दबंग राशन दुकानदार की मनमानी: दिव्यांग का 15 महीने से डकार रहे चावल, शासन के आदेश को भी ठेंगा महेन्द्र शुक्ला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ सरकार जहां गरीबों और वंचितों को खाद्य सुरक्षा देने के बड़े-बड़े वादे कर रही है, वहीं ज़मीनी स्तर पर दबंग राशन दुकानदार गरीबों के हक पर डाका डाल रहे हैं। ताज़ा मामला ग्राम पंचायत उजियारपुर (तहसील मनेंद्रगढ़) से सामने आया है, जहाँ एक दिव्यांग व्यक्ति पिछले 15 महीनों से अपने हक के राशन के लिए भटक रहा है। क्या है पूरा मामला? ग्राम उजियारपुर निवासी जयपाल सिंह, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं, ने कलेक्टर/जनदर्शन अधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में उचित मूल्य दुकान संचालक चंद्र प्रकाश साहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जयपाल सिंह के अनुसार, उनके प्राथमिकता राशन कार्ड पर नियमानुसार 35 किलो चावल मिलना चाहिए, लेकिन पिछले 15 महीनों से दुकानदार उन्हें केवल 10 किलो चावल ही दे रहा है। अधिकारी के निर्देश के बाद भी दुकानदार के तेवर बरकरार पीड़ित ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने खाद्य अधिकारी से मौखिक शिकायत की थी। अधिकारी ने फोन पर दुकान संचालक को पूरा राशन देने का निर्देश भी दिया, लेकिन दबंग दुकानदार पर इसका कोई असर नहीं हुआ। दुकानदार ने पीड़ित को राशन देने से साफ मना कर दिया और कथित तौर पर चुनौती देते हुए कहा— "मैं चावल नहीं दूंगा, जहाँ शिकायत करना है कर दो, मैं किसी से नहीं डरता।" दिव्यांग की गुहार: "10 किलो में कैसे पलेगा 3 सदस्यों का परिवार?" दिव्यांग जयपाल सिंह ने भावुक होते हुए बताया कि उनके परिवार में 3 सदस्य हैं। आज की महंगाई में मात्र 10 किलो चावल में पूरे महीने का गुजारा करना असंभव है। उन्होंने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं: दोषी दुकान संचालक के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। पिछले 15 महीनों का बकाया 375 किलो चावल का भुगतान किया जाए। भविष्य में हर माह पूरा 35 किलो राशन मिलना सुनिश्चित किया जाए। प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल यह घटना न केवल एक दुकानदार की मनमानी को दर्शाती है, बल्कि स्थानीय प्रशासन की निगरानी प्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाती है। क्या एक दिव्यांग व्यक्ति को अपना हक पाने के लिए ऐसे ही दर-दर भटकना पड़ेगा? अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता से न्याय प्रदान करता है। दिनांक: 21/04/2026 प्रार्थी: जयपाल सिंह, ग्राम पंचायत उजियारपुर।
दबंग राशन दुकानदार की मनमानी: दिव्यांग का 15 महीने से डकार रहे चावल, शासन के आदेश को भी ठेंगा महेन्द्र शुक्ला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ सरकार जहां गरीबों और वंचितों को खाद्य सुरक्षा देने के बड़े-बड़े वादे कर रही है, वहीं ज़मीनी स्तर पर दबंग राशन दुकानदार गरीबों के हक पर डाका डाल रहे हैं। ताज़ा मामला ग्राम पंचायत उजियारपुर (तहसील मनेंद्रगढ़) से सामने आया है, जहाँ एक दिव्यांग व्यक्ति पिछले 15 महीनों से अपने हक के राशन के लिए भटक रहा है। क्या है पूरा मामला? ग्राम उजियारपुर निवासी जयपाल सिंह, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं, ने कलेक्टर/जनदर्शन अधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में उचित मूल्य दुकान संचालक चंद्र प्रकाश साहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जयपाल सिंह के अनुसार, उनके प्राथमिकता राशन कार्ड पर
नियमानुसार 35 किलो चावल मिलना चाहिए, लेकिन पिछले 15 महीनों से दुकानदार उन्हें केवल 10 किलो चावल ही दे रहा है। अधिकारी के निर्देश के बाद भी दुकानदार के तेवर बरकरार पीड़ित ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने खाद्य अधिकारी से मौखिक शिकायत की थी। अधिकारी ने फोन पर दुकान संचालक को पूरा राशन देने का निर्देश भी दिया, लेकिन दबंग दुकानदार पर इसका कोई असर नहीं हुआ। दुकानदार ने पीड़ित को राशन देने से साफ मना कर दिया और कथित तौर पर चुनौती देते हुए कहा— "मैं चावल नहीं दूंगा, जहाँ शिकायत करना है कर दो, मैं किसी से नहीं डरता।" दिव्यांग की गुहार: "10 किलो में कैसे पलेगा 3 सदस्यों का परिवार?" दिव्यांग जयपाल सिंह ने भावुक होते हुए बताया कि उनके परिवार
में 3 सदस्य हैं। आज की महंगाई में मात्र 10 किलो चावल में पूरे महीने का गुजारा करना असंभव है। उन्होंने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं: दोषी दुकान संचालक के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। पिछले 15 महीनों का बकाया 375 किलो चावल का भुगतान किया जाए। भविष्य में हर माह पूरा 35 किलो राशन मिलना सुनिश्चित किया जाए। प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल यह घटना न केवल एक दुकानदार की मनमानी को दर्शाती है, बल्कि स्थानीय प्रशासन की निगरानी प्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाती है। क्या एक दिव्यांग व्यक्ति को अपना हक पाने के लिए ऐसे ही दर-दर भटकना पड़ेगा? अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता से न्याय प्रदान करता है। दिनांक: 21/04/2026 प्रार्थी: जयपाल सिंह, ग्राम पंचायत उजियारपुर।
- मनेंद्रगढ़ में सड़क दुर्घटना में मृत युवक की पहचान होने के बाद मुआवजे को लेकर चल रहा विवाद समाप्त हो गया है। परिजनों ने अब अंतिम संस्कार करने के लिए सहमति दे दी है। डीवी ग्रुप ने मृतक के परिजनों को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत बंजी निवासी राजभान सिंह (37 वर्ष) अपने ससुराल ग्राम परसगढ़ी गए हुए थे। इसी दौरान परसगढ़ी में मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य में लगे डीवी ग्रुप के पानी टैंकर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। दुर्घटना में राजभान सिंह के सिर में गंभीर चोट आई, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। सिर पर गंभीर चोट के कारण शुरुआती समय में मृतक की पहचान करने में कठिनाई हुई। मनेंद्रगढ़ सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मोबाइल के माध्यम से युवक की पहचान की और परिजनों को सूचना दी। घटना की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया था। उन्होंने उचित मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ मृतक के घर पहुंचे और परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। कांग्रेस के विरोध और ग्रामीणों के दबाव के बाद डीवी ग्रुप ने मृतक के परिजनों को तत्काल तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। कंपनी ने बीमा की राशि भी दिलाने का आश्वासन दिया है। मुआवजा मिलने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार करने के लिए सहमति जताई है। इससे क्षेत्र में चल रहा तनाव अब कम होता नजर आ रहा है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। #जिम्मेदार_पत्रकारिता #comedy #drama #tvshow #viralnews1
- छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं सरगुजा महाराज टी.एस. सिंहदेव (टी.एस. बाबा) का एमसीबी जिले के नागपुर चौराहे पर आगमन हुआ, जहां कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आमजन द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोग स्वागत के लिए पहुंचे। कार्यक्रम में पूर्व विधायक गुलाब कमरो, जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, वरिष्ठ कांग्रेसी रमेश चंद्र सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू, पूर्व नपा अध्यक्ष प्रभा पटेल, कृष्ण मुरारी तिवारी, रफीक मेमन, सौरव मिश्रा और रामनरेश पटेल सहित महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस व एनएसयूआई के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान उमड़े जनसमर्थन को कांग्रेस नेताओं ने जनता के विश्वास का प्रतीक बताया।1
- Post by Manoj shrivastav1
- कोरिया जिले के जमगहना NH 43 सड़क पर भीषण सड़क हादसा हुआ जिसमें दो कार आमने-सामने से टकराई घायलों को जिला अस्पताल बैकुंठपुर ले जाया गया1
- * दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली के मधु विहार इलाके में एक फ्लैट से चल रही नकली ENO और NESCAFE बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है.मौके से लगभग ₹20 लाख की कीमत का नकली माल और मशीनें जब्त की गई हैं। भारी मात्रा में नकली ENO के पाउच, नकली कॉफी पाउच, खुला कॉफी पाउडर, पैकिंग रोल और अन्य सामग्री बरामद हुई।पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- मुख्य सड़क की जर्जर स्थिति बेहद गंभीर समस्या है और प्रशासन की यह अनदेखी किसी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे सकती है।1
- राजधानी रायपुर के बीरगांव क्षेत्र में बाल अधिकारों की रक्षा के लिए आज एक अहम कार्रवाई सामने आई। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने सुबह एक ईंट भट्ठे पर छापेमार कार्रवाई करते हुए वहां काम कर रहीं तीन नाबालिग बच्चियों को मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान टीम ने बच्चियों को श्रम से तत्काल अलग कर सुरक्षित रेस्क्यू किया और उन्हें संरक्षण में लिया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, ये बच्चियां लंबे समय से वहां काम कर रही थीं, जो कि स्पष्ट रूप से बाल श्रम कानूनों का उल्लंघन है। बचाई गई बच्चियों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत उन्हें सुरक्षित वातावरण, शिक्षा की सुविधा और समुचित देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें और उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। आयोग ने साफ किया है कि बाल श्रम के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। साथ ही, इस मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए टीम की संवेदनशीलता और तत्परता सराहनीय है, जिसने समय रहते तीन मासूम जिंदगियों को शोषण से बाहर निकाला।1
- महेन्द्र शुक्ला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ सरकार जहां गरीबों और वंचितों को खाद्य सुरक्षा देने के बड़े-बड़े वादे कर रही है, वहीं ज़मीनी स्तर पर दबंग राशन दुकानदार गरीबों के हक पर डाका डाल रहे हैं। ताज़ा मामला ग्राम पंचायत उजियारपुर (तहसील मनेंद्रगढ़) से सामने आया है, जहाँ एक दिव्यांग व्यक्ति पिछले 15 महीनों से अपने हक के राशन के लिए भटक रहा है। क्या है पूरा मामला? ग्राम उजियारपुर निवासी जयपाल सिंह, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं, ने कलेक्टर/जनदर्शन अधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में उचित मूल्य दुकान संचालक चंद्र प्रकाश साहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जयपाल सिंह के अनुसार, उनके प्राथमिकता राशन कार्ड पर नियमानुसार 35 किलो चावल मिलना चाहिए, लेकिन पिछले 15 महीनों से दुकानदार उन्हें केवल 10 किलो चावल ही दे रहा है। अधिकारी के निर्देश के बाद भी दुकानदार के तेवर बरकरार पीड़ित ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने खाद्य अधिकारी से मौखिक शिकायत की थी। अधिकारी ने फोन पर दुकान संचालक को पूरा राशन देने का निर्देश भी दिया, लेकिन दबंग दुकानदार पर इसका कोई असर नहीं हुआ। दुकानदार ने पीड़ित को राशन देने से साफ मना कर दिया और कथित तौर पर चुनौती देते हुए कहा— "मैं चावल नहीं दूंगा, जहाँ शिकायत करना है कर दो, मैं किसी से नहीं डरता।" दिव्यांग की गुहार: "10 किलो में कैसे पलेगा 3 सदस्यों का परिवार?" दिव्यांग जयपाल सिंह ने भावुक होते हुए बताया कि उनके परिवार में 3 सदस्य हैं। आज की महंगाई में मात्र 10 किलो चावल में पूरे महीने का गुजारा करना असंभव है। उन्होंने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं: दोषी दुकान संचालक के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। पिछले 15 महीनों का बकाया 375 किलो चावल का भुगतान किया जाए। भविष्य में हर माह पूरा 35 किलो राशन मिलना सुनिश्चित किया जाए। प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल यह घटना न केवल एक दुकानदार की मनमानी को दर्शाती है, बल्कि स्थानीय प्रशासन की निगरानी प्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाती है। क्या एक दिव्यांग व्यक्ति को अपना हक पाने के लिए ऐसे ही दर-दर भटकना पड़ेगा? अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता से न्याय प्रदान करता है। दिनांक: 21/04/2026 प्रार्थी: जयपाल सिंह, ग्राम पंचायत उजियारपुर।3