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2 hrs ago
user_Arvind.Kumar
Arvind.Kumar
बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago
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More news from Uttar Pradesh and nearby areas
  • लालगंज में दरोगा की दबंगई, किशोर को जड़ा थप्पड़ उत्तर प्रदेश के लालगंज थानाक्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बनकटी ब्लॉक के बखरिया मोड़ पर गन्ने के जूस की दुकान संभाल रहे 14 वर्षीय किशोर को एक दरोगा ने थप्पड़ मार दिया। बताया जा रहा है कि दरोगा की बाइक पर थूक मिलने के बाद उसने किशोर से पूछताछ की और इसी दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में दरोगा ने किशोर विकास कुमार को थप्पड़ जड़ दिया। घटना के वक्त किशोर का पिता गौतम राजभर दुकान पर मौजूद नहीं था। जानकारी मिलते ही पिता लालगंज थाने पहुंचा और आरोपी उपनिरीक्षक के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना के बाद इलाके में पुलिस के रवैये को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
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    लालगंज में दरोगा की दबंगई, किशोर को जड़ा थप्पड़
उत्तर प्रदेश के लालगंज थानाक्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बनकटी ब्लॉक के बखरिया मोड़ पर गन्ने के जूस की दुकान संभाल रहे 14 वर्षीय किशोर को एक दरोगा ने थप्पड़ मार दिया। बताया जा रहा है कि दरोगा की बाइक पर थूक मिलने के बाद उसने किशोर से पूछताछ की और इसी दौरान विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि गुस्से में दरोगा ने किशोर विकास कुमार को थप्पड़ जड़ दिया। घटना के वक्त किशोर का पिता गौतम राजभर दुकान पर मौजूद नहीं था। जानकारी मिलते ही पिता लालगंज थाने पहुंचा और आरोपी उपनिरीक्षक के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना के बाद इलाके में पुलिस के रवैये को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
    user_Manoj kaka
    Manoj kaka
    Basti, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती में 'हवा' में दौड़ रही बिजली: भ्रष्टाचार के 'करंट' से झुलसा सिस्टम, झाड़ियों में मिला सरकारी सम्मान! ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल उत्तर प्रदेश। बिजली विभाग का 'खुला खेल फर्रुखाबादी': काम अधूरा, फिर भी कर लिया लाइनों का बंदरबांट! हर्रैया फीडर का महाघोटाला: साहब! तार-खंभे तो आए नहीं, ये बिजली क्या हवा में दौड़ रही है? साहब मौन, सिस्टम फेल: बस्ती में बिजली विभाग की धांधली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल। सरकारी धन की डकैती: झाड़ियों में फेंका सरकारी मीटर, जिम्मेदार अधिकारियों ने साधी चुप्पी। पुरवा कठोवा के ग्रामीणों के साथ भद्दा मजाक: काम पूरा नहीं, पर विभाग ने ले लिया 'हैंडओवर'। बिजली विभाग का कारनामा, बिना तार के ही जला दी बत्ती! भ्रष्टाचार का करंट: बस्ती में बिजली विभाग के जे.ई. और इंजीनियर घेरे में। अंधेर नगरी, चौपट विभाग: बस्ती में विकास की खुली पोल, वायरल हुआ वीडियो। बस्ती का 'अजूबा': बिना खंभे-तार वाली बिजली सप्लाई, वैज्ञानिक भी हैरान! सावधान! बस्ती में बिजली विभाग 'हवा' से पहुंचा रहा है करंट, मीटर को मिला झाड़ियों में आराम। बस्ती, उत्तर प्रदेश।।‌उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त निर्देश है कि सरकारी धन का बंदरबांट करने वाले जेल की सलाखों के पीछे होंगे। लेकिन बस्ती जनपद के हर्रैया फीडर क्षेत्र में बिजली विभाग के इंजीनियरों और कार्यदाई संस्था ने मिलकर भ्रष्टाचार की एक ऐसी पटकथा लिखी है, जो प्रदेश के पूरे सिस्टम को शर्मसार कर रही है। गांव चोरखरी के पुरवा कठोवा में विकास के नाम पर जो तमाशा हुआ है, वह जांच का नहीं बल्कि तत्काल कार्रवाई का विषय है। भ्रष्टाचार की 'झाड़ियों' में मिला सरकारी मीटर विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा तो देखिए—जिस मीटर को ट्रांसफार्मर की शोभा बढ़ानी चाहिए थी और सरकारी राजस्व का हिसाब रखना था, वह गांव के किनारे झाड़ियों में लावारिस पड़ा मिला। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि कार्यदाई संस्था और विभाग के बीच साठगांठ का खेल किस स्तर पर खेला गया है। अधूरे काम पर 'हैंडओवर' का खेल, आखिर क्यों? जनता का सीधा सवाल है कि जब काम धरातल पर पूरा ही नहीं हुआ, तो विभाग ने इस लाइन को हैंडओवर कैसे ले लिया? मकसद पर सवाल: अगर निर्धारित स्थान तक बिजली पहुंचानी ही नहीं थी, तो लाखों रुपये खर्च कर लाइन बनाने का ढोंग क्यों रचा गया? खामोश जिम्मेदार: इस गंभीर धांधली पर जब विभाग के जेई (JE) से लेकर अभियंता (Xen) तक से जवाब मांगा जाता है, तो सबकी बोलती बंद हो जाती है। अधिकारियों की यह चुप्पी उनके भ्रष्टाचार में लिप्त होने की पुष्टि करती है। कागजी 'रोशनी' और धरातल पर 'अंधेरा' सरकारी फाइलों में शायद यह गांव अब 'रोशन' हो चुका होगा, लेकिन हकीकत यह है कि यहाँ न खंभे खड़े हुए और न ही तार खींचे गए। हैरानी की बात यह है कि बिना कार्य पूर्ण हुए बिजली विभाग के जिम्मेदारों ने लाइन का हैंडओवर भी ले लिया। बड़ा सवाल: बिना भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के आखिर कैसे उच्चाधिकारियों ने कागजों पर हस्ताक्षर कर दिए? साठगांठ का खेल: कार्यदाई संस्था को भुगतान करने की जल्दी में विभाग ने यह भी देखना उचित नहीं समझा कि जिस जनता के लिए यह योजना आई थी, उस तक एक यूनिट बिजली भी पहुँचेगी या नहीं। झाड़ियों में पड़ा लोकतंत्र का 'मीटर' भ्रष्टाचार की सबसे वीभत्स तस्वीर तब सामने आई जब ट्रांसफार्मर पर लगने वाला सरकारी मीटर झाड़ियों में लावारिस पड़ा मिला। यह मीटर सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि जनता के टैक्स का पैसा है। इसे झाड़ियों में फेंकना यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार करने वालों के मन में न तो शासन का भय है और न ही जनता के प्रति कोई जवाबदेही। अफसरों की 'मौन' सहमति? जब इस मामले में अवर अभियंता (JE) और अधिशासी अभियंता से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका रवैया टालमटोल वाला रहा। साहबों के पास जनता के सवालों का कोई जवाब नहीं है। अफसरों की यह चुप्पी चीख-चीख कर कह रही है कि इस बंदरबांट में ऊपर से नीचे तक सबकी हिस्सेदारी तय है। सोशल मीडिया पर उड़ रही है विभाग की किरकिरी अपूर्ण लाइन और झाड़ियों में पड़े मीटर का वीडियो अब सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर "मुंह चिढ़ाता बिजली विभाग" शीर्षक से वायरल हो रहा है। ग्रामीण अब आक्रोशित हैं और उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री और जिले के आला अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर इस 'घोटाले' की जांच की मांग की है। जनता के चुभते सवाल: बिना काम पूरा हुए कार्यदाई संस्था को पैसा कैसे अवमुक्त (Release) कर दिया गया? क्या दोषी जेई और इंजीनियरों की संपत्ति की जांच होगी? क्या पुरवा कठोवा के ग्रामीणों को कभी असली बिजली नसीब होगी या वे सिर्फ कागजों पर ही उजाला देखेंगे? यह मामला केवल एक गांव का नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र में बैठे उन 'दीमकों' का है जो विकास की योजनाओं को खोखला कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या बस्ती प्रशासन इन भ्रष्टाचारियों पर बुलडोजर जैसी कार्रवाई करता है या फिर मामला विभागीय जांच की फाइलों में हमेशा के लिए दफन हो जाएगा।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने खोली पोल बिजली विभाग की इस 'अदृश्य लाइन' का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। यह वीडियो न केवल विभाग की कार्यप्रणाली का मखौल उड़ा रहा है, बल्कि सरकारी दावों को भी मुंह चिढ़ा रहा है। ग्रामीण अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इस घोर भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर विभाग के मंत्री और तमाम उच्चाधिकारियों तक पहुंच चुकी है। सवाल बड़ा है: क्या इन कुर्सीधारी भ्रष्टाचारियों पर योगी का 'चाबुक' चलेगा? या फिर जांच के नाम पर फाइलों को दबाकर जनता को अंधेरे में ही रखा जाएगा?
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    अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती में 'हवा' में दौड़ रही बिजली: भ्रष्टाचार के 'करंट' से झुलसा सिस्टम, झाड़ियों में मिला सरकारी सम्मान!
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल उत्तर प्रदेश।
बिजली विभाग का 'खुला खेल फर्रुखाबादी': काम अधूरा, फिर भी कर लिया लाइनों का बंदरबांट!
हर्रैया फीडर का महाघोटाला: साहब! तार-खंभे तो आए नहीं, ये बिजली क्या हवा में दौड़ रही है?
साहब मौन, सिस्टम फेल: बस्ती में बिजली विभाग की धांधली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
सरकारी धन की डकैती: झाड़ियों में फेंका सरकारी मीटर, जिम्मेदार अधिकारियों ने साधी चुप्पी।
पुरवा कठोवा के ग्रामीणों के साथ भद्दा मजाक: काम पूरा नहीं, पर विभाग ने ले लिया 'हैंडओवर'।
बिजली विभाग का कारनामा, बिना तार के ही जला दी बत्ती!
भ्रष्टाचार का करंट: बस्ती में बिजली विभाग के जे.ई. और इंजीनियर घेरे में।
अंधेर नगरी, चौपट विभाग: बस्ती में विकास की खुली पोल, वायरल हुआ वीडियो।
बस्ती का 'अजूबा': बिना खंभे-तार वाली बिजली सप्लाई, वैज्ञानिक भी हैरान!
सावधान! बस्ती में बिजली विभाग 'हवा' से पहुंचा रहा है करंट, मीटर को मिला झाड़ियों में आराम।
बस्ती, उत्तर प्रदेश।।‌उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त निर्देश है कि सरकारी धन का बंदरबांट करने वाले जेल की सलाखों के पीछे होंगे। लेकिन बस्ती जनपद के हर्रैया फीडर क्षेत्र में बिजली विभाग के इंजीनियरों और कार्यदाई संस्था ने मिलकर भ्रष्टाचार की एक ऐसी पटकथा लिखी है, जो प्रदेश के पूरे सिस्टम को शर्मसार कर रही है। गांव चोरखरी के पुरवा कठोवा में विकास के नाम पर जो तमाशा हुआ है, वह जांच का नहीं बल्कि तत्काल कार्रवाई का विषय है।
भ्रष्टाचार की 'झाड़ियों' में मिला सरकारी मीटर
विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा तो देखिए—जिस मीटर को ट्रांसफार्मर की शोभा बढ़ानी चाहिए थी और सरकारी राजस्व का हिसाब रखना था, वह गांव के किनारे झाड़ियों में लावारिस पड़ा मिला। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि कार्यदाई संस्था और विभाग के बीच साठगांठ का खेल किस स्तर पर खेला गया है।
अधूरे काम पर 'हैंडओवर' का खेल, आखिर क्यों?
जनता का सीधा सवाल है कि जब काम धरातल पर पूरा ही नहीं हुआ, तो विभाग ने इस लाइन को हैंडओवर कैसे ले लिया?
मकसद पर सवाल: अगर निर्धारित स्थान तक बिजली पहुंचानी ही नहीं थी, तो लाखों रुपये खर्च कर लाइन बनाने का ढोंग क्यों रचा गया?
खामोश जिम्मेदार: इस गंभीर धांधली पर जब विभाग के जेई (JE) से लेकर अभियंता (Xen) तक से जवाब मांगा जाता है, तो सबकी बोलती बंद हो जाती है। अधिकारियों की यह चुप्पी उनके भ्रष्टाचार में लिप्त होने की पुष्टि करती है।
कागजी 'रोशनी' और धरातल पर 'अंधेरा'
सरकारी फाइलों में शायद यह गांव अब 'रोशन' हो चुका होगा, लेकिन हकीकत यह है कि यहाँ न खंभे खड़े हुए और न ही तार खींचे गए। हैरानी की बात यह है कि बिना कार्य पूर्ण हुए बिजली विभाग के जिम्मेदारों ने लाइन का हैंडओवर भी ले लिया।
बड़ा सवाल: बिना भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के आखिर कैसे उच्चाधिकारियों ने कागजों पर हस्ताक्षर कर दिए?
साठगांठ का खेल: कार्यदाई संस्था को भुगतान करने की जल्दी में विभाग ने यह भी देखना उचित नहीं समझा कि जिस जनता के लिए यह योजना आई थी, उस तक एक यूनिट बिजली भी पहुँचेगी या नहीं।
झाड़ियों में पड़ा लोकतंत्र का 'मीटर'
भ्रष्टाचार की सबसे वीभत्स तस्वीर तब सामने आई जब ट्रांसफार्मर पर लगने वाला सरकारी मीटर झाड़ियों में लावारिस पड़ा मिला। यह मीटर सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि जनता के टैक्स का पैसा है। इसे झाड़ियों में फेंकना यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार करने वालों के मन में न तो शासन का भय है और न ही जनता के प्रति कोई जवाबदेही।
अफसरों की 'मौन' सहमति?
जब इस मामले में अवर अभियंता (JE) और अधिशासी अभियंता से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका रवैया टालमटोल वाला रहा। साहबों के पास जनता के सवालों का कोई जवाब नहीं है। अफसरों की यह चुप्पी चीख-चीख कर कह रही है कि इस बंदरबांट में ऊपर से नीचे तक सबकी हिस्सेदारी तय है।
सोशल मीडिया पर उड़ रही है विभाग की किरकिरी
अपूर्ण लाइन और झाड़ियों में पड़े मीटर का वीडियो अब सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर "मुंह चिढ़ाता बिजली विभाग" शीर्षक से वायरल हो रहा है। ग्रामीण अब आक्रोशित हैं और उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री और जिले के आला अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर इस 'घोटाले' की जांच की मांग की है।
जनता के चुभते सवाल:
बिना काम पूरा हुए कार्यदाई संस्था को पैसा कैसे अवमुक्त (Release) कर दिया गया?
क्या दोषी जेई और इंजीनियरों की संपत्ति की जांच होगी?
क्या पुरवा कठोवा के ग्रामीणों को कभी असली बिजली नसीब होगी या वे सिर्फ कागजों पर ही उजाला देखेंगे?
यह मामला केवल एक गांव का नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र में बैठे उन 'दीमकों' का है जो विकास की योजनाओं को खोखला कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या बस्ती प्रशासन इन भ्रष्टाचारियों पर बुलडोजर जैसी कार्रवाई करता है या फिर मामला विभागीय जांच की फाइलों में हमेशा के लिए दफन हो जाएगा।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने खोली पोल
बिजली विभाग की इस 'अदृश्य लाइन' का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। यह वीडियो न केवल विभाग की कार्यप्रणाली का मखौल उड़ा रहा है, बल्कि सरकारी दावों को भी मुंह चिढ़ा रहा है। ग्रामीण अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इस घोर भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर विभाग के मंत्री और तमाम उच्चाधिकारियों तक पहुंच चुकी है।
सवाल बड़ा है: क्या इन कुर्सीधारी भ्रष्टाचारियों पर योगी का 'चाबुक' चलेगा? या फिर जांच के नाम पर फाइलों को दबाकर जनता को अंधेरे में ही रखा जाएगा?
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • महेवा गांव का विकास आप देख सकते है सब ग्राम प्रधान नहीं सुनते
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    महेवा गांव का विकास आप देख सकते है सब ग्राम प्रधान नहीं सुनते
    user_नीतेश कुमार सिंह
    नीतेश कुमार सिंह
    हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by हरिशंकर पांडेय
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    Post by हरिशंकर पांडेय
    user_हरिशंकर पांडेय
    हरिशंकर पांडेय
    स्वतंत्र पत्रकारिता हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • Post by Vipin Rai Journalist
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    Post by Vipin Rai Journalist
    user_Vipin Rai Journalist
    Vipin Rai Journalist
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Bindu Devi Memorial Academy, Thakuradari (Dhanghata) Sant Kabir Nagar
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    Bindu Devi Memorial Academy, Thakuradari (Dhanghata) Sant Kabir Nagar
    user_Puravanchl Tak News
    Puravanchl Tak News
    Photographer घनघटा, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • संत कबीर नगर जनपद के धनघटा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुरेना के पास आमने-सामने भाई की टक्कर से दो लोग घायल हो गए हैं बताया जाए बताया जा रहा है कि इसमें एक घायल आदमी मुखलिसपुर का है और दूसरा घायल आदमी बरगदवा कहां है अभी तक एंबुलेंस का पता नहीं है
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    संत कबीर नगर जनपद के धनघटा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुरेना के पास आमने-सामने भाई की टक्कर से दो लोग घायल हो गए हैं बताया जाए बताया जा रहा है कि इसमें एक घायल आदमी मुखलिसपुर का है और दूसरा घायल आदमी  बरगदवा कहां है अभी तक एंबुलेंस का पता नहीं है
    user_S R Pandey
    S R Pandey
    उत्तर प्रदेश न्यूज़ ब्यूरो चीफ संत कबीर Ghanghata, Sant Kabeer Nagar•
    5 hrs ago
  • jfigit hyi6diitghku kgitfgiggi hgihviydbki jgg lknl okmioohyggiu
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    jfigit
hyi6diitghku
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    user_Shrvan
    Shrvan
    मेहदावल, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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