नाव संचालन बंद होने से गहराया रोजी-रोटी का संकट, जिलाधिकारी से लगाई गुहार नाव संचालन बंद होने से गहराया रोजी-रोटी का संकट, जिलाधिकारी से लगाई गुहार मथुरा। यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से पिछले दो दिनों से नाव संचालन पर रोक लगाए जाने के बाद नाविकों और इससे जुड़े सैकड़ों नागरिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे बड़ी संख्या में नाविक और अन्य नागरिक अपनी समस्या लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और नाव संचालन शुरू कराने की मांग की। नाविकों का कहना है कि यमुना का जलस्तर बढ़ा जरूर है, लेकिन उनकी नजर में स्थिति ऐसी नहीं है कि पूरी तरह नाव संचालन बंद कर दिया जाए। उनका कहना है कि नाव संचालन ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। लगातार दो दिनों से नावें बंद रहने के कारण परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। नाविकों ने प्रशासन के समक्ष कहा कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ही यमुना में नावों का संचालन करते हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाइफ जैकेट सहित अन्य जरूरी सावधानियां बरती जाती हैं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। नाविकों ने जिलाधिकारी से मांग की कि यमुना के वर्तमान जलस्तर और परिस्थितियों का दोबारा आकलन कर नाव संचालन की अनुमति दी जाए, जिससे उनके सामने उत्पन्न रोजी-रोटी का संकट दूर हो सके। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने नागरिकों को आश्वासन दिया कि यमुना की वर्तमान स्थिति और जलस्तर का आकलन करने के बाद जल्द ही नाव संचालन के संबंध में उचित निर्णय लिया जाएगा।
नाव संचालन बंद होने से गहराया रोजी-रोटी का संकट, जिलाधिकारी से लगाई गुहार नाव संचालन बंद होने से गहराया रोजी-रोटी का संकट, जिलाधिकारी से लगाई गुहार मथुरा। यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से पिछले दो दिनों से नाव संचालन पर रोक लगाए जाने के बाद नाविकों और इससे जुड़े सैकड़ों नागरिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे बड़ी संख्या में नाविक और अन्य नागरिक अपनी समस्या लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और नाव संचालन शुरू कराने की मांग की। नाविकों का कहना है कि यमुना का जलस्तर बढ़ा जरूर है, लेकिन उनकी नजर में स्थिति ऐसी नहीं है कि पूरी तरह नाव संचालन बंद कर दिया जाए। उनका कहना है कि नाव संचालन ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य
साधन है। लगातार दो दिनों से नावें बंद रहने के कारण परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। नाविकों ने प्रशासन के समक्ष कहा कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ही यमुना में नावों का संचालन करते हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाइफ जैकेट सहित अन्य जरूरी सावधानियां बरती जाती हैं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा
सके। नाविकों ने जिलाधिकारी से मांग की कि यमुना के वर्तमान जलस्तर और परिस्थितियों का दोबारा आकलन कर नाव संचालन की अनुमति दी जाए, जिससे उनके सामने उत्पन्न रोजी-रोटी का संकट दूर हो सके। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने नागरिकों को आश्वासन दिया कि यमुना की वर्तमान स्थिति और जलस्तर का आकलन करने के बाद जल्द ही नाव संचालन के संबंध में उचित निर्णय लिया जाएगा।
- नाव संचालन बंद होने से गहराया रोजी-रोटी का संकट, जिलाधिकारी से लगाई गुहार नाव संचालन बंद होने से गहराया रोजी-रोटी का संकट, जिलाधिकारी से लगाई गुहार मथुरा। यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से पिछले दो दिनों से नाव संचालन पर रोक लगाए जाने के बाद नाविकों और इससे जुड़े सैकड़ों नागरिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे बड़ी संख्या में नाविक और अन्य नागरिक अपनी समस्या लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और नाव संचालन शुरू कराने की मांग की। नाविकों का कहना है कि यमुना का जलस्तर बढ़ा जरूर है, लेकिन उनकी नजर में स्थिति ऐसी नहीं है कि पूरी तरह नाव संचालन बंद कर दिया जाए। उनका कहना है कि नाव संचालन ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। लगातार दो दिनों से नावें बंद रहने के कारण परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। नाविकों ने प्रशासन के समक्ष कहा कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ही यमुना में नावों का संचालन करते हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाइफ जैकेट सहित अन्य जरूरी सावधानियां बरती जाती हैं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। नाविकों ने जिलाधिकारी से मांग की कि यमुना के वर्तमान जलस्तर और परिस्थितियों का दोबारा आकलन कर नाव संचालन की अनुमति दी जाए, जिससे उनके सामने उत्पन्न रोजी-रोटी का संकट दूर हो सके। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने नागरिकों को आश्वासन दिया कि यमुना की वर्तमान स्थिति और जलस्तर का आकलन करने के बाद जल्द ही नाव संचालन के संबंध में उचित निर्णय लिया जाएगा।4
- डीग जिले में जैन समाज के द्वारा भामाशाहों का जैन मंदिर में किया गया स्वागत रिपोर्ट राजेश चौधरी डीग जिले में जैन समाज के द्वारा भामाशाहों का जैन मंदिर में किया गया स्वागत रिपोर्ट राजेश चौधरी1
- हरिद्वार से 13 दिन में कांवड़ लेकर पहुंचे पुजारी मुकेश शर्मा, महादेव का किया जलाभिषेक अमर दीप सैन डीग। श्रावण मास के पावन अवसर पर अगरदत्ता बगीची स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के पुजारी मुकेश शर्मा हरिद्वार से 13 दिन में कांवड़ के माध्यम से गंगाजल लेकर डीग पहुंचे। हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौटे पुजारी मुकेश शर्मा सहित सभी कावड दल का श्रद्धालुओं ने जगह-जगह भव्य स्वागत किया। मुकेश शर्मा व उनके सहयोगी कावड कांवड़ लेकर ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर की परिक्रमा करते हुए गणेश मंदिर पहुंचे। इसके बाद वे कांवड़ लेकर अगरदत्ता बगीची स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। अगरदत्ता बगीची पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों और डीजे की धार्मिक धुनों के साथ महिलाओं एवं पुरुषों ने कांवड़ यात्री का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने मुकेश शर्मा सभी कावड साथियो को माला पहनाकर, दुपट्टा ओढ़ाकर एवं साफा पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर हरिद्वार से लाए गए पवित्र गंगाजल से भगवान महादेव का जलाभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान शिव का अभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरे आयोजन में आस्था, भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। कावड दल मे धर्मवीर यादव दुष्यंत यादव कार्तिक यादव कृष्णा यादव 5 कावड यात्री थे4
- मथुरा वृंदावन इस स्वतंत्रता दिवस पर प्लास्टिक और गुब्बारों की सजावट पर पूरी तरह से रोक नगर आयुक्त ने जारी किए निर्देश मथुरा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मथुरा वृंदावन को प्लास्टिक मुक्त और पर्यावरण अनुकूल Eco Friendly बनाने के लिए मथुरा वृंदावन नगर निगम और प्रोजेक्ट मथुरा Project Mathura संस्था ने एक विशेष पहल की शुरुआत की है मथुरा वृंदावन नगर निगम के नगर आयुक्त ओजस्वी राज IAS ने एक आधिकारिक बयान जारी कर निर्देश दिए हैं कि इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान नगर निगम के किसी भी कार्यालय परिसर या आधिकारिक कार्यक्रमों में प्लास्टिक डेकोरेशन प्लास्टिक के झंडे प्लास्टिक बैग्स और प्लास्टिक गुब्बारों का उपयोग नहीं किया जाएगा नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने सभी स्कूलों कॉलेजों विश्वविद्यालयों स्वयंसेवी संस्थाओं NGOs और आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा इस स्वतंत्रता दिवस पर नगर निगम के सभी कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी प्लास्टिक सजावट या गुब्बारों का प्रयोग न करें ब्रज को स्वच्छ और हरा भरा रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है आइए मिलकर इस स्वतंत्रता दिवस को बिना प्लास्टिक और बिना गुब्बारों के एक जिम्मेदार नागरिक की तरह मनाएं अभियान के तहत प्लास्टिक और गुब्बारों की जगह पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाने की सलाह दी गई है हाथ से रंगे या चित्रित कपड़ों के बैनर Hand Painted Cloth Banners का उपयोग ताजे फूलों और पत्तियों से बनी रंगोलियों व सजावटी सामग्री का प्रयोग पर्यावरण और पक्षियों को नुकसान पहुंचाने वाले प्लास्टिक के झंडों व गुब्बारों का पूर्ण बहिष्कार प्रोजेक्ट मथुरा की टीम और नगर निगम प्रशासन ने संयुक्त रूप से ब्रजवासियों से अपील की है कि वे प्लास्टिक फ्री इंडिया अभियान में बढ़ चढ़कर भाग लें और स्वतंत्रता दिवस को ईको फ्रेंडली तरीके से मनाएं1
- भाकियू टिकैत की प्रशासन के खिलाफ 13 अगस्त को विशाल ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा, किसानों के अल्टीमेटम को समझा मजाक : भाकियू (टिकैत) का अल्टीमेटम पूरा: 7 दिन बाद भी धरातल पर शून्य कार्रवाई, प्रशासन के खिलाफ 13 अगस्त को तहसील अध्यक्ष गोवर्धन ओ०पी० कुन्तल व ब्लॉक अध्यक्ष घूरेलाल शास्त्री के नेतृत्व में निकलेगी 'विशाल किसान ट्रैक्टर-तिरंगा यात्रा' गोवर्धन / मथुरा (11 अगस्त 2026)। गत 06 अगस्त 2026 को तहसील सभागार गोवर्धन में एसडीएम गोवर्धन की अध्यक्षता में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) एवं प्रशासनिक अधिकारियों की हुई उच्चस्तरीय बैठक में राधाकुण्ड क्षेत्र की गंभीर समस्याओं के निस्तारण हेतु दिए गए 7 कार्यदिवस के भीतर कोई भी ठोस कार्रवाई न होने पर किसानों और क्षेत्रवासियों में भारी रोष व्याप्त है। संयुक्त किसान मोर्चा व भारतीय किसान यूनियन के शीर्ष राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर और संगठन के पूर्व निर्धारित निर्णय के तहत, आगामी 13 अगस्त 2026 को गोवर्धन तहसील अध्यक्ष ओ०पी० कुन्तल एवं ब्लॉक अध्यक्ष गोवर्धन घूरेलाल शास्त्री जी के संयुक्त एवं कुशल नेतृत्व में क्षेत्र की जनता और किसानों द्वारा एक 'विशाल किसान ट्रैक्टर-तिरंगा यात्रा' निकाली जाएगी तथा गोवर्धन तहसील पहुंचकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यात्रा का निर्धारित रूट (मार्ग): तहसील स्तर पर आयोजित होने वाली यह ऐतिहासिक ट्रैक्टर-तिरंगा यात्रा 13 अगस्त को सुरभि गौशाला (राधाकुण्ड) से आरंभ होकर बघेल मोहल्ला (राधाकुण्ड), रामलीला ग्राउंड (राधाकुण्ड), पुलिस चौकी राधाकुण्ड के सामने से तथा मखाई मोड़ से होते हुए तहसील कार्यालय गोवर्धन पहुंचेगी। भाकियू (टिकैत) के नेताओं की दो टूक चेतावनी एवं प्रमुख मांगें: यात्रा का नेतृत्व कर रहे तहसील अध्यक्ष गोवर्धन ओ०पी० कुन्तल, ब्लॉक अध्यक्ष घूरेलाल शास्त्री और जिला उपाध्यक्ष राजकुमार नैन ने दो टूक शब्दों में कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को निम्नलिखित चेतावनियां दीं: राधाकुण्ड क्षेत्र का जलभराव, अवैध कब्जे एवं पूर्व आदेशों की अनदेखी: नेताओं ने कड़े शब्दों में कहा कि 6 अगस्त की बैठक में एसडीएम गोवर्धन द्वारा राधाकुण्ड ड्रेन, कट नाले, जल निकासी की नालियों और सार्वजनिक मार्गों की पैमाइश कराकर अवैध कब्जों व अवैध पुलों को हटाने तथा सफाई, गहरीकरण व चौड़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने के लिए 7 दिन का समय दिया गया था। इसके साथ ही, इस अतिक्रमित व जलभराव वाले क्षेत्र में धड़ल्ले से कट रही अवैध कॉलोनियों और अवैध निर्माणों पर मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) को तत्काल कठोर कार्रवाई करनी थी, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। भ्रष्ट लेखपाल पर कार्रवाई की वादाखिलाफी: बैठक में जिला सचिव रामनारायण कुंतल व संपूर्ण प्रतिनिधिमंडल द्वारा राधाकुण्ड के लेखपाल रामनिवास (जिनका पूर्व में दिसंबर 2025 में पैठा और फिर 18 जून 2026 को डाहरौली स्थानांतरण होने के बावजूद वे अनधिकृत रूप से जमे हैं और भू-माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं) को तत्काल हटाने की जोरदार मांग उठाई गई थी, जिस पर एसडीएम गोवर्धन ने उसी दिन हटाने का स्पष्ट आश्वासन दिया था, परंतु आज तक अनुपालन नहीं हुआ है। अन्य ग्रामीण समस्याएं (नगला झींगा, सींगापट्टी व रसूलपुर): इसके अतिरिक्त, बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष घूरेलाल शास्त्री द्वारा उठाए गए प्रमुख गांवों—नगला झींगा, सींगापट्टी (ग्राम अड्डा) तथा ग्राम रसूलपुर की गंभीर जलभराव व ग्रामीण समस्याओं के समाधान हेतु मैदानी जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, जिन पर भी अभी तक कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है। मण्डलायुक्त महोदय के समक्ष प्रस्तुत स्मरण पत्र एवं 5-सदस्यीय जाँच समिति की शिथिलता: मण्डलायुक्त महोदय के समक्ष पूर्व में प्रस्तुत ज्ञापनों और जिलाधिकारी मथुरा के पत्रांक 1075 (दिनांक 30.05.2026) द्वारा गठित 5-सदस्यीय संयुक्त जाँच समिति (नेतृत्व: सचिव MVDA) को 2 महीने (60 दिन) बीत जाने के बाद भी कोई स्थलीय कार्रवाई न करने पर नेताओं ने कड़ा रोष व्यक्त किया। पदाधिकारियों एवं किसानों से विशेष अपील: नेतृत्वकर्ता तहसील अध्यक्ष गोवर्धन ओ०पी० कुन्तल, ब्लॉक अध्यक्ष घूरेलाल शास्त्री एवं जिला उपाध्यक्ष राजकुमार नैन ने संगठन के समस्त क्षेत्रीय पदाधिकारियों, सभी नियुक्त ट्रैक्टर प्रमुखों, सक्रिय कार्यकर्ताओं और सम्मानित किसान बंधुओं से पुरजोर अपील की है कि वे निर्धारित समयानुसार अपने-अपने ट्रैक्टरों के साथ भारी संख्या में राधाकुण्ड (सुरभि गौशाला) पर पहुंचे और इस विशाल किसान ट्रैक्टर-तिरंगा यात्रा को ऐतिहासिक बनाएं। नेताओं ने स्पष्ट किया कि 7 दिन बीतने को आ रहे हैं और प्रशासनिक अमले द्वारा कोई भी कार्य धरातल पर शुरू नहीं किया गया है। प्रशासन की इस घोर उदासीनता और वादाखिलाफी के कारण किसानों में भयंकर रोष है। 13 अगस्त को ओ०पी० कुन्तल व घूरेलाल शास्त्री के नेतृत्व में निकलने वाली इस ट्रैक्टर-तिरंगा यात्रा और ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को अंतिम चेतावनी दी जाएगी। यदि इसके बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो संगठन अनिश्चितकालीन बड़े आंदोलन, तहसील घेराव व तालाबंदी का रुख अपनाने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। जारीकर्ता: राजकुमार नैन (जिला उपाध्यक्ष, मथुरा) एवं समस्त संयुक्त प्रतिनिधिमंडल व पदाधिकारीगण भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) मो०: 8126677022 सूचनाार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित: माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) — सूचनार्थ एवं मार्गदर्शन हेतु। माननीय प्रदेश अध्यक्ष जी, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत), उत्तर प्रदेश — सूचनार्थ हेतु। आदरणीय मंडल अध्यक्ष जी, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत), आगरा मंडल — सूचनार्थ हेतु। आदरणीय जिला अध्यक्ष महोदय, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत), मथुरा — सूचनार्थ हेतु। मंडलायुक्त महोदय, आगरा मंडल, आगरा (स्मरण पत्र के क्रम में त्वरित कार्रवाई हेतु)। जिलाधिकारी महोदय, जिला - मथुरा (पत्रांक 1075, दिनांक 30.05.2026 के अंतर्गत गठित जाँच समिति के अनुपालन हेतु)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) महोदय, जिला - मथुरा — शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक कार्रवाई के लिए। उपजिलाधिकारी महोदय, तहसील गोवर्धन, मथुरा। क्षेत्राधिकारी (CO) महोदय, गोवर्धन, मथुरा — शांति व्यवस्था एवं सुरक्षा प्रबंध हेतु। थाना प्रभारी (SHO) महोदय, थाना गोवर्धन व थाना राधाकुण्ड एवं चौकी प्रभारी, पुलिस चौकी राधाकुण्ड, मथुरा — सुरक्षा, शांति एवं यातायात व्यवस्था हेतु। अभिसूचना इकाई (LIU / इंटेलिजेंस विभाग), मथुरा — आवश्यक सूचना एवं रिपोर्ट हेतु। खंड विकास अधिकारी (BDO) महोदय, गोवर्धन। समस्त प्रमुख प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधि — क्षेत्र की गंभीर जनसमस्याओं व किसानों की न्यायसंगत मांग को जनहित में प्रमुखता से प्रकाशित एवं प्रसारित करने हेतु सादर सूचनार्थ। समस्त संबंधित विभाग, गोवर्धन, मथुरा।1