डीग के बृजनगर में भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (महासंघ) इंटक के कार्यकारी प्रदेश महासचिव एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी श्री दुर्गा प्रसाद मीणा को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए मजदूर वर्ग के जीवन स्तर में सुधार के लिए कल्याणकारी योजनाएं बनाने, मजदूरों के कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए समय-समय पर निशुल्क प्रशिक्षण देने और क्षेत्र में फैल रही प्रच्छन्न (छिपी) बेरोजगारी को समाप्त करने हेतु सरकार से सिफारिश करने की मांग की गई है। एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा ने मजदूरों की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मजदूर वर्ग इस समय अत्यंत निम्न स्तर का नरकीय जीवन जीने पर मजबूर है। मजदूर अपनी दैनिक जीवन की आवश्यक वस्तुएं तक नहीं खरीद पा रहे हैं और न ही बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला पा रहे हैं। कम मजदूरी के कारण वे गरिमापूर्ण जीवन से पूरी तरह वंचित हैं, जो संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता के अधिकार का खुला उल्लंघन है। ज्ञापन में मांग की गई है कि सरकार से सिफारिश कर मजदूरों के कल्याण हेतु योजनाएं बनवाई जाएं, निशुल्क प्रशिक्षण दिलाया जाए और मजदूरी में वृद्धि कर उन्हें राहत दी जाए। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में एडवोकेट खालिद खान, अभिभाषक संघ (नगर) के पूर्व अध्यक्ष बच्चू सिंह गुर्जर, एडवोकेट काजल जांगिड़, कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ (जिला डीग) के जिला उपाध्यक्ष हेमेंद्र सिंह गुर्जर, राजेश पायलट किसान संगठन (डीग) के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह नौगावा, कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ (जिला डीग) के महासचिव नूतन राम सेनी, अरविंद अवस्थी और विशन राम सैनी भी उपस्थित रहे।
डीग के बृजनगर में भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (महासंघ) इंटक के कार्यकारी प्रदेश महासचिव एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी श्री दुर्गा प्रसाद मीणा को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए मजदूर वर्ग के जीवन स्तर में सुधार के लिए कल्याणकारी योजनाएं बनाने, मजदूरों के कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए समय-समय पर निशुल्क प्रशिक्षण देने और क्षेत्र में फैल रही प्रच्छन्न (छिपी) बेरोजगारी को समाप्त करने हेतु सरकार से सिफारिश करने की मांग की गई है। एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा ने मजदूरों की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मजदूर वर्ग इस समय अत्यंत निम्न स्तर का नरकीय जीवन जीने पर मजबूर है। मजदूर अपनी दैनिक जीवन की आवश्यक वस्तुएं तक नहीं खरीद पा रहे हैं और न ही बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला पा रहे हैं। कम मजदूरी के कारण वे गरिमापूर्ण जीवन से पूरी तरह वंचित हैं, जो संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता के अधिकार का खुला उल्लंघन है। ज्ञापन में मांग की गई है कि सरकार से सिफारिश कर मजदूरों के कल्याण हेतु योजनाएं बनवाई जाएं, निशुल्क प्रशिक्षण दिलाया जाए और मजदूरी में वृद्धि कर उन्हें राहत दी जाए। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में एडवोकेट खालिद खान, अभिभाषक संघ (नगर) के पूर्व अध्यक्ष बच्चू सिंह गुर्जर, एडवोकेट काजल जांगिड़, कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ (जिला डीग) के जिला उपाध्यक्ष हेमेंद्र सिंह गुर्जर, राजेश पायलट किसान संगठन (डीग) के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह नौगावा, कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ (जिला डीग) के महासचिव नूतन राम सेनी, अरविंद अवस्थी और विशन राम सैनी भी उपस्थित रहे।
- राजस्थान के डीग जिले की नगर विधानसभा (बृजनगर) में सरकारी कीमत पर यूरिया खाद न मिलने और खाद विक्रेताओं द्वारा की जा रही कालाबाजारी के विरोध में किसानों और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा (प्रदेश महासचिव, भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (महासंघ) इंटक प्रदेश सचिव, राजीव गांधी पंचायत राज विभाग एवं असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस राजस्थान) के नेतृत्व में किया गया। किसानों का कहना है कि पूरे डीग जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लत है, जिसके कारण कृषक वर्ग को भारी परेशानी और असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खाद विक्रेता अधिक मुनाफा कमाने के लालच में सरकार द्वारा निर्धारित ₹270 की कीमत पर 45 किलोग्राम का कट्टा देने के बजाय इसे चोरी-छिपे ऊंचे दामों में बेच रहे हैं। इसके अलावा, कुछ यूरिया खाद विक्रेता ₹270 में कट्टा तो दे रहे हैं, लेकिन उसके साथ महंगे कीटनाशक खरीदना अनिवार्य कर रहे हैं। यदि कोई किसान कीटनाशक नहीं खरीदता, तो उसे यूरिया खाद नहीं दी जाती है। इस मजबूरी के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है जिससे उनमें भारी रोष है। एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि पहले ₹270 में 50 किलोग्राम का कट्टा आता था जिसे घटाकर 45 किलोग्राम कर दिया गया, और अब चर्चा है कि सरकार इसे और घटाकर 40 किलोग्राम करने का विचार कर रही है। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि नगर विधानसभा सहित पूरे डीग जिले में यूरिया की कालाबाजारी को तुरंत रोका जाए, सरकारी कीमत पर ही खाद उपलब्ध कराई जाए, और किसानों के हित में खाद के कट्टे का वजन अब और न घटाया जाए। इस प्रदर्शन के अवसर पर प्रताप सिंह नौगावा, रामफल सैनी, शुभम बंसल, सुभान खान और सुनील सैनी सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित रहे।1
- मथुरा के केनरा बैंक में तैनात एक सुरक्षाकर्मी अजीत कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने का मामला सामने आया है। घटना आज शाम लगभग 7:40 बजे की है, जब बैंक में ही तैनात हेड कांस्टेबल योगेंद्र कुमार ने पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना के मुताबिक, जब अजीत कुमार कमरे में अकेले थे, तभी अचानक वहां से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही ड्यूटी पर मौजूद हेड कांस्टेबल तुरंत कमरे की तरफ भागे, जहां उन्होंने अजीत कुमार को लहूलुहान और घायल अवस्था में जमीन पर गिरा हुआ पाया। घायल सुरक्षाकर्मी को तुरंत प्राथमिक उपचार और बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए फील्ड यूनिट को भी मौके पर बुलाया गया है, जो वैज्ञानिक साक्ष्यों और फॉरेन्सिक सबूतों को इकट्ठा कर रही है। पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि कमरे में अकेले होने के दौरान यह घटना कैसे हुई, पुलिस इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है कि यह कोई दुर्घटना थी या आत्महत्या। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और पंचायतनामे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।4
- मथुरा के थाना हाजा क्षेत्र में एटीएम में नकदी जमा करने के नाम पर 7,80,400 रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी कंपनी प्रतिनिधि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कानपुर नगर निवासी हनुमान शरण पुत्र नारायण प्रसाद तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई है कि उन्होंने हिताची पेमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से संचालित तीन एटीएम की फ्रेंचाइजी ली थी। आरोप है कि कंपनी के प्रतिनिधि पप्पेंद्र पुत्र श्री राम (निवासी गांव भैनीनगर-9, गली नंबर-2, सीपीएस कॉलेज के पीछे, टुंडला बिहार, ज्योति नगर, मथुरा) ने एटीएम में जमा करने के लिए दिए गए कुल 7,80,400 रुपये की धोखाधड़ी कर उसे हड़प लिया और एटीएम में नकदी जमा नहीं की। इस शिकायत के आधार पर थाना हाजा पुलिस ने मु.अ.सं. 495/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 318(4) में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मथुरा के आईपीएस आसन चौधरी के अनुसार, पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- मथुरा के भूतेश्वर अखाड़े पर हुए विवाद के बाद अब मामला एक नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है, जहां चर्चित पहलवान देवा पहलवान के समर्थन में शहर के कई लोग सामने आए हैं। समर्थकों का दावा है कि घटना के दौरान देवा पहलवान ने केवल बीच-बचाव कर विवाद शांत कराने का प्रयास किया था, लेकिन बाद में उन्हें भी इस मामले में घसीटने की कोशिश की जा रही है। समर्थकों का आरोप है कि कुछ लोग अपने राजनीतिक हित साधने के लिए एक सम्मानित पहलवान की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। खेल और समाज में वर्षों से सक्रिय रहे देवा पहलवान की साफ-सुथरी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। इसी के चलते शहर के कई नागरिकों और खेल प्रेमियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाए, ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो। इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और जो भी साक्ष्य एवं तथ्य उपलब्ध होंगे, उनके आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।2
- मथुरा में हूटर को लेकर छिड़ा विवाद अब अखाड़े तक पहुंच गया है। इस विवाद के बाद अब वहां के हिंदूवादी संगठनों के बीच आपसी टकराहट और खींचतान लगातार बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा में मुड़िया पूर्णिमा मेले की तैयारियों पर मंथन किया जा रहा है। इस मेले के आयोजन को लेकर की जा रही तैयारियों के बीच बिजली व्यवस्था को सुचारू रखना प्रशासन के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बना हुआ है।1
- मथुरा में फलाहारी बाबा ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने लोगों का ध्यान खींचते हुए मुख्यमंत्री जी की बातों पर विशेष ध्यान देने की बात कही है।1
- अजमेर के किशनगढ़ में चलती कार में एडिशनल एसपी की तबीयत बिगड़ने से एक अनियंत्रित कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। किशनगढ़ आरपीटीसी (RPTC) में कमांडेंट के पद पर तैनात एडिशनल एसपी संदीप सिंह जब अपनी कार चला रहे थे, तब अचानक उनका शुगर लेवल काफी बढ़ गया। इसके चलते वह गाड़ी पर से अपना नियंत्रण खो बैठे और उनकी अनियंत्रित कार ने सामने से आ रहे एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में गनीमत यह रही कि सामने से आ रहा बाइक सवार बाल-बाल बच गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और उन्होंने अस्वस्थ एएसपी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनका इलाज किया।1