अम्बेडकरनगर जिले में घाघरा नदी के किनारे एक मृत मगरमच्छ का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह घटना सुबह उस समय सामने आई जब नदी किनारे पहुंचे ग्रामीणों ने मगरमच्छ के शव को देखा, जिसके बाद उन्होंने तत्काल वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत मगरमच्छ का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की आवश्यक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, प्रारंभिक तौर पर मगरमच्छ की मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मगरमच्छ की मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। मगरमच्छ मिलने की खबर तेजी से फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। लोगों के बीच इस बात को लेकर काफी चर्चा रही कि आखिर मगरमच्छ नदी से निकलकर किनारे तक कैसे पहुंचा और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वन्यजीवों से संबंधित किसी भी घटना की सूचना उन्हें तुरंत दी जाए और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दिया जाए। विभाग द्वारा इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अम्बेडकरनगर जिले में घाघरा नदी के किनारे एक मृत मगरमच्छ का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह घटना सुबह उस समय सामने आई जब नदी किनारे पहुंचे ग्रामीणों ने मगरमच्छ के शव को देखा, जिसके बाद उन्होंने तत्काल वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत मगरमच्छ का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की आवश्यक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, प्रारंभिक तौर पर मगरमच्छ की मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मगरमच्छ की मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। मगरमच्छ मिलने की खबर तेजी से फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। लोगों के बीच इस बात को लेकर काफी चर्चा रही कि आखिर मगरमच्छ नदी से निकलकर किनारे तक कैसे पहुंचा और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वन्यजीवों से संबंधित किसी भी घटना की सूचना उन्हें तुरंत दी जाए और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दिया जाए। विभाग द्वारा इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- अम्बेडकरनगर जिले में घाघरा नदी के किनारे एक मृत मगरमच्छ का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह घटना सुबह उस समय सामने आई जब नदी किनारे पहुंचे ग्रामीणों ने मगरमच्छ के शव को देखा, जिसके बाद उन्होंने तत्काल वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत मगरमच्छ का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की आवश्यक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, प्रारंभिक तौर पर मगरमच्छ की मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मगरमच्छ की मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। मगरमच्छ मिलने की खबर तेजी से फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। लोगों के बीच इस बात को लेकर काफी चर्चा रही कि आखिर मगरमच्छ नदी से निकलकर किनारे तक कैसे पहुंचा और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वन्यजीवों से संबंधित किसी भी घटना की सूचना उन्हें तुरंत दी जाए और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दिया जाए। विभाग द्वारा इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- गर्मी की छुट्टियाँ समाप्त होने के बाद अम्बेडकरनगर के स्कूलों में एक बार फिर से चहल-पहल लौट आई है। इस अवसर पर, जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने व्यक्तिगत रूप से स्कूलों का दौरा कर वहाँ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को उत्साहपूर्वक पढ़ाई करने के लिए प्रेरित भी किया, जिससे शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को बल मिला।1
- जनपद अंबेडकर नगर मुख्यालय के अकबरपुर में एक देसी शराब के ठेके पर चखना (स्नैक्स) को लेकर हुए विवाद के बाद हुई मारपीट में एक 25 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान तड़प-तड़प कर मौत हो गई। यह सनसनीखेज घटना अकबरपुर-टांडा मार्ग पर स्थित उस देसी शराब के ठेके पर हुई, जो अकबरपुर थाना कोतवाली से महज 100 मीटर की दूरी पर है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस अब हत्या के आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।1
- अंबेडकर नगर के राजेसुल्तानपुर में भरत तिवारी को इंसाफ दिलाने के उद्देश्य से एक महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता देखने को मिली। इस अवसर पर करणी सेना के अध्यक्ष दीपक पंडित सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और उन्होंने भरत तिवारी के लिए न्याय की मांग को मजबूती से उठाया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की जोरदार मांग की। समाज के लोगों ने एकजुट होकर भरत तिवारी को न्याय दिलाने का संकल्प लिया। इस दौरान उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई, और यह स्पष्ट किया गया कि न्याय की यह मांग लगातार जारी रहेगी।1
- प्रदीप मिश्रा से जुड़ा मामला लगातार गरमाता जा रहा है। इस संबंध में बबीता शर्मा एक बार फिर कैमरे के सामने आईं और सरकार के खिलाफ अपनी बात रखी। उन्होंने मांग की कि मिले सरकारी सुरक्षा गार्ड को हटाया जाए। साथ ही, बबीता शर्मा ने आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच कराने की बात भी उठाई।1
- सुल्तानपुर जनपद आगामी 28 जून को चिकित्सा जगत के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नया इतिहास रचने जा रहा है। डॉ. ए.के. सिंह और डॉ. राजीव श्रीवास्तव की विशेष पहल पर, स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज (दूबेपुर) में एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का भव्य आयोजन किया जा रहा है। सुल्तानपुर के इतिहास में यह अपनी तरह का पहला बड़ा आयोजन है, जो पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है। यह महत्वपूर्ण सम्मेलन मुख्य रूप से हृदय रोग और उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) जैसे गंभीर चिकित्सा विषयों पर केंद्रित रहेगा। इसमें देश के प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञ, वरिष्ठ चिकित्सक और चिकित्सा वैज्ञानिक हिस्सा लेंगे। इंडियन सोसायटी ऑफ हाइपरटेंशन (उत्तर प्रदेश चैप्टर) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए, सुल्तानपुर) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह सम्मेलन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ पीजीआई लखनऊ के निदेशक प्रोफेसर धीरज धीमान द्वारा किया जाएगा।1
- अम्बेडकर नगर में, डीएम ईशा प्रिया एक सरकारी विद्यालय पहुँचीं। इस दौरान उन्होंने वहाँ मौजूद बच्चों का हौसला बढ़ाया और उनके साथ बैठकर मिड-डे-मील का भोजन ग्रहण किया।1
- वेनेजुएला से एक दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक के बाद एक आए दो अत्यंत शक्तिशाली भूकंपों ने चारों तरफ भारी तबाही मचा दी है। रिक्टर स्केल पर इन भूकंपों की तीव्रता 7.1 और 7.5 मापी गई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक करीब 1 लाख लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। भूकंप के झटके इतने भीषण थे कि देखते ही देखते बहुमंजिला और ऊंची इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं और मलबे के ढेर में तब्दील हो गईं। सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल है और चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार सुनाई दे रही है। मिली जानकारी के अनुसार, इस महाविनाश का मुख्य केंद्र राजधानी काराकास से महज 16 किलोमीटर दूर था, जिसके कारण राजधानी काराकास में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। शहर का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह तबाह हो चुका है। मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ने की आशंका है क्योंकि सैकड़ों लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की हरसंभव कोशिश में जुटी हैं, और राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।1