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*अफीम की खेती मामले में बड़ा एक्शन : आरोपी भाजपा नेता के भाई की अवैध दुकान पर चला बुलडोजर
Rameshwar sahu
*अफीम की खेती मामले में बड़ा एक्शन : आरोपी भाजपा नेता के भाई की अवैध दुकान पर चला बुलडोजर
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- रायपुर में महिला को बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी स्वर्णभूमि निवासी गोपाल गोयल है. आरोपी के खिलाफ एट्रोसिटी और रेप की धाराओं में केस दर्ज किया गया है.1
- पश्चिम के युद्ध के बीच में सदन में आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह में ऐसा क्या कुछ कहा कि हो गया बवाल1
- छत्तीसगढ़ में एक साल में 400 बच्चे अब भी लापता! देश में 6वें नंबर पर राज्य, लड़कियों की संख्या अधिक राज्य से इस अवधि के दौरान 982 बच्चे लापता हुए। इनमें से 582 बच्चों को बरामद कर लिया गया, जबकि 400 बच्चे अब भी लापता हैं। देश में बच्चों के लापता होने के मामलों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women and Child Development) की ‘मिसिंग चिल्ड्रन’ रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच देशभर में कुल 33,577 बच्चे लापता हुए। इनमें से अधिकांश बच्चों को पुलिस और प्रशासन की मदद से ढूंढ लिया गया, लेकिन 7,777 बच्चे अब भी लापता हैं1
- अवैध अफीम खेती मामले से जुड़े लोगों पर कार्रवाई, भाजपा नेता के ठिकानों चला बुलडोजर दुर्ग जिले में अवैध अफीम खेती प्रकरण से जुड़े लोगों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम समोदा में राजस्व भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुलडोजर चलाकर हटा दिया।पुलिस के अनुसार अवैध अफीम की खेती के मामले में मुख्य आरोपी भाजपा नेता विनायक ताम्रकार, निवासी तेमरापारा, से जुड़े कुछ लोगों द्वारा राजस्व भूमि पर अवैध निर्माण किए जाने की जानकारी मिली थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी के रिश्तेदारों ने ग्राम समोदा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर निर्माण कर लिया था।सूचना के बाद राजस्व विभाग ने भूमि अभिलेखों की जांच की, जिसमें उक्त जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया। इसके बाद राजस्व विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और विधिवत कार्रवाई करते हुए बुलडोजर से अवैध निर्माण को हटा दिया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रशासन ने अतिक्रमित भूमि से अवैध संरचनाओं को हटाते हुए जमीन को मुक्त कराया। पुलिस के मुताबिक इस मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है और प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।1
- सड़को पर सरकार का उपलब्धि का पोस्टर , आने जाने वालो के लिए बना जानलेवा #BilaspurCity #bilaspurbreakingnews #bilaspurnews #BilaspurChhattisgarh1
- कहीं ऐसा ना हो मेरे पास खुदकुशी करने के अलावा और कोई विकल्प ना बचें। वर्ष 2007 बारहवीं कक्षा के अध्ययन के दौरान वर्षभर प्रतिदिन मुझे वें बातें कहीं गई जिसने मेरे जीवन में बहुत प्रभाव किया मैं जीवित हूं तो इसलिए लगता ताकि किसी और निर्दोषों को ऐसा प्रताड़ित ना किया जाएं। वर्ष 2021 में बनाया वीडियो । वर्तमान समय में दुर्गवासियों को मेरे समाजसेवी कार्यों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता हैं। 😔.1
- युद्ध की स्थिति में ऊर्जा संकट भारत में दिखने लगा1
- बच्चा चोर अब आपके घर तक पहुंच चुका है , छत्तीसगढ़ मे 982 बच्चों की चोरी Chhattisgarh news #MissingChildren #ChildSafety #BacchaChor #ChhattisgarhNews #BreakingNews1
- हाई कोर्ट बोदरी को फिर से मिली बम से उड़ाने की धमकी चकरभाठा पुलिस मामला दर्ज कर जांच मे जुटी सौमवार की रात 10 बजे चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी अनुसार छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम सतर्क हो गई। पुलिस ने हाई कोर्ट परिसर के चप्पे-चप्पे की जांच कराई है। इससे पहले भी हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इसे देखते हुए पुलिस ने हाई कोर्ट की सरक्षा बढ़ा दी है। पहले भी मिल चुकी है धमकी इससे पहले जिला कोर्ट और हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। हालांकि तब भी यह धमकी फर्जी निकली थी। सोमवार को धमकी भरा मेल मिलने के बाद पुलिस की टीम ने सतर्कता बरतते हुए एक बार फिर से जांच की। साथ ही कोर्ट परिसर की सुरक्षा और आने-जाने वालों की जांच बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारिक ई-मेल में धमकी भरा मेल आया था। इसमें हाई कोर्ट परिसर प्राक्सी नेट से भेज रहे मेल पिछले दिनों हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की चमकी मिली थी। इसके अलावा देश के कई कोर्ट को बम से उड़ाने की चमकी मिल चुकी है। देशभर की सुरक्षा एजेंसिया इसकी जांच कर रही है। जांच में पता चला है कि धमकी भेजने वाले प्राक्सी नेट का उपयोग करते हैं। इसमें मेल भेजने वालों की पहचान छुपी रहती है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारी और बम स्क्वायड दस्ता हाई कोर्ट पहुंच गया। पुलिस की टीम इसके बाद अधिकारियों ने राहत को सांस ली है। इस बीच हाई कोर्ट में1