नई टिहरी के प्रतापनगर क्षेत्र में केतन लाल हत्याकांड के बाद बने संवेदनशील माहौल के मद्देनजर, स्थानीय लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में क्षेत्र में बाहरी संगठनों और व्यक्तियों की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया है कि हत्याकांड के बाद कुछ बाहरी संगठन एवं व्यक्ति क्षेत्र में पहुंचकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, अफवाहें फैलाने तथा विभिन्न समुदायों के बीच तनाव पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतापनगर हमेशा से सामाजिक एकता और भाईचारे का क्षेत्र रहा है, लेकिन बाहरी हस्तक्षेप से मौजूदा माहौल प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने विशेष रूप से 22 जून 2026 को प्रस्तावित कार्यक्रम और भीम आर्मी के संभावित प्रतापनगर आगमन को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि बाहरी संगठन सामाजिक माहौल को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं, तो वे इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि किसी भी संगठन की सभा, बैठक या कार्यक्रम से पहले प्रशासनिक अनुमति सुनिश्चित की जाए तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। ज्ञापन में सोशल मीडिया पर एक नाबालिग पीड़िता की पहचान और उसकी फोटो प्रसारित किए जाने के गंभीर मुद्दे को भी उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने इसे कानून और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन बताया, जिससे पीड़िता के सम्मान, मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है। इसके अतिरिक्त, पुलिस जांच पूरी होने से पहले भ्रामक और तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है, साथ ही विदेश में रहकर सोशल मीडिया के माध्यम से कथित रूप से भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वाले एक व्यक्ति की गतिविधियों की जांच कराने का आग्रह भी किया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से नाबालिग पीड़िता की शिकायत पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने, बाहरी संगठनों की गतिविधियों की निगरानी करने तथा आवश्यकता पड़ने पर बीएनएसएस की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में शांति, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
नई टिहरी के प्रतापनगर क्षेत्र में केतन लाल हत्याकांड के बाद बने संवेदनशील माहौल के मद्देनजर, स्थानीय लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में क्षेत्र में बाहरी संगठनों और व्यक्तियों की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया है कि हत्याकांड के बाद कुछ बाहरी संगठन एवं व्यक्ति क्षेत्र में पहुंचकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, अफवाहें फैलाने तथा विभिन्न समुदायों के बीच तनाव पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतापनगर हमेशा से सामाजिक एकता और भाईचारे का क्षेत्र रहा है, लेकिन बाहरी हस्तक्षेप से मौजूदा माहौल प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने विशेष रूप से 22 जून 2026 को प्रस्तावित कार्यक्रम और भीम आर्मी के संभावित प्रतापनगर आगमन को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि बाहरी संगठन सामाजिक माहौल को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं, तो वे इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि किसी भी संगठन की सभा, बैठक या कार्यक्रम से पहले प्रशासनिक अनुमति सुनिश्चित की जाए तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम
उठाए जाएं। ज्ञापन में सोशल मीडिया पर एक नाबालिग पीड़िता की पहचान और उसकी फोटो प्रसारित किए जाने के गंभीर मुद्दे को भी उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने इसे कानून और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन बताया, जिससे पीड़िता के सम्मान, मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है। इसके अतिरिक्त, पुलिस जांच पूरी होने से पहले भ्रामक और तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है, साथ ही विदेश में रहकर सोशल मीडिया के माध्यम से कथित रूप से भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वाले एक व्यक्ति की गतिविधियों की जांच कराने का आग्रह भी किया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से नाबालिग पीड़िता की शिकायत पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने, बाहरी संगठनों की गतिविधियों की निगरानी करने तथा आवश्यकता पड़ने पर बीएनएसएस की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में शांति, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
- सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दायर एक अपील को खारिज कर दिया है। अदालत ने छत्तीसगढ़ सरकार को निर्देश दिया है कि वह आदेश जारी होने की तारीख से आठ हफ्तों के भीतर संबंधित जुर्माना राशि का भुगतान करे। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि हाई कोर्ट द्वारा पहले से ही तय किए जा चुके मामले को फिर से उठाना जमीन मालिकों को बेवजह परेशान करने और उन्हें उनके हक से वंचित करने की कोशिश है।1
- पेपर लीक विवाद के बाद NEET-UG 2026 की परीक्षा आज देशभर के 564 शहरों में दोबारा आयोजित की जा रही है। इस ऐतिहासिक री-एग्जाम में देश और विदेश के परीक्षा केंद्रों को मिलाकर 22.79 लाख से अधिक छात्र शामिल हो रहे हैं। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त बनाया गया है। उत्तराखंड में, 10 जिलों में कुल 53 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ 21 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने बताया कि राज्य सरकार ने परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं, जिसमें उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का मानसिक तनाव न लें और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें।1
- हरिद्वार जिले में, दिनांक 11.06.26 को गंगनहर कोतवाली में अफजाल निवासी ग्राम रामपुर की लिखित शिकायत पर एक गंभीर मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि 5-6 युवकों ने घातक हथियारों से लैस होकर उनके पुत्र के दोस्त और उसके अन्य साथियों पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस संबंध में, गंगनहर कोतवाली में मु0अ0सं0 215/26 धारा 109, 190, 191(2), 191(3), 351(3) बीएनएस के तहत हत्या के प्रयास का मुकदमा पंजीकृत किया गया। जनपद में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एसएसपी हरिद्वार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, गंगनहर पुलिस ने तत्काल आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। साक्ष्य संकलन की कार्यवाही के तहत, पुलिस टीम ने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और ठोस सूचना के आधार पर कार्रवाई की। इसी क्रम में, घटना में शामिल नईम उर्फ लक्खा नामक युवक को दिनांक 20.06.26 को पाडली गुर्जर की तरफ जाने वाले रास्ते (मुर्गी फार्म के पास) से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार युवक, जिसकी पहचान नईम उर्फ लक्खा पुत्र शमीम निवासी पुहाना थाना भगवानपुर, जनपद हरिद्वार, उम्र 20 वर्ष के रूप में हुई है, के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 01 तमंचा और 01 जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ। अभियोग में धारा 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है। पकड़े गए आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उ0नि0 पंकज कुमार, हे0का0 युनुस, हे0का0 अरविंद कुमार, कानि0 प्रभाकर, कानि0 नितिन, कानि0 देवेश और कानि0 महिपाल (सीआईयू रुड़की) शामिल थे।1
- मंदिरों में पवित्र मन से जाने की बात कही जाती है, लेकिन कलिकाल में मंदिरों की व्यवस्थाओं में भी अपवित्र मन के लोगों की घुसपैठ बढ़ रही है। इसी समस्या को देखते हुए मंशादेवी मंदिर ट्रस्ट ने कई अहम निर्णय लिए हैं। ट्रस्ट के मुताबिक, मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़ा कोई भी पंडा-पुजारी अब स्त्रियों को किसी भी रूप में स्पर्श नहीं करेगा और न ही उन्हें स्पर्श कर आशीर्वाद देगा। इसके अतिरिक्त, मंदिर में सुधार लाने की दृष्टि से रिसाइक्ल्ड नारियल और फूलों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।1
- उत्तरकाशी जनपद में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जगह-जगह भव्य योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसकी इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ आयु के लिए योग' रखी गई थी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का संदेश दिया गया। जनपद के विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम समेत विभिन्न क्षेत्रों में योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें होमगार्ड जवान, पुलिस, आईटीबीपी जवान, भारतीय सेना, गंगोत्री नेशनल पार्क वन विभाग की टीम, अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने रेखांकित किया कि योग अब केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पूरे विश्व में अपनाया जा रहा है। उन्होंने योग को शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली एक जीवन पद्धति बताया, जो व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाती है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जानकारी दी कि मुख्य कार्यक्रम कीर्ति इंटर कॉलेज में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने वर्तमान भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग के बढ़ते महत्व पर जोर दिया और बताया कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति की कार्यक्षमता, एकाग्रता और मानसिक मजबूती में वृद्धि होती है। पूरे जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में भी योग दिवस को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया और योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया, जिससे जनपदभर में योग की धूम रही और हजारों लोगों ने इस अवसर पर योगाभ्यास किया।2
- हरिद्वार से रोहित वर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़े के सचिव महन्त रविंद्र पुरी ने मनसा देवी मंदिर से जुड़ी कथित भ्रामक खबरों और अफवाहों के संबंध में एक पत्रकार वार्ता आयोजित की। इस वार्ता में उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि मंदिर से संबंधित कुछ समाचार तथ्यों के विपरीत प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं के बीच भ्रम फैल रहा है। महन्त रविंद्र पुरी महाराज ने दृढ़ता से कहा कि मंदिर प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है और मंदिर की व्यवस्था, विकास कार्यों के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने सभी पत्रकारों से अपील की कि किसी भी समाचार को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसकी सत्यता की अवश्य जांच कर लें, ताकि समाज में कोई गलत संदेश न फैले। महन्त रविंद्र पुरी ने इस बात पर जोर दिया कि अफवाहें और भ्रामक खबरें धार्मिक आस्था को ठेस पहुँचाती हैं और भक्तों में अनावश्यक भ्रम पैदा करती हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान, उन्होंने मंदिर से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत जानकारी साझा की और इस बात पर बल दिया कि सही तथ्यों को जनता के सामने लाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर उपस्थित पत्रकारों ने भी अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।2
- पी एम श्री राजकीय इंटर कॉलेज भोगपुर से हिंदी विषय के प्रवक्ता डॉ सतीश कुमार शास्त्री जी ने अमेरिका तक का सफर तय किया। कैलिफोर्निया के स्क्रीमेंटो स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में एक बड़े भवन (डोम) का उद्घाटन किया गया, जिसे विशेष रूप से शादी के आयोजनों के लिए बनाया गया है। इस अवसर पर डॉ सतीश कुमार शास्त्री जी ने एक ऐतिहासिक उद्बोधन दिया, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।1
- छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा दुर्ग जिले में भूमि मालिकों की ज़मीन पर लगभग 25 वर्षों तक बिना किसी आधिकारिक अधिग्रहण प्रक्रिया के अवैध कब्ज़ा बनाए रखने के मामले में एक महत्वपूर्ण न्यायिक फैसला आया है। इस अवैध कब्ज़े के खिलाफ दायर मुकदमे के बाद, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ज़मीन अधिग्रहण का मुआवजा तय करने और ज़मीन मालिकों को ₹5,380 प्रति वर्ग मीटर की दर से भुगतान करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने साल 2006 में मुकदमा दायर होने की तारीख से इस राशि पर ब्याज देने का भी आदेश दिया था। हालांकि, छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने इस बढ़े हुए मुआवजे और ब्याज दर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की और राज्य सरकार की याचिका को "पूरी तरह से बेबुनियाद" बताते हुए खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने ज़मीन मालिकों को दिए जाने वाले बढ़े हुए मुआवजे और ब्याज को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए उस पर ₹2 लाख का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने यह सख्त फैसला सुनाकर ज़मीन मालिकों के पक्ष में न्याय को प्राथमिकता दी है।1