प्रांगण में एक 'नशा मुक्त अभियान' का शुभारम्भ किया गया है। इस पहल के तहत, पुलिस अधिकारी ने विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को नशे के मानसिक, शारीरिक, आर्थिक तथा समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। पुलिस अधिकारी ने सभी से इस अभियान को सफल बनाने की अपील की। यह अभियान 'युद्ध नशे के विरुद्ध' नारे के साथ, नशा मुक्त समाज की दूरी बनाने को लेकर चलाया जा रहा है।1
- बलरामपुर में धनंजय ज्वेलर्स चोरी मामले का पुलिस ने विधिवत खुलासा करते हुए, चोरी हुए सोने-चांदी के आभूषणों को दुकान संचालक को वापस सौंप दिया है। यह कार्रवाई कुछ दिनों पहले हुई चोरी के बाद पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के निर्देश पर कोतवाली पुलिस द्वारा की गई थी, जिसमें आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए थे। बरामद हुए इन आभूषणों की अनुमानित कीमत ₹70 लाख से अधिक बताई जा रही थी। अब पुलिस द्वारा जेवर मालिक को सुपुर्द किए जाने पर सोनार समाज और व्यापारियों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है।2
- यह बात कही गई है कि सरना कोड की मांग से कहीं अधिक महत्वपूर्ण आवश्यकता इस तथ्य को समझना है कि आदिवासी हिंदू समाज का एक अभिन्न अंग हैं। इस विचार पर जोर दिया गया है कि सरना और सनातन एक ही हैं, जो इन समुदायों के बीच मूलभूत एकता को स्थापित करता है।1
- लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड अंतर्गत कोलवरी क्षेत्र के आरा गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ तालाब में गिरने से तीन बच्चों की मौत हो गई। बताया गया है कि बालूमाथ प्रखंड के कोलवारी क्षेत्र आरा गांव में पानी की भीषण किल्लत है, जिसके कारण छोटे बच्चे भी पानी के लिए तरस रहे हैं। इसी जल संकट के चलते जब वे बच्चे पानी पीने के लिए तालाब पर गए, तो दुर्भाग्यवश तालाब में गिरने के कारण उनकी मौत हो गई। यह घटना झारखंड की कड़वी असलियत को दर्शाती है।1
- गुमला जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के प्रेमनगर में ज़मीन विवाद को लेकर एक महिला पर जानलेवा हमला किया गया है। इस हिंसक घटना में प्रेमनगर निवासी मीरा देवी गंभीर रूप से घायल हो गई हैं, जिनके सिर और चेहरे पर गहरे ज़ख्म आए हैं। उनका इलाज अस्पताल में जारी है। घायल मीरा देवी ने बताया कि वह अपनी निजी भूमि पर निर्माण कार्य के लिए ट्रैक्टर से ईंट उतरवा रही थीं, तभी कौशल्या देवी और उनके परिवार के कुछ लोग वहाँ पहुँचे और ट्रैक्टर चालक के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने लगे। जब मीरा देवी ने इसका विरोध करते हुए बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने कुदाल से उनके चेहरे और सिर पर हमला कर दिया।1