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लखनऊ- CM योगी का बयान - मैं प्रदेश भर के युवाओं को इस बात के लिए आश्वस्त कर रहा हूँ कि अगले 6 महीने के अंदर, नोट करिए..

16 hrs ago
user_Brijesh kumar
Brijesh kumar
पत्रकार सरोजनी नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
16 hrs ago

लखनऊ- CM योगी का बयान - मैं प्रदेश भर के युवाओं को इस बात के लिए आश्वस्त कर रहा हूँ कि अगले 6 महीने के अंदर, नोट करिए..

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • road or nali nirman kila mohammdi nagar sector m ashiyana maharaja degree college behind sadak aur nali nirman nhi ho Raha h jisse logo ane jane me dikkat hoti
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    road or nali nirman 
kila mohammdi nagar sector m ashiyana maharaja degree college behind sadak aur nali nirman nhi ho Raha h jisse logo ane jane me dikkat hoti
    user_Vikas verma
    Vikas verma
    Taxi Driver सरोजनी नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • *ब्रेकिंग न्यूज़➡️ दुबग्गा वन रेंज के बनियाखेड़ा में लकड़ी माफियाओं का बड़ा खेल उजागर, माँ लक्ष्मी धर्म कांटा' बना अवैध लकड़ी का बड़ा अड्डा प्रतिबंधित पेड़ों (आम, गूलर, शीशम) की भारी खेप बरामद मौके पर लकड़ी से लदा डाला मौजूद वन विभाग की सेटिंग या लापरवाही रक्षक बने मूकदर्शक, सरेआम कट रहे हरे-भरे जंगल* *उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वन विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। दुबग्गा वन रेंज (दुबग्गा, लखनऊ) के अंतर्गत आने वाले बनियाखेड़ा (Baniyakheda) इलाके में लकड़ी माफियाओं ने पूरी तरह से अपना जाल बिछा रखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पर्यावरण संरक्षण अभियान को खुली चुनौती देते हुए, माफिया धड़ल्ले से हरे और प्रतिबंधित पेड़ों पर आरा चला रहे हैं। ताजा और सनसनीखेज मामला बनियाखेड़ा स्थित माँ लक्ष्मी धर्म कांटा का है, जो अवैध लकड़ियों का डंपिंग यार्ड बन चुका है।* *धर्म कांटा या अवैध लकड़ी का डंपिंग यार्ड प्रतिबंधित लकड़ियों का अंबार मौके पर भारी मात्रा में अवैध रूप से काटी गई लकड़ियों का ढेर लगा हुआ है। इसमें मुख्य रूप से आम (Mango), गूलर और कीमती शीशम की लकड़ियां शामिल हैं, जिन्हें काटने पर सख्त पाबंदी है। डाला (लोडिंग वाहन) मौजूद धर्म कांटा पर लकड़ियों को ठिकाने लगाने के लिए एक डाला (लोडिंग वाहन) भी मौके पर खड़ा मिला, जिससे साफ होता है कि यह सिंडिकेट कितने बेखौफ तरीके से बिना किसी टीपी (Transit Pass) के माल सप्लाई कर रहा है। वन विभाग अनजान या मेहरबान सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी भारी मात्रा में अवैध लकड़ी कटकर धर्म कांटा पर पहुंच गई और वन विभाग के बीट रक्षक व अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। क्षेत्र की जनता का स्पष्ट आरोप है कि बिना वन विभाग की मिलीभगत के यह कारोबार संभव ही नहीं है। सिस्टम की खामोशी और मिलीभगत की बू दुबग्गा वन रेंज लगातार अपने भ्रष्ट कारनामों और अवैध कटान को लेकर सुर्खियों में है। जहां एक ओर विभाग गरीब किसानों को सूखे पेड़ काटने पर भी भारी जुर्माना ठोकता है (जैसा कि हाल ही में 35 हजार की वसूली के मामले में सामने आया था), वहीं बड़े लकड़ी माफियाओं और ठेकेदारों के ट्रकों और डालों को खुली छूट मिली हुई है।* *ब्रेकिंग न्यूज़➡️ दुबग्गा वन रेंज के बनियाखेड़ा में लकड़ी माफियाओं का बड़ा खेल उजागर, माँ लक्ष्मी धर्म कांटा' बना अवैध लकड़ी का बड़ा अड्डा प्रतिबंधित पेड़ों (आम, गूलर, शीशम) की भारी खेप बरामद मौके पर लकड़ी से लदा डाला मौजूद वन विभाग की सेटिंग या लापरवाही रक्षक बने मूकदर्शक, सरेआम कट रहे हरे-भरे जंगल* *उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वन विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। दुबग्गा वन रेंज (दुबग्गा, लखनऊ) के अंतर्गत आने वाले बनियाखेड़ा (Baniyakheda) इलाके में लकड़ी माफियाओं ने पूरी तरह से अपना जाल बिछा रखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पर्यावरण संरक्षण अभियान को खुली चुनौती देते हुए, माफिया धड़ल्ले से हरे और प्रतिबंधित पेड़ों पर आरा चला रहे हैं। ताजा और सनसनीखेज मामला बनियाखेड़ा स्थित माँ लक्ष्मी धर्म कांटा का है, जो अवैध लकड़ियों का डंपिंग यार्ड बन चुका है।* *धर्म कांटा या अवैध लकड़ी का डंपिंग यार्ड प्रतिबंधित लकड़ियों का अंबार मौके पर भारी मात्रा में अवैध रूप से काटी गई लकड़ियों का ढेर लगा हुआ है। इसमें मुख्य रूप से आम (Mango), गूलर और कीमती शीशम की लकड़ियां शामिल हैं, जिन्हें काटने पर सख्त पाबंदी है। डाला (लोडिंग वाहन) मौजूद धर्म कांटा पर लकड़ियों को ठिकाने लगाने के लिए एक डाला (लोडिंग वाहन) भी मौके पर खड़ा मिला, जिससे साफ होता है कि यह सिंडिकेट कितने बेखौफ तरीके से बिना किसी टीपी (Transit Pass) के माल सप्लाई कर रहा है। वन विभाग अनजान या मेहरबान सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी भारी मात्रा में अवैध लकड़ी कटकर धर्म कांटा पर पहुंच गई और वन विभाग के बीट रक्षक व अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। क्षेत्र की जनता का स्पष्ट आरोप है कि बिना वन विभाग की मिलीभगत के यह कारोबार संभव ही नहीं है। सिस्टम की खामोशी और मिलीभगत की बू दुबग्गा वन रेंज लगातार अपने भ्रष्ट कारनामों और अवैध कटान को लेकर सुर्खियों में है। जहां एक ओर विभाग गरीब किसानों को सूखे पेड़ काटने पर भी भारी जुर्माना ठोकता है (जैसा कि हाल ही में 35 हजार की वसूली के मामले में सामने आया था), वहीं बड़े लकड़ी माफियाओं और ठेकेदारों के ट्रकों और डालों को खुली छूट मिली हुई है।*
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    *ब्रेकिंग न्यूज़➡️ दुबग्गा वन रेंज के बनियाखेड़ा में लकड़ी माफियाओं का बड़ा खेल उजागर, माँ लक्ष्मी धर्म कांटा' बना अवैध लकड़ी का बड़ा अड्डा प्रतिबंधित पेड़ों (आम, गूलर, शीशम) की भारी खेप बरामद मौके पर लकड़ी से लदा डाला मौजूद वन विभाग की सेटिंग या लापरवाही रक्षक बने मूकदर्शक, सरेआम कट रहे हरे-भरे जंगल*

*उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वन विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। दुबग्गा वन रेंज (दुबग्गा, लखनऊ) के अंतर्गत आने वाले बनियाखेड़ा (Baniyakheda) इलाके में लकड़ी माफियाओं ने पूरी तरह से अपना जाल बिछा रखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पर्यावरण संरक्षण अभियान को खुली चुनौती देते हुए, माफिया धड़ल्ले से हरे और प्रतिबंधित पेड़ों पर आरा चला रहे हैं। ताजा और सनसनीखेज मामला बनियाखेड़ा स्थित माँ लक्ष्मी धर्म कांटा का है, जो अवैध लकड़ियों का डंपिंग यार्ड बन चुका है।*

*धर्म कांटा या अवैध लकड़ी का डंपिंग यार्ड प्रतिबंधित लकड़ियों का अंबार मौके पर भारी मात्रा में अवैध रूप से काटी गई लकड़ियों का ढेर लगा हुआ है। इसमें मुख्य रूप से आम (Mango), गूलर और कीमती शीशम की लकड़ियां शामिल हैं, जिन्हें काटने पर सख्त पाबंदी है।  डाला (लोडिंग वाहन) मौजूद धर्म कांटा पर लकड़ियों को ठिकाने लगाने के लिए एक डाला (लोडिंग वाहन) भी मौके पर खड़ा मिला, जिससे साफ होता है कि यह सिंडिकेट कितने बेखौफ तरीके से बिना किसी टीपी (Transit Pass) के माल सप्लाई कर रहा है। वन विभाग अनजान या मेहरबान सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी भारी मात्रा में अवैध लकड़ी कटकर धर्म कांटा पर पहुंच गई और वन विभाग के बीट रक्षक व अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। क्षेत्र की जनता का स्पष्ट आरोप है कि बिना वन विभाग की मिलीभगत के यह कारोबार संभव ही नहीं है। सिस्टम की खामोशी और मिलीभगत की बू दुबग्गा वन रेंज लगातार अपने भ्रष्ट कारनामों और अवैध कटान को लेकर सुर्खियों में है। जहां एक ओर विभाग गरीब किसानों को सूखे पेड़ काटने पर भी भारी जुर्माना ठोकता है (जैसा कि हाल ही में 35 हजार की वसूली के मामले में सामने आया था), वहीं बड़े लकड़ी माफियाओं और ठेकेदारों के ट्रकों और डालों को खुली छूट मिली हुई है।*
*ब्रेकिंग न्यूज़➡️ दुबग्गा वन रेंज के बनियाखेड़ा में लकड़ी माफियाओं का बड़ा खेल उजागर, माँ लक्ष्मी धर्म कांटा' बना अवैध लकड़ी का बड़ा अड्डा प्रतिबंधित पेड़ों (आम, गूलर, शीशम) की भारी खेप बरामद मौके पर लकड़ी से लदा डाला मौजूद वन विभाग की सेटिंग या लापरवाही रक्षक बने मूकदर्शक, सरेआम कट रहे हरे-भरे जंगल*
*उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वन विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। दुबग्गा वन रेंज (दुबग्गा, लखनऊ) के अंतर्गत आने वाले बनियाखेड़ा (Baniyakheda) इलाके में लकड़ी माफियाओं ने पूरी तरह से अपना जाल बिछा रखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पर्यावरण संरक्षण अभियान को खुली चुनौती देते हुए, माफिया धड़ल्ले से हरे और प्रतिबंधित पेड़ों पर आरा चला रहे हैं। ताजा और सनसनीखेज मामला बनियाखेड़ा स्थित माँ लक्ष्मी धर्म कांटा का है, जो अवैध लकड़ियों का डंपिंग यार्ड बन चुका है।*
*धर्म कांटा या अवैध लकड़ी का डंपिंग यार्ड प्रतिबंधित लकड़ियों का अंबार मौके पर भारी मात्रा में अवैध रूप से काटी गई लकड़ियों का ढेर लगा हुआ है। इसमें मुख्य रूप से आम (Mango), गूलर और कीमती शीशम की लकड़ियां शामिल हैं, जिन्हें काटने पर सख्त पाबंदी है।  डाला (लोडिंग वाहन) मौजूद धर्म कांटा पर लकड़ियों को ठिकाने लगाने के लिए एक डाला (लोडिंग वाहन) भी मौके पर खड़ा मिला, जिससे साफ होता है कि यह सिंडिकेट कितने बेखौफ तरीके से बिना किसी टीपी (Transit Pass) के माल सप्लाई कर रहा है। वन विभाग अनजान या मेहरबान सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी भारी मात्रा में अवैध लकड़ी कटकर धर्म कांटा पर पहुंच गई और वन विभाग के बीट रक्षक व अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। क्षेत्र की जनता का स्पष्ट आरोप है कि बिना वन विभाग की मिलीभगत के यह कारोबार संभव ही नहीं है। सिस्टम की खामोशी और मिलीभगत की बू दुबग्गा वन रेंज लगातार अपने भ्रष्ट कारनामों और अवैध कटान को लेकर सुर्खियों में है। जहां एक ओर विभाग गरीब किसानों को सूखे पेड़ काटने पर भी भारी जुर्माना ठोकता है (जैसा कि हाल ही में 35 हजार की वसूली के मामले में सामने आया था), वहीं बड़े लकड़ी माफियाओं और ठेकेदारों के ट्रकों और डालों को खुली छूट मिली हुई है।*
    user_संदीप शुक्ला
    संदीप शुक्ला
    Court reporter सरोजनी नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • लखनऊ- CM योगी का बयान - मैं प्रदेश भर के युवाओं को इस बात के लिए आश्वस्त कर रहा हूँ कि अगले 6 महीने के अंदर, नोट करिए..
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    लखनऊ-

CM योगी का बयान - 

मैं प्रदेश भर के युवाओं को इस बात के लिए आश्वस्त कर रहा हूँ कि अगले 6 महीने के अंदर, नोट करिए..
    user_Brijesh kumar
    Brijesh kumar
    पत्रकार सरोजनी नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • दिल्ली/ लखनऊ: शुरू लोकल न्यूज़ ऑल इंडिया उत्तर प्रदेश स्टेट मुख्यालय प्रमुख हेड संवाददाता लव कुश की खास रिपोर्ट _दिनांक 24.08.2026 को थाना चौबेपुर क्षेत्र में खाली पड़ी जमीन पर कूड़ा डालने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ। दोनों पक्षों के मध्य पूर्व से मोबाइल बनवाने के पैसे को लेकर भी विवाद चल रहा था। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में हाथापाई हो गई। पुलिस द्वारा प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।_ _*बाइट- सहायक पुलिस आयुक्त बिल्हौर, अंकित कुमार ।*_
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    दिल्ली/ लखनऊ: शुरू लोकल न्यूज़ 
 ऑल इंडिया उत्तर प्रदेश स्टेट मुख्यालय प्रमुख हेड संवाददाता लव कुश की खास रिपोर्ट
_दिनांक 24.08.2026 को थाना चौबेपुर क्षेत्र में खाली पड़ी जमीन पर कूड़ा डालने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ। दोनों पक्षों के मध्य पूर्व से मोबाइल बनवाने के पैसे को लेकर भी विवाद चल रहा था। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में हाथापाई हो गई। पुलिस द्वारा प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।_
_*बाइट- सहायक पुलिस आयुक्त बिल्हौर, अंकित कुमार ।*_
    user_Love Kush Press
    Love Kush Press
    Graphic designer मोहनलालगंज, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • *सरकारी स्कूलों के लिए जिम्मेदार अफसरों के बच्चे प्राइवेट में:* सिर्फ एक शिक्षा अधिकारी का बेटा यूपी बोर्ड में, जानिए किसके बच्चे कहां पढ़ रहे जानिए किस बड़े शिक्षा अधिकारी के बच्चे कहां पढ़ रहे हैं?उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों में तैनात शिक्षा अधिकारियों के बच्चों की स्कूलिंग की स्थिति इस प्रकार है:अधिकारी का नाम व पदतैनात जिलाबच्चों की पढ़ाई और स्कूल का विवरणविनोद मिश्रा (DIOS)लखीमपुर खीरीदो बेटे हैं। दोनों लखनऊ के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) में क्रमशः 11वीं और 8वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं.संतोष कुमार (DIOS)प्रयागराजइनके दो बच्चे हैं, जो लखनऊ के प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं.अजीत सिंह (DIOS)गोरखपुरबेटा और बेटी दोनों ICSE बोर्ड के लिटिल फ्लावर स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं.संजय तिवारी (BSA)अमेठीदो बेटे (सम्राट और स्वराज) हैं, जो CBSE बोर्ड के प्राइवेट स्कूल में कक्षा 4 और केजी (KG) में हैं.मुकुल आनंद पांडे (BSA)सोनभद्र10 साल का बेटा गाजीपुर के एक कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा 4 का छात्र है.रिपोर्ट के मुख्य बिंदुCBSE और ICSE पहली पसंद: ज्यादातर बड़े शिक्षा अधिकारियों की पहली पसंद सीबीएसई (CBSE) या आईसीएसई (ICSE) बोर्ड के महंगे कॉन्वेंट स्कूल हैं.देहात में तैनाती, लखनऊ में पढ़ाई: कई अधिकारी ऐसे जिलों या ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात हैं जहां के सरकारी स्कूलों को सुधारने का जिम्मा उन पर है, लेकिन उनके खुद के बच्चे राजधानी लखनऊ के बड़े स्कूलों के हॉस्टलों या वहां रहकर पढ़ रहे हैं.उच्च शिक्षा: कुछ वरिष्ठ अधिकारियों जैसे सीतापुर के बीएसए (BSA) गोरखनाथ पटेल के बच्चे स्कूली शिक्षा पूरी कर MBBS जैसी उच्च शिक्षा की पढ़ाई कर रहे हैं.छोटे बच्चे: कई युवा अधिकारियों (जैसे आजमगढ़, फतेहपुर, बहराइच, बलिया और जौनपुर के BSA/DIOS) के बच्चे अभी बहुत छोटे हैं (3 महीने से 3 साल तक), इसलिए वे अभी स्कूल नहीं जाते हैं. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ दैनिक समाचार पत्र
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    *सरकारी स्कूलों के लिए जिम्मेदार अफसरों के बच्चे प्राइवेट में:* सिर्फ एक शिक्षा अधिकारी का बेटा यूपी बोर्ड में, जानिए किसके बच्चे कहां पढ़ रहे जानिए किस बड़े शिक्षा अधिकारी के बच्चे कहां पढ़ रहे हैं?उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों में तैनात शिक्षा अधिकारियों के बच्चों की स्कूलिंग की स्थिति इस प्रकार है:अधिकारी का नाम व पदतैनात जिलाबच्चों की पढ़ाई और स्कूल का विवरणविनोद मिश्रा (DIOS)लखीमपुर खीरीदो बेटे हैं। दोनों लखनऊ के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) में क्रमशः 11वीं और 8वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं.संतोष कुमार (DIOS)प्रयागराजइनके दो बच्चे हैं, जो लखनऊ के प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं.अजीत सिंह (DIOS)गोरखपुरबेटा और बेटी दोनों ICSE बोर्ड के लिटिल फ्लावर स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं.संजय तिवारी (BSA)अमेठीदो बेटे (सम्राट और स्वराज) हैं, जो CBSE बोर्ड के प्राइवेट स्कूल में कक्षा 4 और केजी (KG) में हैं.मुकुल आनंद पांडे (BSA)सोनभद्र10 साल का बेटा गाजीपुर के एक कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा 4 का छात्र है.रिपोर्ट के मुख्य बिंदुCBSE और ICSE पहली पसंद: ज्यादातर बड़े शिक्षा अधिकारियों की पहली पसंद सीबीएसई (CBSE) या आईसीएसई (ICSE) बोर्ड के महंगे कॉन्वेंट स्कूल हैं.देहात में तैनाती, लखनऊ में पढ़ाई: कई अधिकारी ऐसे जिलों या ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात हैं जहां के सरकारी स्कूलों को सुधारने का जिम्मा उन पर है, लेकिन उनके खुद के बच्चे राजधानी लखनऊ के बड़े स्कूलों के हॉस्टलों या वहां रहकर पढ़ रहे हैं.उच्च शिक्षा: कुछ वरिष्ठ अधिकारियों जैसे सीतापुर के बीएसए (BSA) गोरखनाथ पटेल के बच्चे स्कूली शिक्षा पूरी कर MBBS जैसी उच्च शिक्षा की पढ़ाई कर रहे हैं.छोटे बच्चे: कई युवा अधिकारियों (जैसे आजमगढ़, फतेहपुर, बहराइच, बलिया और जौनपुर के BSA/DIOS) के बच्चे अभी बहुत छोटे हैं (3 महीने से 3 साल तक), इसलिए वे अभी स्कूल नहीं जाते हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ दैनिक समाचार पत्र
    user_आशीष मिश्रा
    आशीष मिश्रा
    Local News Reporter Sadar, Lucknow•
    1 hr ago
  • राजधानी लखनऊ में 12 रबीउल अव्वल के जुलूस में दिखी हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की खूबसूरत मिसाल राजधानी लखनऊ में 12 रबीउल अव्वल के मौके पर निकाले गए जुलूस के दौरान एक ऐसा खूबसूरत नज़ारा देखने को मिला, जिसने इंसानियत, भाईचारे और मोहब्बत का संदेश दिया। मेना बेकरी के पास से जुलूस निकलने के दौरान एक हिंदू भाई ने जुलूस में शामिल लोगों के लिए मोहब्बत और अपनापन दिखाते हुए पानी पिलाया। इस दौरान जिस तरह एक-दूसरे के प्रति सम्मान और भाईचारे का जज़्बा देखने को मिला, उसने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। यह तस्वीर सिर्फ पानी पिलाने की नहीं, बल्कि लखनऊ की गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी मोहब्बत की एक खूबसूरत मिसाल नजर आई। धर्म और मजहब से ऊपर उठकर एक इंसान का दूसरे इंसान के लिए आगे आना समाज के लिए बेहद खूबसूरत संदेश है। आज जब छोटी-छोटी बातों को लेकर लोगों के बीच दूरियां पैदा करने की कोशिशें होती हैं, ऐसे वक्त में इस तरह के नज़ारे उम्मीद जगाते हैं कि मोहब्बत और भाईचारा आज भी जिंदा है। जुलूस में शामिल लोगों ने भी इस हिंदू भाई के इस नेक काम की सराहना की। पानी पिलाकर उन्होंने यह संदेश दिया कि इंसानियत का कोई मजहब नहीं होता और मोहब्बत किसी एक धर्म की जागीर नहीं है। लखनऊ हमेशा से अपनी गंगा-जमुनी तहज़ीब, अदब और भाईचारे के लिए जाना जाता है। 12 रबीउल अव्वल के इस मौके पर सामने आया यह नज़ारा उसी परंपरा को और मजबूत करता दिखाई दिया। ऐसे लोग समाज के लिए मिसाल होते हैं, जो बिना किसी भेदभाव के दूसरों की सेवा करते हैं और अपने छोटे से प्रयास से बड़ी मोहब्बत का पैगाम देते हैं। इस हिंदू भाई को दिल से सलाम, जिन्होंने मोहब्बत और इंसानियत का खूबसूरत पैगाम दिया। ऐसे ही नज़ारे समाज में नफरत की दीवारों को कमजोर और भाईचारे की नींव को मजबूत करते हैं। मोहब्बत बांटिए, भाईचारा बढ़ाइए और इंसानियत को सबसे ऊपर रखिए
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    राजधानी लखनऊ में 12 रबीउल अव्वल के जुलूस में दिखी हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की खूबसूरत मिसाल

राजधानी लखनऊ में 12 रबीउल अव्वल के मौके पर निकाले गए जुलूस के दौरान एक ऐसा खूबसूरत नज़ारा देखने को मिला, जिसने इंसानियत, भाईचारे और मोहब्बत का संदेश दिया।
मेना बेकरी के पास से जुलूस निकलने के दौरान एक हिंदू भाई ने जुलूस में शामिल लोगों के लिए मोहब्बत और अपनापन दिखाते हुए पानी पिलाया। इस दौरान जिस तरह एक-दूसरे के प्रति सम्मान और भाईचारे का जज़्बा देखने को मिला, उसने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।
यह तस्वीर सिर्फ पानी पिलाने की नहीं, बल्कि लखनऊ की गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी मोहब्बत की एक खूबसूरत मिसाल नजर आई। धर्म और मजहब से ऊपर उठकर एक इंसान का दूसरे इंसान के लिए आगे आना समाज के लिए बेहद खूबसूरत संदेश है।
आज जब छोटी-छोटी बातों को लेकर लोगों के बीच दूरियां पैदा करने की कोशिशें होती हैं, ऐसे वक्त में इस तरह के नज़ारे उम्मीद जगाते हैं कि मोहब्बत और भाईचारा आज भी जिंदा है।
जुलूस में शामिल लोगों ने भी इस हिंदू भाई के इस नेक काम की सराहना की। पानी पिलाकर उन्होंने यह संदेश दिया कि इंसानियत का कोई मजहब नहीं होता और मोहब्बत किसी एक धर्म की जागीर नहीं है।
लखनऊ हमेशा से अपनी गंगा-जमुनी तहज़ीब, अदब और भाईचारे के लिए जाना जाता है। 12 रबीउल अव्वल के इस मौके पर सामने आया यह नज़ारा उसी परंपरा को और मजबूत करता दिखाई दिया।
ऐसे लोग समाज के लिए मिसाल होते हैं, जो बिना किसी भेदभाव के दूसरों की सेवा करते हैं और अपने छोटे से प्रयास से बड़ी मोहब्बत का पैगाम देते हैं।
इस हिंदू भाई को दिल से सलाम, जिन्होंने मोहब्बत और इंसानियत का खूबसूरत पैगाम दिया। ऐसे ही नज़ारे समाज में नफरत की दीवारों को कमजोर और भाईचारे की नींव को मजबूत करते हैं।
मोहब्बत बांटिए, भाईचारा बढ़ाइए और इंसानियत को सबसे ऊपर रखिए
    user_Anurag Kashyap
    Anurag Kashyap
    Local News Reporter Sadar, Lucknow•
    1 hr ago
  • लखनऊ।* समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड ने बापू भवन चौराहे पर बाटी चीनी। *लखनऊ।* समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड ने बापू भवन चौराहे पर बाटी चीनी। बढ़ती चीनी के रेट को लेकर राजनीतिक दलों में दिख रहा है आक्रोश और रोष। जनता के बीच पहुंचकर यूथ ब्रिगेड ने बाटी चीनी। महंगाई की मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड सड़कों पर।
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    लखनऊ।*

समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड ने बापू भवन चौराहे पर बाटी चीनी।
*लखनऊ।*
समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड ने बापू भवन चौराहे पर बाटी चीनी।
बढ़ती चीनी के रेट को लेकर राजनीतिक दलों में दिख रहा है आक्रोश और रोष।
जनता के बीच पहुंचकर यूथ ब्रिगेड ने बाटी चीनी।
महंगाई की मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड सड़कों पर।
    user_Harishankar news
    Harishankar news
    Photographer सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:* राहुल की मांग- जाति जनगणना के सवाल बदलें; हाईकोर्ट बोला- स्कूलों में हिजाब नहीं; अमेरिकी इंटेलिजेंस चीफ की रूस में सीक्रेट लैंडिंग पीएम मोदी को पत्र: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है.प्रश्नों में बदलाव: कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि वर्तमान प्रस्तावित प्रारूप में सुधार करते हुए जाति जनगणना से जुड़े सवालों को बदला जाए.समानता का तर्क: विपक्ष का मानना है कि सही और व्यापक आंकड़े जुटाने के लिए प्रारूप में बदलाव बेहद आवश्यक है.2. इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला: स्कूलों में हिजाब नहींयाचिका खारिज: इलाहाबाद हाईकोर्ट (न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की पीठ) ने एक नाबालिग मुस्लिम छात्रा की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया.धार्मिक अनिवार्यता नहीं: कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि हिजाब पहनना इस्लाम धर्म का कोई अनिवार्य हिस्सा या प्रथा नहीं है.अनुशासन सर्वोपरि: अदालत ने माना कि धर्मनिरपेक्षता (Secularism) और समानता बनाए रखने के लिए स्कूल का तय यूनिफॉर्म ड्रेस कोड सभी छात्रों पर समान रूप से लागू होना चाहिए. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र लखनऊ
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    *मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:* राहुल की मांग- जाति जनगणना के सवाल बदलें; हाईकोर्ट बोला- स्कूलों में हिजाब नहीं; अमेरिकी इंटेलिजेंस चीफ की रूस में सीक्रेट लैंडिंग पीएम मोदी को पत्र: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है.प्रश्नों में बदलाव: कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि वर्तमान प्रस्तावित प्रारूप में सुधार करते हुए जाति जनगणना से जुड़े सवालों को बदला जाए.समानता का तर्क: विपक्ष का मानना है कि सही और व्यापक आंकड़े जुटाने के लिए प्रारूप में बदलाव बेहद आवश्यक है.2. इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला: स्कूलों में हिजाब नहींयाचिका खारिज: इलाहाबाद हाईकोर्ट (न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की पीठ) ने एक नाबालिग मुस्लिम छात्रा की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया.धार्मिक अनिवार्यता नहीं: कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि हिजाब पहनना इस्लाम धर्म का कोई अनिवार्य हिस्सा या प्रथा नहीं है.अनुशासन सर्वोपरि: अदालत ने माना कि धर्मनिरपेक्षता (Secularism) और समानता बनाए रखने के लिए स्कूल का तय यूनिफॉर्म ड्रेस कोड सभी छात्रों पर समान रूप से लागू होना चाहिए.  
ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र लखनऊ
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    आशीष मिश्रा
    Local News Reporter Sadar, Lucknow•
    1 hr ago
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