शाहजहाँपुर जनपद में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में 'मिशन शक्ति फेज-5.0' के तहत 'बहू-बेटी सम्मेलन' का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में आयोजित हुआ, जहाँ पुलिस टीम ने महिलाओं और बालिकाओं से सीधा संवाद स्थापित किया। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस टीम ने उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को साइबर अपराधों, उनके कानूनी अधिकारों और आत्मनिर्भरता के महत्व के प्रति जागरूक किया। इसके अतिरिक्त, उन्हें 1090, 112, 181 और 1930 जैसी महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस पहल के माध्यम से पुलिस ने महिलाओं से अपनी समस्याओं को बिना किसी डर के साझा करने की अपील भी की। शाहजहाँपुर पुलिस ने इस सम्मेलन के जरिए नारी सुरक्षा और उनके सम्मान के लिए अपनी अडिग प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है।
शाहजहाँपुर जनपद में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में 'मिशन शक्ति फेज-5.0' के तहत 'बहू-बेटी सम्मेलन' का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में आयोजित हुआ, जहाँ पुलिस टीम ने महिलाओं और बालिकाओं से सीधा संवाद स्थापित किया। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस टीम ने उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को साइबर अपराधों, उनके कानूनी अधिकारों और आत्मनिर्भरता के महत्व के प्रति जागरूक किया। इसके अतिरिक्त, उन्हें 1090, 112, 181 और 1930 जैसी महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस पहल के माध्यम से पुलिस ने महिलाओं से अपनी समस्याओं को बिना किसी डर के साझा करने की अपील भी की। शाहजहाँपुर पुलिस ने इस सम्मेलन के जरिए नारी सुरक्षा और उनके सम्मान के लिए अपनी अडिग प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है।
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के संडीला कोतवाली क्षेत्र में बिराहिमपुर मजरा अटवा भसेन गांव में एक बहन की शादी समारोह के दौरान पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों में गंभीर विवाद हो गया। आरोप है कि गाली-गलौज का विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने मारपीट की, जिसमें पांच लोग घायल हो गए। पीड़ित जयप्रकाश शर्मा, जो मुकंदेलाल शर्मा के पुत्र और बिराहिमपुर मजरा अटवा भसेन के निवासी हैं, ने पुलिस को बताया कि यह घटना 27 जून की रात उनकी बहन सविता के विवाह समारोह के दौरान हुई। उन्होंने फतेह बहादुर सिंह, बीपी सिंह उर्फ अभय प्रताप सिंह, सोनू, लवकुश, नागेंद्र और अभिषेक सहित कुछ लोगों को नामजद करते हुए आरोप लगाया कि पुरानी रंजिश के चलते इन आरोपियों ने गाली-गलौज की और विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। इस मारपीट में रामनाथ, अनूप, श्याम प्रकाश, रोशनी और रंजीता घायल हो गए। पुलिस ने जयप्रकाश शर्मा की तहरीर के आधार पर संडीला कोतवाली में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। संडीला के क्षेत्राधिकारी संतोष कुमार सिंह ने पुष्टि की कि तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- राम मंदिर चंदा प्रकरण को लेकर अमेठी सांसद केएल शर्मा ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में 'बड़ी मछलियों को बचाने का प्रयास किया गया', जिससे रामभक्तों की आस्था को गहरी चोट पहुँची है। अमेठी सांसद केएल शर्मा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर जन-जन तक जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी-2026) को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से शाहजहांपुर में जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सोमवार, 29 जून को कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने परीक्षा की तैयारियों की गहन समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और नियमानुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, टीईटी की लिखित परीक्षा 2 और 3 जुलाई को दो पालियों में, तथा 4 जुलाई को प्रथम सत्र में जनपद के नौ विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 09:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 02:30 बजे से शाम 05:00 बजे तक निर्धारित की गई है। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र का प्रवेश द्वार परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा, जिसके चलते परीक्षार्थियों को समय से पूर्व केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को 1 जुलाई को सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने तथा विद्युत, पेयजल, पंखे और बैठने की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, ड्यूटी पर तैनात प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को अपना परिचय पत्र अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। संभावित बारिश की स्थिति को देखते हुए, जिलाधिकारी ने पहले से वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आदेश दिया और यह भी साफ किया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह परीक्षा पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए। जनपद में जीएफ कॉलेज (ब्लॉक-ए एवं ब्लॉक-बी), जनता इंटर कॉलेज, आर्य महिला पीजी कॉलेज, आर्य महिला इंटर कॉलेज, एबी रिच इंटर कॉलेज, देवी प्रसाद इंटर कॉलेज, इस्लामिया इंटर कॉलेज तथा श्री हर कुमार पाठक कन्या इंटर कॉलेज, दलेलगंज पक्का पुल को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, एसपी सिटी देवेंद्र कुमार, नगर मजिस्ट्रेट रजनीकांत, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिवंश कुमार सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।3
- उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 को शाहजहांपुर जनपद में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले बंद कर दिए जाएंगे, और निर्धारित समय के बाद पहुंचने वाले किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सोमवार को कलक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की और सभी अधिकारियों को समयबद्ध एवं नियमानुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जानकारी दी कि यह शिक्षक पात्रता परीक्षा जनपद के नौ परीक्षा केंद्रों पर 2 और 3 जुलाई को दो पालियों में तथा 4 जुलाई को प्रथम पाली में आयोजित की जाएगी। जिलाधिकारी ने क्षेत्र मजिस्ट्रेट एवं स्थायी मजिस्ट्रेट को 1 जुलाई को सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर विद्युत, पेयजल, पंखे और बैठने की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, ड्यूटी पर तैनात प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी के लिए परिचय पत्र अनिवार्य रहेगा। संभावित वर्षा को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर वैकल्पिक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा परीक्षा पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ संपन्न कराई जाएगी। जनपद में जीएफ कॉलेज (ब्लॉक-ए एवं ब्लॉक-बी), जनता इंटर कॉलेज, आर्य महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आर्य महिला इंटर कॉलेज, एबी रिच इंटर कॉलेज, देवी प्रसाद इंटर कॉलेज, इस्लामिया इंटर कॉलेज तथा श्री हर कुमार पाठक कन्या इंटर कॉलेज (दलेलगंज, पक्का पुल) को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इस बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्र, पुलिस अधीक्षक नगर देवेंद्र कुमार, नगर मजिस्ट्रेट रजनीकांत, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिवंश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- शाहजहांपुर जनपद में आगामी विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान (1 से 31 जुलाई, 2026) और दस्तक अभियान (11 से 31 जुलाई) की तैयारियों को लेकर सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में द्वितीय अंतर्विभागीय बैठक आयोजित की गई, जहाँ अभियान को प्रभावी, समयबद्ध और परिणामपरक ढंग से संचालित करने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सा अधीक्षकों (एमओआईसी) को निर्देश दिए कि वे स्वास्थ्य केंद्रों पर समय से उपस्थित रहें और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराएं, चेतावनी देते हुए कहा कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विकासखंड भावलखेड़ा और ददरौल के खंड विकास अधिकारियों को स्वच्छता, झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई, आबादी के आसपास के तालाबों में एंटी-लार्वा छिड़काव, और घर-घर आईआरएस (इंडोर रेजिडुअल स्प्रे) का कार्य प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि एंटी-लार्वा और आईआरएस का छिड़काव पंचायत सहायक या पंचायत सचिव की निगरानी में हो, और कोई भी घर इस अभियान से वंचित न रहे। विशेष रूप से, जिलाधिकारी ने भावलखेड़ा के 49 और ददरौल के 38 संवेदनशील गांवों में अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संचालित करने का आदेश दिया। उन्होंने सभी विभागों से अपने-अपने दायित्वों का समन्वित और समयबद्ध तरीके से निर्वहन सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET)-2026 के संबंध में एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। परीक्षा केंद्रों के गेट निर्धारित समय से 45 मिनट पहले ही बंद कर दिए जाएंगे। यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जो अभ्यर्थी देर से पहुंचेंगे, उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन (रजिस्ट्री) कार्यालयों के कार्यों को निजी कंपनियों को सौंपने के निर्णय के खिलाफ फर्रुखाबाद में अधिवक्ताओं, विलेख लेखकों, स्टाम्प विक्रेताओं और टाइपिस्टों में भारी आक्रोश फैल गया है। सरकार की इस नीति के विरुद्ध सदर तहसील में शुरू हुआ यह आंदोलन अब पूरे जिले में विस्तृत हो चुका है, जिसके कारण सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से रुक गया है। सोमवार को उप-निबंधक कार्यालय परिसर में सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प विक्रेताओं और टाइपिस्टों ने एकजुट होकर एक भव्य धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीति के विरोध में "निजीकरण वापस लो", "रोजगार छीनो नहीं", और "जनता के हित में फैसला लो" जैसे जोरदार नारे लगाए। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि रजिस्ट्री कार्यालयों का निजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा क्योंकि यह हजारों लोगों की आजीविका छीन लेगा और आम आदमी का शोषण करेगा। उन्होंने तर्क दिया कि निजी कंपनियां मनमानी फीस वसूलेंगी, जिससे आम व्यक्ति के लिए जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री कराना मुश्किल हो जाएगा और पहले से ही महंगाई से त्रस्त जनता पर यह अतिरिक्त बोझ बनेगा। वकीलों ने सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और कानूनी सुरक्षा की बात करते हुए आशंका जताई कि निजीकरण से भ्रष्टाचार, देरी और महंगे शुल्क बढ़ेंगे। प्रदर्शन के बाद, आंदोलनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जब तक सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रमुख अधिवक्ता अतुल मिश्रा, विनोद सक्सेना, संजय कटियार, कुलदीप त्रिपाठी, ओमू दुबे और विपिन यादव ने जोर देकर कहा कि यह आंदोलन सिर्फ रोजगार की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के हितों की सुरक्षा के लिए भी है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि यदि सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसमें जिले भर के सभी अधिवक्ता और संबंधित कर्मचारी शामिल होंगे। इस आंदोलन का प्रभाव उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी पड़ने की संभावना है। जनता और वकीलों की मुख्य मांग है कि निबंधन कार्यालयों के निजीकरण का निर्णय तुरंत वापस लिया जाए और मौजूदा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व सुगम बनाया जाए।4
- सोमवार सुबह शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के शाहाबाद-आलमनगर मार्ग पर एक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में एक 7 वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। सभी घायल व्यक्तियों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है।1