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राजनगर : श्री श्री बजरंगबली समिति रुतडीह के द्वारा आयोजित 24 प्रहर हरि संकीर्तन, रामलीला देव सभा एवं यज्ञ 29 मार्च 2026 को धूलोट के साथ हुआ समापन। राजनगर : श्री श्री बजरंगबली समिति रुतडीह के द्वारा आयोजित 24 प्रहर हरि संकीर्तन, रामलीला देव सभा एवं यज्ञ 29 मार्च 2026 को धूलोट के साथ हुआ समापन।
NUNU RAM MAHATO
राजनगर : श्री श्री बजरंगबली समिति रुतडीह के द्वारा आयोजित 24 प्रहर हरि संकीर्तन, रामलीला देव सभा एवं यज्ञ 29 मार्च 2026 को धूलोट के साथ हुआ समापन। राजनगर : श्री श्री बजरंगबली समिति रुतडीह के द्वारा आयोजित 24 प्रहर हरि संकीर्तन, रामलीला देव सभा एवं यज्ञ 29 मार्च 2026 को धूलोट के साथ हुआ समापन।
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- राजनगर : श्री श्री बजरंगबली समिति रुतडीह के द्वारा आयोजित 24 प्रहर हरि संकीर्तन, रामलीला देव सभा एवं यज्ञ 29 मार्च 2026 को धूलोट के साथ हुआ समापन।1
- Post by Ravi Gupta1
- राउरकेला। ओडिशा में चल रहे माओवादी विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। प्रतिबंधित माओवादी संगठन की सक्रिय सदस्य मोंगड़ी होनहागा ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए राउरकेला पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सरकार की पुनर्वास नीति और संगठन के भीतर हो रहे उत्पीड़न से तंग आकर उसने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। जानकारी के अनुसार 19 वर्षीय मोंगड़ी होनहागा झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के मारांगपोंगो गांव की निवासी है। वह माओवादी संगठन के एलजीएस (लोकल गुरिल्ला स्क्वाड) की सदस्य के रूप में एसवीएन (दक्षिण छोटानागरा) डिवीजन में सक्रिय रूप से कार्य कर रही थी। संगठन में रहते हुए वह विभिन्न गतिविधियों में शामिल रही और कई अभियानों में उसकी भूमिका बताई जा रही है। पुलिस पूछताछ के दौरान मोंगड़ी ने बताया कि माओवादी संगठन के अंदर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न की घटनाओं के कारण उसका मोहभंग हो गया था। इसके साथ ही हिंसक विचारधारा से निराशा और लगातार बढ़ते सुरक्षा बलों के दबाव ने उसे संगठन छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया। ओडिशा सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति ने भी उसे मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। पुलिस के अनुसार मोंगड़ी का नाम कई नक्सली गतिविधियों में सामने आया है। वह अनमोल उर्फ सुशांत के दस्ते की सदस्य रही है और संगठन के लिए रसद आपूर्ति तथा नए सदस्यों की भर्ती में सक्रिय भूमिका निभाती थी। वर्ष 2022 में कुमडीही जंगल में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान भी वह मौजूद थी, लेकिन उस समय वह मौके से फरार हो गई थी। राज्य सरकार ने उसे ‘बी’ श्रेणी के नक्सली कैडर के रूप में चिन्हित किया है। इसके तहत उसे ओडिशा सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत 2 लाख 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वह समाज की मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन शुरू कर सके। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति का उद्देश्य भटके हुए युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर देना है। वहीं प्रशासन ने अन्य सक्रिय नक्सलियों से भी अपील की है कि वे हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करें और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाते हुए नई जिंदगी की शुरुआत करें।1
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- राजनगर प्रखंड के अंतर्गत श्री श्री बजरंगबली समिति रुतडीह के द्वारा आयोजित रामनवमी पूजा ,रामलीला देव सभा,यज्ञ कर्म एवं 24 प्रहर हरि संकीर्तन दिनांक 29 मार्च 2026 को महंत विदाई एवं श्री श्री गौरांग महाप्रभु हरि नाम प्रेम प्रसाद वितरण कर तथा रंग गुलाल के साथ अनुष्ठान हुआ समापन।1