जेष्ठ मास के आखिरी बड़े मंगलवार को कादीपुर गोपालपुर स्थित बाझउआ बाबा मंदिर में सुंदरकांड पाठ और एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह आयोजन मंदिर परिसर में हर मंगलवार को सुंदरकांड या हनुमान चालीसा पाठ करने के निर्णय के शुभारंभ के तौर पर किया गया। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों से मंदिर की जमीन के कुछ हिस्से पर मुस्लिम समुदाय के लोगों का कब्जा था। स्थानीय प्रशासन, हिंदू संगठनों, क्षेत्र के हिंदू जनप्रतिनिधियों और आस-पास के निवासियों के सहयोग से इस भूमि को हाल ही में मुक्त कराया गया। इसी के बाद यह तय किया गया कि अब प्रत्येक मंगलवार को बाझउआ बाबा मंदिर परिसर में नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे, जिसकी शुरुआत आज हुई। इस शुभ अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल, कादीपुर कोतवाली प्रभारी दीपेन्द्र प्रताप सिंह अपनी पूरी पुलिस फोर्स के साथ शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए स्वयं उपस्थित थे। कार्यक्रम में एडवोकेट संजय सिंह, घनश्याम जायसवाल, अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण समिति विधानसभा कादीपुर के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, विकास पाण्डेय "विपुल", रामसिंह सिपाही, विश्व हिंदू परिषद कादीपुर प्रखंड मंत्री राहुल सिंह, बजरंग दल संयोजक प्रखंड कादीपुर ध्यान सिंह, बजरंग दल संयोजक प्रखंड प्रतापपुर कमैचा मुकेश पाठक, बजरंग दल संयोजक उपखंड गोपालपुर विकास पाल और विश्व हिंदू परिषद उपखंड गोपालपुर के अध्यक्ष सुरेश पाल सहित सैकड़ों भक्तों ने भाग लिया। विकास पाण्डेय "विपुल" के मधुर स्वर में सुंदरकांड का पाठ किया गया, जिसके उपरांत आरती हुई और प्रसाद का वितरण किया गया।
जेष्ठ मास के आखिरी बड़े मंगलवार को कादीपुर गोपालपुर स्थित बाझउआ बाबा मंदिर में सुंदरकांड पाठ और एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह आयोजन मंदिर परिसर में हर मंगलवार को सुंदरकांड या हनुमान चालीसा पाठ करने के निर्णय के शुभारंभ के तौर पर किया गया। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों से मंदिर की जमीन के कुछ हिस्से पर मुस्लिम समुदाय के लोगों का कब्जा था। स्थानीय प्रशासन, हिंदू संगठनों, क्षेत्र के हिंदू जनप्रतिनिधियों और आस-पास के निवासियों के सहयोग से इस भूमि को हाल ही में मुक्त कराया गया। इसी के बाद यह तय किया गया कि अब प्रत्येक मंगलवार को बाझउआ बाबा मंदिर परिसर में नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे, जिसकी शुरुआत आज हुई। इस शुभ अवसर
पर नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल, कादीपुर कोतवाली प्रभारी दीपेन्द्र प्रताप सिंह अपनी पूरी पुलिस फोर्स के साथ शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए स्वयं उपस्थित थे। कार्यक्रम में एडवोकेट संजय सिंह, घनश्याम जायसवाल, अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण समिति विधानसभा कादीपुर के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, विकास पाण्डेय "विपुल", रामसिंह सिपाही, विश्व हिंदू परिषद कादीपुर प्रखंड मंत्री राहुल सिंह, बजरंग दल संयोजक प्रखंड कादीपुर ध्यान सिंह, बजरंग दल संयोजक प्रखंड प्रतापपुर कमैचा मुकेश पाठक, बजरंग दल संयोजक उपखंड गोपालपुर विकास पाल और विश्व हिंदू परिषद उपखंड गोपालपुर के अध्यक्ष सुरेश पाल सहित सैकड़ों भक्तों ने भाग लिया। विकास पाण्डेय "विपुल" के मधुर स्वर में सुंदरकांड का पाठ किया गया, जिसके उपरांत आरती हुई और प्रसाद का वितरण किया गया।
- प्रदीप मिश्रा से जुड़ा मामला लगातार गरमाता जा रहा है। इस संबंध में बबीता शर्मा एक बार फिर कैमरे के सामने आईं और सरकार के खिलाफ अपनी बात रखी। उन्होंने मांग की कि मिले सरकारी सुरक्षा गार्ड को हटाया जाए। साथ ही, बबीता शर्मा ने आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच कराने की बात भी उठाई।1
- सुल्तानपुर जनपद आगामी 28 जून को चिकित्सा जगत के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नया इतिहास रचने जा रहा है। डॉ. ए.के. सिंह और डॉ. राजीव श्रीवास्तव की विशेष पहल पर, स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज (दूबेपुर) में एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का भव्य आयोजन किया जा रहा है। सुल्तानपुर के इतिहास में यह अपनी तरह का पहला बड़ा आयोजन है, जो पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है। यह महत्वपूर्ण सम्मेलन मुख्य रूप से हृदय रोग और उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) जैसे गंभीर चिकित्सा विषयों पर केंद्रित रहेगा। इसमें देश के प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञ, वरिष्ठ चिकित्सक और चिकित्सा वैज्ञानिक हिस्सा लेंगे। इंडियन सोसायटी ऑफ हाइपरटेंशन (उत्तर प्रदेश चैप्टर) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए, सुल्तानपुर) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह सम्मेलन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ पीजीआई लखनऊ के निदेशक प्रोफेसर धीरज धीमान द्वारा किया जाएगा।1
- लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के सोनवर्सा गांव में बुधवार सुबह नीम के पेड़ की डालियां काटने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लम्भुआ में भर्ती कराया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वर्गीय फूलचंद के पुत्र तुषार और स्वर्गीय गुरुदीन के पुत्र सुभाष को मारपीट में गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंचीं सुभाष की पत्नी ज्योति भी हमलावरों का शिकार बन गईं; परिजनों के अनुसार, उन्हें कमर और गले में चोटें आईं, जब वह अपने 10 माह के मासूम बच्चे को सुरक्षित बचा रही थीं। मारपीट में तुषार के सिर और कंधे पर भी चोटें आईं, जिनकी हालत चिंताजनक बताई गई है और वे घटना के बाद दो बार बेहोश हो चुके हैं। गुलाबचंद की पत्नी अनीता, जिनका हाल ही में ऑपरेशन हुआ था, भी इस झड़प में घायल हो गईं। परिजनों ने बताया कि इस विवाद की शुरुआत 24 जून को नीम की कुछ डालियां काटने को लेकर हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और अगले दिन यह हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि विपक्षी पक्ष के विनोद, मनोज, विनय, सविता और कोमल सहित कई लोग एकजुट होकर तुषार के दरवाजे पर पहुंचे और मारपीट की। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को 102 एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लम्भुआ भेजा। पुलिस ने दोनों पक्षों के विरुद्ध शांति भंग की कार्रवाई करते हुए उनका चालान कर तहसील लम्भुआ भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।2
- सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र स्थित रहिलपारा गाँव में 24 जून, 2026 की रात करीब 9 बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई। गाँव से सूचना मिली कि 14 वर्षीय आनंद वर्मा, पुत्र अवधराज वर्मा, ने बगिया में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर सुनील कुमार, प्रभारी निरीक्षक और अन्य पुलिस बल मौके पर पहुँचे। प्रारंभिक पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आनंद वर्मा अपने नाना लाल बहादुर के यहाँ रहता था और आज सुबह उसके नाना ने उसे आम बीनने को लेकर डांटा था कि वह कहाँ समय बर्बाद करता रहता है। इस डांट से नाराज होकर आनंद सुबह से ही गायब हो गया था और रात को उसका शव बगिया के पेड़ से लटका हुआ मिला। आनंद वर्मा मूल रूप से कुड़ेभार थाना क्षेत्र के ममर्खा गाँव का निवासी है, जहाँ उसके माता-पिता भी रहते हैं। पुलिस द्वारा पंचायतनामा की कार्रवाई की जा रही है और फील्ड यूनिट फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुला लिया गया है। घटनास्थल पर शांति व्यवस्था बनी हुई है।1
- सुल्तानपुर के लंभुआ नगर पंचायत में लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में आग लगने से हुई छात्र-छात्राओं की मौत के मामले में एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च अधिवक्ता और मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव नवनीत यादव द्वारा आयोजित किया गया था। यह कैंडल मार्च लंभुआ कस्बे से शुरू होकर वीर अब्दुल हमीद पार्क चौकिया मोड़ तक निकाला गया, जिसमें लखनऊ में कोचिंग में आगजनी के मृतक छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान, नवनीत यादव ने सरकार से गंभीरता से अपील की कि कोचिंग संस्थानों में ऐसी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ जिससे भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाएँ दोबारा न हों।4
- अम्बेडकरनगर जिले में घाघरा नदी के किनारे एक मृत मगरमच्छ का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह घटना सुबह उस समय सामने आई जब नदी किनारे पहुंचे ग्रामीणों ने मगरमच्छ के शव को देखा, जिसके बाद उन्होंने तत्काल वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत मगरमच्छ का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की आवश्यक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, प्रारंभिक तौर पर मगरमच्छ की मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मगरमच्छ की मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। मगरमच्छ मिलने की खबर तेजी से फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। लोगों के बीच इस बात को लेकर काफी चर्चा रही कि आखिर मगरमच्छ नदी से निकलकर किनारे तक कैसे पहुंचा और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वन्यजीवों से संबंधित किसी भी घटना की सूचना उन्हें तुरंत दी जाए और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दिया जाए। विभाग द्वारा इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- गर्मी की छुट्टियाँ समाप्त होने के बाद अम्बेडकरनगर के स्कूलों में एक बार फिर से चहल-पहल लौट आई है। इस अवसर पर, जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने व्यक्तिगत रूप से स्कूलों का दौरा कर वहाँ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को उत्साहपूर्वक पढ़ाई करने के लिए प्रेरित भी किया, जिससे शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को बल मिला।1
- वेनेजुएला से एक दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक के बाद एक आए दो अत्यंत शक्तिशाली भूकंपों ने चारों तरफ भारी तबाही मचा दी है। रिक्टर स्केल पर इन भूकंपों की तीव्रता 7.1 और 7.5 मापी गई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक करीब 1 लाख लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। भूकंप के झटके इतने भीषण थे कि देखते ही देखते बहुमंजिला और ऊंची इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं और मलबे के ढेर में तब्दील हो गईं। सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल है और चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार सुनाई दे रही है। मिली जानकारी के अनुसार, इस महाविनाश का मुख्य केंद्र राजधानी काराकास से महज 16 किलोमीटर दूर था, जिसके कारण राजधानी काराकास में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। शहर का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह तबाह हो चुका है। मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ने की आशंका है क्योंकि सैकड़ों लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की हरसंभव कोशिश में जुटी हैं, और राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।1