घोड़ासहन में एक माह से जलजमाव, नरकीय जीवन जीने को मजबूर वार्ड 1, 2 और 3 के लोग घोड़ासहन दक्षिणी पंचायत के वार्ड नंबर 1, 2 और 3 में करीब एक महीने से जलजमाव की समस्या बनी हुई है। सड़क से लेकर लोगों के घरों के दरवाजे तक गंदा पानी जमा होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जल निकासी नहीं होने के कारण लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय मुखिया राजू जायसवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल निकासी की पहल की। मुखिया ने बताया कि जलजमाव का मुख्य कारण पुलिया का जाम होना है। उन्होंने कहा कि पानी की निकासी सुचारु करने के लिए दो पुलिया की सफाई जरूरी है, जिसमें एक स्टेशन के पास और दूसरी चौधरी मार्केट के समीप स्थित है। मुखिया राजू जायसवाल ने रेलवे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रेलवे की जमीन पर हुए कथित अतिक्रमण के कारण जल निकासी में रुकावट पैदा हो रही है। उनका आरोप है कि अतिक्रमण के कारण नाले और पुलिया तक पानी का बहाव बाधित हो रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में लंबे समय से जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। वहीं, भाजपा नेता प्रभु नारायण और मुखिया राजू जायसवाल ने रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण और कथित अवैध वसूली को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रेलवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तो जल निकासी की समस्या दूर होने के साथ-साथ कथित अवैध वसूली पर भी रोक लग सकती है। अब सवाल यह है कि करीब एक महीने से जलजमाव की समस्या झेल रहे लोगों को कब राहत मिलेगी? क्या रेलवे और स्थानीय प्रशासन मिलकर पुलिया की सफाई एवं जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, या फिर घोड़ासहन की जनता को इसी तरह गंदे पानी के बीच जीवन जीने को मजबूर रहना पड़ेगा?
घोड़ासहन में एक माह से जलजमाव, नरकीय जीवन जीने को मजबूर वार्ड 1, 2 और 3 के लोग घोड़ासहन दक्षिणी पंचायत के वार्ड नंबर 1, 2 और 3 में करीब एक महीने से जलजमाव की समस्या बनी हुई है। सड़क से लेकर लोगों के घरों के दरवाजे तक गंदा पानी जमा होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जल निकासी नहीं होने के कारण लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय मुखिया राजू जायसवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल निकासी की पहल की। मुखिया ने बताया कि जलजमाव का मुख्य कारण पुलिया का जाम होना है। उन्होंने कहा कि पानी की निकासी सुचारु करने के लिए दो पुलिया की सफाई जरूरी है, जिसमें एक स्टेशन के पास और दूसरी चौधरी मार्केट के समीप स्थित है। मुखिया राजू जायसवाल ने रेलवे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रेलवे की जमीन पर हुए कथित अतिक्रमण के कारण जल निकासी में रुकावट पैदा हो रही है। उनका आरोप है कि अतिक्रमण के कारण नाले और पुलिया तक पानी का बहाव बाधित हो रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में लंबे समय से जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। वहीं, भाजपा नेता प्रभु नारायण और मुखिया राजू जायसवाल ने रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण और कथित अवैध वसूली को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रेलवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तो जल निकासी की समस्या दूर होने के साथ-साथ कथित अवैध वसूली पर भी रोक लग सकती है। अब सवाल यह है कि करीब एक महीने से जलजमाव की समस्या झेल रहे लोगों को कब राहत मिलेगी? क्या रेलवे और स्थानीय प्रशासन मिलकर पुलिया की सफाई एवं जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, या फिर घोड़ासहन की जनता को इसी तरह गंदे पानी के बीच जीवन जीने को मजबूर रहना पड़ेगा?
- घोड़ासहन में एक माह से जलजमाव, नरकीय जीवन जीने को मजबूर वार्ड 1, 2 और 3 के लोग घोड़ासहन दक्षिणी पंचायत के वार्ड नंबर 1, 2 और 3 में करीब एक महीने से जलजमाव की समस्या बनी हुई है। सड़क से लेकर लोगों के घरों के दरवाजे तक गंदा पानी जमा होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जल निकासी नहीं होने के कारण लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय मुखिया राजू जायसवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल निकासी की पहल की। मुखिया ने बताया कि जलजमाव का मुख्य कारण पुलिया का जाम होना है। उन्होंने कहा कि पानी की निकासी सुचारु करने के लिए दो पुलिया की सफाई जरूरी है, जिसमें एक स्टेशन के पास और दूसरी चौधरी मार्केट के समीप स्थित है। मुखिया राजू जायसवाल ने रेलवे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रेलवे की जमीन पर हुए कथित अतिक्रमण के कारण जल निकासी में रुकावट पैदा हो रही है। उनका आरोप है कि अतिक्रमण के कारण नाले और पुलिया तक पानी का बहाव बाधित हो रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में लंबे समय से जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। वहीं, भाजपा नेता प्रभु नारायण और मुखिया राजू जायसवाल ने रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण और कथित अवैध वसूली को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रेलवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तो जल निकासी की समस्या दूर होने के साथ-साथ कथित अवैध वसूली पर भी रोक लग सकती है। अब सवाल यह है कि करीब एक महीने से जलजमाव की समस्या झेल रहे लोगों को कब राहत मिलेगी? क्या रेलवे और स्थानीय प्रशासन मिलकर पुलिया की सफाई एवं जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, या फिर घोड़ासहन की जनता को इसी तरह गंदे पानी के बीच जीवन जीने को मजबूर रहना पड़ेगा?1
- क्या ऐसा होना चाहिए लोकतंत्र में । पूर्वी चंपारण मोतिहारी1
- माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मोतिहारी आगमन कार्यक्रम में काला साड़ी ब्लाउज गुड़िया पहने हुए महिलाओं को एवं काला बैग काला कुर्ता सर्ट गमछा रखने वाले पुरुष को प्रवेश नहीं करने दिया गया, लोगों में छाया असंतोष, जनता ने जांच का किया मांग। --वहीं पर माननीय मुख्यमंत्री खुद काला बंडी पहने हुए थे, शेखावत सिंह काला बंडी में थे स्थानीय सांसद काला बंडी में थे,फिर उनको कैसे अनुमति मिली कार्यक्रम में भाग लेने की जनता की आ रही है आवाज। (मनीष साह सन ऑफ इंडिया अनुमंडल ब्यूरो चीफ दैनिक सिरहा टाइम्स शाखा मोतिहारी पूर्वी चंपारण।) मोतिहारी 02 सितंबर 2026- मोतिहारी:-बीते हुए कल दिनांक 1 सितंबर 2026 को माननीय मुख्यमंत्री बिहार सरकार सम्राट चौधरी का कार्यक्रम मोतिहारी जिला के गांधी मैदान में संपन्न हुआ। राज्य की जनता जो काला साड़ी काला ब्लाऊज काला गुड़िया जो पहने हुए महिला थी ,काला कुर्ता काला सर्ट गमछा रखने वाले पुरुष को उक्त कार्यक्रम में अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। इस तरह की रवैया अपनाने से राज्य की जनता, विशेषकर पूर्वी चंपारण की जनता जो आए हुए थे इस रंग में कपड़ा पहनकर, उनके अंदर काफी हतोत्साहित भावना छाई हुई है। उन लोगों ने दैनिक सिरहा टाइम्स के अनुमंडल ब्यूरो चीफ सन ऑफ इंडिया मनीष साह को बताया कि माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शेखावत सिंह स्थानीय सांसद राधा मोहन सिंह स्वयं काला बंडी पहने हुए थे, फिर उन्हें कैसे कार्यक्रम में भाग लेने दिया गया। बहुत महिलाएं बोल रही थी काला गुड़िया पहने हुए महिलाओं को भी प्रवेश नहीं होने दिया गया। इन लोगों का कहना था कि माननीय मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम में जितना नियम का धज्जियां उड़ाई गई है, यह बहुत ही शर्मनाक है। अब यह प्रशासन के स्तर से उठाया गया है या माननीय मुख्यमंत्री महोदय का यह आदेश था कि काला साड़ी काला ब्लाऊज काला सर्ट काला गमछा काला गुड़िया वाले लोगों को अंदर नहीं प्रवेश करने देना है यह जांच का विषय बनता है।2
- Post by Rupak kumar jha1
- चंपारण की पावन धरती पर बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी आगमन किए हैं क्योंकि चंपारण को सबसे विकसित जिला बनाना यहां के युवाओं को रोजगार देना है हमारे यहां चंपारण की धरती पर आगमन कर चुके हैं श्री सम्राट चौधरी जी जो कि बिहार के मुख्यमंत्री हैं1
- मोतिहारी में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यक्रम के दौरान बीएनएम के संपादक सागर सूरज को गेट नंबर-1 पर तैनात पदाधिकारी ने अंदर जाने से रोक दिया। बताया गया कि उनके पास मौजूद गेट पास पर फोटो नहीं था। प्रवेश नहीं मिलने से नाराज सागर सूरज ने मौके पर ही अपना गेट पास फाड़ दिया और व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि “इस कार्ड की कोई वैल्यू नहीं है। थर्ड क्लास की व्यवस्था है।” उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे-ऐसे लोगों को अंदर बैठाया गया है, जबकि कई लोगों के प्रवेश पर किसी न किसी तरह का ऑब्जेक्शन लगाकर उन्हें अंदर जाने से रोका जा रहा है। घटना के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यक्रम की व्यवस्था का विरोध जताया। देखिए1
- पोस्टल डिपार्टमेंट ने वितीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट कार्य के लिए अपने कर्मियों को किया सम्मानित। इसको लेकर सुगौली में किया गया सम्मान कार्यक्रम का आयोजन।1
- सितंबर से चीनी में बदलाव बीपीएल परिवारों को राहत की खबर त्योंहारों के सीजन से पहले चीनी की कीमतों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। वायरल जानकारी के मुताबिक सितंबर महीने से चीनी की बिक्री और वितरण व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है।1