सोनभद्र के विंढमगंज थाना पुलिस ने अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को हरनाकछार स्थित दशरथ मोड़ तिराहा से धर-दबोचा और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान अजय मेहता (उम्र लगभग 38 वर्ष), पुत्र बृजेश्वर, निवासी ग्राम कटौधी, थाना दुद्धी, जनपद सोनभद्र के रूप में हुई है, जिसे 10 जुलाई 2026 की रात्रि लगभग 9:20 बजे गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जनपदभर में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल तथा क्षेत्राधिकारी दुद्धी विनय प्रभाकर साहनी के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इसे अंजाम दिया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2025 में उसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत हुआ था, जबकि वर्ष 2026 में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के अंतर्गत कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद से पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के साथ उपनिरीक्षक वीर बहादुर यादव, हेड कांस्टेबल ऐनुल होदा खाँ और हेड कांस्टेबल धीरेंद्र कुमार शामिल रहे। सोनभद्र पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में कानून व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध यह सख्त अभियान आगे भी पूरी कड़ाई से जारी रहेगा।
सोनभद्र के विंढमगंज थाना पुलिस ने अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को हरनाकछार स्थित दशरथ मोड़ तिराहा से धर-दबोचा और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान अजय मेहता (उम्र लगभग 38 वर्ष), पुत्र बृजेश्वर, निवासी ग्राम कटौधी, थाना दुद्धी, जनपद सोनभद्र के रूप में हुई है, जिसे 10 जुलाई 2026 की रात्रि लगभग 9:20 बजे गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जनपदभर में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल तथा क्षेत्राधिकारी दुद्धी विनय प्रभाकर साहनी के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इसे अंजाम दिया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2025 में उसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत हुआ था, जबकि वर्ष 2026 में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के अंतर्गत कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद से पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के साथ उपनिरीक्षक वीर बहादुर यादव, हेड कांस्टेबल ऐनुल होदा खाँ और हेड कांस्टेबल धीरेंद्र कुमार शामिल रहे। सोनभद्र पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में कानून व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध यह सख्त अभियान आगे भी पूरी कड़ाई से जारी रहेगा।
- सांसद जोबा मांझी की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें वे जंगल में जमीन पर बैठकर सखुआ के पत्तों पर दाल-भात का भोजन करती हुई दिखाई दे रही हैं। इस दौरान उनके साथ उनके विधायक बेटे भी मौजूद थे। यह सादगी भरी तस्वीर चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- गढ़वा में एक जमीन विवाद में पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर का नाम सामने आया है। इस पूरे मामले को लेकर पूर्व विधायक सतेंद्र नाथ तिवारी ने तीखा रुख अपनाते हुए कहा है कि इस जमीन विवाद और मारपीट की जड़ मिथिलेश ठाकुर ही हैं।1
- सोनभद्र के ओबरा थाने में मिशन शक्ति केंद्र और साइबर हेल्प डेस्क भवन का लोकार्पण किया गया है। इस लोकार्पण के संबंध में सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा ने बाइट जारी कर अपनी बात रखी है।1
- गढ़वा में साइबर अपराध से बचाव को लेकर डीआईजे सर की जनता के प्रति एक अनोखी पहल सामने आई है, जिसके माध्यम से लोगों को साइबर ठगी से सुरक्षित रहने और तुरंत कार्रवाई करने के तरीकों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। साइबर ठगी का शिकार होने पर पीड़ित को बिना किसी देरी के तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। यह नंबर 24x7 चालू रहता है और बैंक खाते से पैसे कटने पर उसे बचाने का सबसे तेज़ तरीका है। इसके अलावा, पीड़ित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाकर 'Financial Fraud' या 'Other Cyber Crimes' विकल्प चुनकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराने का विकल्प भी उपलब्ध है। किसी अन्य आपातकालीन स्थिति के लिए राष्ट्रीय पुलिस हेल्पलाइन 112 और महिलाओं व बच्चों से जुड़े अपराधों के लिए हेल्पलाइन 181 का उपयोग किया जा सकता है। साइबर ठगी के मामलों में पैसे को ब्लॉक या रिकवर करने के लिए समय सीमा का विशेष महत्व है। ठगी होने के पहले 1 से 2 घंटे के भीतर शिकायत करना सबसे उत्तम माना जाता है, जिसे "गोल्डन ऑवर" कहा जाता है। इसके अलावा, 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज करना अनिवार्य रूप से बेहद ज़रूरी है। इस गोल्डन पीरियड में पुलिस और बैंक मिलकर ट्रांजेक्शन को होल्ड या फ्रीज़ कर सकते हैं, जिससे पीड़ित के पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।1
- सिंगरौली नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में बैढ़न मेन रोड पर एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत सड़कों पर बैठे और घूम रहे आवारा मवेशियों को पकड़कर गौशाला भेजा गया। निगम प्रशासन ने यह कार्रवाई शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने के उद्देश्य से की है। अधिकारियों का कहना है कि सड़कों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी से दुर्घटनाओं का निरंतर खतरा बना रहता है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा। साथ ही, नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने पालतू मवेशियों को खुला न छोड़ें ताकि शहर में यातायात बाधित न हो और दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।1
- गढ़वा जिले के रंका प्रखंड अंतर्गत सोनदाग पंचायत के भलुआनी गोटा टोला गांव में शनिवार अपराह्न 3:00 बजे 90 दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम के तहत एक विधिक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न कानूनी अधिकारों और सामाजिक कुरीतियों से संबंधित कानूनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में मौजूद पारा लीगल वॉलंटियर (पीएलवी) राजेश कुमार चौधरी ने ग्रामीणों को बाल विवाह, नशाखोरी, डायन प्रथा, बाल मजदूरी, महिलाओं व बच्चों के अधिकार तथा निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह और बाल मजदूरी कानूनन अपराध हैं और इनके दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने लोगों से डायन प्रथा जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने और नशाखोरी से दूर रहने का आह्वान किया। राजेश कुमार चौधरी ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी कानूनी विवाद या अन्याय की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता ली जा सकती है। इस कार्यक्रम के दौरान मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनका कानूनी प्रक्रिया के अनुसार समाधान बताया गया। ग्रामीणों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इससे कानून के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।1
- सोनभद्र के नगवां ब्लॉक के सोमा ग्राम पंचायत में 'पेड़ है तो प्राण है' अभियान अब जनआंदोलन बन गया है। यहाँ किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए सैकड़ों फलदार पौधे वितरित किए। इसके साथ ही, मोर्चा ने क्षेत्र में कथित रूप से बड़े पैमाने पर हो रही पेड़ों की कटाई का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है और साफ चेतावनी दी है कि यदि पेड़ों की कटाई तुरंत नहीं रुकी तो जनपदव्यापी आंदोलन किया जाएगा।1
- सोनभद्र जिले के ओबरा में भाजपा प्रवक्ता की तीखी और जबरदस्त तरीके से बेइज्जती का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर घटी इस घटना में प्रवक्ता को काफी असहज स्थितियों का सामना करना पड़ा है।1
- उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में स्थित नदरई (हजारा) पुल इंजीनियरिंग का एक अद्भुत और ऐतिहासिक नमूना है। कासगंज शहर से लगभग 5 किलोमीटर दूर नदरई गांव में स्थित यह पुल 1885 से 1889 के बीच निर्मित किया गया था। इस पुल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी त्रि-स्तरीय संरचना है, जिसके सबसे नीचे काली नदी बहती है, उसके ऊपर हजारा नहर प्रवाहित होती है और सबसे ऊपरी सतह पर सड़क बनी है, जिस पर भारी वाहनों का आवागमन भी होता है। इस पुल को आयरलैंड के इंजीनियरों द्वारा डिज़ाइन किया गया था। सुरक्षा के दृष्टिकोण से इसमें एक गुप्त गुफा भी बनी हुई है, जिसे अंग्रेजों ने आपातकालीन स्थितियों में छिपने के लिए बनवाया था। आज यह स्थान ब्रिटिश-कालीन वास्तुकला और भारतीय इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।1