मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2025-26 के अंतर्गत पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा जिले के पाँच विद्यालयों का चयन हुआ है। इन स्कूलों ने स्वच्छता, स्वास्थ्य और हाइजीन के मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 5 स्टार रेटिंग हासिल की है। जिले के उपायुक्त (डीसी) ने जिला मुख्यालय में इन पांच स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र और पौधा प्रदान कर सम्मानित किया, जिससे उनके प्रयासों को प्रोत्साहन मिला। इस योजना के तहत, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय चक्रधरपुर, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय हाटगम्हरिया और पीएमश्री राजकीय सेकेंडरी स्कूल- टाटा कॉलेज कॉलोनी को दो-दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, प्राथमिक विद्यालय सिमबंदा और निजी स्कूल साई मोंटेसरी इंग्लिश मीडियम स्कूल चक्रधरपुर को एक-एक लाख रुपये मिलेंगे। विशेष रूप से, सोनुआ प्रखंड के सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय सिमबंदा ने संसाधनों की कमी के बावजूद 93.75% रेटिंग के साथ पूरे जिले में अव्वल आकर अन्य स्कूलों के लिए एक प्रेरणास्रोत का काम किया है। इस विद्यालय को वर्ष 2021-22 में भी मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से नवाजा गया था। प्राथमिक विद्यालय सिमबंदा के प्रधानाध्यापक निरंजन बेहरा ने भी इस उपलब्धि पर जोर दिया कि सबसे सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र का उनका स्कूल 93.75% रेटिंग के साथ पूरे जिले में शीर्ष पर रहा। चयनित इन सभी विद्यालयों को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2025-26 के अंतर्गत पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा जिले के पाँच विद्यालयों का चयन हुआ है। इन स्कूलों ने स्वच्छता, स्वास्थ्य और हाइजीन के मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 5 स्टार रेटिंग हासिल की है। जिले के उपायुक्त (डीसी) ने जिला मुख्यालय में इन पांच स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र और पौधा प्रदान कर सम्मानित किया, जिससे उनके प्रयासों को प्रोत्साहन मिला। इस योजना के तहत, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय चक्रधरपुर, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय हाटगम्हरिया और पीएमश्री राजकीय सेकेंडरी स्कूल- टाटा कॉलेज कॉलोनी को दो-दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, प्राथमिक विद्यालय सिमबंदा और निजी स्कूल साई मोंटेसरी इंग्लिश
मीडियम स्कूल चक्रधरपुर को एक-एक लाख रुपये मिलेंगे। विशेष रूप से, सोनुआ प्रखंड के सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय सिमबंदा ने संसाधनों की कमी के बावजूद 93.75% रेटिंग के साथ पूरे जिले में अव्वल आकर अन्य स्कूलों के लिए एक प्रेरणास्रोत का काम किया है। इस विद्यालय को वर्ष 2021-22 में भी मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से नवाजा गया था। प्राथमिक विद्यालय सिमबंदा के प्रधानाध्यापक निरंजन बेहरा ने भी इस उपलब्धि पर जोर दिया कि सबसे सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र का उनका स्कूल 93.75% रेटिंग के साथ पूरे जिले में शीर्ष पर रहा। चयनित इन सभी विद्यालयों को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जाएगा।
- मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2025-26 के अंतर्गत पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा जिले के पाँच विद्यालयों का चयन हुआ है। इन स्कूलों ने स्वच्छता, स्वास्थ्य और हाइजीन के मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 5 स्टार रेटिंग हासिल की है। जिले के उपायुक्त (डीसी) ने जिला मुख्यालय में इन पांच स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र और पौधा प्रदान कर सम्मानित किया, जिससे उनके प्रयासों को प्रोत्साहन मिला। इस योजना के तहत, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय चक्रधरपुर, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय हाटगम्हरिया और पीएमश्री राजकीय सेकेंडरी स्कूल- टाटा कॉलेज कॉलोनी को दो-दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, प्राथमिक विद्यालय सिमबंदा और निजी स्कूल साई मोंटेसरी इंग्लिश मीडियम स्कूल चक्रधरपुर को एक-एक लाख रुपये मिलेंगे। विशेष रूप से, सोनुआ प्रखंड के सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय सिमबंदा ने संसाधनों की कमी के बावजूद 93.75% रेटिंग के साथ पूरे जिले में अव्वल आकर अन्य स्कूलों के लिए एक प्रेरणास्रोत का काम किया है। इस विद्यालय को वर्ष 2021-22 में भी मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से नवाजा गया था। प्राथमिक विद्यालय सिमबंदा के प्रधानाध्यापक निरंजन बेहरा ने भी इस उपलब्धि पर जोर दिया कि सबसे सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र का उनका स्कूल 93.75% रेटिंग के साथ पूरे जिले में शीर्ष पर रहा। चयनित इन सभी विद्यालयों को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जाएगा।2
- एक 85 वर्षीय दादा हाल ही में जेल से रिहा हुए हैं। उनके जेल जाने का कारण अभी भी एक प्रश्न बना हुआ है, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने इस विषय पर एक खुलासा किया है।1
- बुधवार को सरायकेला टाउन हॉल में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बूथ सम्मेलन का आयोजन किया, जिसका उद्घाटन केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडे, सांसद जोबा मांझी, विधायक दशरथ गागराई, ईचागढ़ विधायक सविता महतो, जिला अध्यक्ष डॉक्टर शुभेंदु महतो और गणेश माहली ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना था, साथ ही राज्य में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए रणनीतियाँ बनाना भी शामिल था। निकट भविष्य की राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों से निपटने के लिए बीएलए 2 (BLA 2) और जिला स्तर के झामुमो सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। सम्मेलन का एक बड़ा हिस्सा मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाने पर केंद्रित था, जिसके तहत कार्यकर्ताओं को उन सभी युवाओं या नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए जो वोट देने के योग्य हो चुके हैं। मतदाता सूची पुनरीक्षण को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की गई, और यह बात कही गई कि स्थानीय स्तर पर आम लोगों तथा पड़ोस के नागरिकों का सहयोग प्राप्त किया जाए, ताकि कोई भी योग्य मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे। ऐसे चुनौतियों का सामना करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इसी दौरान कोल्हान की राजनीति में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम भी देखने को मिला, जब वरिष्ठ शिक्षाविद्, झारखंड आंदोलनकारी और कांग्रेस के पूर्व नेता कालीपद सोरेन उर्फ केपी सोरेन अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल हो गए। जिला मुख्यालय स्थित टाउन हॉल सभागार में आयोजित मिलन समारोह में झामुमो नेतृत्व ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिले के सभी झारखंड मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का बूथ सम्मेलन सरायकेला के टाउन हॉल में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जहाँ केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व सांसद स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर किया गया। जिला अध्यक्ष ने सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और पार्टी के विभिन्न विषयों पर चर्चा की। केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि झारखंड में जनगणना और एस.आई.आर. (विशेष गहन पुनः निरीक्षण कार्यक्रम) का कार्य शुरू हो चुका है, जिसके तहत अब तक लाखों मतदाताओं के नाम सूची से कट गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक बूथ पर कम से कम 10 लोगों की बूथ कमेटी का गठन अनिवार्य है, यह झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष का स्पष्ट आदेश है। यह सम्मेलन सह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला झामुमो कमेटी द्वारा तीनों विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं के लिए सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जिसमें रांची से आई विशेषज्ञ टीम ने एस.आई.आर. से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण दिया। कार्यकर्ताओं को मतदान सूची से नाम मैपिंग करने, आवश्यक दस्तावेज बी.एल.ओ. (BLO) को उपलब्ध कराने और यह सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश दिए गए कि प्रत्येक योग्य मतदाता का नाम सूची में शामिल हो। केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं के उत्साह को दोगुना कर दिया। तीनों विधानसभा क्षेत्रों से हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा एक मजबूत संगठनात्मक पार्टी है।4
- झारखंड के हाटगामरिया प्रखंड अंतर्गत नुरदा पंचायत के ग्राम नुरदा में एक महत्वपूर्ण कुन्हा पिछले एक से दो वर्षों से खराब पड़ा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस कुन्हा की मरम्मत के लिए कई बार रिपोर्ट दी जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई भी मुखिया इसकी मरम्मत के लिए आगे नहीं आया है। समुदाय की ओर से अपील की गई है कि इस समस्या के समाधान और कुन्हा की मरम्मत के लिए सभी लोगों के समर्थन के बिना कुछ भी संभव नहीं है।2
- सरकार द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन पश्चिम सिंहभूम जिले के मंझारी प्रखंड अंतर्गत भागाबिला पंचायत के बरकीमारा गांव में दो पात्र परिवार अब भी इन योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। गांव की सुनीता पूर्ति के पास घर के नाम पर सिर्फ मिट्टी की जर्जर दीवारें बची हैं, जबकि योगेंद्र बिरूवा आज भी मिट्टी और पुआल से बने कच्चे मकान में रहने को मजबूर हैं। बरसात में इनके घरों की छत से पानी टपकता है, जिससे परिवारों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन दोनों परिवारों को अब तक न तो राज्य सरकार की अबुआ आवास योजना का लाभ मिला है और न ही केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना का। जिला परिषद सदस्य माधव चंद्र कुंकल ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि सरकार की योजनाएं सही तरीके से धरातल पर लागू हों तो गरीब परिवारों को आवास का लाभ मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत स्तर पर आयोजित सरकारी शिविर और कार्यक्रम अक्सर केवल खानापूर्ति बनकर रह जाते हैं। माधव चंद्र कुंकल ने आगे बताया कि वह इन दोनों पात्र लाभुकों को तत्काल आवास योजना से जोड़ने की मांग पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त के समक्ष रखेंगे, ताकि उन्हें जल्द से जल्द पक्का आवास मिल सके। ग्रामीणों ने भी मांग की है कि सरकार की आवास योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचना चाहिए, ताकि कोई भी परिवार जर्जर और असुरक्षित घरों में रहने को मजबूर न हो।1
- पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के तेंतोडीपोसी गांव में गुरुवार सुबह शौच के लिए निकले एक ग्रामीण चंपई केराई पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना गुरुवार सुबह की है जब तेंतोडीपोसी निवासी चंपई केराई अपने घर से शौच के लिए निकले थे। रास्ते में अचानक पीछे से एक जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया। इससे पहले कि चंपई कुछ समझ पाते, हाथी ने उन्हें अपनी सूंड से उठाकर पटक दिया और पैरों से भी दबाने का प्रयास किया। हालाँकि, किसी कारणवश हाथी घबरा गया और चंपई केराई को वहीं छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। हाथी के जाने के बाद चंपई के चिल्लाने पर ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और उन्हें गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जगन्नाथपुर ले जाया गया। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को भी दी। जगन्नाथपुर में चंपई की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल, चाईबासा रेफर कर दिया गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी सक्रिय हुई और घायल को आगे के उपचार के लिए सदर अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया। हाथी के हमले में चंपई केराई की कमर तथा छाती की पसली में चोटें आई हैं। सदर अस्पताल में उनका एक्स-रे कराया गया है और डॉक्टर अंदरूनी चोटों का आकलन कर रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, फिलहाल चंपई की स्थिति सामान्य और स्थिर बनी हुई है। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही के कारण भय का माहौल बना हुआ है।1