भैंस को बचाने उतरा युवक नाले में समाया ,20 घंटे बाद 8 किलोमीटर दूर मिला शव बांदा। मवेशी चराने निकला 25 वर्षीय अभय शायद यह सोचकर नाले में उतरा था कि भैंस को बाहर निकालकर कुछ ही देर में घर लौट आएगा। उसे क्या पता था कि नाले की धार उसकी जिंदगी की आखिरी राह बन जाएगी। गुरुवार को पानी में समाया अभय शुक्रवार को करीब 20 घंटे बाद घटनास्थल से आठ किलोमीटर दूर मृत मिला। बेटे की मौत की खबर ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।तिंदवारी थाना क्षेत्र के बेंदाघाट के मजरा मचाहार डेरा में हादसा हुआ। बबेरू थाना क्षेत्र के मझीवा मथ्यू डेरा निवासी रामनरेश यादव का 25 वर्षीय पुत्र अभय यादव गुरुवार को मवेशी चराने गया था। इसी दौरान एक भैंस उसरा नाले में चली गई। उसे निकालने के लिए अभय पानी में आगे बढ़ा। रपटे के पास अचानक उसका पैर फिसला और वह पानी के तेज बहाव में देखते ही देखते समा गया।हादसे की सूचना मिलते ही बेंदा के पूर्व प्रधान विवेक सिंह ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई। तिंदवारी और बबेरू पुलिस को सूचना दी गई और एनडीआरएफ की टीम को भी लगाया गया। रातभर रेस्क्यू अभियान चलता रहा, लेकिन अंधेरा, पानी की गहराई और तेज बहाव तलाश की राह में बड़ी बाधा बने रहे।शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे करीब 20 घंटे की तलाश के बाद घटनास्थल से लगभग आठ किलोमीटर दूर जलालपुर देवी डेरा पथरौड़ा के पास अभय का शव बरामद हुआ। जिस बेटे की तलाश में परिजन और ग्रामीण उम्मीद की डोर थामे बैठे थे, आखिरकार वही तलाश एक दर्दनाक सच पर जाकर थम गई।अभय तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। वह करीब एक सप्ताह पहले ही सूरत से गांव लौटा था। परदेस से लौटे बेटे के घर आने से परिवार में जो उम्मीद और रौनक लौटी थी, वह कुछ ही दिनों में मातम में बदल गई। पिता रामनरेश खेती और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटे की असमय मौत ने परिवार की कमर तोड़ दी। मां फूलकली का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बेटे के लौटने से घर में खुशियां लौटी थीं, उसी बेटे की अर्थी उठने की कल्पना ने परिवार को भीतर तक झकझोर दिया है।पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।यह हादसा केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि बरसात में उफनते नालों और तेज बहाव वाले रपटों के प्रति सतर्कता की जरूरत का भी कठोर संदेश है। मवेशी को बचाने की कोशिश में अभय ने अपनी जान गंवा दी। पानी की धार को मामूली समझने की एक भूल ने परिवार से उसका बेटा छीन लिया। बरसात के मौसम में नालों और रपटों के आसपास थोड़ी-सी लापरवाही भी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
भैंस को बचाने उतरा युवक नाले में समाया ,20 घंटे बाद 8 किलोमीटर दूर मिला शव बांदा। मवेशी चराने निकला 25 वर्षीय अभय शायद यह सोचकर नाले में उतरा था कि भैंस को बाहर निकालकर कुछ ही देर में घर लौट आएगा। उसे क्या पता था कि नाले की धार उसकी जिंदगी की आखिरी राह बन जाएगी। गुरुवार को पानी में समाया अभय शुक्रवार को करीब 20 घंटे बाद घटनास्थल से आठ किलोमीटर दूर मृत मिला। बेटे की मौत की खबर ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।तिंदवारी थाना क्षेत्र के बेंदाघाट के मजरा मचाहार डेरा में हादसा हुआ। बबेरू थाना क्षेत्र के मझीवा मथ्यू डेरा निवासी रामनरेश यादव का 25 वर्षीय पुत्र अभय यादव गुरुवार को मवेशी चराने गया था। इसी दौरान एक भैंस उसरा नाले में चली गई। उसे निकालने के लिए अभय पानी में आगे बढ़ा। रपटे के पास अचानक उसका पैर फिसला और वह पानी के तेज बहाव में देखते ही देखते समा गया।हादसे की सूचना मिलते ही बेंदा के पूर्व प्रधान विवेक सिंह ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई। तिंदवारी और बबेरू पुलिस को सूचना दी गई और एनडीआरएफ की टीम को भी लगाया गया। रातभर रेस्क्यू अभियान चलता रहा, लेकिन अंधेरा, पानी की गहराई और तेज बहाव तलाश की राह में बड़ी बाधा बने रहे।शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे करीब 20 घंटे की तलाश के बाद घटनास्थल से लगभग आठ किलोमीटर दूर जलालपुर देवी डेरा पथरौड़ा के पास अभय का शव बरामद हुआ। जिस बेटे की तलाश में परिजन और ग्रामीण उम्मीद की डोर थामे बैठे थे, आखिरकार वही तलाश एक दर्दनाक सच पर जाकर थम गई।अभय तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। वह करीब एक सप्ताह पहले ही सूरत से गांव लौटा था। परदेस से लौटे बेटे के घर आने से परिवार में जो उम्मीद और रौनक लौटी थी, वह कुछ ही दिनों में मातम में बदल गई। पिता रामनरेश खेती और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटे की असमय मौत ने परिवार की कमर तोड़ दी। मां फूलकली का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बेटे के लौटने से घर में खुशियां लौटी थीं, उसी बेटे की अर्थी उठने की कल्पना ने परिवार को भीतर तक झकझोर दिया है।पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।यह हादसा केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि बरसात में उफनते नालों और तेज बहाव वाले रपटों के प्रति सतर्कता की जरूरत का भी कठोर संदेश है। मवेशी को बचाने की कोशिश में अभय ने अपनी जान गंवा दी। पानी की धार को मामूली समझने की एक भूल ने परिवार से उसका बेटा छीन लिया। बरसात के मौसम में नालों और रपटों के आसपास थोड़ी-सी लापरवाही भी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
- बांदा में धूमधाम से निकली कांवड़ शोभायात्रा,हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा शहर,10 अगस्त को श्री बामदेव मंदिर में जलाभिषेक किया जाएगा। बांदा में धूमधाम से निकली कांवड़ शोभायात्रा,हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा शहर,10 अगस्त को श्री बामदेव मंदिर में जलाभिषेक किया जाएगा।1
- बांदा में विकास को मिली नई रफ्तार | बुंदेलखंड में उद्योग और रोजगार बढ़ाने की तैयारी | Banda Breaking News 2026 | Bundelkhand Development News उत्तर प्रदेश के बांदा में हाल ही में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है। इन परियोजनाओं के साथ बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास, आधारभूत ढांचे और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। बांदा को विकास की नई गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- मौदहानगर के कस्तूरबा विद्यालय में शिक्षक की कार्यशाली पर उठे सवाल छात्राओं के सामने आराम करने का आरोप मौदहा (हमीरपुर)। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में एक शिक्षिका की कथित कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में शिक्षिका के कक्षा के दौरान फर्श पर आराम करने का दावा किया जा रहा है, जबकि छात्राएं पढ़ाई करती नजर आ रही हैं। वहीं, शिक्षिका पर मेज पर पैर रखकर छात्राओं से कार्य कराने के भी आरोप लगाए गए हैं। मामला सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों ने शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने और आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, अभी शिक्षा विभाग की ओर से मामले को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
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