बहराइच पंचायत विकास मंच के बैनर तले कैसरगंज ब्लॉक में प्रधानों ने पंचायत चुनाव न होने पर कार्यकाल को बढ़ाने, वा बकाया मनरेगा भुगतान को लेकर दिया ज्ञापन महत्वपूर्ण बहराइच के कैसरगंज ब्लॉक , में पंचायत विकास मंच के बैनर तले प्रधानों ने खंड विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर मनरेगा भुगतान और चुनाव कार्यकाल बढ़ाने की मांग उठाई जोरदार कैसरगंज ब्लॉक में पंचायत विकास मंच के नेतृत्व में ब्लॉक के प्रधानों ने विकाश खंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रधानों ने पंचायत चुनाव समय से न होने की स्थिति में वर्तमान प्रधानों को ही प्रशासक बनाए जाने तथा मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों का बकाया भुगतान कार्यकाल समाप्त होने से पहले कराने की प्रमुख मांग उठाई। कार्यक्रम के संयोजक सूरज शुक्ला, डॉ. श्याम चौधरी, प्रधान संघ के अध्यक्ष भगवानदीन मिश्रा, संरक्षक राम सुन्दर पांडे, महामंत्री सूर्य प्रकाश सिंह (बुल्लू सिंह), मंगल दास, विजय शुक्ल, राम छबीले निषाद, राज कुमार राव, ब्लॉक अध्यक्ष करम चंद्र गुप्ता, अजय सिंह, दिलीप सिंह, श्याम सिंह वर्मा, बाबूलाल यादव, ओम प्रकास मौर्या, नियाज़ अहमद, महफूज अहमद, बलराम यादव, राम सूरत सरोज सहित अन्य प्रधानों ने बताया कि मनरेगा 2005 अधिनियम के अंतर्गत पूर्व में कराए गए कार्यों का भुगतान लंबे समय से लंबित है। इससे श्रमांश और सामग्री मद में करोड़ों रुपये बकाया हो गए हैं, जिसके चलते प्रधानों पर सप्लाई करने वाले फर्मों का लगातार दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 26 मई 2026 को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, ऐसे में यदि समय रहते भुगतान नहीं हुआ तो प्रधानों और संबंधित फर्मों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदेश की पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 और 19 जुलाई 2026 को समाप्त हो रहा है। वर्तमान परिस्थितियों में समय पर चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण प्रतीत हो रहा है। इसके पीछे मतदाता सूची के पुनरीक्षण में देरी, समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होना तथा आरक्षण के लिए आवश्यक ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रक्रिया का अधूरा रहना प्रमुख कारण बताए गए हैं। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि स्थानीय निकायों में आरक्षण लागू करने के लिए ट्रिपल टेस्ट अनिवार्य है और निर्वाचित संस्थाओं के स्थान पर प्रशासकों की नियुक्ति केवल अस्थायी स्थिति में ही उचित मानी जाती है। उन्होंने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां ऐसी परिस्थितियों में निर्वाचित प्रतिनिधियों को ही कार्यभार जारी रखने दिया गया, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था बनी रही। पंचायत विकास मंच ने सरकार से मांग की है कि यदि समय पर पंचायत चुनाव संभव न हो, तो वर्तमान प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि बाहरी प्रशासकों की नियुक्ति लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत होगी। ब्लॉक कैसरगंज में प्रधानो के साथ संगठन के अन्य पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे
बहराइच पंचायत विकास मंच के बैनर तले कैसरगंज ब्लॉक में प्रधानों ने पंचायत चुनाव न होने पर कार्यकाल को बढ़ाने, वा बकाया मनरेगा भुगतान को लेकर दिया ज्ञापन महत्वपूर्ण बहराइच के कैसरगंज ब्लॉक , में पंचायत विकास मंच के बैनर तले प्रधानों ने खंड विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर मनरेगा भुगतान और चुनाव कार्यकाल बढ़ाने की मांग उठाई जोरदार कैसरगंज ब्लॉक में पंचायत विकास मंच के नेतृत्व में ब्लॉक के प्रधानों ने विकाश खंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रधानों ने पंचायत चुनाव समय से न होने की स्थिति में वर्तमान प्रधानों को ही प्रशासक बनाए जाने तथा मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों का बकाया भुगतान कार्यकाल समाप्त होने से पहले कराने की प्रमुख मांग उठाई। कार्यक्रम के संयोजक सूरज शुक्ला, डॉ. श्याम चौधरी, प्रधान संघ के अध्यक्ष भगवानदीन मिश्रा, संरक्षक राम सुन्दर पांडे, महामंत्री सूर्य प्रकाश सिंह (बुल्लू सिंह), मंगल दास,
विजय शुक्ल, राम छबीले निषाद, राज कुमार राव, ब्लॉक अध्यक्ष करम चंद्र गुप्ता, अजय सिंह, दिलीप सिंह, श्याम सिंह वर्मा, बाबूलाल यादव, ओम प्रकास मौर्या, नियाज़ अहमद, महफूज अहमद, बलराम यादव, राम सूरत सरोज सहित अन्य प्रधानों ने बताया कि मनरेगा 2005 अधिनियम के अंतर्गत पूर्व में कराए गए कार्यों का भुगतान लंबे समय से लंबित है। इससे श्रमांश और सामग्री मद में करोड़ों रुपये बकाया हो गए हैं, जिसके चलते प्रधानों पर सप्लाई करने वाले फर्मों का लगातार दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 26 मई 2026 को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, ऐसे में यदि समय रहते भुगतान नहीं हुआ तो प्रधानों और संबंधित फर्मों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदेश की पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 और 19 जुलाई 2026 को समाप्त हो रहा है। वर्तमान परिस्थितियों में समय पर चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण प्रतीत हो रहा है। इसके पीछे मतदाता
सूची के पुनरीक्षण में देरी, समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होना तथा आरक्षण के लिए आवश्यक ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रक्रिया का अधूरा रहना प्रमुख कारण बताए गए हैं। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि स्थानीय निकायों में आरक्षण लागू करने के लिए ट्रिपल टेस्ट अनिवार्य है और निर्वाचित संस्थाओं के स्थान पर प्रशासकों की नियुक्ति केवल अस्थायी स्थिति में ही उचित मानी जाती है। उन्होंने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां ऐसी परिस्थितियों में निर्वाचित प्रतिनिधियों को ही कार्यभार जारी रखने दिया गया, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था बनी रही। पंचायत विकास मंच ने सरकार से मांग की है कि यदि समय पर पंचायत चुनाव संभव न हो, तो वर्तमान प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि बाहरी प्रशासकों की नियुक्ति लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत होगी। ब्लॉक कैसरगंज में प्रधानो के साथ संगठन के अन्य पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे
- आज माननीय विधायक जी की अध्यक्षता में रैली निकाली गई और पूरे बाजार में घुमाई गई यह सनातन धर्म के प्रचार के लिए सर्वोपरि हमें अपने धर्म के प्रचार के लिए सजग रहना चाहिए तथा समय-समय पर रेलिया को निकालना चाहिए2
- बहराइच सीतापुर रोड पर चल रही पेट्रोल पम्प पर सरकारी आदेश की उड़ाई जा रही है धज्जियां, पेट्रोल पम्प पर अधिक तर लोग जरीकेन,पीपा में ले रहे हैं पेट्रोल व डीजल, वहीं दूसरी तरफ जिलापूर्ती अधिकारी का आदेश भी। जारी हो चुका है कि जैरीकेन,व,पीपा मे ,तेल ना देने की हिदायत की,गई है मगर सब हवा हवाई में चल रहा है मोगलहा, पेट्रोल पम्प पर,कुछ इस तरह लगे हैं जैरीकेन पेट्रोल पम्प पर,जो फोटो,में व,वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है1
- संवाददाता रवि रावत बाराबंकी के फतेहपुर तहसील क्षेत्र के भगौली तीर्थ स्थित किसान इंटर कॉलेज ने "स्कूल चलो अभियान" के तहत एक जागरूकता रैली का आयोजन किया। इस रैली में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया। रैली कॉलेज परिसर से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी और वापस कॉलेज परिसर में आकर समाप्त हुई। विद्यार्थियों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां लेकर "हर बच्चा स्कूल जाए" और "शिक्षा है अधिकार हमारा" जैसे नारे लगाए, जिससे लोगों को शिक्षा के महत्व के प्रति प्रेरित किया गया। इस दौरान भगौली चौकी इंचार्ज अनिल कुमार पाण्डेय पुलिस बल के साथ मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और यह एक बेहतर भविष्य की कुंजी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उनकी पढ़ाई में सहयोग करें। डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने जोर दिया कि शिक्षा ही समाज में जागरूकता, विकास और आत्मनिर्भरता लाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। प्रधानाचार्य ने बच्चों को भी प्रेरित किया कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करते रहें।इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता जितेश सिंह यादव, सहायक अध्यापक प्रदीप कुमार वर्मा, मो. सुहैल, ज्ञानेश कुमार, संगीता, सैयद फजल अहमद, राजकुमार, राजीव कुमार अवस्थी, सर्वेश कुमार, श्रीमती साजिया रिजवान और गिरीश चंद्र सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। रैली के सफल आयोजन से क्षेत्र में शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश प्रसारित हुआ।1
- उत्तर प्रदेश बहराइच नानपारा के इमामगंज बाईपास चौराहे पर ट्रैफिक की व्यवस्था सुचारू रूप से ना चलने के कारण बार-बार लगता है जाम l जागरूक नागरिकों ने ज़ाम से निजात की मांग प्रशासन से की है l1
- यूपी : फतेहपुर के आर्यन को अखिलेश यादव ने लखनऊ बुलाकर पीतल के बर्तन गिफ्ट किए अब आर्यन इन्हीं बर्तनों में चाय बनाकर अपनी दुकान चलाएगा1
- बहराइच के रामगांव इलाके में गन्ने के जूस के पैसे को लेकर दबंगों ने पिता-पुत्र की पिटाई कर दी। लक्खाबौंडी गांव के फड़ चौराहे पर कल्लू और उनके बेटे नफीस गन्ने के जूस की दुकान लगाते हैं। रविवार शाम कुछ लोग उनकी दुकान पर पहुंचे और जूस पिलाने के लिए कहा। जूस पीने के बाद रुपये मांगने पर दबंग नाराज हो गए और पिता-पुत्र की पिटाई कर दी। इसमें दोनों घायल हो गए। पीड़ित ने फायरिंग का भी आरोप लगाया है। थानाध्यक्ष गुरुसेन सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी3
- नेपाल के जमुनाहा नाके पर सुरक्षा सख्ती को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वायरल वीडियो में नेपाली पुलिस एक व्यक्ति को ₹100 से अधिक मूल्य का सामान ले जाने से रोकती नजर आ रही है, जिससे आम लोगों में नाराज़गी बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि सीमा पार से सामान लाने पर निर्धारित सीमा के कारण रोजमर्रा के यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर लोगों ने विरोध जताया है और प्रशासन से नियमों में राहत की मांग की है।1
- सरकार के कुछ नियम बताए गए हैं जिनका पालन करना उनके पालन से उज्जैन की सुरक्षा हो सकती है इस नियम को ध्यानपूर्वक उसने और उसका पालन कीजिए1
- 👉 पत्रकार रामजी दीक्षित कि रिपोर्ट बाराबंकी नमस्कार मित्रों, सर श्रीराम जयंती के अवसर पर आपका स्वागत करना मेरे लिए परम सौभाग्य की बात है। सर श्रीराम भारत के उन जाने माने व्यक्तियों में से हैं, जिन्हे देश के उद्योगपति, महान वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री, शिक्षाबादी एवं समाजसेवी सभी बगों के लोग, उनके प्रेरणादायक आदशों के कारण आज भी हृदय से सम्मान देते हैं सर श्रीराम ने अपने करियर की शुरुआत एक बहुत ही साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि के साथ की, लेकिन अपनी बसाधारण बुद्धिमत्ता, आसामान्य व्यावसायिक कौशल, दूरदर्शिता, दृढ़ संकल्प और अयक परिश्रम से उन्होंने न केवल अपने जीवनकाल में एक विशाल व्यापारिक साम्राज्य का निर्माण किया, बल्कि स्वतंत्र भारत के नव निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। सर श्रीराम स्वयं एक अत्यंत बुद्धिमान व्यक्तित्व होने के साथ साथ अपार विनम्रता के धनी थे। जहां एक ओर वे अपनी कुशाग्रता से कठिन से कठिन फैसले लेने में समर्थ थे, नहीं ने दूसरों के लिए फैसलों का बहुत विनम्रता से सम्मान करते थे। वह निःस्वार्थ मेजबान भी थे उनके परस्पर लेन-देन के रवैये ने उन्हें एक मिलनसार व्यक्ति बना दिया। 22, कर्जन रोब, न केवल उनका घर था, यह दिल्ली का सबसे बढ़ा गेस्ट हाउस था और शायद भारत का भी, जहां जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों, विनम्र पुरुष और विद्वान, कलाकार, वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री, उद्योगपति, चिकित्सा विशेषज्ञ, राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बैंकरों सभी का उनके द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सर श्रीराम का जीवन अध्ययन किसी भी अभ्यासरत प्रबंधक और प्रबंधन छात्र के लिए बहुत लाभकारी साबित हो सकता है। इस देश में व्यवसाय प्रबंधन को औपचारिक विषय के रूप में मान्यता मिलने से बहुत पहले, उन्होंने प्रबंधन के कई सिद्धांतों को पूरी तरह से अपने सामान्य ज्ञान और दुर्लभ व्यावसायिक कौशल के आधार पर लागू किया। सर श्रीराम दिल से मानवतावादी थे, मानवीय संबंधों के लिए उनकी चिंता की बराबरी बहुत कम लोग कर सकते थे। उन्होंने कर्मचारियों के बैंक और विवाह कोष की शुरुवात की, पीएफ सुबिधाओं को कानून के तहत अनिवार्य होने से बहुत पहले डीसीएम में पेश किया गया था। एक सच्चे मानवतावादी, सर श्रीराम ने रिवायती कैंटीन, चिकित्सा सहायता आदि जैसे कल्याणकारी उपायों की शुरुआत की। ➡️राधा सीड एण्ड पेस्टीसाइड्स श्री राम कॉलोनी1