पिलानी कस्बे के राजपुरा मौहल्ला वार्ड 33 के निवासियों ने क्षेत्र की कीमती भूमि पर कथित अवैध कब्जे और अतिक्रमण के विरोध में कड़ा विरोध दर्ज कराया है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और प्रवासियों ने पिलानी विधायक पितराम काला के नेतृत्व में तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार सोनू आर्य को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि खसरा नंबर 833 और 942 की भूमि पर करीब 45 परिवार लंबे समय से निवास कर रहे हैं। इन परिवारों के पास बिजली-पानी के कनेक्शन भी हैं और वे शांतिपूर्वक जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कुछ भू-माफिया और असामाजिक तत्व इस भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश कर रहे हैं, जिसके चलते स्थानीय लोगों और महिलाओं को डराया-धमकाया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, ज्ञापन में कुछ लोगों के नाम लेते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। वार्डवासियों ने प्रशासन से क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अवैध कब्जों पर तत्काल रोक लगाने की पुरजोर मांग की है।
पिलानी कस्बे के राजपुरा मौहल्ला वार्ड 33 के निवासियों ने क्षेत्र की कीमती भूमि पर कथित अवैध कब्जे और अतिक्रमण के विरोध में कड़ा विरोध दर्ज कराया है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और प्रवासियों ने पिलानी विधायक पितराम काला के नेतृत्व में तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार सोनू आर्य को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि खसरा नंबर 833 और 942 की भूमि पर करीब 45 परिवार लंबे समय से निवास कर रहे हैं। इन परिवारों के पास बिजली-पानी के कनेक्शन भी हैं और वे शांतिपूर्वक जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कुछ भू-माफिया और असामाजिक तत्व इस भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश कर रहे हैं, जिसके चलते स्थानीय लोगों और महिलाओं को डराया-धमकाया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, ज्ञापन में कुछ लोगों के नाम लेते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। वार्डवासियों ने प्रशासन से क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अवैध कब्जों पर तत्काल रोक लगाने की पुरजोर मांग की है।
- पिलानी कस्बे के राजपुरा मौहल्ला वार्ड 33 के निवासियों ने क्षेत्र की कीमती भूमि पर कथित अवैध कब्जे और अतिक्रमण के विरोध में कड़ा विरोध दर्ज कराया है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और प्रवासियों ने पिलानी विधायक पितराम काला के नेतृत्व में तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार सोनू आर्य को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि खसरा नंबर 833 और 942 की भूमि पर करीब 45 परिवार लंबे समय से निवास कर रहे हैं। इन परिवारों के पास बिजली-पानी के कनेक्शन भी हैं और वे शांतिपूर्वक जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कुछ भू-माफिया और असामाजिक तत्व इस भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश कर रहे हैं, जिसके चलते स्थानीय लोगों और महिलाओं को डराया-धमकाया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, ज्ञापन में कुछ लोगों के नाम लेते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। वार्डवासियों ने प्रशासन से क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अवैध कब्जों पर तत्काल रोक लगाने की पुरजोर मांग की है।1
- झुंझुनूं जिले के मंडावा कस्बे के वार्ड 2 स्थित ब्रह्म बगीची के गेट और ताले तोड़ने के मामले को लेकर बुधवार शाम को स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना के संबंध में थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 26 मई को दोपहर में मुख्य लोहे का दरवाजा उखाड़कर ले जाया गया और अंदर के ताले भी तोड़ दिए गए। यह असामाजिक तत्वों द्वारा इस स्थान पर चौथी बार ताले तोड़ने की घटना है। थानाधिकारी रामनारायण चोयल के अनुसार, वार्ड एक आनंदपुरा मोहल्ला निवासी लक्ष्मीकांत ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ब्रह्म बगीची नामक यह स्थान स्वर्गीय मूंगाराम हरलालका द्वारा लगभग 75 वर्ष पूर्व स्वर्गीय सागरमल शर्मा को दिया गया था। तब से लेकर आज तक, सागरमल शर्मा के परिवार द्वारा ही इसका रखरखाव किया जा रहा है और मंदिर में पूजा-अर्चना की जाती है। परिवार ने इस स्थान पर चारदीवारी, दो मकान, और शौचालय का निर्माण भी करवाया है, साथ ही बिजली-पानी की व्यवस्था और उसका भुगतान भी निरंतर किया जा रहा है। लक्ष्मीकांत द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में अमित, रामस्वरूप, शिव भगवान, मेघाराम और अन्य व्यक्तियों को इस घटना में शामिल बताया गया है। पुलिस ने घटना स्थल का मौका मुआयना किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दौरान पुष्कर चोटिया, बनवारी लाल चोटिया, रमाकांत चोटिया, रामस्वरूप चोटिया, चोथमल भूड़ादरा, महेश दुगोलिया, सुशील लुहारूवाला, मोहिन्द्र शर्मा, रामवतार शर्मा, रवि शर्मा, लक्ष्मीकांत शर्मा, मनोज शर्मा, विष्णु भाटीवाड़ा, संतू लुहारूवाला, ईश्वर पापटान, सांवर मल दरोगा और चंद्रभान भाटी सहित कई लोग उपस्थित थे।3
- अलवर में, रामगढ़ नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों ने 27 मई 2026 को अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में वाल्मीकि सेना के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुँचकर एक ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने मुख्य रूप से वेतन वृद्धि, समय पर वेतन भुगतान और अन्य समस्याओं के समाधान की पुरजोर मांग की। वाल्मीकि सेना के पदाधिकारियों और सफाई कर्मचारियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तीन दिनों के भीतर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वे मजबूरन आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान, बड़ी संख्या में एकजुट सफाई कर्मचारी और वाल्मीकि सेना के कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने अपने हक-अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। वाल्मीकि सेना के नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सफाई कर्मचारी नगर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए।2
- जल योजना के तहत चूरू, सरदारशहर, रतनगढ़ और सुजानगढ़ शहरों के लिए पानी को विशेष रूप से फिल्टर किया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद, फिल्टर किया हुआ यह पानी लगभग 200 से 300 किलोमीटर तक लंबी पाइपलाइन के माध्यम से इन क्षेत्रों के हर घर तक पहुंचाया जाता है।1
- चूरू जिले के सिद्धमुख थाना क्षेत्र के दयावठ गांव में एक बेहद निंदनीय मामला सामने आया है, जहाँ फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों और पुलिस पर एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है। यह घटना लोन की वसूली के नाम पर हुई, जिसकी अब हर तरफ कड़ी निंदा हो रही है और स्थानीय ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोन रिकवरी के लिए गांव पहुंचे फाइनेंस कर्मचारियों ने मर्यादाओं की सभी सीमाएं लांघते हुए महिला से दुर्व्यवहार किया। क्षेत्रवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि कानूनी प्रक्रिया अपनी जगह है, लेकिन बकाया वसूली के नाम पर आमजन, खासकर महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ किसी भी सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस शर्मनाक घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर एवं स्थानीय प्रशासन से तुरंत संज्ञान लेने की पुरजोर अपील की है। आमजन ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की बिना किसी दबाव के, तुरंत और निष्पक्ष जांच करवाई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि इस घटना में जो भी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी या संबंधित पुलिस स्टाफ संलिप्त पाए जाएं, उन पर कड़ी से कड़ी दंडात्मक और विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में रिकवरी के नाम पर किसी भी नागरिक को इस तरह प्रताड़ित न किया जाए। यदि प्रशासन इस मामले में त्वरित और सख्त कदम नहीं उठाता, तो आमजन को मजबूरन कड़ा विरोध जताना पड़ेगा।1
- गठिया-बाय और जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों को राहत मिली है, जिसमें एक महिला को विशेष रूप से आराम मिलने की बात कही गई है। यह राहत सुनील सर की दवा के असर से संभव हुई बताई जा रही है। संदेश के अनुसार, अब दर्द से छुटकारा पाना संभव है, और जो लोग इस तरह के दर्द से पीड़ित हैं, उन्हें आज ही संपर्क करने की सलाह दी गई है।1
- तमिलनाडु में विजय को लेकर व्यापक प्रशंसा व्यक्त की गई है, जहाँ उन्हें अब केवल एक सुपरस्टार के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि वे राज्य के लोगों के लिए भगवान बन चुके हैं। जानकारी के अनुसार, विजय ने मुख्यमंत्री का पद पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ संभाला है, और वे अपने सभी कार्यों को अत्यंत कुशलता से निभा रहे हैं।1
- फेम इंडिया और एशिया पोस्ट द्वारा किए गए एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण में झुंझुनूं के जिला कलक्टर डॉ. अरुण गर्ग को देश के शीर्ष 100 कलेक्टर्स की सूची में स्थान दिया गया है। उन्हें यह सम्मान जिले में किए गए नवाचारों, उनकी त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और प्रभावी प्रशासनिक कार्यशैली के आधार पर मिला है। इस सर्वेक्षण के अंतर्गत देशभर के लगभग 800 जिलों के कलक्टर्स के कार्यों का मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन विशेषज्ञों की राय, जमीनी रिपोर्ट और मीडिया विश्लेषण के आधार पर किया गया, जिसमें प्रशासनिक क्षमता, जनसेवा, संकट प्रबंधन, जवाबदेही और विकासोन्मुखी सोच जैसे 10 प्रमुख मानक शामिल थे। फेम इंडिया और एशिया पोस्ट पिछले 15 वर्षों से यह राष्ट्रीय सर्वेक्षण आयोजित कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलाधिकारियों का चयन करना है।1