आज मुस्लिम समुदाय द्वारा श्रीडूंगरगढ़ सहित देश के अधिकांश हिस्सों में ईद-उल-अजहा का पर्व बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह विशेष नमाज अदा की गई, जिसमें देश में अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआएं मांगी गईं। श्रीडूंगरगढ़ की बड़ी ईदगाह में जामा मस्जिद के इमाम फजले हक अशरफी ने सुबह 7 बजे ईद-उल-अजहा की नमाज अदा करवाई, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। ईद-उल-अजहा को कुर्बानी का त्योहार माना जाता है और यह हजरत इब्राहिम की कुर्बानी तथा अल्लाह के प्रति उनके समर्पण की याद में मनाया जाता है। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर "ईद मुबारक" कहा और भाईचारे का संदेश दिया। इस दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई थी, जिसमें निकट पारीक थाना अधिकारी कश्यप सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। बकरीद के मौके पर मुस्लिम परिवारों में विशेष पकवान बनाए गए, और जरूरतमंदों को दान व मदद देकर इंसानियत तथा भाईचारे की मिसाल पेश की गई। ईद-उल-अजहा का यह पर्व त्याग, समर्पण और मानवता का संदेश देता है, जिसे देशभर में लोगों ने प्रेम और सौहार्द के साथ मनाया।
आज मुस्लिम समुदाय द्वारा श्रीडूंगरगढ़ सहित देश के अधिकांश हिस्सों में ईद-उल-अजहा का पर्व बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह विशेष नमाज अदा की गई, जिसमें देश में अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआएं मांगी गईं। श्रीडूंगरगढ़ की बड़ी ईदगाह में जामा मस्जिद के इमाम फजले हक अशरफी ने सुबह 7 बजे ईद-उल-अजहा की नमाज अदा करवाई, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। ईद-उल-अजहा को कुर्बानी का त्योहार माना जाता है और यह हजरत इब्राहिम की कुर्बानी तथा अल्लाह के प्रति उनके समर्पण की याद में मनाया जाता है। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर "ईद मुबारक" कहा और भाईचारे का संदेश दिया। इस दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई थी, जिसमें निकट पारीक थाना अधिकारी कश्यप सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। बकरीद के मौके पर मुस्लिम परिवारों में विशेष पकवान बनाए गए, और जरूरतमंदों को दान व मदद देकर इंसानियत तथा भाईचारे की मिसाल पेश की गई। ईद-उल-अजहा का यह पर्व त्याग, समर्पण और मानवता का संदेश देता है, जिसे देशभर में लोगों ने प्रेम और सौहार्द के साथ मनाया।
- आज बाल गोपाल सेना के सदस्यों ने कासन गाँव के सरकारी स्कूल में पेड़-पौधों की सफाई का कार्य किया और उनमें पानी भी डाला।1
- जल योजना के तहत चूरू, सरदारशहर, रतनगढ़ और सुजानगढ़ शहरों के लिए पानी को विशेष रूप से फिल्टर किया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद, फिल्टर किया हुआ यह पानी लगभग 200 से 300 किलोमीटर तक लंबी पाइपलाइन के माध्यम से इन क्षेत्रों के हर घर तक पहुंचाया जाता है।1
- फलोदी निवासी स्वर्णकार समाज की विवाहिता संजू सोनी की नसबंदी ऑपरेशन के बाद हुई मृत्यु को लेकर समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री के नाम उपखंड अधिकारी श्रीकोलायत को एक ज्ञापन सौंपकर इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि 23 वर्षीय संजू सोनी, जो फलोदी की रहने वाली थीं और तीन बच्चों की माँ थीं, उन्होंने 16 मई 2026 को एक सरकारी नसबंदी टीम के माध्यम से ऑपरेशन करवाया था। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर और नसबंदी टीम की लापरवाही के कारण महिला की आँत कट गई, जिससे उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। बाद में उपचार के लिए उन्हें बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ 21 मई 2026 को उनकी मृत्यु हो गई। स्वर्णकार समाज के लोगों ने इस घटना को गंभीर चिकित्सा लापरवाही बताते हुए दोषी डॉक्टर, नसबंदी टीम और जोधपुर स्थित चंद्र मंगल निजी संस्थान एनजीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस दुखद घटना से पूरे समाज में रोष है और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। ज्ञापन में सरकार से मृतका के परिजनों को आर्थिक सहायता एवं उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई है। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।1
- झुंझुनूं जिले के मंडावा कस्बे के वार्ड 2 स्थित ब्रह्म बगीची के गेट और ताले तोड़ने के मामले को लेकर बुधवार शाम को स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना के संबंध में थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 26 मई को दोपहर में मुख्य लोहे का दरवाजा उखाड़कर ले जाया गया और अंदर के ताले भी तोड़ दिए गए। यह असामाजिक तत्वों द्वारा इस स्थान पर चौथी बार ताले तोड़ने की घटना है। थानाधिकारी रामनारायण चोयल के अनुसार, वार्ड एक आनंदपुरा मोहल्ला निवासी लक्ष्मीकांत ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ब्रह्म बगीची नामक यह स्थान स्वर्गीय मूंगाराम हरलालका द्वारा लगभग 75 वर्ष पूर्व स्वर्गीय सागरमल शर्मा को दिया गया था। तब से लेकर आज तक, सागरमल शर्मा के परिवार द्वारा ही इसका रखरखाव किया जा रहा है और मंदिर में पूजा-अर्चना की जाती है। परिवार ने इस स्थान पर चारदीवारी, दो मकान, और शौचालय का निर्माण भी करवाया है, साथ ही बिजली-पानी की व्यवस्था और उसका भुगतान भी निरंतर किया जा रहा है। लक्ष्मीकांत द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में अमित, रामस्वरूप, शिव भगवान, मेघाराम और अन्य व्यक्तियों को इस घटना में शामिल बताया गया है। पुलिस ने घटना स्थल का मौका मुआयना किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दौरान पुष्कर चोटिया, बनवारी लाल चोटिया, रमाकांत चोटिया, रामस्वरूप चोटिया, चोथमल भूड़ादरा, महेश दुगोलिया, सुशील लुहारूवाला, मोहिन्द्र शर्मा, रामवतार शर्मा, रवि शर्मा, लक्ष्मीकांत शर्मा, मनोज शर्मा, विष्णु भाटीवाड़ा, संतू लुहारूवाला, ईश्वर पापटान, सांवर मल दरोगा और चंद्रभान भाटी सहित कई लोग उपस्थित थे।3
- सीकर में प्रभारी मंत्री ने एक सरकारी मीटिंग के दौरान पत्रकारों को बाहर जाने का निर्देश दिया। इस घटना के बाद, मौके पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।1
- पिलानी कस्बे के राजपुरा मौहल्ला वार्ड 33 के निवासियों ने क्षेत्र की कीमती भूमि पर कथित अवैध कब्जे और अतिक्रमण के विरोध में कड़ा विरोध दर्ज कराया है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और प्रवासियों ने पिलानी विधायक पितराम काला के नेतृत्व में तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार सोनू आर्य को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि खसरा नंबर 833 और 942 की भूमि पर करीब 45 परिवार लंबे समय से निवास कर रहे हैं। इन परिवारों के पास बिजली-पानी के कनेक्शन भी हैं और वे शांतिपूर्वक जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कुछ भू-माफिया और असामाजिक तत्व इस भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश कर रहे हैं, जिसके चलते स्थानीय लोगों और महिलाओं को डराया-धमकाया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, ज्ञापन में कुछ लोगों के नाम लेते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। वार्डवासियों ने प्रशासन से क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अवैध कब्जों पर तत्काल रोक लगाने की पुरजोर मांग की है।1
- नागौर जिले के एक गाँव में वहाँ के ब्लॉकर की जमकर प्रशंसा की गई है, जहाँ उन्हें 'बहुत अच्छा ब्लॉकर' बताया गया है। ग्रामीणों ने उनके काम को 'बहुत ही बढ़िया' करार देते हुए उनकी सराहना की है।1
- एक असाधारण और प्रेरणादायक शख्स जिसके दोनों हाथ धड़ से अलग हैं, वह न सिर्फ गाड़ी चलाता है बल्कि अन्य सभी कार्यों को भी 'एक नंबर' तरीके से अंजाम देता है। यह स्थिति उन लोगों के लिए एक सशक्त संदेश है जो जीवन में हार मान लेते हैं या अपनी परिस्थितियों की शिकायत करते हैं। पोस्ट में कहा गया है कि अगर किसी को अपने जीवन से कोई शिकायत है, तो उन्हें इस व्यक्ति से प्रेरणा लेने के लिए इस वीडियो को अवश्य देखना चाहिए और समझना चाहिए कि इंसान को अपने जीवन में कभी हार नहीं माननी चाहिए।1
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा एक 'भद्दी बात' कहे जाने को लेकर सवाल उठाया गया है। मूल पोस्ट में यह पूछा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने ऐसी टिप्पणी आखिर क्यों की। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वह 'भद्दी बात' कौन सी थी या किस संदर्भ में कही गई थी।1