कोटा: महंगाई और पेपर लीक के विरोध में एनएसयूआई का अनोखा प्रदर्शन आमजन को बांटी ‘मेलोडी’ टॉफी, बोले- ‘रोजगार चाहिए, टॉफी नहीं’ कोटा। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एनएसयूआई ने एक अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर की सड़कों पर आम जनता को ‘मेलोडी’ टॉफियां बांटकर बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक की घटनाओं पर अपना गुस्सा जताया। एनएसयूआई प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा के नेतृत्व में निकले कार्यकर्ताओं ने टॉफियां बांटते हुए लोगों से अपील की कि वे महंगाई और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जागरूक हों। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की। रिद्धम शर्मा ने कहा कि देश का युवा आज बेरोजगारी और पेपर लीक जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। छात्रों की मेहनत पर पानी फिर रहा है, परीक्षाएं रद्द हो रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार इन मुद्दों पर पूरी तरह से उदासीन है।उन्होंने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि देश की असली समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय प्रधानमंत्री विदेश दौरों और प्रचार में व्यस्त रहते हैं। जनता को ‘मेलोडी’ टॉफी नहीं, बल्कि रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और महंगाई से राहत चाहिए। युवाओं का भविष्य अंधकारमय एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने आमजन को टॉफियां देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं और छात्रों के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो और बेरोजगारी दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।इस अनोखे प्रदर्शन ने शहर में काफी ध्यान खींचा। आम लोग भी इस प्रदर्शन के तरीके से प्रभावित नजर आए।
कोटा: महंगाई और पेपर लीक के विरोध में एनएसयूआई का अनोखा प्रदर्शन आमजन को बांटी ‘मेलोडी’ टॉफी, बोले- ‘रोजगार चाहिए, टॉफी नहीं’ कोटा। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एनएसयूआई ने एक अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर की सड़कों पर आम जनता को ‘मेलोडी’ टॉफियां बांटकर बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक की घटनाओं पर अपना गुस्सा जताया। एनएसयूआई प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा के नेतृत्व में निकले कार्यकर्ताओं ने टॉफियां बांटते हुए लोगों से अपील की कि वे महंगाई और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जागरूक हों। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की। रिद्धम शर्मा ने कहा कि देश का युवा आज बेरोजगारी और पेपर लीक जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। छात्रों की मेहनत पर पानी फिर रहा है, परीक्षाएं रद्द हो रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार इन मुद्दों पर पूरी तरह से उदासीन है।उन्होंने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि देश की असली समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय प्रधानमंत्री विदेश दौरों और प्रचार में व्यस्त रहते हैं। जनता को ‘मेलोडी’ टॉफी नहीं, बल्कि रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और महंगाई से राहत चाहिए। युवाओं का भविष्य अंधकारमय एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने आमजन को टॉफियां देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं और छात्रों के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो और बेरोजगारी दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।इस अनोखे प्रदर्शन ने शहर में काफी ध्यान खींचा। आम लोग भी इस प्रदर्शन के तरीके से प्रभावित नजर आए।
- कोटा के एक नशा मुक्ति केंद्र से गेट तोड़कर करीब 30 मरीज फरार हो गए। इस घटना से केंद्र प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने फरार मरीजों की तलाश शुरू कर दी है।1
- कोटा: महंगाई और पेपर लीक के विरोध में एनएसयूआई का अनोखा प्रदर्शन आमजन को बांटी ‘मेलोडी’ टॉफी, बोले- ‘रोजगार चाहिए, टॉफी नहीं’ कोटा। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एनएसयूआई ने एक अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर की सड़कों पर आम जनता को ‘मेलोडी’ टॉफियां बांटकर बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक की घटनाओं पर अपना गुस्सा जताया। एनएसयूआई प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा के नेतृत्व में निकले कार्यकर्ताओं ने टॉफियां बांटते हुए लोगों से अपील की कि वे महंगाई और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जागरूक हों। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की। रिद्धम शर्मा ने कहा कि देश का युवा आज बेरोजगारी और पेपर लीक जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। छात्रों की मेहनत पर पानी फिर रहा है, परीक्षाएं रद्द हो रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार इन मुद्दों पर पूरी तरह से उदासीन है।उन्होंने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि देश की असली समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय प्रधानमंत्री विदेश दौरों और प्रचार में व्यस्त रहते हैं। जनता को ‘मेलोडी’ टॉफी नहीं, बल्कि रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और महंगाई से राहत चाहिए। युवाओं का भविष्य अंधकारमय एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने आमजन को टॉफियां देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं और छात्रों के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो और बेरोजगारी दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।इस अनोखे प्रदर्शन ने शहर में काफी ध्यान खींचा। आम लोग भी इस प्रदर्शन के तरीके से प्रभावित नजर आए।1
- कोटा में सरस डेयरी ने दूध की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। डेयरी अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ की अगुवाई में 15 से अधिक बूथों पर हुई जांच में गुणवत्ता पूरी तरह संतोषजनक पाई गई। उपभोक्ताओं को सुरक्षित उत्पाद मुहैया कराने के लिए ऐसे अभियान जारी रहेंगे।4
- कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना नया रैप गाना रिलीज किया है। 'सिस्टम सड़ा हुआ था… तो हमने पार्टी ही बदल डाली!' शीर्षक वाला यह गाना युवाओं की आवाज़ होने का दावा करता है।1
- कोटा के एक 850 साल पुराने शिव मंदिर से जुड़ी कहानी लोगों को हैरान कर देती है। यहां मान्यता है कि चंबल नदी का पानी घी में बदल जाता है, जिसे लेकर दूर-दूर से लोग मंदिर दर्शन करने आते हैं।1
- एक टिप्पणी में राजनेता राहुल गांधी के भाषणों की शैली पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि उनके बोलने के तरीके से राजनीतिक संवाद का स्तर पहले से कहीं अधिक गिरा है। यह मुद्दा देशव्यापी राजनीतिक बहसों में नया मोड़ ला सकता है।1
- शाहबाद, राजस्थान में पर्यावरण प्रेमी और युवा अपने पुरखों की धरोहर जंगल को बचाने के लिए संघर्षरत हैं। वे सवाल उठा रहे हैं कि क्या विकास का मतलब जल, जंगल और जमीन को नेस्तनाबूद करना है, क्योंकि इनके बिना जीवन असंभव है। युवाओं ने सरकार से इस पर्यावरणीय पुकार को सुनने का आग्रह किया है।1
- कोटा के बोरखेड़ा इलाके में रिटायर प्रिंसिपल रामेश्वर रावत का शव नाले में मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वे दोस्तों को रिटायरमेंट पार्टी देकर घर लौट रहे थे, तभी यह दुखद घटना घटी। पुलिस इस मामले को हत्या या दुर्घटना मानकर सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।3