उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 21 जून 2026 को चंपावत जनपद के बनबसा क्षेत्र का दौरा किया। अपने जनपद भ्रमण के दौरान, मुख्यमंत्री ने विभिन्न शोकाकुल परिवारों से भेंट कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री ने देशीफार्म, बनबसा निवासी श्री बलवीर कश्यप के आवास पहुंचकर उनकी पूजनीय माता स्वर्गीय श्रीमती प्रेमा देवी के निधन पर शोक व्यक्त किया। स्वर्गीय श्रीमती प्रेमा देवी का 72 वर्ष की आयु में सर्पदंश के कारण निधन हो गया था। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने वन विभाग की ओर से सर्पदंश पीड़ित के आश्रितों को प्रदान की जाने वाली आर्थिक सहायता के तहत 3 लाख रुपये की धनराशि का चेक परिजनों को सौंपा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री श्री धामी ने चन्दफार्म निवासी श्री दिनेश चन्द्र जोशी के आवास पहुंचकर उनके 35 वर्षीय पुत्र स्वर्गीय श्री नितिन जोशी के आकस्मिक निधन पर भी गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने चन्दफार्म, बनबसा निवासी श्री हरीश चन्द के आवास पहुंचकर उनके पूजनीय पिता स्वर्गीय श्री देवेन्द्र चन्द के निधन पर भी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा कि दुःख की इस घड़ी में प्रदेश सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है।
उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 21 जून 2026 को चंपावत जनपद के बनबसा क्षेत्र का दौरा किया। अपने जनपद भ्रमण के दौरान, मुख्यमंत्री ने विभिन्न शोकाकुल परिवारों से भेंट कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री ने देशीफार्म, बनबसा निवासी श्री बलवीर कश्यप के आवास पहुंचकर उनकी
पूजनीय माता स्वर्गीय श्रीमती प्रेमा देवी के निधन पर शोक व्यक्त किया। स्वर्गीय श्रीमती प्रेमा देवी का 72 वर्ष की आयु में सर्पदंश के कारण निधन हो गया था। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने वन विभाग की ओर से सर्पदंश पीड़ित के आश्रितों को प्रदान की जाने वाली आर्थिक सहायता के तहत 3 लाख रुपये की धनराशि का चेक
परिजनों को सौंपा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री श्री धामी ने चन्दफार्म निवासी श्री दिनेश चन्द्र जोशी के आवास पहुंचकर उनके 35 वर्षीय पुत्र स्वर्गीय श्री नितिन जोशी के आकस्मिक निधन पर भी गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने चन्दफार्म, बनबसा निवासी श्री हरीश चन्द के आवास पहुंचकर
उनके पूजनीय पिता स्वर्गीय श्री देवेन्द्र चन्द के निधन पर भी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा कि दुःख की इस घड़ी में प्रदेश सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है।
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने दो दिवसीय चंपावत दौरे पर टनकपुर पहुँचे, जहाँ जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी और भव्य स्वागत किया। अपने इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री कई कार्यक्रमों में प्रतिभाग करेंगे।1
- पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत 23वीं किस्त जारी कर दी गई है। इस अवसर पर, कत्यूर सेवा सेंटर टीट बाजार समेत जिलेभर के विभिन्न सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) केंद्रों में इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया।1
- सुल्तानपुर जिले से एक अत्यंत भावुक संदेश सामने आया है, जिसमें पोस्टमाॅर्टम से संबंधित तत्काल कार्रवाई की पुरज़ोर अपील की गई है। इस संदेश में कल दोपहर 3:04 बजे का ज़िक्र किया गया है, जो संभवतः किसी घटना या प्रक्रिया के समय को दर्शाता है। लगातार इस्तेमाल किए गए हाथ जोड़ने और रोने वाले इमोजी, इस गुहार के पीछे की गहरी पीड़ा और शीघ्र ध्यान देने की तीव्र आवश्यकता को दर्शाते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर फिर से बहस का विषय बन गया है। विधानसभा में हुई एक बहस के दौरान उन्होंने सवाल उठाया था कि यदि किसी को "अल्लाह हू अकबर" का नारा अच्छा न लगे और वह उसे रोकने का प्रयास करे, तो क्या यह उचित होगा। मुख्यमंत्री ने इस उदाहरण के माध्यम से धार्मिक नारों और आस्था के सम्मान के महत्व पर बात की थी। उनके इस बयान पर पहले भी अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ सामने आई थीं। जहाँ एक ओर समर्थकों ने इसे सभी धर्मों की आस्था का सम्मान करने और दोहरे मानदंडों पर सवाल उठाने का प्रयास बताया था, वहीं आलोचकों ने इसे एक विवादास्पद बयान करार दिया था। आज भी सोशल मीडिया पर यह मुद्दा गरमाया हुआ है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा विषय मानते हुए इस पर अपनी राय रख रहे हैं, जबकि अन्य इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी के तौर पर देख रहे हैं, जिससे यह बहस लगातार जारी है।1
- अमरिया थाना परिसर में आगामी मोहर्रम पर्व के मद्देनजर शनिवार को दोपहर 3 बजे पीस कमेटी की एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने पर चर्चा करना था। बैठक में एसडीएम मयंक गोस्वामी, सीओ सदर आईपीएस नताशा गोयल और थाना प्रभारी अमित सिंह ने प्रमुख रूप से भाग लिया। उन्होंने धर्मगुरुओं, ताजियादारों, ग्राम प्रधानों और क्षेत्रीय नागरिकों के साथ शांतिपूर्ण माहौल में पर्व मनाने पर विस्तृत चर्चा की। एसडीएम मयंक गोस्वामी ने सभी से मोहर्रम को भाईचारे और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की। वहीं, सीओ सदर नताशा गोयल ने ताजियों की ऊंचाई, बिजली के तारों की सुरक्षा, जुलूसों की व्यवस्था और डीजे के उपयोग से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। प्रशासन ने पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी उपस्थित लोगों से सहयोग का आह्वान किया।1
- पीलीभीत जिले के माधोटांडा क्षेत्र में ग्रामीण विद्युत विभाग की मनमानी से भड़क उठे हैं। भयंकर गर्मी से परेशान इन ग्रामीणों ने स्थानीय पावर हाउस का घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि योगी सरकार के आदेश केवल 'हवा-हवाई' साबित हो रहे हैं, क्योंकि माधोटांडा विद्युत विभाग अपनी मनमानी कर रहा है। यह घटना विभाग की तानाशाही और भीषण गर्मी के कारण उपजी ग्रामीणों की परेशानी और गुस्से को दर्शाती है।4
- उत्तर प्रदेश के अमरिया में अवैध खनन का 'काला खेल' बदस्तूर जारी है। खबर के अनुसार, यहाँ जेसीबी, ट्रैक्टर और डंपरों का इस्तेमाल कर दिन-रात मिट्टी और रेत की खुलेआम लूट की जा रही है। इस गंभीर गतिविधि पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की खामोशी पर सवाल उठाए गए हैं, जिसके चलते यह अवैध धंधा बेरोकटोक जारी है।1
- गर्मी के बढ़ते असर के साथ, बागेश्वर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कौसानी और बैजनाथ में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। देश के कोने-कोने से परिवार, युवा और बुजुर्ग ठंडी पर्वतीय हवा और साफ-सुथरे मौसम की तलाश में इन स्थलों पर पहुँच रहे हैं। कौसानी में सैलानी सिद्ध हिमालय के मनमोहक नजारों का आनंद ले रहे हैं, जहाँ वे फोटोग्राफी और शांतिपूर्ण सैर का लुत्फ़ उठाते हैं। इसके अतिरिक्त, कौसानी के अनाशक्ति आश्रम में आगंतुक विशेष रूप से गांधी जी के जीवन और विचारों को समझने में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। दूसरी ओर, बैजनाथ का पवित्र परिसर भी पर्यटकों से गुलजार है। यहाँ कई पर्यटक कृत्रिम झील के किनारे बने मकानों में ठहर कर प्रकृति का सुख अनुभव कर रहे हैं, वहीं बाबा बैजनाथ के दर्शन और जलाभिषेक कर श्रद्धालु वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा भर रहे हैं। पर्यटकों की इस बढ़ती आमद से स्थानीय गाइड और छोटे व्यवसायों को भी जीविका मिलने लगी है, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।1
- पीलीभीत जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम ललौरी खेड़ा में एक शराब की दुकान को लेकर काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है।1