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छिंदवाड़ा जिले के परासिया में एक भव्य महायज्ञ का आयोजन होने जा रहा है, जो नौ दिनों तक चलेगा। यह महायज्ञ सभी के लिए अपने जीवन को धन्य बनाने का एक महत्वपूर्ण और सुनहरा अवसर प्रस्तुत करेगा।

11 hrs ago
user_Anand uikey
Anand uikey
Nurse छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago

छिंदवाड़ा जिले के परासिया में एक भव्य महायज्ञ का आयोजन होने जा रहा है, जो नौ दिनों तक चलेगा। यह महायज्ञ सभी के लिए अपने जीवन को धन्य बनाने का एक महत्वपूर्ण और सुनहरा अवसर प्रस्तुत करेगा।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • चौरई के तुलसी नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान पंडित पुरुषोत्तम तिवारी जी महाराज ने श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन का एक भावुक प्रसंग सुनाया। इस मार्मिक कथा को सुनकर सभी श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। विशेष रूप से “जब श्रीकृष्ण ने गले लगाया सुदामा को” प्रसंग ने उपस्थित जनसमूह को अत्यधिक भावुक कर दिया।
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    चौरई के तुलसी नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान पंडित पुरुषोत्तम तिवारी जी महाराज ने श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन का एक भावुक प्रसंग सुनाया। इस मार्मिक कथा को सुनकर सभी श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। विशेष रूप से “जब श्रीकृष्ण ने गले लगाया सुदामा को” प्रसंग ने उपस्थित जनसमूह को अत्यधिक भावुक कर दिया।
    user_CTV LIVE
    CTV LIVE
    Advertising agency चौरई, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • ग्राम पंचायत बांगई के ग्राम मुंगासिया के किसान नान्हो यदुवंशी ने पौधों को पेड़ बनाकर नई जिंदगी देने के कठिन कार्य को अपनी मेहनत और संकल्प से संभव कर दिखाया है। उन्होंने न केवल अपने खेत में फलदार पौधों का संरक्षण किया, बल्कि गांव के शांतिधाम और नर्सरी के पौधों को भी जीवन देकर पर्यावरण संरक्षण की एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की। वर्ष 2016-17 में नंदन फलोद्यान योजना के तहत उन्हें लगभग 400 पौधे मिले थे, जिनमें मुख्य रूप से आम और कुछ आंवला के पौधे शामिल थे। समय पर सिंचाई, गोबर खाद, दवा-छिड़काव और नियमित देखरेख के चलते आज ये सभी पौधे बड़े पेड़ों का रूप ले चुके हैं, जिससे उनके खेत में लहलहाती हरियाली गांव के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गई है। नान्हो यदुवंशी का यह योगदान केवल अपने खेत तक सीमित नहीं रहा; उन्होंने अपने खेत से लगे शांतिधाम और पंचायत नर्सरी में लगाए गए लगभग 400 पौधों की जिम्मेदारी भी स्वयं उठाई। जब योजनाओं की अवधि समाप्त होने पर पौधों की देखरेख कम हो गई, तो उन्होंने अपने निजी खर्च से तार फेंसिंग कराई, टैंकर से पानी पहुंचाया और सूख चुके पौधों की जगह नए पौधे लगाकर उन्हें जीवित रखा। नान्हो यदुवंशी का मानना है कि यदि हर किसान अपने खेत में मात्र 10 पौधे लगाकर उन्हें पेड़ बनने तक संभाल ले, तो धरती एक बार फिर हरी-भरी हो जाएगी। भविष्य की तैयारी के लिए वे हमेशा लगभग 100 देशी आम के पौधे तैयार रखते हैं, ताकि किसी पौधे के सूखने पर तुरंत उसकी जगह नया पौधा लगाया जा सके। पिछले वर्ष उन्होंने निजी खर्च से 100 कलमी दशहरी आम के पौधे भी रोपे। ग्राम पंचायत बांगई के जनप्रतिनिधि उनकी इस पहल को अनुकरणीय बताते हुए कहते हैं कि नान्हो यदुवंशी ने अपने खेत के साथ-साथ मोक्षधाम को भी फलदार पेड़ों से सजाकर उसे हरियाली का एक सुंदर केंद्र बना दिया है।
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    ग्राम पंचायत बांगई के ग्राम मुंगासिया के किसान नान्हो यदुवंशी ने पौधों को पेड़ बनाकर नई जिंदगी देने के कठिन कार्य को अपनी मेहनत और संकल्प से संभव कर दिखाया है। उन्होंने न केवल अपने खेत में फलदार पौधों का संरक्षण किया, बल्कि गांव के शांतिधाम और नर्सरी के पौधों को भी जीवन देकर पर्यावरण संरक्षण की एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की। वर्ष 2016-17 में नंदन फलोद्यान योजना के तहत उन्हें लगभग 400 पौधे मिले थे, जिनमें मुख्य रूप से आम और कुछ आंवला के पौधे शामिल थे। समय पर सिंचाई, गोबर खाद, दवा-छिड़काव और नियमित देखरेख के चलते आज ये सभी पौधे बड़े पेड़ों का रूप ले चुके हैं, जिससे उनके खेत में लहलहाती हरियाली गांव के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गई है।

नान्हो यदुवंशी का यह योगदान केवल अपने खेत तक सीमित नहीं रहा; उन्होंने अपने खेत से लगे शांतिधाम और पंचायत नर्सरी में लगाए गए लगभग 400 पौधों की जिम्मेदारी भी स्वयं उठाई। जब योजनाओं की अवधि समाप्त होने पर पौधों की देखरेख कम हो गई, तो उन्होंने अपने निजी खर्च से तार फेंसिंग कराई, टैंकर से पानी पहुंचाया और सूख चुके पौधों की जगह नए पौधे लगाकर उन्हें जीवित रखा।

नान्हो यदुवंशी का मानना है कि यदि हर किसान अपने खेत में मात्र 10 पौधे लगाकर उन्हें पेड़ बनने तक संभाल ले, तो धरती एक बार फिर हरी-भरी हो जाएगी। भविष्य की तैयारी के लिए वे हमेशा लगभग 100 देशी आम के पौधे तैयार रखते हैं, ताकि किसी पौधे के सूखने पर तुरंत उसकी जगह नया पौधा लगाया जा सके। पिछले वर्ष उन्होंने निजी खर्च से 100 कलमी दशहरी आम के पौधे भी रोपे। ग्राम पंचायत बांगई के जनप्रतिनिधि उनकी इस पहल को अनुकरणीय बताते हुए कहते हैं कि नान्हो यदुवंशी ने अपने खेत के साथ-साथ मोक्षधाम को भी फलदार पेड़ों से सजाकर उसे हरियाली का एक सुंदर केंद्र बना दिया है।
    user_Aakash Mandrah
    Aakash Mandrah
    Salesperson तामिया, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (NH-44) पर एक खौफनाक टक्कर हुई है, जिसमें एक आई-सर वाहन के परखच्चे उड़ गए।
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    राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (NH-44) पर एक खौफनाक टक्कर हुई है, जिसमें एक आई-सर वाहन के परखच्चे उड़ गए।
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सिवनी में किसान स्लॉट बुक न होने से भड़क गए हैं, जिसके कारण उनका आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। नौतपे की भीषण गर्मी के बीच भी यह विरोध प्रदर्शन लगातार चल रहा है।
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    सिवनी में किसान स्लॉट बुक न होने से भड़क गए हैं, जिसके कारण उनका आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। नौतपे की भीषण गर्मी के बीच भी यह विरोध प्रदर्शन लगातार चल रहा है।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पांढुर्णा में कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस बैठक में मोही घाट पर स्थित ब्लैक स्पॉट पर तत्काल सुरक्षा उपाय करने के आदेश दिए गए, साथ ही वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए स्पीड डिटेक्शन सिस्टम लगाने और तेज रफ्तार पर चलने वाले वाहनों पर स्वचालित चालान काटने के भी निर्देश दिए गए हैं। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग-47 पर एक अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त, शहर में भारी वाहनों के प्रवेश के लिए एक निश्चित समय तय करने को कहा गया है। नागरिकों की सुविधा के लिए जिले में एक आरटीओ कार्यालय खोलने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है, जिससे उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगी। सड़कों के उचित रखरखाव और सफाई के साथ-साथ टोल प्लाजा पर जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम और सुरक्षा उपायों को अंतिम रूप दिया है।
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    पांढुर्णा में कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस बैठक में मोही घाट पर स्थित ब्लैक स्पॉट पर तत्काल सुरक्षा उपाय करने के आदेश दिए गए, साथ ही वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए स्पीड डिटेक्शन सिस्टम लगाने और तेज रफ्तार पर चलने वाले वाहनों पर स्वचालित चालान काटने के भी निर्देश दिए गए हैं।

छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग-47 पर एक अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त, शहर में भारी वाहनों के प्रवेश के लिए एक निश्चित समय तय करने को कहा गया है। नागरिकों की सुविधा के लिए जिले में एक आरटीओ कार्यालय खोलने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है, जिससे उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगी। सड़कों के उचित रखरखाव और सफाई के साथ-साथ टोल प्लाजा पर जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम और सुरक्षा उपायों को अंतिम रूप दिया है।
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    8 hrs ago
  • अखिल भारतीय राज्य सरकारी चतुर्थ श्रेणी महासंघ के आह्वान पर, मध्यप्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला पांढुर्णा ने सौंसर में खंड चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल सौंसर को 11 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। संघ के जिला सचिव श्री राजु खंडाईत ने बीसीएम श्रीराम अहिरवार की उपस्थिति में यह ज्ञापन प्रस्तुत किया। ज्ञापन में आशा कार्यकर्ता और आशा सहयोगियों के लिए प्रतिमाह ₹30,000 वेतन सहित विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों की मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगों में 8वें वेतन आयोग में ग्रुप डी कर्मचारियों को न्यूनतम 40% वेतन वृद्धि, राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान 8वें वेतन आयोग का लाभ, और श्रम विरोधी कानूनों को वापस लेने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, रिक्त ग्रुप डी पदों पर सीधी भर्ती, आंगनवाड़ी, आशा, मध्यान्ह भोजन रसोईया और कोटवार कर्मचारियों को न्यूनतम ₹30,000 वेतन, पंचायत एवं नगरीय निकाय कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारी घोषित करना, तथा आउटसोर्स भर्ती पर रोक लगाने की भी मांग की गई है। संघ ने 10 वर्ष पूर्ण कर चुके दैनिक वेतनभोगी और अंशकालीन कर्मचारियों के नियमितीकरण, सभी राज्यों में ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए समान वेतन एवं भत्ते, नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, और 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के लिए खाद्यान्न व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की है। संघ के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि इन मांगों को लेकर आगामी 7 जून 2026, रविवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर प्रांगण में राष्ट्रीय स्तर पर धरना-आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मध्यान्ह भोजन रसोईया, कोटवार, आउटसोर्स कर्मचारी, दैनिक वेतनभोगी, अंशकालीन कर्मचारी और सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को लेकर आवाज़ बुलंद की जाएगी। संघ पदाधिकारियों ने सभी से अधिक से अधिक संख्या में नई दिल्ली पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र वाघमारे, संघ के मार्गदर्शक अनंता तायवाडे, प्रविण ढोमने, भागचंद वाहने, ललिता भांगे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर कल्पना गुर्वे, माया बडवाईक, योगिता काकड़े, रामरती उईके, इंदिरा कुमरे, अनु इवनाती, सुनिता पंडे, सपना जैवार जैसी कई आशा कार्यकर्ता एवं सहयोगी भी मौजूद थीं।
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    अखिल भारतीय राज्य सरकारी चतुर्थ श्रेणी महासंघ के आह्वान पर, मध्यप्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला पांढुर्णा ने सौंसर में खंड चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल सौंसर को 11 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। संघ के जिला सचिव श्री राजु खंडाईत ने बीसीएम श्रीराम अहिरवार की उपस्थिति में यह ज्ञापन प्रस्तुत किया। ज्ञापन में आशा कार्यकर्ता और आशा सहयोगियों के लिए प्रतिमाह ₹30,000 वेतन सहित विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों की मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।

कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगों में 8वें वेतन आयोग में ग्रुप डी कर्मचारियों को न्यूनतम 40% वेतन वृद्धि, राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान 8वें वेतन आयोग का लाभ, और श्रम विरोधी कानूनों को वापस लेने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, रिक्त ग्रुप डी पदों पर सीधी भर्ती, आंगनवाड़ी, आशा, मध्यान्ह भोजन रसोईया और कोटवार कर्मचारियों को न्यूनतम ₹30,000 वेतन, पंचायत एवं नगरीय निकाय कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारी घोषित करना, तथा आउटसोर्स भर्ती पर रोक लगाने की भी मांग की गई है। संघ ने 10 वर्ष पूर्ण कर चुके दैनिक वेतनभोगी और अंशकालीन कर्मचारियों के नियमितीकरण, सभी राज्यों में ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए समान वेतन एवं भत्ते, नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, और 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के लिए खाद्यान्न व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की है।

संघ के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि इन मांगों को लेकर आगामी 7 जून 2026, रविवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर प्रांगण में राष्ट्रीय स्तर पर धरना-आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मध्यान्ह भोजन रसोईया, कोटवार, आउटसोर्स कर्मचारी, दैनिक वेतनभोगी, अंशकालीन कर्मचारी और सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को लेकर आवाज़ बुलंद की जाएगी। संघ पदाधिकारियों ने सभी से अधिक से अधिक संख्या में नई दिल्ली पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र वाघमारे, संघ के मार्गदर्शक अनंता तायवाडे, प्रविण ढोमने, भागचंद वाहने, ललिता भांगे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर कल्पना गुर्वे, माया बडवाईक, योगिता काकड़े, रामरती उईके, इंदिरा कुमरे, अनु इवनाती, सुनिता पंडे, सपना जैवार जैसी कई आशा कार्यकर्ता एवं सहयोगी भी मौजूद थीं।
    user_Roshan Kapse
    Roshan Kapse
    पांढुर्ना, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • छिंदवाड़ा जिले के परासिया शहर के हृदयस्थल मैगजीन लाइन के वार्ड नंबर 05 और 06 में आयोजित पावन 'श्रीराम कथा' महोत्सव में कांग्रेस के पार्षद नेता प्रतिपक्ष वीर बहादुर सिंह अन्य पार्षदों के साथ सम्मिलित हुए। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष वीर बहादुर सिंह, पार्षद बृजेश भलावी, वरिष्ठ कांग्रेसी बसंत मालवीय, पार्षद पूनम कैथवास, पार्षद प्रतिभा सोनी, पार्षद रुकमा बांसोड़ सहित अन्य धर्म प्रेमी बंधु भी उपस्थित रहे। इन सभी को प्रभु श्री राम जी की आरती करने और कथा श्रवण करने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। नेता प्रतिपक्ष वीर बहादुर सिंह ने इस दौरान प्रभु श्री राम से प्रार्थना की कि वे परासिया शहर के सभी परिवारजनों पर अपनी असीम कृपा बनाए रखें और क्षेत्र में सुख, समृद्धि व शांति का संचार करें।
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    छिंदवाड़ा जिले के परासिया शहर के हृदयस्थल मैगजीन लाइन के वार्ड नंबर 05 और 06 में आयोजित पावन 'श्रीराम कथा' महोत्सव में कांग्रेस के पार्षद नेता प्रतिपक्ष वीर बहादुर सिंह अन्य पार्षदों के साथ सम्मिलित हुए। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष वीर बहादुर सिंह, पार्षद बृजेश भलावी, वरिष्ठ कांग्रेसी बसंत मालवीय, पार्षद पूनम कैथवास, पार्षद प्रतिभा सोनी, पार्षद रुकमा बांसोड़ सहित अन्य धर्म प्रेमी बंधु भी उपस्थित रहे। इन सभी को प्रभु श्री राम जी की आरती करने और कथा श्रवण करने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। नेता प्रतिपक्ष वीर बहादुर सिंह ने इस दौरान प्रभु श्री राम से प्रार्थना की कि वे परासिया शहर के सभी परिवारजनों पर अपनी असीम कृपा बनाए रखें और क्षेत्र में सुख, समृद्धि व शांति का संचार करें।
    user_यश भारत
    यश भारत
    Local News Reporter छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • भागवत कथा के दौरान आरती के समय कुछ श्रद्धालुओं पर देवी एवं भार आने की घटनाओं को लेकर कथा वाचक आकाश दुबे जी के साथ एक विशेष आध्यात्मिक एवं वैदिक चर्चा की गई। इस चर्चा में लोगों ने देवी-भार के कारण, इसके पीछे की धार्मिक मान्यताओं, वेदों के दृष्टिकोण और व्यावहारिक जीवन से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका सरल एवं वैदिक आधार पर उत्तर दिया गया। वीडियो में देवी-भार की आध्यात्मिक मान्यता, वेद एवं शास्त्रों का इस विषय पर क्या कहना है, श्रद्धा और मनोभाव का संबंध, लोगों की विभिन्न जिज्ञासाओं के उत्तर, और कथा स्थल के धार्मिक वातावरण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला गया।
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    भागवत कथा के दौरान आरती के समय कुछ श्रद्धालुओं पर देवी एवं भार आने की घटनाओं को लेकर कथा वाचक आकाश दुबे जी के साथ एक विशेष आध्यात्मिक एवं वैदिक चर्चा की गई। इस चर्चा में लोगों ने देवी-भार के कारण, इसके पीछे की धार्मिक मान्यताओं, वेदों के दृष्टिकोण और व्यावहारिक जीवन से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका सरल एवं वैदिक आधार पर उत्तर दिया गया। वीडियो में देवी-भार की आध्यात्मिक मान्यता, वेद एवं शास्त्रों का इस विषय पर क्या कहना है, श्रद्धा और मनोभाव का संबंध, लोगों की विभिन्न जिज्ञासाओं के उत्तर, और कथा स्थल के धार्मिक वातावरण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला गया।
    user_CTV LIVE
    CTV LIVE
    Advertising agency चौरई, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिधौली के उमरवहा गांव के हरदौल ढाना में विकास की तस्वीर पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। यहाँ, पंचायत की लगातार अनदेखी से तंग आकर ग्रामीणों ने स्वयं ही सड़क निर्माण का बीड़ा उठाया है। लगभग 45 घरों वाले इस गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली करीब 2 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण आज तक नहीं हो पाया था, जिसके लिए ग्रामीणों ने कई बार ग्राम पंचायत, सरपंच और सचिव को आवेदन दिए और ग्राम सभा में भी अपनी मांग रखी, लेकिन उन्हें हर बार केवल आश्वासन ही मिले। लगातार अनदेखी और कोई समाधान न निकलने पर ग्रामीणों ने खुद ही इस समस्या का हल निकालने का फैसला किया। गांव के लोगों ने मिलकर करीब 65 हजार रुपए का चंदा इकट्ठा किया और एक जेसीबी मशीन मंगवाकर कच्ची सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने के कारण उन्हें रोजमर्रा में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, खासकर बारिश के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जहाँ बीमारों को अस्पताल ले जाना और गर्भवती महिलाओं तक समय पर एंबुलेंस पहुँचाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि कई बार शिकायत और आवेदन देने के बावजूद भी पंचायत द्वारा सड़क निर्माण क्यों नहीं कराया गया? क्या यह लापरवाही है या फिर विकास योजनाओं का सही क्रियान्वयन नहीं हो रहा? अब देखना होगा कि इस मामले के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं और ग्रामीणों को पक्की सड़क की सुविधा कब तक मिल पाती है।
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    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिधौली के उमरवहा गांव के हरदौल ढाना में विकास की तस्वीर पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। यहाँ, पंचायत की लगातार अनदेखी से तंग आकर ग्रामीणों ने स्वयं ही सड़क निर्माण का बीड़ा उठाया है। लगभग 45 घरों वाले इस गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली करीब 2 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण आज तक नहीं हो पाया था, जिसके लिए ग्रामीणों ने कई बार ग्राम पंचायत, सरपंच और सचिव को आवेदन दिए और ग्राम सभा में भी अपनी मांग रखी, लेकिन उन्हें हर बार केवल आश्वासन ही मिले।

लगातार अनदेखी और कोई समाधान न निकलने पर ग्रामीणों ने खुद ही इस समस्या का हल निकालने का फैसला किया। गांव के लोगों ने मिलकर करीब 65 हजार रुपए का चंदा इकट्ठा किया और एक जेसीबी मशीन मंगवाकर कच्ची सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने के कारण उन्हें रोजमर्रा में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, खासकर बारिश के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जहाँ बीमारों को अस्पताल ले जाना और गर्भवती महिलाओं तक समय पर एंबुलेंस पहुँचाना मुश्किल हो जाता है।

ऐसे में यह सवाल उठता है कि कई बार शिकायत और आवेदन देने के बावजूद भी पंचायत द्वारा सड़क निर्माण क्यों नहीं कराया गया? क्या यह लापरवाही है या फिर विकास योजनाओं का सही क्रियान्वयन नहीं हो रहा? अब देखना होगा कि इस मामले के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं और ग्रामीणों को पक्की सड़क की सुविधा कब तक मिल पाती है।
    user_Aakash Mandrah
    Aakash Mandrah
    Salesperson तामिया, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
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