SIR के नाम पर झूठ, भ्रम और दुष्प्रचार फैलाने वालों से सवाल पूछे जाने चाहिए चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने एफिडेविट में स्पष्ट किया है कि सभी निर्णय सामूहिक रूप से अनुमोदित किए गए थे और Form-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस एफिडेविट पर तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति है। आज देश के सामने तथ्यों को समझने का अवसर है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नाम पर झूठ, भ्रम और दुष्प्रचार फैलाने वालों से सवाल पूछे जाने चाहिए। लोकतंत्र में सवाल उठाना अधिकार है, लेकिन तथ्यों को तोड़-मरोड़कर जनता को गुमराह करना और अराजकता का माहौल बनाना स्वीकार्य नहीं हो सकता। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस एफिडेविट के सामने आने के बाद विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रिया क्या है? जो नेता लगातार सवाल उठा रहे थे, क्या वे अब तथ्यों के आधार पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे? इस पूरे मामले को समझने के लिए चुनाव आयोग द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एफिडेविट की सच्चाई को अवश्य सुने और तथ्यों के आधार पर अपनी राय बनाएं।
SIR के नाम पर झूठ, भ्रम और दुष्प्रचार फैलाने वालों से सवाल पूछे जाने चाहिए चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने एफिडेविट में स्पष्ट किया है कि सभी निर्णय सामूहिक रूप से अनुमोदित किए गए थे और Form-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस एफिडेविट पर तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति है। आज देश के सामने तथ्यों को समझने का अवसर है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नाम पर झूठ, भ्रम और दुष्प्रचार फैलाने वालों से सवाल पूछे जाने चाहिए। लोकतंत्र में सवाल उठाना अधिकार है, लेकिन तथ्यों को तोड़-मरोड़कर जनता को गुमराह करना और अराजकता का माहौल बनाना स्वीकार्य नहीं हो सकता। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस एफिडेविट के सामने आने के बाद विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रिया क्या है? जो नेता लगातार सवाल उठा रहे थे, क्या वे अब तथ्यों के आधार पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे? इस पूरे मामले को समझने के लिए चुनाव आयोग द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एफिडेविट की सच्चाई को अवश्य सुने और तथ्यों के आधार पर अपनी राय बनाएं।
- उड़ीसा में भारी बारिश और आंधी तूफान के कारण फंसा हजारों लाखों ट्रक1
- Billion Ballots - अपनी सीट का पूरा चुनावी इतिहास देखिए: 1951 से आज तक, नक्शे पर 🗳️ Billion Ballots एक मुफ़्त वेबसाइट है, जो भारत के चुनावों को नक्शे पर दिखाती है। लोकसभा और विधानसभा, दोनों। इसमें आप देख सकते हैं: 📍 अपनी सीट का पन्ना: कौन जीता, कितने वोट से, किस पार्टी का कितना हिस्सा रहा 🗺️ नक्शा: हर चुनाव में कौन-सी सीट किस पार्टी के पास गई ⏳ टाइमलाइन: 1951 से आज तक सीटों का बदलना, साल दर साल 🔄 स्विंग: किन सीटों पर हवा पलटी 🎛️ अपना अनुमान बनाइए: स्लाइडर खिसकाकर देखिए कि वोट बदलें तो नतीजा कैसा दिखेगा 📲 मेरी सीट खोजें: अपनी लोकेशन से अपनी सीट जानिए। आपकी लोकेशन फ़ोन से बाहर नहीं जाती। 🧭 परिसीमन सिम्युलेटर: सीटों की संख्या और सीमाएँ बदलें तो क्या होगा वेबसाइट हिन्दी में भी उपलब्ध है। वीडियो में पूरा सफ़र देखिए। फिर अपनी सीट खोलकर देखिए, और अच्छा लगे तो अपने ग्रुप में भेजिए। #चुनाव #लोकसभा #विधानसभा #भारतकेचुनाव #BillionBallots1
- भागीरथी विहार में सफाईकर्मी से लूट की वारदात का खुलासा; गोकुलपुरी पुलिस ने इलाके के बीसी सहित 3 लुटेरे दबोचे कूड़ा बीनने वाले युवक से मोबाइल छीनकर फरार हुए बाइक सवार तीन बदमाशों को गोकुलपुरी थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर छापेमारी कर किया गिरफ्तार ➡ गिरफ्तार आरोपियों में अब्बास उर्फ तोतू (26), शोएब उर्फ अब्बास (18) और राहुल (36) शामिल; अब्बास गोकुलपुरी थाने का घोषित बीसी है1
- SIR के नाम पर झूठ, भ्रम और दुष्प्रचार फैलाने वालों से सवाल पूछे जाने चाहिए चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने एफिडेविट में स्पष्ट किया है कि सभी निर्णय सामूहिक रूप से अनुमोदित किए गए थे और Form-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस एफिडेविट पर तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति है। आज देश के सामने तथ्यों को समझने का अवसर है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नाम पर झूठ, भ्रम और दुष्प्रचार फैलाने वालों से सवाल पूछे जाने चाहिए। लोकतंत्र में सवाल उठाना अधिकार है, लेकिन तथ्यों को तोड़-मरोड़कर जनता को गुमराह करना और अराजकता का माहौल बनाना स्वीकार्य नहीं हो सकता। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस एफिडेविट के सामने आने के बाद विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रिया क्या है? जो नेता लगातार सवाल उठा रहे थे, क्या वे अब तथ्यों के आधार पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे? इस पूरे मामले को समझने के लिए चुनाव आयोग द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एफिडेविट की सच्चाई को अवश्य सुने और तथ्यों के आधार पर अपनी राय बनाएं।1
- नई दिल्ली दृष्टिबाधित लोगों के हुनर को मिला मंच, CM रेखा गुप्ता ने ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन बाजार का किया उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन बाजार का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाजार में लगाए गए विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण किया और वहां अपने हुनर से उत्पाद तैयार कर रहे लोगों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस बाजार का मुख्य उद्देश्य दृष्टिबाधित लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना, उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उनकी प्रतिभा को समाज के सामने लाना है। बाजार में हस्तनिर्मित वस्तुओं सहित कई तरह के उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं, जहां दृष्टिबाधित लोगों की मेहनत, कला और रचनात्मकता देखने को मिल रही है। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर दिव्यांगजन भी अपनी प्रतिभा के दम पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सकते हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल से जुड़े लोगों का हौसला बढ़ाया और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को समाज में समान अवसर, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। इस आयोजन के जरिए दृष्टिबाधित लोगों को न केवल अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने का अवसर मिल रहा है, बल्कि उन्हें अपनी पहचान बनाने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए भी एक बेहतर मंच मिल रहा है।1
- कालिंदी कुंज में चोरी के दो आरोपी गिरफ्तार, वारदात के बाद मकान में सोता मिला एक आरोपी दिल्ली के कालिंदी कुंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि चोरी करने के बाद एक आरोपी नशे की हालत में उसी मकान के अंदर सो गया, जहां वह वारदात को अंजाम देने पहुंचा था। पुलिस के मुताबिक, 23 अक्टूबर की रात खड्डा कॉलोनी स्थित एक बंद मकान में घुसकर आरोपियों ने पानी की मोटर, बिजली की केबल और पांच किलो का एलपीजी सिलेंडर चोरी किया था। मकान मालिक जब घर पहुंचे, तो उन्हें अंदर एक संदिग्ध व्यक्ति सोता हुआ मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मौके पर पहुंची टीम ने आरोपी दीपक उर्फ गोलू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दीपक ने अपने साथी अमित उर्फ अंकित की संलिप्तता का खुलासा किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का एलपीजी सिलेंडर, पानी की मोटर, बिजली की केबल और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी कथित तौर पर नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों की पूर्व आपराधिक संलिप्तता भी सामने आई है। अदालत में पेश किए जाने के बाद दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल, कालिंदी कुंज थाना पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।1
- मानसा, पंजाब: मानसा के भम्मे कलां निवासी 32 वर्षीय दलजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु (परिजनों के अनुसार नशे की ओवरडोज) के बाद, उनके शव को नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के 'इंसाफ मोर्चा' धरना स्थल ले जाने का प्रयास कर रहे परिजनों और ग्रामीणों को रोकने के लिए पंजाब पुलिस ने भारी बैरीकेडिंग की। पुलिस द्वारा एम्बुलेंस से शव को कब्जे में लेने के दौरान हुई धक्का-मुक्की में एक सिख प्रदर्शनकारी को सड़क पर घसीटे जाने से उसकी दस्तार (पगड़ी) नीचे गिर गई, और पुलिस ने विरोध कर रहे परिजनों तथा प्रदर्शनकारियों को हिरासत (detained) में ले लिया। मानसा, पंजाब: मानसा के भम्मे कलां निवासी 32 वर्षीय दलजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु (परिजनों के अनुसार नशे की ओवरडोज) के बाद, उनके शव को नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के 'इंसाफ मोर्चा' धरना स्थल ले जाने का प्रयास कर रहे परिजनों और ग्रामीणों को रोकने के लिए पंजाब पुलिस ने भारी बैरीकेडिंग की। पुलिस द्वारा एम्बुलेंस से शव को कब्जे में लेने के दौरान हुई धक्का-मुक्की में एक सिख प्रदर्शनकारी को सड़क पर घसीटे जाने से उसकी दस्तार (पगड़ी) नीचे गिर गई, और पुलिस ने विरोध कर रहे परिजनों तथा प्रदर्शनकारियों को हिरासत (detained) में ले लिया।1
- दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने मथुरा से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कथित e-SIM सप्लाई नेटवर्क का खुलासा किया पुलिस के मुताबिक, आरोपी सब्सिडी वाली दवाइयां देने के नाम पर गांवों में फर्जी हेल्थ कैंप लगाकर लोगों की आधार और बायोमेट्रिक जानकारी जुटाते थे। आरोप है कि इन जानकारियों का इस्तेमाल SIM एक्टिवेट करने में किया गया जांच में 20 से ज्यादा साइबर ठगी की शिकायतों से कथित कनेक्शन सामने आया है, जिनमें करीब ₹2.64 करोड़ की ठगी दर्ज है। आरोपियों पर पिछले एक साल में 3,000 से ज्यादा SIM एक्टिवेट करने का शक है। पुलिस ने तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं और विदेशी संपर्कों समेत पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।1