Shuru
Apke Nagar Ki App…
पुन्हाना के कई वार्डों (जैसे वार्ड 8, 9, 10, 11 और 14) में पुरानी और टूटी हुई पाइपलाइनों के कारण घरों में गंदा और बदबूदार पानी पहुंच रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
Aajad khan
पुन्हाना के कई वार्डों (जैसे वार्ड 8, 9, 10, 11 और 14) में पुरानी और टूटी हुई पाइपलाइनों के कारण घरों में गंदा और बदबूदार पानी पहुंच रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
More news from हरियाणा and nearby areas
- ek bacche ne gai shandar Najam madine ka Safar Hai namdeeda namdeeda1
- पुन्हाना के कई वार्डों (जैसे वार्ड 8, 9, 10, 11 और 14) में पुरानी और टूटी हुई पाइपलाइनों के कारण घरों में गंदा और बदबूदार पानी पहुंच रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।1
- पुनहाना के वार्ड नंबर 8 9 10 में पानी की बूंद बूंद को तरस रहे हैं लोग शाहिद हुसैन पार्षद ने लोगों के साथ उठाई पानी की आवाज1
- अलीगढ़ रोड यमुना पुल के आस पास झुप्पा, पीपली, रायपुर, के पास रोड की बहुत बुरी हालत है पब्लिक को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है रोजाना एक्सीडेंट देखने को मिल रहे है एक साइड से ही वाहनों का आना जाना कर रखा है। विशेष सूत्रों से जानकारी लेने पर बताया गया कि जल्दी ही व्यवस्थित कर दिया जाएगा फोटो की एक झलक1
- पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद, 50 हजार रुपये जुर्माना, आठ साल बाद मिला न्याय नूंह। वर्ष 2018 में तावडू सदर थाना क्षेत्र के गांव पढेनी में गर्भवती पत्नी की निर्मम हत्या के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान की अदालत ने आरोपी पति राजपाल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे छ: माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार राजपाल ने अपनी गर्भवती पत्नी आरती की हत्या कर दी थी । मामलें की जांच और सुनवाई के दौरान सामने आया कि आरोपी अपनी पत्नी को सुनसान स्थान पर ले गया और गंडासे से उसके गले पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका की गर्दन पर पांच गंभीर चोटें पाई गई थीं । घटना के बाद मृतका का शव जंगल में फेंक दिया गया था। इस मामले को लेकर मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या सहित गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद नूंह पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी । फैसले के साथ ही लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे मृतका के परिजनों को राहत मिली है।1
- “मंत्री जी हमारा रोड बनवा दो… मैम रोज मारती हैं” — कीचड़ में फंसे बच्चों की दर्दभरी गुहार पीपलखेड़ा रोड की नई सब्जी मंडी के सामने वाली गली में बदहाली का आलम, पानी-कीचड़ से परेशान लोग; मच्छरों का बढ़ा प्रकोप, बच्चों के बीमार होने का दावा सीकरी। शहर में विकास और सुविधाओं के दावों के बीच पीपलखेड़ा रोड स्थित नई सब्जी मंडी के सामने वाली गली की तस्वीरें और यहां के हालात जिम्मेदारों के लिए बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं। गली में जगह-जगह गंदा पानी और कीचड़ जमा है। हालात ऐसे हैं कि लोगों के लिए घर से बाहर निकलना और बच्चों का स्कूल तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। सबसे दर्दभरी तस्वीर यहां रहने वाले स्कूल जाने वाले बच्चों की है। कीचड़ और जलभराव के बीच से गुजरने को मजबूर बच्चों ने अपनी परेशानी बताते हुए मंत्री साहब से गुहार लगाई— “मंत्री जी हमारा रोड बनवा दो… यहां बहुत कीचड़ है, हम स्कूल नहीं जा पाते। मैम रोज मारती हैं।” बच्चों की यह बात सिर्फ एक सड़क की खराब हालत नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की तस्वीर है जिसका असर सीधे उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है। बच्चों का कहना है कि रास्ते में पानी और कीचड़ होने के कारण उन्हें स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। माताओं ने बताया—बच्चों की तबीयत हो रही खराब कॉलोनी में रहने वाली माताओं और स्थानीय लोगों ने बताया कि गली में जमा गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि कई बच्चे बीमार हो रहे हैं और घरों में चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि अगर समय रहते सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो समस्या और गंभीर हो सकती है। घर से निकलना भी हुआ मुश्किल स्थानीय निवासियों के मुताबिक, गली में पानी और कीचड़ जमा होने के कारण पैदल निकलना तक मुश्किल है। बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह रास्ता इतना खराब है कि लोगों को पानी और कीचड़ के बीच से होकर निकलना पड़ता है। लोगों का कहना है कि समस्या केवल बारिश के समय की नहीं है, बल्कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से पानी लंबे समय तक जमा रहता है। इससे गंदगी, बदबू और मच्छरों की समस्या लगातार बनी रहती है। “हमारे बच्चों का क्या कसूर?” कॉलोनी की महिलाओं का कहना है कि बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल भेजना चाहते हैं, लेकिन रास्ते की हालत देखकर चिंता होती है। लोगों का सवाल है कि आखिर बच्चों का क्या कसूर है कि उन्हें स्कूल जाने के लिए कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़े? स्थानीय लोगों ने मंत्री, प्रशासन और नगर निकाय के जिम्मेदार अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। लोगों की मांग है कि पहले गली से पानी की निकासी कराई जाए, साफ-सफाई और मच्छरों से बचाव के इंतजाम किए जाएं तथा सड़क का निर्माण जल्द कराया जाए। अब सवाल यह है कि बच्चों की यह मासूम गुहार जिम्मेदारों तक कब पहुंचेगी? क्या मंत्री साहब इस गली के बच्चों की आवाज सुनेंगे और उन्हें ऐसा रास्ता मिल पाएगा, जिस पर वे बिना कीचड़ और पानी में फंसे स्कूल जा सकें?1
- punhana ke ward number 8 9 10 mein Boond Boond pani ke liye Taras rahe hain log1
- ब्लैकमेलिंग ने तोड़ दी छात्रा की हिम्मत! सुसाइड करने पहुंची युवती को समाजसेवियों ने बचाया, SSP के दरबार में पहुंचा सनसनीखेज मामला मथुरा। दुष्कर्म के कथित मामले और अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग से परेशान एक छात्रा की जिंदगी उस वक्त संकट में पड़ गई, जब वह आत्महत्या करने के इरादे से डैंपियर नगर पहुंच गई। गनीमत रही कि इसी दौरान समाजसेवी ममता गौतम और प्रदीप बनर्जी की नजर रोती-बिलखती युवती पर पड़ गई। दोनों ने तत्काल उसे संभाला और समझा-बुझाकर आत्मघाती कदम उठाने से रोक लिया। इसके बाद समाजसेवियों ने पीड़िता का हाथ थामा और उसे लेकर सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंचे। वहां पीड़िता ने शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई और पूरे घटनाक्रम की जानकारी अधिकारियों को दी। नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म का आरोप पीड़िता के शिकायती पत्र के मुताबिक, संदीप उपाध्याय कभी उसके मकान में किराएदार के रूप में रहता था और पौरोहित्य का काम करता था। आरोप है कि आरोपी ने जरूरी काम के बहाने छात्रा को रुक्मिणी विहार स्थित अपने फ्लैट पर बुलाया। वहां कथित तौर पर नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया और उसका अश्लील वीडियो बना लिया गया। वीडियो को हथियार बनाकर ब्लैकमेलिंग का आरोप पीड़िता का आरोप है कि अश्लील वीडियो बनाने के बाद आरोपी ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कथित रूप से उससे पैसे वसूले गए। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके व्हाट्सऐप और ईमेल अकाउंट को हैक कर उसकी निजी जानकारी तक पहुंच बनाई गई। धमकियों से टूट गई युवती, उठाया बड़ा कदम पीड़िता के मुताबिक आरोपी और उसके परिजनों की ओर से मिल रही कथित धमकियों के चलते वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई थी। इसी परेशानी में उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाने का फैसला कर लिया। लेकिन डैंपियर नगर में समय रहते समाजसेवियों की नजर पड़ जाने से उसकी जान बच गई। अब पीड़िता ने एसएसपी से मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और घटना के तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।2