अंबेडकरनगर में शासन की महत्वाकांक्षी मध्यान्ह भोजन (MDM) योजना की वास्तविकता और गुणवत्ता परखने के लिए जिले के शीर्ष प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने अचानक एक प्राथमिक विद्यालय का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान जिला अधिकारी (DM) ईशा प्रिया, पुलिस अधीक्षक (SP) प्राची सिंह, तथा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी (SDM) अकबरपुर प्रतीक्षा सिंह ने न केवल व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया, बल्कि बच्चों के साथ जमीन पर एक ही पंगत में बैठकर भोजन भी ग्रहण किया। अधिकारियों ने विद्यालय में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वाद, स्वच्छता और पोषण मानकों की गहन जांच की। इस दौरान उन्होंने बच्चों से सीधा संवाद स्थापित कर भोजन की नियमितता, तय मेन्यू और विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं के बारे में प्रतिक्रिया ली। जिले के इतने बड़े अधिकारियों को अपने बीच पाकर और उनसे सीधे बातचीत कर विद्यालय परिसर में बच्चों के बीच भारी उत्साह का माहौल देखने को मिला। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने विद्यालय प्रशासन और संबंधित स्टाफ को सख्त निर्देश दिए कि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप ही पौष्टिक, गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों को मजबूती देना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों की थाली में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता जानने के लिए शीर्ष अधिकारियों का इस तरह जमीन पर बैठना व्यवस्था की पारदर्शिता का संदेश देता है। प्रशासन के इस मानवीय और संवेदनशील चेहरे से लोग बेहद प्रभावित हैं, जिसकी क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है।
अंबेडकरनगर में शासन की महत्वाकांक्षी मध्यान्ह भोजन (MDM) योजना की वास्तविकता और गुणवत्ता परखने के लिए जिले के शीर्ष प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने अचानक एक प्राथमिक विद्यालय का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान जिला अधिकारी (DM) ईशा प्रिया, पुलिस अधीक्षक (SP) प्राची सिंह, तथा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी (SDM) अकबरपुर प्रतीक्षा सिंह ने न केवल व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया, बल्कि बच्चों के साथ जमीन पर एक ही पंगत में बैठकर भोजन भी ग्रहण किया। अधिकारियों ने विद्यालय में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वाद, स्वच्छता और पोषण मानकों की गहन जांच की। इस दौरान उन्होंने बच्चों से सीधा संवाद स्थापित कर भोजन की नियमितता, तय मेन्यू और विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं के बारे में प्रतिक्रिया ली। जिले के इतने बड़े अधिकारियों को अपने बीच पाकर और उनसे सीधे बातचीत कर विद्यालय परिसर में बच्चों के बीच भारी उत्साह का माहौल देखने को मिला। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने विद्यालय प्रशासन और संबंधित स्टाफ को सख्त निर्देश दिए कि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप ही पौष्टिक, गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों को मजबूती देना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों की थाली में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता जानने के लिए शीर्ष अधिकारियों का इस तरह जमीन पर बैठना व्यवस्था की पारदर्शिता का संदेश देता है। प्रशासन के इस मानवीय और संवेदनशील चेहरे से लोग बेहद प्रभावित हैं, जिसकी क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है।
- प्रदीप मिश्रा से जुड़ा मामला लगातार गरमाता जा रहा है। इस संबंध में बबीता शर्मा एक बार फिर कैमरे के सामने आईं और सरकार के खिलाफ अपनी बात रखी। उन्होंने मांग की कि मिले सरकारी सुरक्षा गार्ड को हटाया जाए। साथ ही, बबीता शर्मा ने आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच कराने की बात भी उठाई।1
- सुल्तानपुर जनपद आगामी 28 जून को चिकित्सा जगत के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नया इतिहास रचने जा रहा है। डॉ. ए.के. सिंह और डॉ. राजीव श्रीवास्तव की विशेष पहल पर, स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज (दूबेपुर) में एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का भव्य आयोजन किया जा रहा है। सुल्तानपुर के इतिहास में यह अपनी तरह का पहला बड़ा आयोजन है, जो पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है। यह महत्वपूर्ण सम्मेलन मुख्य रूप से हृदय रोग और उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) जैसे गंभीर चिकित्सा विषयों पर केंद्रित रहेगा। इसमें देश के प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञ, वरिष्ठ चिकित्सक और चिकित्सा वैज्ञानिक हिस्सा लेंगे। इंडियन सोसायटी ऑफ हाइपरटेंशन (उत्तर प्रदेश चैप्टर) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए, सुल्तानपुर) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह सम्मेलन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ पीजीआई लखनऊ के निदेशक प्रोफेसर धीरज धीमान द्वारा किया जाएगा।1
- सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र स्थित रहिलपारा गाँव में 24 जून, 2026 की रात करीब 9 बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई। गाँव से सूचना मिली कि 14 वर्षीय आनंद वर्मा, पुत्र अवधराज वर्मा, ने बगिया में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर सुनील कुमार, प्रभारी निरीक्षक और अन्य पुलिस बल मौके पर पहुँचे। प्रारंभिक पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आनंद वर्मा अपने नाना लाल बहादुर के यहाँ रहता था और आज सुबह उसके नाना ने उसे आम बीनने को लेकर डांटा था कि वह कहाँ समय बर्बाद करता रहता है। इस डांट से नाराज होकर आनंद सुबह से ही गायब हो गया था और रात को उसका शव बगिया के पेड़ से लटका हुआ मिला। आनंद वर्मा मूल रूप से कुड़ेभार थाना क्षेत्र के ममर्खा गाँव का निवासी है, जहाँ उसके माता-पिता भी रहते हैं। पुलिस द्वारा पंचायतनामा की कार्रवाई की जा रही है और फील्ड यूनिट फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुला लिया गया है। घटनास्थल पर शांति व्यवस्था बनी हुई है।1
- आज बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कार्यकर्ताओं ने संगठन की मजबूती के लिए लमहुआ के सिटी मैरिज हॉल में एक बैठक आयोजित की। शैलेंद्र कुमार सिंह की अगुवाई में हुई इस बैठक में विश्वनाथ पाल जी की मौजूदगी में, कार्यकर्ताओं ने 2027 के चुनाव को लेकर कमर कस ली है। इस दौरान चुनाव जीतने की रणनीति पर विशेष रूप से कार्य किया गया, जहाँ बूथ से लेकर जिला स्तर और जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक बहन मायावती की सरकार बनाने का संकल्प लिया गया।3
- लखनऊ में मोहर्रम के मौके पर अलीगंज अग्निकांड के मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस भावुक श्रद्धांजलि सभा में लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर श्रद्धासुमन अर्पित किए और हादसे में जान गंवाने वालों को दो मिनट का मौन रखकर याद किया। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सहित बड़ी संख्या में लोग इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की गईं। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सरकार से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की पुरजोर मांग की। साथ ही, सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने और हादसे के जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की अपील भी उठी। समाजवादी पार्टी की नेता सुमैया राना भी इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मौजूद रहीं।1
- गहरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान श्री मन नारायण का बार-बार जय जयकार किया गया है। इस भक्तिपूर्ण उद्घोष में 'हरि हरि' का निरंतर उच्चारण भी शामिल था।1
- अम्बेडकरनगर जिले में घाघरा नदी के किनारे एक मृत मगरमच्छ का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह घटना सुबह उस समय सामने आई जब नदी किनारे पहुंचे ग्रामीणों ने मगरमच्छ के शव को देखा, जिसके बाद उन्होंने तत्काल वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत मगरमच्छ का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की आवश्यक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, प्रारंभिक तौर पर मगरमच्छ की मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मगरमच्छ की मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। मगरमच्छ मिलने की खबर तेजी से फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। लोगों के बीच इस बात को लेकर काफी चर्चा रही कि आखिर मगरमच्छ नदी से निकलकर किनारे तक कैसे पहुंचा और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वन्यजीवों से संबंधित किसी भी घटना की सूचना उन्हें तुरंत दी जाए और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दिया जाए। विभाग द्वारा इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- वेनेजुएला से एक दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक के बाद एक आए दो अत्यंत शक्तिशाली भूकंपों ने चारों तरफ भारी तबाही मचा दी है। रिक्टर स्केल पर इन भूकंपों की तीव्रता 7.1 और 7.5 मापी गई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक करीब 1 लाख लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। भूकंप के झटके इतने भीषण थे कि देखते ही देखते बहुमंजिला और ऊंची इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं और मलबे के ढेर में तब्दील हो गईं। सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल है और चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार सुनाई दे रही है। मिली जानकारी के अनुसार, इस महाविनाश का मुख्य केंद्र राजधानी काराकास से महज 16 किलोमीटर दूर था, जिसके कारण राजधानी काराकास में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। शहर का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह तबाह हो चुका है। मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ने की आशंका है क्योंकि सैकड़ों लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की हरसंभव कोशिश में जुटी हैं, और राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।1