एम डब्ल्यू बी के प्रयासों से पत्रकार गगन सांगर और एसएचओ सुरेंद्र सिद्धू के बीच मतभेद सुलझे *मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन की पहल लाई रंग* *चंद्रशेखर धरणी ने प्रवीण अत्रे व एसपी चंद्र मोहन का जताया आभार* चंडीगढ़। पिहोवा के पत्रकार गगन सांगर और आदर्श थाना प्रभारी सुरेंद्र सिद्धू के बीच उत्पन्न हुए मतभेद को मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन की पहल से आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सुलझा लिया गया है। दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति को पत्रकारिता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है। मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने कहा कि एसोसिएशन का उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि संवाद और आपसी समझ के माध्यम से उसका सम्मानजनक समाधान करवाना है। उन्होंने कहा कि पत्रकार और पुलिस समाज व्यवस्था के दो महत्वपूर्ण अंग हैं। पत्रकार जहां जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं, वहीं पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाती है। ऐसे में दोनों के बीच बेहतर तालमेल और आपसी विश्वास बेहद जरूरी है। धरणी ने बताया कि गगन सांगर और एसएचओ सुरेंद्र सिद्धू के बीच हुए मतभेद को लेकर मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे से संपर्क किया था। प्रवीण अत्रे ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र चंद्र मोहन से बातचीत कर मामले के समाधान की दिशा में पहल की। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने पूरे मामले को सूझबूझ और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ लेते हुए दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कराया। इसके परिणामस्वरूप आपसी सहमति से मामले का सम्मानजनक समाधान हो सका। उन्होंने इसे संगठन की उस सोच की सफलता बताया, जिसके तहत पत्रकारों और पुलिस के बीच किसी भी प्रकार के मतभेद को टकराव का रूप देने के बजाय बातचीत के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाता है। चंद्रशेखर धरणी ने मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे और पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र चंद्र मोहन का विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारियों ने मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन के आग्रह को गंभीरता से लेते हुए मामले को संवेदनशीलता के साथ संभाला और दोनों पक्षों की सहमति से समाधान का रास्ता निकाला। संगठन इसके लिए दोनों का हृदय से धन्यवाद करता है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से यह संदेश भी जाता है कि पुलिस और पत्रकारों के बीच संवाद कायम रहे तो किसी भी मतभेद को बड़े विवाद में बदलने से रोका जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी पुलिस और मीडिया के बीच इसी प्रकार आपसी सम्मान, सहयोग और समन्वय बना रहेगा। धरणी ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता को समाज का सजग प्रहरी माना जाता है, जबकि पुलिस कानून और व्यवस्था की प्रहरी है। दोनों का उद्देश्य समाज में शांति, सुरक्षा और जनहित को मजबूत करना है। इसलिए दोनों के बीच स्वस्थ संबंध न केवल पत्रकारों और पुलिस के हित में हैं, बल्कि आम जनता के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन भविष्य में भी पत्रकारों के हितों के साथ-साथ पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर संवाद एवं समन्वय स्थापित करने के लिए सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा। एसोसिएशन का प्रयास रहेगा कि किसी भी परिस्थिति में संवाद का रास्ता बंद न हो और आपसी मतभेदों को बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाए। इस पूरे प्रकरण के समाधान के बाद पत्रकारिता जगत और पुलिस विभाग के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद जगी है। संगठन ने इसे आपसी विश्वास, संवाद और समन्वय की जीत बताते हुए भविष्य में भी इसी भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
एम डब्ल्यू बी के प्रयासों से पत्रकार गगन सांगर और एसएचओ सुरेंद्र सिद्धू के बीच मतभेद सुलझे *मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन की पहल लाई रंग* *चंद्रशेखर धरणी ने प्रवीण अत्रे व एसपी चंद्र मोहन का जताया आभार* चंडीगढ़। पिहोवा के पत्रकार गगन सांगर और आदर्श थाना प्रभारी सुरेंद्र सिद्धू के बीच उत्पन्न हुए मतभेद को मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन की पहल से आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सुलझा लिया गया है। दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति को पत्रकारिता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है। मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने कहा कि एसोसिएशन का उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि संवाद और आपसी समझ के माध्यम से उसका सम्मानजनक समाधान करवाना है। उन्होंने कहा कि पत्रकार और पुलिस समाज व्यवस्था के दो महत्वपूर्ण अंग हैं। पत्रकार जहां जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं, वहीं पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाती है। ऐसे में दोनों के बीच बेहतर तालमेल और आपसी विश्वास बेहद जरूरी है। धरणी ने बताया कि गगन सांगर और एसएचओ सुरेंद्र सिद्धू के बीच हुए मतभेद को लेकर मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे से संपर्क किया था। प्रवीण अत्रे ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र चंद्र मोहन से बातचीत कर मामले के समाधान की दिशा में पहल की। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने पूरे मामले को सूझबूझ और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ लेते हुए दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कराया। इसके परिणामस्वरूप आपसी सहमति से मामले का सम्मानजनक समाधान हो सका। उन्होंने इसे संगठन की उस सोच की सफलता बताया, जिसके तहत पत्रकारों और पुलिस के बीच किसी भी प्रकार के मतभेद को टकराव का रूप देने के बजाय बातचीत के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाता है। चंद्रशेखर धरणी ने मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे और पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र चंद्र मोहन का विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारियों ने मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन के आग्रह को गंभीरता से लेते हुए मामले को संवेदनशीलता के साथ संभाला और दोनों पक्षों की सहमति से समाधान का रास्ता निकाला। संगठन इसके लिए दोनों का हृदय से धन्यवाद करता है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से यह संदेश भी जाता है कि पुलिस और पत्रकारों के बीच संवाद कायम रहे तो किसी भी मतभेद को बड़े विवाद में बदलने से रोका जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी पुलिस और मीडिया के बीच इसी प्रकार आपसी सम्मान, सहयोग और समन्वय बना रहेगा। धरणी ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता को समाज का सजग प्रहरी माना जाता है, जबकि पुलिस कानून और व्यवस्था की प्रहरी है। दोनों का उद्देश्य समाज में शांति, सुरक्षा और जनहित को मजबूत करना है। इसलिए दोनों के बीच स्वस्थ संबंध न केवल पत्रकारों और पुलिस के हित में हैं, बल्कि आम जनता के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन भविष्य में भी पत्रकारों के हितों के साथ-साथ पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर संवाद एवं समन्वय स्थापित करने के लिए सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा। एसोसिएशन का प्रयास रहेगा कि किसी भी परिस्थिति में संवाद का रास्ता बंद न हो और आपसी मतभेदों को बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाए। इस पूरे प्रकरण के समाधान के बाद पत्रकारिता जगत और पुलिस विभाग के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद जगी है। संगठन ने इसे आपसी विश्वास, संवाद और समन्वय की जीत बताते हुए भविष्य में भी इसी भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
- पुनहाना में चारों तरफ गंदगी के हालात कुछ इस तरह के नजर आते हैं1
- ek bacche ne gai shandar Najam madine ka Safar Hai namdeeda namdeeda1
- पुन्हाना के कई वार्डों (जैसे वार्ड 8, 9, 10, 11 और 14) में पुरानी और टूटी हुई पाइपलाइनों के कारण घरों में गंदा और बदबूदार पानी पहुंच रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।1
- सड़कों पर निकले कार्यकर्ता वोट चोरी का लगाया आरोप सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर बैनर लेकर किया प्रदर्शन1
- पुलिस द्वारा वीरवार को थाना मुंडकटी में शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने बताया कि शिविर में 7 शिकायतें आई। अधिकतर शिकायत मारपीट मामलों में गिरफ्तारी, पारिवारिक एवं जमीनी विवाद से जुड़ी थी जिनका जल्द से जल्द नियम अनुसार निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पलवल इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने थाना मुंडकटी से सम्बन्धित क्राइम डायरी पर विस्तार से चर्चा की और अपराध तथा अपराधियों पर अंकुश लगाने की कड़ी हिदायत दी। उन्होंने कहा कि आमजन से मैत्रीपूर्ण व्यवहार करें और अपराध और अपराधियों से सख्ती से निपटें । बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने 30 दिनों से अधिक लंबित चोट के मामलों, 60 दिनों से अधिक लंबित हत्या एवं हत्या के प्रयास के मामलों और 45 दिनों से अधिक लंबित आईटीएसओ मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्राथमिकता के आधार पर आमजन की शिकायतों का न्याय बुद्ध व समय पर निपटारा सुनिश्चित के निर्देश दिए। उन्होंने अन-इन्वेस्टिगेटेड मामलों के प्रतिशत में कमी लाने, आगे की जांच व एससी-एसटी मामलों का जल्द निस्तारण सुनिश्चित करने, पार्ट बी के निस्तारण को 15 प्रतिशत से कम रखने तथा धारा 182 के तहत आवश्यक कानूनी कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर में साफ-सफाई, मालखाने को सुव्यवस्थित रखने, जब्त केस प्रॉपर्टी जैसे अवैध शराब व वाहनों का नियमानुसार जल्द निस्तारण करने, सीसीटीवी कैमरों की कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुराने व आदतन अपराधियों की नियमित चेकिंग करने, नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने व पुरानी बंद करने तथा ईआरवी व राइडर कर्मचारियों को नियमित ब्रीफिंग देकर गश्त बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शिकायत निवारण शिविर कार्यक्रम का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है तथा आमजन का पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करना है। इसका उद्देश्य गैर जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना भी है। पुलिस का लक्ष्य जनता की सुरक्षा व सेवा है। कार्यक्रम में उपस्थित जनता ने बारी-बारी अपनी शिकायतें रखीं। पीड़ितों की समस्याएं सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी ली तथा शीघ्र कार्रवाई का निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि पुलिस कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता को त्वरित न्याय प्रदान करना और कानून व्यवस्था बनाए रखना पलवल पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।2
- तावड़ू में बिजली निगम का ALM 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार नूंह जिले के तावड़ू में एंटी करप्शन ब्यूरो यानी ACB ने बिजली निगम के एक असिस्टेंट लाइनमैन को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बावल निवासी राकेश के रूप में हुई है, जो HKRN के तहत बिजली विभाग में कार्यरत था। ACB के मुताबिक, टायर पेस्टिंग की दुकान पर थ्री-फेस बिजली मीटर लगवाने के लिए आरोपी ने 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी, बाद में सौदा 45 हजार रुपये में तय हुआ। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए ACB ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये लेते ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मौके से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई है। ACB अब मामले में अन्य कर्मचारियों या अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।1
- अलीगढ़ रोड यमुना पुल के आस पास झुप्पा, पीपली, रायपुर, के पास रोड की बहुत बुरी हालत है पब्लिक को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है रोजाना एक्सीडेंट देखने को मिल रहे है एक साइड से ही वाहनों का आना जाना कर रखा है। विशेष सूत्रों से जानकारी लेने पर बताया गया कि जल्दी ही व्यवस्थित कर दिया जाएगा फोटो की एक झलक1
- punhana ke ward number 8 9 10 mein Boond Boond pani ke liye Taras rahe hain log1