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मानव जीवन में किसी चीज़ का अभाव होने पर व्यक्ति उसे पाने के लिए कर्म करता है और अंततः उसे प्राप्त कर लेता है। परंतु, यदि व्यक्ति असहाय भी हो, तो उसे जीवन जीना ही पड़ता है। ऐसी स्थिति में हिम्मत और जज्बा ही उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं, जिससे वह आखिरकार अपने मुकाम पर पहुँच जाता है। इसी दृढ़ता को 'जीवन' का दूसरा नाम कहा गया है, और ऐसे अदम्य साहस तथा जज्बे को सलाम किया गया है।

1 hr ago
user_Journalist Harish Yadav
Journalist Harish Yadav
Social Media Manager Ladpura, Kota•
1 hr ago

मानव जीवन में किसी चीज़ का अभाव होने पर व्यक्ति उसे पाने के लिए कर्म करता है और अंततः उसे प्राप्त कर लेता है। परंतु, यदि व्यक्ति असहाय भी हो, तो उसे जीवन जीना ही पड़ता है। ऐसी स्थिति में हिम्मत और जज्बा ही उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं, जिससे वह आखिरकार अपने मुकाम पर पहुँच जाता है। इसी दृढ़ता को 'जीवन' का दूसरा नाम कहा गया है, और ऐसे अदम्य साहस तथा जज्बे को सलाम किया गया है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उनके "सबसे फेवरेट एक्टर नरेंद्र मोदी" हैं। शर्मा को अक्सर "एकदम सीधे सज्जन आदमी" के रूप में देखा जाता है, जिनमें नेताओं वाली छल कपट और मक्कारी नहीं है। हालांकि, उनकी इसी सहजता और भोलेपन के कारण वे कई बार ऐसे बयान दे जाते हैं, जिससे उनकी पार्टी के लोग असहज हो जाते हैं। इस बयान को भी इसी तरह देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कितनी सहजता के साथ एक "बड़ी हकीकत" को उजागर किया है। यह बयान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वयं दिया है।
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    राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उनके "सबसे फेवरेट एक्टर नरेंद्र मोदी" हैं। शर्मा को अक्सर "एकदम सीधे सज्जन आदमी" के रूप में देखा जाता है, जिनमें नेताओं वाली छल कपट और मक्कारी नहीं है। हालांकि, उनकी इसी सहजता और भोलेपन के कारण वे कई बार ऐसे बयान दे जाते हैं, जिससे उनकी पार्टी के लोग असहज हो जाते हैं। इस बयान को भी इसी तरह देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कितनी सहजता के साथ एक "बड़ी हकीकत" को उजागर किया है।

यह बयान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वयं दिया है।
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • मानव जीवन में किसी चीज़ का अभाव होने पर व्यक्ति उसे पाने के लिए कर्म करता है और अंततः उसे प्राप्त कर लेता है। परंतु, यदि व्यक्ति असहाय भी हो, तो उसे जीवन जीना ही पड़ता है। ऐसी स्थिति में हिम्मत और जज्बा ही उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं, जिससे वह आखिरकार अपने मुकाम पर पहुँच जाता है। इसी दृढ़ता को 'जीवन' का दूसरा नाम कहा गया है, और ऐसे अदम्य साहस तथा जज्बे को सलाम किया गया है।
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    मानव जीवन में किसी चीज़ का अभाव होने पर व्यक्ति उसे पाने के लिए कर्म करता है और अंततः उसे प्राप्त कर लेता है। परंतु, यदि व्यक्ति असहाय भी हो, तो उसे जीवन जीना ही पड़ता है। ऐसी स्थिति में हिम्मत और जज्बा ही उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं, जिससे वह आखिरकार अपने मुकाम पर पहुँच जाता है। इसी दृढ़ता को 'जीवन' का दूसरा नाम कहा गया है, और ऐसे अदम्य साहस तथा जज्बे को सलाम किया गया है।
    user_Journalist Harish Yadav
    Journalist Harish Yadav
    Social Media Manager Ladpura, Kota•
    1 hr ago
  • केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के बाद अब राजस्थान में इसके आगमन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे प्रदेशवासियों को मानसून से राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यदि समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो राजस्थान में मानसून 25 से 30 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मौसम विभाग के मानसून प्रोग्रेस चार्ट के मुताबिक, इस वर्ष मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। शुरुआती चरण में राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जिनमें तेज हवाएं, बादलों की गरज, धूलभरी आंधियां और हल्की से मध्यम बारिश शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान में मानसून की पहली दस्तक दक्षिण-पूर्वी जिलों में हो सकती है, जिसके बाद यह धीरे-धीरे मध्य राजस्थान और फिर पश्चिमी क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा। मानसून के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार भी दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों शाखाओं के माध्यम से आगे बढ़ेगा। फिलहाल, मौसम विभाग इसकी प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जून के अंतिम सप्ताह में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। प्रदेश में किसान, आमजन और जल संसाधनों से जुड़े विभाग मानसून की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि अच्छी बारिश से खेती, पेयजल व्यवस्था और भूजल स्तर को लाभ मिलने की उम्मीद है।
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    केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के बाद अब राजस्थान में इसके आगमन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे प्रदेशवासियों को मानसून से राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यदि समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो राजस्थान में मानसून 25 से 30 जून के बीच प्रवेश कर सकता है।

मौसम विभाग के मानसून प्रोग्रेस चार्ट के मुताबिक, इस वर्ष मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। शुरुआती चरण में राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जिनमें तेज हवाएं, बादलों की गरज, धूलभरी आंधियां और हल्की से मध्यम बारिश शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान में मानसून की पहली दस्तक दक्षिण-पूर्वी जिलों में हो सकती है, जिसके बाद यह धीरे-धीरे मध्य राजस्थान और फिर पश्चिमी क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा। मानसून के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार भी दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों शाखाओं के माध्यम से आगे बढ़ेगा। फिलहाल, मौसम विभाग इसकी प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जून के अंतिम सप्ताह में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। प्रदेश में किसान, आमजन और जल संसाधनों से जुड़े विभाग मानसून की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि अच्छी बारिश से खेती, पेयजल व्यवस्था और भूजल स्तर को लाभ मिलने की उम्मीद है।
    user_Dushyant singh gehlot (journal
    Dushyant singh gehlot (journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • डोटासरा ने बीजेपी के मंत्रियों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'चवन्नी चोर' करार दिया है। उन्होंने कहा कि जब काम नहीं होते तो वे गालियां देते हैं। डोटासरा ने मौजूदा व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह सरकार नहीं, बल्कि एक सर्कस है। उन्होंने लगातार हो रहे पेपर लीक को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की।
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    डोटासरा ने बीजेपी के मंत्रियों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'चवन्नी चोर' करार दिया है। उन्होंने कहा कि जब काम नहीं होते तो वे गालियां देते हैं। डोटासरा ने मौजूदा व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह सरकार नहीं, बल्कि एक सर्कस है। उन्होंने लगातार हो रहे पेपर लीक को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की।
    user_Anubhav Mittal Journalist
    Anubhav Mittal Journalist
    Court reporter Ladpura, Kota•
    23 hrs ago
  • रावतभाटा क्षेत्र के तम्बोलिया गांव में स्थित प्राचीन अन्नपूर्णा माता मंदिर से गुरुवार सुबह अज्ञात चोरों ने शिखर पर लगा कलश चुरा लिया। चोरी हुए इस कलश की अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 25 हजार रुपये बताई जा रही है। घटना का पता तब चला जब सुबह पुजारी और ग्रामीण मंदिर पहुंचे और उन्हें कलश गायब मिला, जिसके बाद गांव में रोष फैल गया। तत्काल, ग्रामीणों ने सुबह करीब 6 बजे धांगणमऊ चौकी प्रभारी राजेश गुर्जर को चोरी की सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक स्थलों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे लोगों की आस्था और भावनाएं आहत हो रही हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि करीब तीन माह पहले देवनारायण मंदिर का कलश भी चोरी हो गया था, जिसका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। ऐसे में लगातार दूसरी बार मंदिर में चोरी की घटना होने से ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से चोरी हुए कलश की शीघ्र बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है, साथ ही क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया है।
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    रावतभाटा क्षेत्र के तम्बोलिया गांव में स्थित प्राचीन अन्नपूर्णा माता मंदिर से गुरुवार सुबह अज्ञात चोरों ने शिखर पर लगा कलश चुरा लिया। चोरी हुए इस कलश की अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 25 हजार रुपये बताई जा रही है। घटना का पता तब चला जब सुबह पुजारी और ग्रामीण मंदिर पहुंचे और उन्हें कलश गायब मिला, जिसके बाद गांव में रोष फैल गया।

तत्काल, ग्रामीणों ने सुबह करीब 6 बजे धांगणमऊ चौकी प्रभारी राजेश गुर्जर को चोरी की सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक स्थलों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे लोगों की आस्था और भावनाएं आहत हो रही हैं।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि करीब तीन माह पहले देवनारायण मंदिर का कलश भी चोरी हो गया था, जिसका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। ऐसे में लगातार दूसरी बार मंदिर में चोरी की घटना होने से ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से चोरी हुए कलश की शीघ्र बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है, साथ ही क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया है।
    user_Pawan Mehar
    Pawan Mehar
    Local News Reporter रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • रामगंजमंडी क्षेत्र के रावली रोड पर गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि गोसेवकों ने गोवंश से भरे दो ट्रकों को रोक लिया। इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को जांच के लिए थाने ले गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ये दोनों ट्रक पंजाब से महाराष्ट्र की ओर जा रहे थे। वाहनों में सवार जगदीप कुमार शुक्ला, आकाश, हिम्मत पाटिल और हिलाल पुंडलिक थोरात से पूछताछ की गई, जिन्होंने बताया कि गोवंश को खेती के कार्यों के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने परिवहन से संबंधित सभी आवश्यक कागजातों की जांच की, जिसमें दस्तावेज सही पाए गए और उनके जवाब संतोषजनक मिले। दस्तावेजों की जांच में कोई अनियमितता न मिलने पर पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों को छोड़ दिया। इस घटना की सूचना मिलने पर देर रात तक गोसेवक और ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानूनी प्रक्रिया और दस्तावेज़ सत्यापन के बाद वाहनों को रवाना कर दिया गया।
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    रामगंजमंडी क्षेत्र के रावली रोड पर गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि गोसेवकों ने गोवंश से भरे दो ट्रकों को रोक लिया। इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को जांच के लिए थाने ले गई।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ये दोनों ट्रक पंजाब से महाराष्ट्र की ओर जा रहे थे। वाहनों में सवार जगदीप कुमार शुक्ला, आकाश, हिम्मत पाटिल और हिलाल पुंडलिक थोरात से पूछताछ की गई, जिन्होंने बताया कि गोवंश को खेती के कार्यों के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने परिवहन से संबंधित सभी आवश्यक कागजातों की जांच की, जिसमें दस्तावेज सही पाए गए और उनके जवाब संतोषजनक मिले।

दस्तावेजों की जांच में कोई अनियमितता न मिलने पर पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों को छोड़ दिया। इस घटना की सूचना मिलने पर देर रात तक गोसेवक और ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानूनी प्रक्रिया और दस्तावेज़ सत्यापन के बाद वाहनों को रवाना कर दिया गया।
    user_Aajam Choudhary
    Aajam Choudhary
    Riportar रामगंज मंडी, कोटा, राजस्थान•
    11 min ago
  • विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शाहाबाद ब्लॉक के पीएमश्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कछियाथाना में पर्यावरण और जल संरक्षण को समर्पित एक रैली का आयोजन किया गया। प्रधानाध्यापक विपिन कुमार जैन ने बताया कि यह रैली सुबह 7:00 बजे विद्यालय परिसर से शुरू हुई और गाँव के मुख्य मार्गों से होते हुए वापस विद्यालय पहुंची। रैली के उपरांत, स्वच्छता गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिसके तहत प्लास्टिक और अन्य कचरा एकत्रित किया गया। संस्था प्रधान जैन ने आगे बताया कि 'वंदे गंगा जल संरक्षण' अभियान के तहत 'जल बचाओ कल बचाओ' थीम पर विभिन्न प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गईं। अध्यापक दयालु राम सहरिया, हेमंत वर्मा, सोनू परिहार और कीर्ति गोस्वामी द्वारा बच्चों के लिए निबंध प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, नारा लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताएँ करवाई गईं। निबंध प्रतियोगिता में तनिश कश्यप ने प्रथम, ललित भील ने द्वितीय और राहुल भील ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में दीक्षा कश्यप प्रथम, वर्षा ओझा द्वितीय और उर्वशी कहार तृतीय रहीं। पोस्टर प्रतियोगिता में संजना कहार और गौरी की टीम ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि नारा लेखन प्रतियोगिता में रोहित कुशवाह और लवकुश कुशवाह ने क्रमशः प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सभी विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ते हुए, विद्यालय ने इस वर्ष 200 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए गड्ढे खोदने का कार्य जारी है।
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    विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शाहाबाद ब्लॉक के पीएमश्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कछियाथाना में पर्यावरण और जल संरक्षण को समर्पित एक रैली का आयोजन किया गया। प्रधानाध्यापक विपिन कुमार जैन ने बताया कि यह रैली सुबह 7:00 बजे विद्यालय परिसर से शुरू हुई और गाँव के मुख्य मार्गों से होते हुए वापस विद्यालय पहुंची। रैली के उपरांत, स्वच्छता गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिसके तहत प्लास्टिक और अन्य कचरा एकत्रित किया गया।

संस्था प्रधान जैन ने आगे बताया कि 'वंदे गंगा जल संरक्षण' अभियान के तहत 'जल बचाओ कल बचाओ' थीम पर विभिन्न प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गईं। अध्यापक दयालु राम सहरिया, हेमंत वर्मा, सोनू परिहार और कीर्ति गोस्वामी द्वारा बच्चों के लिए निबंध प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, नारा लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताएँ करवाई गईं। निबंध प्रतियोगिता में तनिश कश्यप ने प्रथम, ललित भील ने द्वितीय और राहुल भील ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में दीक्षा कश्यप प्रथम, वर्षा ओझा द्वितीय और उर्वशी कहार तृतीय रहीं। पोस्टर प्रतियोगिता में संजना कहार और गौरी की टीम ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि नारा लेखन प्रतियोगिता में रोहित कुशवाह और लवकुश कुशवाह ने क्रमशः प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सभी विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ते हुए, विद्यालय ने इस वर्ष 200 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए गड्ढे खोदने का कार्य जारी है।
    user_भुवनेश भार्गव
    भुवनेश भार्गव
    पत्रकारिता एवं समाज सेवा Baran, Baran•
    39 min ago
  • गुरुवार शाम को हाड़ौती क्षेत्र, जिसमें कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिले शामिल हैं, में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित हुआ। कोटा शहर और आसपास के इलाकों में धूलभरी आंधी के बाद हुई इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। इसी तरह, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों में भी तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर गईं और कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। तापमान में गिरावट आने से लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली। मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भी हाड़ौती क्षेत्र के कुछ हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।
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    गुरुवार शाम को हाड़ौती क्षेत्र, जिसमें कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिले शामिल हैं, में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित हुआ।

कोटा शहर और आसपास के इलाकों में धूलभरी आंधी के बाद हुई इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। इसी तरह, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों में भी तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर गईं और कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। तापमान में गिरावट आने से लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली।

मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भी हाड़ौती क्षेत्र के कुछ हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।
    user_Dushyant singh gehlot (journal
    Dushyant singh gehlot (journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    15 hrs ago
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